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शारदा पाठक बनी पन्ना कांग्रेस की नई जिलाध्यक्ष, ऑल इंडिया कांग्रेस ने की घोषणा,,,पूर्व CM कमलनाथ की है खास

जिला कांग्रेस कमेटी में लंबे समय बाद बदलाव
शारदा पाठक बनी कांग्रेस की जिलाध्यक्ष

( शिवकुमार त्रिपाठी ) (more…)

बागेश्वरधाम सरकार ने पन्ना में रोपे पौधे

सवा 11 लाख वृक्ष लगाने और बचाने का संकल्प

गांव गांव बागेश्वर बगीचा बनाने का दिया संदेश

बागेश्वर वाटिका में पौधा रोपते हुए महाराज श्री

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना में आज अचानक बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज जेल के पास पुरुषोत्तमपुर पहुंचे और उन्होंने 51 पौधे रोपे है धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज ने पीपल और बरगद का पेड़ लगाने के बाद कहा कि कोरोना की इस भीषण महामारी में ऑक्सीजन की कमी से लोगों को कष्ट उठाना पड़ा है यह ऑक्सीजन की कमी लगातार वृक्षों की कटाई के कारण निर्मित हुई है और इसी कारण कोरोना जैसी महामारी ने गंभीर रूप धारण किया बागेश्वर धाम से शिष्य मंडल ने यह फैसला किया है कि इस वर्ष पूरे बुंदेलखंड में सवा ग्यारह लाख वृक्ष लगाए जाएंगे और सभी वृक्षों को बचाया भी जाएगा

बागेश्वर वाटिका का उद्घाटन करते हुए धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज

पन्ना जेल परिसर के बाजू में बागेश्वर वाटिका का उद्घाटन करते हुए धीरेंद्र कृष्ण महाराज जी ने पूरे विधि-विधान और पूजन पाठ के साथ सबसे पहले पीपल का वृक्ष लगाया और इसके बाद बरगद पौधा रोपा सभी शिष्यों से अपील की कि एक शिष्य इस वर्ष 5, 11 , 21 या 101 वृक्ष लगाने और इनको बचाने का संकल्प लें और हनुमान जी महाराज को साक्षी मानकर यह वादा करें कि इन सभी वृक्षों को पाल पोस कर बड़ा करेंगे और इन वृक्षों की सेवा के साथ अपने नजदीकी मित्रों और परिजनों को वृक्षों के महत्व को बताएंगे जिससे पूरे बुंदेलखंड को हरा-भरा किया जा सके महाराज श्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहां आज से 20 वर्ष पहले जंगल हुआ करता था

पौधारोपण का दृश्य

अब वह इलाका वीरान हो गया है लगातार वृक्ष कट रहे हैं ऐसे में मानव जाति के साथ प्रकृति में संकट पैदा होगा प्राकृतिक नुकसान के कारण महामारी आ रही हैं इसलिए उन्होंने अपील की कि प्रकृति को बचाना है गौ माता की भी सेवा करना है उन्होंने संकल्प दिलाया कि गौशाला नहीं उपाय एक हिंदू एक गाय के संकल्प से ही गाय को बचाया जा सकता है और वृक्ष लगाकर प्रकृति की सेवा की जा सकती है इस मौके पर बागेश्वर धाम शिष्य मंडल के भक्तगण सतानंद गौतम , मनीष मिश्रा, संविदाकार वशिष्ट उर्फ मनु चौबे, नरेंद्र शुक्ला तरुण पाठक शिवकुमार त्रिपाठी, उदय मिश्रा, विष्णु पांडे, रामअवतार उर्फ बबलू पाठक कल्लू रावत , अज्जू गर्ग, शैलेश नगायच ,बड़े बेटा यादव, अरविंद यादव संजय तिवारी उर्फ मंटू सौरव अरजरिया, दीपक रावत, गौरी शंकर गुप्ता भारतेंदु रावत सहित बड़ी संख्या में बागेश्वर धाम से जुड़े भक्तों और शिष्य गण मौजूद रहे

भविष्य की आहट

देश बन सकता है कोरोना के उपचार में सिरमौर

 

