ताज़ा खबर
CM शिवराज एवं बीडी शर्मा पन्ना में जनकल्याण एवं सुराज सभा को करेंगे संबोधित युवती एसिड मामला- आंखें सुरक्षित-- प्रशासन,, जिले में कॉग्रेस का प्रदर्शन और ज्ञापन, एसपी कलेक्टर की प्रेस कॉन्फ्रेंस और धन्यवाद किशोरी पर एसिड अटैक,, मचा हड़कंप,, एसपी,कलेक्टर मिलने पहुंचे, कांग्रेस अध्यक्ष ने की कार्यवाही की मांग बरसते पानी में कांग्रेस का प्रदर्शन,,, स्वास्थ्य आव्यवस्थाओं के खिलाफ दिया ज्ञापन

चित्रकूट मासूम अपहरण और हत्याकांड का फैसला आया, सभी आरोपियों को उम्रकैद

चित्रकूट मासूम अपहरण और हत्याकांड का फैसला आया, सभी आरोपियों को उम्रकैद

3 आरोपियों को डबल उम्र कैद 2 को उम्रकैद

शिवकुमार त्रिपाठी

फाइल फोटो श्रेयांश और प्रियांश

चित्रकूट के बहुचर्चित मासूम अपहरण और हत्याकांड में अदालत ने  फैसला सुनाया है जिसमे सभी पांचों आरोपी पद्मकांत शुक्ला, रजीव तोमर, लकी तोमर, पिंटा यादव विक्रमजीत को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है, सतना के जिला अपर सत्र न्यायाधीश (ADJ) प्रदीप कुशवाह की अदालत ने सज़ा सजा सुनाते समय  रेयरेस्ट टू रेयर केस माना है, हत्यारों  ने 12 फरवरी 2019 को चित्रकूट में मासूम श्रेयांश व प्रियांश को अपहरण कर मौत के घाट उतारा था ।

चित्रकूट के सबसे बड़े और बहुचर्चित श्रेयांश  प्रियांश अपहरण कांड में सभी हत्यारों ने एक बद्ध होकर चलती हुई स्कूल बस से अपहरण कर लिया था और एक मोटरसाइकिल से दोनों बच्चों को लेकर भाग गए फिर नशा देकर बेहोशी की हालत में एक कमरे में बंद कर दिया था और कई दिन तक रखें रहे इसके बाद 20 लाख फिरौती वसूलने के बावजूद इन दोनों बच्चों की हत्या कर दी दिल दहला देने वाली घटना का तब खुलासा हुआ जब जंजीरों में बंधी हुई दोनों बच्चों की लाश बांदा के पास केन नदी की में पाई गई यूपी और एमपी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी चित्रकूट में इस घटना से हलचल पैदा हो गई थी और हालात बिगड़ने लगे जब लोगों का आक्रोश फूट कर सामने आने लगा लिहाजा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पुलिस ने इस बहुचर्चित मासूम अपहरण और हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया तब कहीं मामला खुल सका पिता बृजेश रावत चित्रकूट के चर्चित तेल व्यापारी है अपनी कठिन मेहनत से 20 साल में अच्छा रोजगार जमाया था, यही पैसा देखकर मुजरिमों ने इस हत्याकांड से पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया था सभी को इस फैसले का इंतजार था आज फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
सबसे ज्यादा देखी गयी