ताज़ा खबर
CM शिवराज एवं बीडी शर्मा पन्ना में जनकल्याण एवं सुराज सभा को करेंगे संबोधित युवती एसिड मामला- आंखें सुरक्षित-- प्रशासन,, जिले में कॉग्रेस का प्रदर्शन और ज्ञापन, एसपी कलेक्टर की प्रेस कॉन्फ्रेंस और धन्यवाद किशोरी पर एसिड अटैक,, मचा हड़कंप,, एसपी,कलेक्टर मिलने पहुंचे, कांग्रेस अध्यक्ष ने की कार्यवाही की मांग बरसते पानी में कांग्रेस का प्रदर्शन,,, स्वास्थ्य आव्यवस्थाओं के खिलाफ दिया ज्ञापन

पन्ना जेल में पैसा न देने पर कैदियों को दी जाती है यातनाएं,,,, अवैध वसूली, मारपीट और धमकी के आरोप

पन्ना जेल में पैसा न देने पर कैदियों को दी जाती है यातनाएं,,,, अवैध वसूली, मारपीट और धमकी के आरोप

पन्ना जिला जेल में अवैध वसूली का मामला उजागर

पैसे ना देने पर कैदी को गंभीर यातनाये

कैदी को जमकर पीटा हालत गंभीर

मां ने लगाई डीजे से गुहार

जिला जज के आदेश के बाद भी चोरी-छिपे कराया मेडिकल

डॉक्टर की सलाह के बाद भी नहीं कराया इलाज

पन्ना जिला उप जेल में कैदियों से पैसे की अवैध वसूली और पैसा न देने पर यातनाये देने मारपीट का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है जब एक बंदी की मां ने जिला जज से शिकायत की तब जिला जज ने कैदी का मेडिकल करने का आदेश दिया पर जेल प्रबंधन ने चोरी-छिपे मेडिकल कराने और कैदी का इलाज न कराने का मामला उजागर हुआ है जिससे कैदियों में आक्रोश और परिजनों में गुस्सा है

पन्ना जिला उप जेल में घटिया खाना की शिकायत होती ही रहती है पर अब कैदियों से जेल प्रशासन अवैध वसूली भी कर रहा है और जो कैदी पैसे नहीं देते उन्हें जमकर पीटा कर यातनाये दी जा रही है ऐसा ही एक मामला तब प्रकाश में आया जब 10 साल की सजा पाए कैदी कैदी सुरजीत आदिवासी से ₹20000 की मांग की गई और नहीं मिलने पर उसे जमकर पीटा गया इसकी शिकायत पीड़ित की मां ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश , कलेक्टर एवं एसपी से की है इसे गंभीरता से लेते हुए जिला जज ने मेडिकल कराने का आदेश दिया तो जेल प्रशासन ने चोरी-छिपे रात में मेडिकल कराया और डॉक्टर ने जब भर्ती कराकर इलाज कराने के लिए कहा तो बिना भर्ती कराए उसे पुनः जेल में बंद कर दिया जिससे कैदी की हालत गंभीर हो गई है जिससे परिजनों में भी भारी आक्रोश है परिजनों का कहना है कि प्रबंधन धमकियां दे रहा है कैदी की मां राम जानकी सिंह ने बताया कि मैं जब झील मिलने गई थी तो उन्होंने यह कहते हुए मिलना आने से मना कर दिया कि अब एक माह तक मिला ही नहीं होगी जब मैंने पता किया तो पता चला कि ₹20000 न देने पर जमकर पीटा गया है और कैदी को धमकी दी जा रही है कि अगर पैसे नहीं दिए तो फांसी पर लटका देंगे जिसकी शिकायत मैंने माननीय न्यायालय में की और न्यायालय ने जब आदेश दिया तो दिलवर मेडिकल नहीं कराया और रात में मेडिकल कराने आए डॉक्टर कह रहे हैं मैंने वार्ड में भर्ती करा दिया है मैं 2 घंटे से खोज रही हूं पटना तो यह मेरा बेटा है ना कोई जेल के लोग पीड़ित की मां का आरोप है कि जेल प्रशासन लगातार अवैध वसूली के लिए दबाव बना रहा है जिसने जेल अधीक्षक दिनेश कुमार इमली की उपस्थिति में आरक्षक वीरेंद्र कौशिक जगत नारायण शर्मा एवं मोहनदास पचौरी ने सुजीत को जमकर पीटा है 500 से अधिक डंडे मारे हैं जिससे उसकी हालत गंभीर है इस पर तत्काल जेल प्रहरी ऊपर कार्यवाही की जाए
राम जानकी का आरोप है कि अधीक्षक दिनेश कुमार इमली आरक्षक वीरेंद्र कौशिक जगत नारायण शर्मा एवं मोहनदास पचौरी जेल में टीवी रिचार्ज कराने खाने का सामान और अन्य सुविधाओं और उनके घर के खर्च के लिए ₹20000 मांग रहे हैं मैं गरीब महिला हूं और इतना पैसा नहीं दे सकती जिस कारण यातनाएं दी जा रही है