(डा. रवीन्द्र अरजरियाकोरोना महामारी का दौर मानवीय काया के लिए बेहद कठिनाई भरा है। इस कठिन दौर में जहां पूरा समाज परोपकार में लगा है वहीं कुछ लोगों लाभ कमाने के लिए मानवीयता को तार-तार करने में भी जुटे हैं। नकली दवाओं से लेकर ब्लैक मार्केटिंग तक के अनगिनत मामले सामने आ रहे हैं। अधिकांश निजी अस्पतालों में मरीजों के आर्थिक शोषण की कहानियों कही-सुनी जा रहीं हैं। वहां लाखों का बिल तो एक मामूली सी बात हो गई है। सरकारी अस्पतालों में सीमित संसाधनों के मध्य जहां चिकित्साकर्मी जी-जीन से जूझता रहा वहीं प्रबंधन तंत्र स्वनियंत्रित होकर खोखले दावे करने में कीर्तिमान की प्रतियोगिता जीतना चाहता है। सरकारें निरंतर अपेक्षित बजट उपलब्ध करा रहीं हैं परन्तु उत्तरदायी अमला अपने ढर्रे पर ही काम कर रहा है। पीपीई किट से लेकर सुरक्षा संसाधनों तक की घटिया आपूर्ति ने अनेक चिकित्साकर्मियों की हत्या कर दी। देश के बाहर से आने वाली सहायता भी सरकारी तंत्र के मनमाने क्रियाकलापों के कारण अधिकांश स्थानों पर उचित समय और मात्रा में नहीं पहुंच सकी। अन्य देशों की बात करें तो चीन ने तो कोरोना फैलाने से लेकर उसका निदान करने तक की पूरी परियोजना को पूर्व निर्धारित कर रखा है। यह उसकी व्यवसायिक नीति का महात्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में भारत यदि दूरगामी नीतियों का निर्धारण करके कोरोना का समाधान ढूंढता, तो विश्व मंच पर सर्वोच्च स्थान पा सकता था। वैदिक साहित्य में महामारी से निपटने के अनेक उपायों का उल्लेख है। यह ज्ञान आज भी विज्ञान के सीमित संसाधनों और अनुसंधानों पर भारी है परन्तु अपने ही देश में अपनी ही विरासत पर प्रश्न चिंह लगाने वालों की कमी नहीं है। देश की अपनी आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा (नेचरोपैथी) और सिध्दा जैसी चिकित्सा पध्दतियों को होम्योपैथी और यूनानी के साथ आयुष मंत्रालय के अंतर्गत दोयम दर्जे पर रखा गया है। आईएमए यानी एलोपैथी के जानकारों का समूह। चिकित्सा का अर्थ केवल एलोपैथी तक ही सीमित होकर रह गया है। शब्दों के वास्तविक मायनों का अपहरण कर लिया गया है तभी तो व्यक्तिगत दूरी रखने के निर्देशों को सोशल डिस्टैंसिंग नाम देकर सामाजिक दूरी बनाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे अनेक उदाहरण हैं जब नीति निर्धारकों ने शब्दों को अर्थविहीन करके उन्हें विकृत करने का जानबूझ कर प्रयास किया है। वास्तविकता तो यह है कि परतंत्रता के दौर में इंग्लैण्ड से आई इस एलोपैथी के अनगिनत गुलाम आज भी अंग्रेजियत के पक्ष में स्वयं के गौरवशाली अतीत को कोसने से बाज नहीं आ रहे हैं। मौके की तलाश में रहने वाले ऐसे लोग जयचंदों के वर्तमान अवतार बनकर निरंतर सक्रिय रहते हैं ताकि देश आंतरिक समस्याओं के मकड जाल में निरंतर व्यस्त रखा जा सके। इन जयचंदों को अनेक देशों से न केवल आर्थिक मदद मिलती है बल्कि राजनैतिक संरक्षण भी मिलता है। स्वाधीनता के बाद भी एलोपैथी को निरंतर बढावा देना इसी षडयंत्र का एक महात्वपूर्ण हिस्सा है। मेडिकल कालेज यानी चिकित्सा महाविद्यालय का अर्थ ही एलोपैथी की बडी संस्था हो गया है। अप्रत्यक्ष रूप में अन्य पैथी को चिकित्सा पध्दतियों के बाहर कर दिया गया है। कोरोना की पहली दस्तक के बाद यदि आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा (नैचरोपैथी) और सिध्दा के जानकारों को प्रोत्साहित करके महामारी के निदान हेतु अनुसंधान में लगाया होता तो आज हमारे पास न केवल स्थाई उपचार होता बल्कि विश्व को कोरोना का सुरक्षा कवच भी उपलब्ध कराने का गौरव प्राप्त होता। वैदिक ग्रंथों में सबसे पहले स्थान पर सिध्द पध्दति को रखा गया हैं जहां तक की कल्पना भी विज्ञान के लिए संभव नहीं है। ऊर्जा हस्तांतरण पध्दति (इनर्जी ट्रांसफर मैथड) से सिध्दों ने हमेशा से ही उपचार किया है। इस पध्दति पर अमेरिका सहित अनेक देशों में तेजी से काम किया जा रहा है और वह दिन दूर नहीं जब हम उसे वहां के पेटेन्ट पर हम इसे आयातित करें। भारत का ही योग विदेशों से योगा होकर लौटता है, तब हम उसे स्वीकार करते हैं। देश की धरती पर जन्मे कृष्ण का दर्शन हमें इस्कान से ही समझ में आता है। मानसिक गुलामी से बाहर आना होगा। चंद लोगों की चालों को समझना होगा। लाशों पर राजनीति करने वाले शायद आने वाले समय में लाशों का कारोबार शुरू करके सत्ता सिंहासन पर आसीत होना चाहते हैं तभी तो मौत के इस तांडवकाल में भी पीडित मानवता पर गिध्द भोज करने में जुटे हैं। राष्ट्रीय संरक्षण के अभाव में सिध्दा के जानकारों का निरंतर अभाव होता जा रहा है। प्राकृतिक चिकित्सा के लिए संघर्ष करने वाली संस्थाओं को दस्तावेजी पैंचों के मध्य निरंतर कसा जा रहा है। सिध्दा और प्राकृतिक चिकित्सा पध्दतियों को सरकारी संरक्षण के न देकर उन्हें समाप्त करने की चालें निरंतर चली जाती रहीं है। आयुर्वेद को यद्यपि कुछ सरकारों व्दारा पोषित करने की बात कही जा रही है परन्तु आयुर्वेद के नाम पर कुछ खास लोगों और कुछ खास संस्थाओं को ही चिन्हित करके लाभ देने के मामले हमेशा ही सुर्खियां बनते रहे हैं। अंग्रेजी में सोशल डिस्टैंसिंग को व्यक्तिगत दूरी का अर्थ बताकर प्रचारित करने वाले लोग सिध्दा, प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के संस्कृत भाषा में स्थापित ज्ञान को भी मनमानी परिभाषायें देने के योजनावध्द अभियान में आज भी हैं। वास्तविकता तो यह है कि यदि कोरोना का स्थाई निदान चाहिए तो हमें अपने वैदिक ग्रंथों की ओर लौटना पडेगा। इन ग्रंथों में तात्कालिक विशेषज्ञों ने सूत्र के रूप में ज्ञान का भंडार संरक्षित कर रखा है जिसे अनुसंधान के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। इस हेतु फिलहाल आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और सिध्दा के जानकारों के अनुसंधान हेतु अलग-अलग मंच प्रदान करके यदि कोरोना के बजट का मात्र 5 प्रतिशत ही ईमानदारी से खर्च कर दिया जाये तो आज भी देश बन सकता है कोरोना के उपचार में सिरमौर। फिलहाल इतना ही। अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी। ( लिखके बुंदेलखंड के वरिष्ठ पत्रकार हैं)

