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जिला चिकित्सालय में खून की कालाबाजारी और दलाली,,, खून के लिए गरीब से ऐठे 6 हजार

जिला चिकित्सालय में खून की कालाबाजारी और दलाली,,, खून के लिए गरीब से ऐठे 6 हजार

 

ब्लड बैंक के बाहर घूम रहे दलाल ने गरीब से ठगे 6000 रुपए

सिविल सर्जन डॉक्टर एल के तिवारी ने पीड़ित की दुर्दशा को देखते हुए निशुल्क रूप से खून देने का किया था आदेश

दलाल की तलाश में ब्लड बैंक के कर्मचारी एवं अस्पताल प्रबंधन जुटा

 

ब्लड की कमी से जूझ रहे लोगों को मदद करने के उद्देश्य से सरकार ब्लड डोनेशन को बढ़ावा दे रही है इसके लिए एक रक्त डोनेशन वाहन भी बीते कई महीने से पूरे पन्ना जिले में घूम रहा है सांसद बीडी शर्मा , मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित कई राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने रक्तदान को बढ़ावा दिया

यह दिया हुआ खून ब्लड बैंक में जमा हो जाता है यह रक्तदान से एकत्रित रक्त असहाय लोगों की जरूरत में काम आए यह काम अस्पताल प्रबंधन का है पर जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में सक्रिय दलाल इसी खून का सौदा कर रहे हैं ऐसा ही मामला पन्ना जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक के पास सक्रिय दलालों की करतूत  से सामने आया है जिसने एक मजदूर से 6 हजार ठग लिए उसकी पत्नी रक्त की कमी से अब भी जूझ रही है,,

ज्ञात हो कि पन्ना में कई समाजसेवी रक्तदान को प्रोत्साहित करने में सक्रिय है और इनके प्रयास से रक्तदाता भी आसानी से रक्त देने पहुंचते हैं पर इसी खून का जो सौदा हो रहा है उससे लोग दुखी है,,, दलाल ब्लड बैंक के बाहर सक्रिय है और ऐसा संभव नहीं है कि इसकी जानकारी ब्लड बैंक के कर्मचारियों को ना हो क्योंकि कई बार कर्मचारियों की मिलीभगत से ही चोरी-छिपे रक्त की दलाली का मामला उजागर हुआ है

पीड़ित महिला ने रक्त की आवश्यकता है और दलाल ने पैसे ऐठ लिए

मामला

पन्ना जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्था है बेहतर बनाने के लिए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ एल के तिवारी द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मगर जिला चिकित्सालय के आसपास खून के दलाल तथा जेब कतरे कम नहीं हो पा रहे हैं। ऐसा ही मामला आज दिनांक 18 जुलाई 2021 को सामने आया गुनौर निवासी मजदूर अरविंद कुमार प्रजापति अपने 30 वर्षीय पत्नी श्रीमती राजकुमारी प्रजापति एवं एक 2 वर्षीय मासूम बेटी को गंभीर अवस्था में उपचार हेतु जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचा था। जहां पर पीड़ित महिला का खून अत्यंत कम होने के कारण खून की व्यवस्था करने हेतु अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा पीड़ित पति से कहा गया। मगर जब कहीं पर भी खून की व्यवस्था नहीं हुई तब जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर एलके तिवारी द्वारा पीड़ित पति को बताया गया कि जितना भी ब्लड पीड़ित महिला को लगेगा वह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से निशुल्क रूप से दिया जाएगा। मगर इस दौरान आज सुबह एक दलाल उसके समीप आ गया और खून के बदले में ₹6000 पीड़ित मजदूर से ठग लिया। बदले में उसे खून भी नहीं दिलाया गया। ब्लड बैंक के कर्मचारियों द्वारा सिविल सर्जन द्वारा लिखे गए निशुल्क ब्लड के आधार पर उसे ब्लड दिया गया। मगर बीच में ही दलाल पीड़ित मजदूर से ₹6000 लेकर रफूचक्कर हो गया है। मगर सवाल यह उठता है कि ब्लड बैंक के बाहर घूम रहे दलालों जेब कतरों पर अस्पताल चौकी पुलिस अंकुश क्यों नहीं लगा पाती है और इन पर कार्यवाही करने से क्यों कतराती है। पीड़ित मजदूर के साथ हुई ठगी की जानकारी जब जिला अस्पताल के चिकित्सक को प्राप्त हुई तब उनके द्वारा वार्ड बॉय को भेजकर कर्मचारियों के बीच शिनाख्त कराई गई। मगर ब्लड बैंक के किसी भी कर्मचारी से पीड़ित मजदूर पति का लेन देन नहीं हुआ है। उसके द्वारा बताया गया कि खून का दलाल ब्लड बैंक के सामने पेड़ के किनारे खड़ा हुआ था। जिसके द्वारा बताया गया कि जो खून मिला है उसके बदले में आप से ₹6000 जमा कराए जाने हैं। भोला भाला गरीब मजदूर उक्त दलाल के झांसे में आ गया और जो अपने पत्नी एवं मासूम बेटी के इलाज के लिए ₹10000 कर्ज लेकर पन्ना उपचार कराने आया हुआ था। उसकी एक पल में ₹6000 ठग लिए गए हैं। पन्ना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा से अनुरोध है कि ऐसे खून के दलालों एवं जेब कतरों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। ताकि जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ धोखाधड़ी एवं चोरी की वारदात घटित ना हो सके। इसके साथ ही उक्त खून के दलाल का पता लगाकर उससे गरीब का पैसा वापस दिलाया जाए ताकि गरीब को न्याय मिल सके।

(राम बिहारी गोस्वामी की फेसबुक वॉल से)

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
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