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नेक पहिल :- तहसीलदार,रेंजर और समाजसेवियों ने मदद कर आदिवासी कन्या की कराई शादी,, गरीब के घर बजी बधाई

नेक पहिल :- तहसीलदार,रेंजर और समाजसेवियों ने मदद कर आदिवासी कन्या की कराई शादी,, गरीब के घर बजी बधाई

आदिवासी कन्याओं की शादी

परिजनों के पास नहीं था शादी का इंतजाम

राजस्व वन विभाग और समाजसेवी साथ मिलकर आए सामने

मोहंद्रा क्षेत्र में की गई सराहनीय पहिल

लॉकडाउन के कारण सभी लोग प्रभावित हुए हैं ऐसे में शादी तो पूरी तरह से बंद हो गई अब जब निश्चित दायरे में रहकर कुछ शादियां शुरू हुई है तो वह गरीब लोग ज्यादा परेशान हैं जिनके पास अपनी बेटियों के हाथ पीले करने के लिए धन नहीं है ऐसे में गरीब आदिवासी कन्याओं की शादी करने और उन्हें आर्थिक सहयोग देने के लिए मोहंद्रा क्षेत्र में नेक पहल की गई है जिसमें सिमरिया तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह की प्रयास से क्षेत्र के समाजसेवी भास्कर पांडे , विनोद जैन सिमरिया और रेंज ऑफिसर महिंद्रा नबी अहमद खान के सहयोग से कढ़ना गांव की दो आदिवासी लड़कियों की शादी कराई गई इन लोगों ने कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए आदिवासी कन्या की शादी के लिए ग्रहस्ती का समान और कुछ आर्थिक सहयोग देते हुए शादी कराई है

कढना गांव की आदिवासी कन्या ज्ञान बाई गौड़ के पिता दर्शन सिंह गौड़ ने अपनी पुत्री की शादी कटनी जिले की नया गांव निवासी सुग्रीव सिंह गौड़ के साथ तय की थी 13 मई को शादी होनी थी पर व्यवस्था न होने के कारण शादी नहीं कर पा रहे थे इस कारण से वे बहुत परेशान हो रहे जब इसकी खबर सिमरिया तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह को लगी तो उन्होंने पहल करते हुए यह शादी कराई है और राजस्व विभाग वन विभाग के साथ क्षेत्र के समाजसेवियों का सहयोग लेकर यह नेक काम किया

दिव्यांग आदिवासी कन्या की शादी भी हुई

कड़ना गांव में ही आदिवासी चिरैया गौड़ की विकलांग बेटी 19 वर्षीय सुक्कू बाई गौड़ की शादी मलधन शाहनगर में तय हुई थी 26 वर्षीय राजेश गौड़ जब बारात लेकर पहुंचने वाला था तो उसके इंतजाम के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं थी लिहाजा तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह मोहंद्रा की समाजसेवी भास्कर पांडे और वन विभाग की टीम ने इन्हें भी मदद की और गरीब विकलांग कन्या की हाथ पीले करने में सहयोग दिया जिससे विकलांग दिव्यांग बेटी के आंसू निकल आए

किए गए इस सहयोग से इलाके के लोगों में यह शादियां चर्चा का विषय बन गई है और उन गरीब लोगों के लिए बड़ी सहयोगी हुई जो आर्थिक संकट से जूझ रहे थे किए गए इस सहयोग से आदिवासी खुशी से झूम उठे

ज्ञान बाई गौड़ की शादी के लिए परेशान पिता दर्शन सिंह गौड़ ने कहा कि इन दिनों काम नहीं मिल रहा है इस कारण से ज्यादा दिक्कत हो रही है मेरे पास जंगल की पथरीली जमीन जिसमें खेती बहुत कम हो पाती है वह मात्र 2 एकड़ है इस कारण से मैं बेटी की शादी नहीं कर पा रहा था अब जब इतनी मदद मिल गई है तो मैं खुशी खुशी अपनी बेटी को विदा कर पाऊंगा इसी तरह अपनी दिव्यांग बेटी सुकी बाई की शादी में व्यस्त चिरैया गौड़ ने बताया कि मेरे पास घर भी नहीं है कच्ची टपरे में रहता हूं मैं पूरी तरह से भूमिहीन हूं मजदूरी का काम करता हूं लेकिन इस समय मजदूरी भी नहीं मिल रही पर जो अधिकारियों ने मेघ मुझे मदद दी है इससे में अपनी बिटिया की शादी खुशी-खुशी कर रहा हूं इन परिवारों ने मददगार ओं की तारीफ की और खुशी खुशी अपनी बेटी को विदा किया

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
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