एक हिंदू एक गाय पालने से ही बचेगा गोवंश :- धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज

गाय के संरक्षण का लिया संकल्प

 बागेश्वर धाम सरकार ने पन्ना में की बैठक

 बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तगण 

 (शिवकुमार त्रिपाठी) बागेश्वर धाम बालाजी सरकार की कृपा से बागेश्वर धाम के शिष्यमंडल का लगातार विस्तार हो रहा है पन्ना में भक्त मंडल की गतिविधियों की समीक्षा करने आज श्री पद्मावती देवी बड़ी देवी मंदिर मे श्री बागेश्वर धाम सरकार श्री धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज स्वयं भक्तों की बैठक लेने आए और उन्होंने हिंदू संस्कृति की रक्षा एवं गोवंश के संरक्षण का लोगों को संकल्प दिलाया
धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज ने कहा कि गौशाला में गाय की  रक्षा उपाय नहीं है गौशाला में गाय सुरक्षित नहीं रह सकती गोवंश के संरक्षण का एक ही उपाय है कि एक हिंदू एक गाय,, यदि एक परिवार एक गाय का पालन करें या उसकी परवरिश में सहभागिता निभाएं तभी गाय को बचाया जा सकता है दोपहर में बड़ी देवी मंदिर में आयोजित सामूहिक बैठक में महाराज श्री ने पन्ना के भक्तों से अपील की
गोवंश संरक्षण  के उद्देश्य से छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में विशाल महायज्ञ का आयोजन 1 से 8 मई 2021 तक किया जा रहा है 108 कुंडीय महायज्ञ में यजमान यही रह कर हवन यज्ञ में हिस्सा लेंगे इस यज्ञ का उद्देश्य देश में गोवंश के संरक्षण को बढ़ावा देना है इसी कारण महाराज जी ने नारा दिया है की गौशाला नहीं उपाय एक हिंदू एक गाय महाराज श्री ने कहा कि जो भी भक्त इस महायज्ञ में शामिल होना चाहते हैं वह अपना सहयोग देकर पन्ना में रामबाग स्थित नरेंद्र शुक्ला के ऑफिस में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं
इस महायज्ञ में मुख्य यजमान पन्ना के नरेंद्र शुक्ला को बनाया गया है इसके अलावा वशिष्ठ उर्फ़ मनु चौबे, संजय सेठ बबलू खरे, बीके रिछारिया, रामबाबू गौतम, विष्णु पांडे, धीरू बाजपेई, रोहित अग्रवाल, दीपक रावत, शैलेश  नगायच,  मनोज शर्मा , सोनू मिश्रा ने यज्ञ में शामिल होने का सहयोग दिया इसके अलावा बैठक में अपील की गई कि जो भक्त इस 108 कुंडी महायज्ञ में शामिल होना चाहते हैं वे रजिस्ट्रेशन करा ले उन्होंने  बागेश्वर धाम का टोल फ्री नंबर भी  जारी किया
इस बैठक से पूर्व मां पद्मावती देवी की महाआरती की गई फिर भक्तों ने अपने महाराज श्री की आरती कर बैठक का शुभारंभ किया इस बैठक में बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे पन्ना भक्त मंडल के अध्यक्ष शिवकुमार त्रिपाठी ने कहा कि जिले में भक्त मंडल को और प्रभावी बनाने के लिए सभी का एकजुट होना आवश्यक है उन्होंने इसके पूर्व की गई बैठकों की जानकारी सभी को दी आए हुए भक्तों का आभार जताया

संगत के अनुसार ही जीवन पड़ता है प्रभाव

भागवत कथा के प्रभाव से ही राजा परीक्षित को हुआ था मोक्ष प्राप्त : राम दुलारे 

पन्ना शहर के बस स्टैंड पन्ना के समीप श्रीमदभगवत महापुराण कथा दिनांक 31 जनवरी 2021 से शुभारंभ किया गया है।जिसका आज 7 फरवरी को समापन किया गया। श्रीमदभगवत महापुराण का वाचन कथा व्यास पं श्री राम दुलारे पाठक जी द्वारा किया जा रहा है।
चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा रविवार को धूमधाम से संपन्न हो गई। हरी नारायण शर्मा दादा कृष्णा बस ट्रेवल्स पिता शिव शंकर चन्सौरिया सेवा निवृत वन कर्मचारी की ओर से कराए गए धार्मिक आयोजन में कथा व्यास पं श्री राम दुलारे पाठक ने बताया कि
मोक्ष की कामना प्रत्येक मनुष्य करता है, लेकिन सभी को सही राह नहीं मिलती है। भागवत महापुराण कथा एक ऐसा मार्ग है जो प्रत्येक को मोक्ष की ओर ले जाती है। राजा परीक्षित को मिले श्राप से हुई मृत्यु के बाद भी कथा सुनने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसलिए कलयुग में मोक्ष की कामना करते है तो श्रीमद् भागवत महापुराण कथा से श्रेष्ठ मार्ग कोई नहीं है। कथावाचक श्री पाठक ने कहा कि श्रंगी ऋषि के श्राप को पूरा करने के लिए तक्षक नामक सांप भेष बदलकर राजा परिक्षित के पास पहुंचकर उन्हें डंस लेते हैं और जहर के प्रभाव से राजा का शरीर जल जाता है और मृत्यु हो जाती है। लेकिन श्री मद् भागवत कथा सुनने के प्रभाव से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्त होता है। पिता की मृत्यु को देखकर राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय क्रोधित होकर सर्प नष्ट हेतु आहुतियां यज्ञ में डलवाना शुरू कर देते हैं जिनके प्रभाव से संसार के सभी सर्प यज्ञ कुंडों में भस्म होना शुरू हो जाते हैं तब देवता सहित सभी ऋषि मुनि राजा जनमेजय को समझाते हैं और उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। कथा वाचक श्री पाठक ने कहा कि कथा के श्रवण प्रवचन करने से जन्मजन्मांतरों के पापों का नाश होता है और विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।
कथा व्यास ने प्रवचन करते हुए कहा कि संसार में मनुष्य को सदा अच्छे कर्म करना चाहिए, तभी उसका कल्याण संभव है। माता-पिता के संस्कार ही संतान में जाते हैं।संस्कार ही मनुष्य को महानता की ओर ले जाते हैं। श्रेष्ठ कर्म से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है। अहंकार मनुष्य में ईष्र्या पैदा कर अंधकार की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि श्लोक कर्मण्ये वाधिकारस्ते मा फलेसु कदा चनि:। मनुष्य को सदा सतकर्म करना चाहिए। उसे फल की ¨चता ईश्वर पर छोड़ देनी चाहिए।
कथा समापन पर हरिनारायण शर्मा दादा दीपक शर्मा कृष्णा शर्मा छोटे महाराज द्वारा भागवत कथा श्रवण पान करने आए सभी श्रद्धालुओं का आभार प्रदर्शन किया गया है।