ड्यूटी डॉक्टर और कैदी का मेडिकल करने वाले डॉक्टर के एस ठाकुर ने बताया कि 8:15 बजे रात में जेल के प्रहरी दिलीप कुमार गुप्ता न्यायालय की प्रतिवेदन पर मेडिकल कराने आया था जिसको मैंने देखा बड़ी-बड़ी 56 चोटें लगी थी और खून जमा हुआ है मैंने तत्काल इलाज की आवश्यकता बताते हुए अस्पताल में भर्ती करा दिया है पर जेल प्रहरी दिलीप गुप्ता कैदी और कैदी के सभी पर्ची लेकर गायब है जिसकी मैंने थाने में लिखित सूचना भेज दी है और इस संबंध में कलेक्टर पन्ना को भी अवगत करा दिया है

रात 8:15 बजे जिला अस्पताल चोरी-छिपे कैदी सुरजीत का मेडिकल कराने पहुंचे डॉक्टर ने गंभीर चोटें देख भर्ती कराकर इलाज के लिए लिखा तो कैदी को बिना अस्पताल में भर्ती किए ही जेल ले गए कैदी का इलाज तक नहीं कराया डॉक्टर का कहना है की मरीज को गंभीर चोटें हैं इसकी सूचना जेलर और कलेक्टर को दी पर बिना बताए और बिना इलाज कराए जेल के प्रहरी जेल ले गए हैं

मामला तब प्रकाश में आया जब भाई दूज के दिन कैदी सुरजीत की मां और बहन टीका लगाने और मिलने जिला जेल पहुंचे और प्रबंधन ने उसे मिलने नहीं दिया जेल से रिहा हुए कैदियों ने बताया कि जेल प्रहरी यों ने पैसा ना देने पर नंगा कर 500 से अधिक डंडे मारे हैं और गंभीर चोट लगी है तब कैदी के परिवार ने न्यायालय में इसकी शिकायत की जेल के अंदर चल रहे इस अवैध वसूली की काली करतूतों से जेल में बंद बंदियों के परिजनों और कैदियों में दहशत है ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व ही एक बंदी ने जेल के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी
नियमानुसार सूर्य अस्त के बाद जेल नहीं खुलती इसके बावजूद प्रबंधन ने रात में चोरी-छिपे मेडिकल कराया है जो गंभीर मामला है

बच रहा है जेल प्रशासन

इस संबंध में जेल विभाग का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो वहां के प्रहरी बात करने से बच रहे हैं और जेलर भी संपर्क करने के बाद फोन नहीं उठा रहे कि आखिर कैदियों को इस तरह की गंभीर यातनाये क्यों दी जा रही है


अब जिला न्यायालय कलेक्टर और sp से उम्मीद

इस संबंध में पीड़ित की मां ने एसपी कलेक्टर और जिला न्यायाधीश से गुहार लगाई है न्यायाधीश ने तत्काल मेडिकल कराने के आदेश तो दे दिए पर जिस तरीके से जेल प्रशासन सांठगांठ कर मेडिकल कराने और मामले को रफा-दफा करने में लगा है जिस पर पीड़ित की मां राम जानकी सिंह ने कहा कि अब हमें जिला न्यायालय कलेक्टर और एसपी पर ही भरोसा बचा है यही मेरी लड़की की जान बचा सकते हैं वरना जेल प्रबंधन कभी भी मेरे लड़के को मारकर फांसी में टांग देगा तत्काल लड़के का इलाज कराए जाने की मांग की है

पर्चा कटा 5:30 का मेडिकल कराया 8:00 बजे रात के बाद

जो इस मामले की पड़ताल की यह बात पता चली है कि जेल प्रशासन मेडिकल कराते समय किसी को जानकारी नहीं देना चाहता था न परिजनों से मिलने देना चाह रहा था और डॉक्टर से भी सांठगांठ कोशिश कर रहा था इसलिए सुजीत का परिचय शाम 5:30 बजे जनरल पर्चा ₹10 जमा कर कटवाया गया जेल की कैदी का सरकारी फ्री परिचय बनता है पर उस समय मेडिकल नहीं कराया मेडिकल कराने के लिए प्रहरी 8:15 पर रात में लेकर पहुंचे और भी गंभीर बन जाता है क्योंकि सूर्यास्त के बाद lock-up यानी जेल के पट बंद हो जाते हैं तो ऐसी क्या मजबूरी थी किला कब होने के बाद भी जेल से परियों ने कैदी को बाहर निकाला इसकी भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए मेडिकल के बाद जब कह दी को वापस ले जाया जा रहा था तो वह चिल्ला रहा था कि मुझे बचा लो वरना यह लोग मार डालेंगे

सुजीत को हुई है 5 वर्ष की सजा
जिस कैदी को गंभीर मारपीट हुई है वह पुराना पन्ना का निवासी है सुजीत सिंह आदिवासी को न्यायालय से आईपीसी की धारा 307 34 के तहत दोष सिद्ध पाकर 5 वर्ष का सश्रम कारावास से दंडित किया गया है और इसी मामले की वह सजा काट रहा है

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
सबसे ज्यादा देखी गयी