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लोकेन्द्र राजा नहीं रहे !

वे पन्ना रियासत के आखिरी महाराजा नरेन्द्र सिंह जू देव के छोटे बेटे थे मगर बढ़कर हासिल करने की अपनी फितरत और वाक्-क्षमता की वजह से वे पूर्व सांसद महाराज के राजनैतिक उत्तराधिकारी बन गए ! आपका विगत गणतंत्र दिवस के दिन देहावसान हो गया !

चित्ताकर्षक व्यक्तित्व के धनी लोकेन्द्र सिंह जी ने तीन चुनाव लड़े और तीनों जीते ! एक, पहली बार सन 77 में जनता पार्टी की टिकट से पन्ना विधानसभा का, दूसरा, भाजपा की टिकट पर सन 89 में पन्ना-दमोह लोकसभा का और तीसरा कांग्रेस की टिकट पर सन 93 में पुनः पन्ना विधानसभा का !

मैंने उनको पहली बार अमानगंज रोड में खुली जीप में लाल चश्मा और शिकारियों जैसी हैट के साथ छैला बाबू की तरह घूमते देखा ! तब वे पहली बार विधायक बने थे ! बाद में कई बार हम लोग मिले – खासकर जब वे सांसद थे तो दिल्ली से पन्ना वाया सतना होकर ही जाते थे ! पन्ना से सतना कार उनको लेने आती ! मुझे दिल्ली से फोन कर देते कि “सबेरे क़ुतुब एक्सप्रेस से आ रहा हूं यार !” मैं सतना जागरण के ब्यूरो चीफ के रूप में उनसे मिलता और बहुत दिनों तक यह बताया ही नहीं कि आपके क्षेत्र का निवासी हूं लेकिन तीसरी बार बात खुल गई !

हुआ यह कि लोकेन्द्र सिंह ने सांसदी के अपने आखिरी दौर में माधवराव सिंधिया के कहने पर दलबदल कर लिया और भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए ! उनके पिता नरेन्द्र सिंह जी ने भी कांग्रेस से जनसंघ में दलबदल किया था ! मुझे दोनों की राजनैतिक कुंडली मालूम थी तो मैंने इस दलबदल के तीन दिनों के भीतर लोकेन्द्र सिंह की पूरी खड़ी फोटो के साथ जनसत्ता दिल्ली के लिए एक स्टोरी लिख दी जो “लोकेन्द्र सिंह के खानदान में दलबदल की परंपरा” शीर्षक से छपी ! जनता पार्टी के अपने पहले विधायकी काल में वे इतने गंभीर नहीं थे ! एक-दो विवादित मसले भी थे ! खबर में वह भी छपे !

लोकेन्द्र सिंह के कांग्रेस में जाते ही राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी खबर छपना – उनको अच्छा नहीं लगा ! खबर हमारे नाम से छपी थी ! तभी उन्हें किसी ने बताया कि यह लिखने वाला निरंजन शर्मा तो यहीं अपनी ककरहटी का है ! कचहरी में जो वकालत करते हैं ओम शर्मा, उनका चचेरा भाई है ! वे सीधे कचहरी पहुंचे और ओम भाई साहब से पूंछा – काये ओम, बो सतना दैनिक जागरण में तुमाओ भैयाय है ! यह बताने पर कि हां ; लोकेन्द्र राजा बोले – “बहुत बदमास है यार बो ! तीन बार मेरे साथ खाया-पिया, बैठा और एक भी बार नहीं बताया कि मैं ककरहटी का हूं ! हमाई कहानी बना के दिल्ली के अखबार में अलग छाप दई !”

दरअसल मुझे आनंद आया करता था, जब वे पन्ना-खजुराहो और वहां के जंगल-जनवार के बारे में ऐसे बताया करते जैसे मेरे लिए वह कहीं दूर देश की बात हो ! वे बताते-बताते धाराप्रवाह अंग्रेजी में शुरू हो जाते और मैं मुंह बाए सुनता रहता !

बहरहाल ! लोकेन्द्र राजा एक जिंदादिल इंसान थे और जो कहना होता था मुंह पर कह देते थे ! सन 93 में कांग्रेसी विधायक बने पर उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अक्षमताओं पर खुलकर आक्षेप किये ! स्वभाव भी अच्छा था उनका ! वास्तव में अगर ठक्काठाईं की बात कहने वाले और लोगों को उनकी गलती पर आइना दिखाने वाले और फटकारने वाले व्यक्ति ना होते तो पन्ना की राजनीति में उनका बर्चस्व बना रहता ! वे मंत्री भी बनते !

मानवेन्द्र सिंह उनके बड़े भाई थे ! औपचारिक राजा की पदवी उन्हीं के पास थी जो कि आजकल उनके पुत्र राघवेन्द्र सिंह धारण करते हैं ! संपत्ति को लेकर राज-परिवार में विवाद भी चला ! मानवेन्द्र सिंह के एक पुत्र और एक पुत्री जबकि लोकेन्द्र सिंह के दो पुत्रियाँ थीं जिनमें से बड़ी पुत्री का एक अरसे पहले देहांत हो गया था ! नागौद नगरपालिका अध्यक्ष रहीं श्रीमती कामाख्या सिंह जी लोकेन्द्र राजा की छोटी और अब इकलौती पुत्री हैं ! आप नागौद राजपरिवार के बिटलू हुजूर (नागेन्द्र सिंह जी) की भतीज-बहू हैं ! आपने ही मंगलवार को अपने पिता को मुखाग्नि दी !

अपने साथ लोकेन्द्र जी की सन 90-91 की एक पुरानी तस्वीर और दिवंगत आत्मा के प्रति दिल से विनम्र श्रद्धांजलि के साथ यह पोस्ट शेयर कर रहा हूँ !

(वरिष्ठ पत्रकार निरंजन शर्मा)

पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेंद्र सिंह का निधन

फेफड़े की इंफेक्शन से पीड़ित महाराज ने पन्ना में ली अंतिम  सांस

(शिवकुमार त्रिपाठीपन्ना राज परिवार के  वरिष्ठ सदस्य  महाराज लोकेंद्र सिंह  का  बीमारी  के चलते आज निधन हो गया  वह  75 वर्ष के थे  पन्ना राजपरिवार  को हमेशा सुर्खियों में लाने वाले  लोकेंद्र सिंह  बाल्यकाल से ही  कुशाग्र बुद्धि,  रंगीन मिजाज  एवं  तीव्र शिकारी थे  उन्होंने कई बार  एक से अधिक बाघो का शिकार किया  पर जब उन्हें समझ आई  तो उनके हृदय में  वन्यजीव प्रेमियों के लिए  प्रेम  उत्पन्न हो गया और उन्होंने अपना पूरा जीवन  वन्यजीवों की रक्षा के लिए गुजार दिया  पन्ना टाइगर रिजर्व के संस्थापक सदस्य  लोकेंद्र सिंह हमेशा पन्ना के बाघों के प्रति चिंतित रहते थे  और हर उतार-चढ़ाव देखा  अपना राजनीतिक नुकसान  होने के बावजूद भी  प्रकृति  को बचाने के लिए  हमेशा लगे रहे  जंगल की  रक्षा के लिए  कुछ भी कर गुजरने को  तैयार थे बचपन से ही  स्मार्ट पर्सनालिटी  महाराज लोकेंद्र सिंह को  फिल्मों से भी लगाव था  यही कारण है कि उनके  प्रयास से पांडव फॉल में पहली फिल्म की शूटिंग हुई  हॉलीवुड की फिल्म की शूटिंग के लिए मशहूर विदेशी अभिनेत्री हेलन मिचैल  भी यहां  शूटिंग करने आई

 राजनीतिक सफर

महाराज लोकेंद्र सिंह 1977 में जनता पार्टी से विधायक चुने गए इसके बाद 1989भारतीय जनता पार्टी से पन्ना दमोह संसदीय क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए 1993 में कांग्रेश पार्टी से विधायक बने  हमेशा ही वे ताकतवर राजनीतिक शख्स का विरोध करते थे सत्ता से उनका लगाव नहीं था यही कारण है कि विद दिग्विजय सिंह सरकार में विधायक रहते हुए भी उनका विरोध करते रहे माधवराव सिंधिया से नजदीकी होने के कारण उन्हीं के कहने में पर भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी थी और कांग्रेस में शामिल हो गए थे वे हमेशा ही राजनैतिक ताकतवर व्यक्ति का विरोध करते रहे लोगों से मिलकर रहना और हमेशा मजाकिया अंदाज में मिलना उनका एक अच्छा गुण था

परिवार

लोकेंद्र सिंह की बेटी कामाख्या देवी उर्फ लकी राजा  हैै उनकी शादी नागौद में हुई है उनकी पत्नी महारानी इंदिरा कुमारी से उनका 36 का आंकड़ा रहता था इस कारण वे खजुराहो में निवास करती रही लेकिन बीते कुछ वर्षों से पारिवारिक सुलह हो गई थी जिससे इनका जीवन बेटी और पत्नी के साथ गुजरा हालांकि राज परिवार हमेशा विवादों में रहता है इसलिए भाभी, भतीजी भतीजा और बहू से नहीं बनती थी संपत्ति विवाद के कारण यह राज परिवार  हमेशा ही विवादों में रहता रहा है  और  वे  हमेशा ऐसे विवादों को हवा देते रहे  लेकिन बीते कुछ वर्षों से  उन्होंने विवाद छोड़ सभी के साथ अच्छे संबंध विकसित करने शुरू कर दिए थे 

दोपहर बाद अंतिम संस्कार

पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य की अंतिम यात्रा राजमहल से निकली और दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार छत्रसाल पार्क में किया गया उनकी बेटी कामाख्या देवी उर्फ लकी राजा ने मुखाग्नि दी अंतिम संस्कार में मध्य प्रदेश शासन के मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे 

पूरी रात विषयबद्ध जवाबी कीर्तन से मना नया वर्ष

बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड के नामी कीर्तन मंडली

 छतरपुर जिले की गड़ागंज में स्थित प्रसिद्ध चमत्कारी स्थान बागेश्वर धाम मैं 1 जनवरी 2021 को नव वर्ष का आयोजन साहित्य साधना के साथ किया गया ईसवी कैलेंडर के नव वर्ष के उपलक्ष में बागेश्वर धाम सरकार श्री धीरेंद्र कृष्ण जी ने यह आयोजन किया जिसमें सभी भक्तों मंडल के सदस्यों को आयोजित किया गया था बुंदेलखंड की कीर्तन विधा को प्रोत्साहित करने के लिए महाराज श्री ने विषयबद्ध जवाबी कीर्तन का आयोजन किया जिसमें उत्तर प्रदेश के हमीरपुर की लाल चंद्र  दीक्षित की कीर्तन मंडली आई और दूसरी कीर्तन मंडली छतरपुर के मातादीन विश्वकर्मा की थी जिसे राम और परशुराम संवाद की दो विषयों पर तात्कालिक विषय बंद सूची के तहत कीर्तन के लिए विषय दिए गए महाराज श्री ने ट्रांस कराया और टास जीतने के बाद मातादीन विश्वकर्मा ने भक्ति साधना की शुरुआत की और उन्हें परशुराम का संवाद दिया गया था जिस तरह से रामायण में भगवान परशुराम का चरित्र है उसी को तत्काल कीर्तन और भजन के माध्यम से गाया जाना था

इसी तरह उत्तर प्रदेश की कीर्तन मंडली  लालचंद दीक्षित को लक्ष्मण का विषय दिया गया था जिसमें कड़ाके की ठंड के बीच जबरदस्त प्रस्तुतियां दी गई पूरी रात श्रोता बुंदेली कीर्तन विधा का आनंद उठाते रहे महाराज श्री धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज ने बताया कि बुंदेलखंड में बहुत ही साधना और राग के साथ जवाबी कीर्तन गाई जाती है धीरे-धीरे यह विधा विलुप्त होने की स्थिति में पहुंच रही है इसलिए इन्हें संरक्षित करने के उद्देश्य यह आयोजन किया गया है 31 मार्च 2021 को पुनः विषय बंद कीर्तन का आयोजन किया जाएगा महाराज श्री ने बताया कि इस आयोजन के पूर्व आश्रम के प्रबंधन मंडल की बैठक हुई और इसमें तय किया गया कि जिले का सबसे बड़ा यज्ञ मई के महीने में आश्रम में आयोजित किया जाएगा जिसमें 108 कुंडी हवन और पुराण के साथ रासलीला और भागवत कथा का एक साथ आयोजन किया जाएगा जिसकी तैयारियां आश्रम से जुड़े और भक्त मंडल ने प्रारंभ कर दी है

महाराज श्री ने सभी से अपील की कि गरीब कन्याओं के विवाह में मदद करें गायों की सेवा करें एवं भारतीय संस्कृति की रक्षा के साथ नशा जैसे व्यवसायों से दूर रहकर नव वर्ष का स्वागत करें उम्मीद है 2021 सभी भक्तों को शुभ होगा सभी तरक्की करेंगे एवं भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सभी भक्तगण अपनी शक्ति के अनुसार सहयोग कर धर्मानुसार आचरण करेंगे यही कामना बागेश्वर धाम सरकार से नित्य प्रति करते हैं

ज्ञात हो कि बागेश्वर धाम मैं इन दिनों हजारों का समुदाय एकत्र होता है दैहिक ,दैविक और भौतिक कष्ट से मुक्ति मिलती है इस कारण बागेश्वर आश्रम की प्रसिद्धि दिनों दिन पूरी दुनिया में बढ़ती जा रही है इस अवसर पर महाराज श्री का सानिध्य प्राप्त करने गुन्नौर विधायक शिवदयाल बागरी पन्ना से नरेंद्र शुक्ला ठेकेदार मनु चौबे पवई से प्रदीप मिश्रा छतरपुर से नितिन चौबे अंकित  सहित  बड़ी संख्या में महिला पुरुष  भक्तगण मौजूद रहे

पन्ना में सजा बागेश्वरधाम महाराज का दिव्य चमत्कारी दरबार,,,

पूछने से पहले लिख देते हैं भक्तों की समस्या

आश्चर्यचकित हुए लोग

पन्ना के पुरुषोत्तमपुर में उमड़ी भक्तों की भीड़

दैहिक दैविक और भौतिक संतानों से मिलती है मुक्ति

मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म :- धीरेंद्र कृष्ण जी

(शिवकुमार त्रिपाठी ) पन्ना के श्रद्धालु भक्तों के कल्याण एवं धर्म संस्कृत के उत्थान के लिए बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण जी का दरबार पुरुषोत्तमपुर में आज आयोजित किया गया छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम गड़ागंज से पधारे धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज ने हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में खुला दरबार लगाया और अपनी समस्याओं से परेशान भक्तों जब मंच पर पहुंचते तो इससे पहले ही भक्तों के मन में क्या चल रहा है और क्या समस्या लेकर आया है यह एक कागज में पहले ही लिख देते थे और जब पूछा जाता तो महाराज श्री जो पहले से लिखे होते थे वही सही निकलता था यह दिव्य शक्ति कैसे और कहां से प्राप्त हुई यह लोगों के लिए कौतूहल और रिसर्च का विषय है पर जो हो रहा था आंखों देखी सोलह आने सच था इसलिए कोई यह भी नहीं कह सकता यकीन नहीं करेंगे
जैसे ही दरबार में आश्चर्यचकित कर देने वाली प्रक्रिया शुरू हुई तो भक्त जयकारे लगाने लगे महाराज श्री ने कहा यह बागेश्वर बालाजी की कृपा है बे जब पूछ घुमाते हैं तो सब सामने आ जाता है

धीरेंद्र कृष्ण महाराज जी ने कहा कि मैं तो एक निमित्त मात्र हूं जो कुछ भी हो रहा है बागेश्वर धाम बालाजी महाराज यानी हनुमानजी ही करा रहे हैं जो श्रद्धालु भक्त राम की भक्ति करता है उनके ऊपर अवश्य हनुमान जी की कृपा होती है
महाराज श्री ने भक्तों से कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा और सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के साथ लोगों के कल्याण के लिए निशुल्क रूप से यह कार्य किया जा रहा है बागेश्वर धाम महाराज की कृपा से लोगों को भूत प्रेत बाधाओं से मुक्ति तो मिलती ही है गंभीर बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाती है
इसी कारण बागेश्वर धाम की महिमा दिनों दिन बढ़ती जा रही है देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु छतरपुर के बागेश्वर धाम गढ़ागंज पहुंचते हैं और कई वैज्ञानिक और पत्रकार रिसर्च करने की कोशिश करते हैं कि आखिर ऐसे कैसे संभव है कि जो मन में चल रहा हो जिस बात को प्रकट ही न किया गया हो वह पहले से ही कागज में अंकित कर दी जाए इस तरह की कौतूहल का लोगों के मन में आवश्यक हो सकती है लेकिन बागेश्वर धाम जी की महिमा अमिट है उनकी कृपा से ही सब पूर्ण होता है
महाराज श्री बीते 8 वर्षों से इस तरह की दिव्य चमत्कार कर लोगों को कष्टों से मुक्ति दिला रहे हैं और जिन श्रद्धालुओं को अपने कष्टों और समस्याओं के मुक्ति मिली है वे लगातार बागेश्वर धाम के प्रति आस्था रखते हैं

लगती है पेशी

बागेश्वर धाम महाराज के दरबार में जब लोगों को उनकी जिज्ञासा और समस्याओं को बताया जाता है तब महाराज श्री भारतीय संस्कृति का पालन करने लहसुन प्याज शराब आदि को त्यागने नशा मुक्ति के साथ आस्तिक रहने का आशीर्वाद देते हैं और साथ ही दिए गए मंत्र का नित्य पाठ करने के साथ 21 मंगलवार को धाम में पहुंचने आदेश देते हैं महाराज जी कहते हैं की बागेश्वर धाम के दर्शन भजन और अच्छे व्यवहार से ही लोगों को समस्याओ से मुक्ति मिलेगी

पन्ना से है खास लगाओ

महाराज जी को दिव्य शक्ति कब और कैसे प्राप्त हुई यह तो उन्हें भी नहीं पता लेकिन इस तरह की दिव्य शक्ति प्राप्त करने के लिए उन्होंने पन्ना के जंगलों में तपस्या की है और तभी भगवान की कृपा उन पर पड़ी और भी लोगों का कल्याण कर रहे हैं इसी कारण से धीरेंद्र कृष्ण महाराज जी ने कहा कि पन्ना के लोगों से विशेष लगाओ होने के कारण मैं चाहता हूं कि पन्ना में भी बागेश्वर धाम की गतिविधियां संचालित हो पन्ना से पहुंचने वाले भक्तों को सीधे दरबार में शामिल होने को मिले, उन्हें बागेश्वर में हजारों की भीड़ में लाइन पर ना लगना पढ़े और पन्ना में अन्न क्षेत्र, गोवंश की सेवा और गरीब कन्याओं के विवाह जैसी गतिविधियां यहां का शिष्य मंडल संचालित करें तो भगवान की कृपा होगी इस कारण उन्होंने अपने शिष्य मंडलों से 2021 के अंत तक पन्ना में अन्य क्षेत्र शुरू करने का अनुरोध किया

गोसेवा परम धर्म

महाराज धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज ने अपने शिष्यों से कहां की गाय पूजनीय है देवी देवताओं का वास गौमाता में होता है गाय की पूजा ही नहीं सेवा की परम आवश्यकता है इस कारण गौशालाओं में यदि मदद कर सकते हैं तो अच्छी बात है अन्यथा प्रत्येक भक्त अपने घर में एक गाय का अवश्य पालन पोषण करें और उनकी सेवा करें गाय की पूजा से ज्यादा महत्वपूर्ण गाय की सेवा है जिससे घर में देवताओं का वास रहेगा

 आत्मा में ही परमात्मा

महाराज जी ने सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जिसमें नगर के पत्रकार आमंत्रित थे उन्होंने पत्रकारों की जिज्ञासाओं का जवाब तो दिया ही साथ ही कहा ऋषि नारद जी की संस्कृति को बढ़ाने वाले लोग समाज में महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अन्याय का सामना ना तो करते ही है जब कभी अन्याय के खिलाफ नहीं लड़ पाते तो किसी ताकतवर व्यक्ति से डलवा देते हैं यानी इस समस्या और अन्याय को लोगों के सामने रखते हैं इसलिए पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है इसी बीच एक सवाल के जवाब में कहा की मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है ईश्वर हृदय में विराजमान है सिर्फ पहचानने की आवश्यकता है इस कारण भगवान को दूर खोजने के बाद अपने हृदय में झांके भारतीय संस्कृति पुरातन सभ्यता और मानव कल्याण के लिए यथाशक्ति काम करें उसी में भगवत प्राप्ति होगी और ईश्वर के दर्शन होंगे
इस तरह 24 घंटे के लिए पन्ना शहर का माहौल भक्ति में हो गया क्योंकि महाराज जी के आने से श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन की और महाराज श्री कथा वचनों का आशीर्वाद प्राप्त किया

 

दीन दुखी पहले वीआईपी संस्कृति समाप्त करने का प्रयास

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर का प्रयास हमेशा से ही वीआईपी कल्चर समाप्त करने का रहा है यही कारण है कि उस के दरबार में वीआईपी हो की लिस्ट नहीं लगती सीधे भक्तों से रूबरू होते हैं वह कई बार बिना पूछे किसी से भी उनकी समस्याएं बता देते हैं किसी अन्य व्यक्ति से बुलाने के लिए कहते हैं तो कभी बहुत गरीब परेशान आदमी सीधे महाराज जी के दरबार पर आता है विशिष्टता की कड़ी को खत्म करने का प्रयास करते हैं क्योंकि उनका मानना है की वीआईपी संस्कृति से कई बार दीन दुखी पीड़ित लोग वंचित रह जाते हैं या पिछड़ जाते हैं इस कारण से यदि भारतीय संस्कृति और सनातन सभ्यता को बचा कर रखना है तो वीआईपी संस्कृति को भी समाप्त करना होगा

31 मरीज मिले ,,तेजी से बढ़ रही है संख्या

Cmho एलके तिवारी भी छुट्टी में

डॉ एस के त्रिपाठी को  पन्ना  लाने की प्रयास विफल

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम ने उठाया  डॉक्टर की कमी का मुद्दा

अस्पताल में नहीं मिलते डॉक्टर कहा कराएं इलाज

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार अब दिनों दिन बढ़ रही है। शनिवार को आज जिले में 31 कोरोना पॉजिटिव मरीज मरीज मिले हैं, जो एक ही दिन में मिलने वाले पॉजिटिव मरीजों की बड़ी संख्या है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना द्वारा आज जारी की गई हेल्थ बुलेटिन में बताया गया है कि शनिवार 26 सितम्बर को जिले में 31 नये कोरोना पॉजिटिव प्रकरण पाये गये हैं। जिसके अन्तर्गत पन्ना शहर में 13 प्रकरण, अजयगढ़ में 2, देवेंद्रनगर में 1, अमानगंज में 1, पवई में 12 तथा शाहनगर में 2 पॉजिटिव प्रकरण पाये गये हैं। इस तरह से अब जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की पुष्ट संख्या छः सौ के पार 639 हो गई है। दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक जिले में 498 मरीज संक्रमित होने के उपरांत स्वस्थ हो चुके हैं, फलस्वरूप कोरोना के एक्टिव पुष्ट प्रकरणों की संख्या वर्त्तमान में 138 है। जिनका जिले के विभिन्न कोविड संस्थानों में चिकित्सकों की देखरेख में उपचार चल रहा है

  वही पन्ना जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमी तेजी से फैल रही है क्योंकि अब इलाज करने के लिए भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाते डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी लंबी छुट्टी पर चले गए हैं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एनके तिवारी पहले से ही छुट्टी में चल रहे हैं दो डॉक्टर करुणा से पीड़ित है ऐसे में जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी खल रही है और मरीज दर-दर भटक रहे हैं जिले में प्राइवेट अस्पताल ना होने के कारण और भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं इस कारण लापरवाही आओ खतरनाक हो सकती है यदि लापरवाही की तो करो ना किसी को नहीं छोड़ेगा इसलिए कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का अवश्य पालन करें मास्क लगाए अनावश्यक घरों से ना निकले और जितना संभव हो अपने सभी काम घर पर रहकर ही करें        

डॉक्टरों की कमी पूर्ण किया जाना जरूरी है सतानंद

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम ने जिला चिकित्सालय में डॉक्टर की कमी का मुद्दा उठाया और कहा कि लोगों को इलाज  नहीं मिल पा रहा है और बड़ी संख्या में मरीज परेशान होकर इधर-उधर भटक रहे हो ऐसे में डॉक्टरों की कमी को पूर्ण किया जाना अति आवश्यक है और प्रबंधन को ध्यान देना चाहिए कि डॉक्टरों को भी परेशानी न हो और मरीजों को भी आसानी से इलाज सुलभ हो सके भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि डॉ एस के त्रिपाठी को पन्ना लाने के प्रयास तत्परता से किए जाने चाहिए जिससे मेडिसिन का एक और डॉक्टर मिल सके

कोरोना के चलते कलेक्टर से अब सीधे नहीं मिल सकेंगे लोग 

जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुये अब आम जन कलेक्टर से सीधे नहीं मिल सकेंगे। कलेक्टर कार्यालय में विभिन्न कार्यो के लिए आने वाले लोगों को जिन्हें सीधे कलेक्टर संजय कुमार मिश्र से बातचीत करनी हो या कोई समस्या सुनानी हो तो अब कलेक्टर कक्ष में जाकर मिलने के बजाय कलेक्टर कार्यालय में आम आदमी से बातचीत करने के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति कलेक्टर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर सकेगा। यह व्यवस्था कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए की गयी है। 

कोविड केयर सेंटर पुराना पन्ना में देखी व्यवस्थायें 

कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा शासकीय मॉडल स्कूल पन्ना में स्थापित कोविड केयर सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उन्होंने वहां पर कोविड पॉजिटिव मरीजों के लिए की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहां भर्ती कोविड पॉजिटिव व्यक्ति से चर्चा कर उसको उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने उसके स्वास्थ्य के संबंध में चर्चा करते हुए पूछा की दवाएं, भोजन एवं अन्य सुविधाए उपलब्ध हो रही हैं की नहीं। संबंधित द्वारा बताया गया कि सेंटर में दवा, भोजन एवं अन्य सुविधाएं यहां तैनात कर्मचारियों द्वारा समय समय पर उपलब्ध कराई जा रही है। कलेक्टर श्री मिश्र ने कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों से चर्चा कर वहां की व्यवस्थाओं एवं मरीजों के संबंध में जानकारी ली। 

कलेक्टर  संजय कुमार मिश्र ने जिले के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। व्यक्ति स्वयं के स्वास्थ्य की रक्षा करने के साथ अन्य लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा तभी कर सकता है जब वह कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए जारी दिशानिर्देशों का कडाई से पालन करेगा। उन्होंने कहा कि व्यवसायी, निजी संस्थान, शासकीय कार्यालयों में कार्यरत व्यक्ति मास्क नहीं तो बात नहीं के सिद्धांत को अपनायें। सभी लोग आपस में 06 फिट की दूरी रखने के साथ चेहरे पर मास्क लगायें। हांथों को सेनेटाइज करें अथवा बार बार साबुन से हांथों को धोते रहें। कही भी भीड के रूप में एकत्र न हों। इसी प्रकार आयोजित होने वाले निजी एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में निर्धारित संख्या से अधिक लोग शामिल न हों। ऐसा करने से स्वयं के साथ अन्य लोगों के जीवन की रक्षा की जा सकती है। इस सब के लिए आमजन की सहभागिता आवश्यक है। शासन द्वारा अपने स्तर पर आम आदमी की सुरक्षा के लिए प्रभावी प्रयास कियेजा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मास्क न लगाने वाले व्यक्तियों पर चालानी कार्यवाही करते हुए 100 रूपये की वसूली की जायेगी। इसके अलावा कोरोना संबंधी दिशानिर्देशों का पालन न करने पर अर्थदण्ड के साथ अन्य नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।