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पुरुषेन्द्र कौरव फिर बने महाधिवक्ता,,, बधाई,,, पन्ना से है खास लगाओ,,,

पुरुषेन्द्र कौरव फिर बने महाधिवक्ता
सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पर्चा भरने आए थे कौरव
चुनाव मैनेजमेंट में माहिर है कौरव
एडवोकेसी में महारथ हासिल महाधिवक्ता ने सरकार को कई बार संकटों से बचाया

(शिवकुमार त्रिपाठी) मध्य प्रदेश सरकार ने अपने महाधिवक्ता की नियुक्ति कर दी है राज्यपाल द्वारा जारी आदेश में सीनियर एडवोकेट और पहले महाधिवक्ता रह चुके पुरुषेन्द्र कौरव को शिवराज सिंह सरकार ने एक बार फिर महाधिवक्ता बनाया है मध्य प्रदेश की विधि एवं विधाई विभाग के सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह ने आज नियुक्ति आदेश जारी किया एक बार फिर पुरुष सेंड करो को महाधिवक्ता बनाए जाने पर उनके परिचिततो पन्ना के सुप्रीम कोर्ट में वकील धीरेंद्र सिंह परमार पूर्व भाजपा अध्यक्ष सतानंद गौतम, संजीव सरकार अंकुर त्रिवेदी सहित जानने पहचानने वालों ने बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि निश्चित ही मध्य प्रदेश का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से रखेंगे और उनकी योग्यता का लाभ सरकार को मिलेगा

सांसद बीडी शर्मा के है खास

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो से सांसद विष्णुदत्त शर्मा का नामांकन पत्र भरने पुरुष एंड कौरव ही आए थे और उनके पन्ना पहुंचने के पहले ही उन्होंने आकर उनका समस्त वैधानिक कार्य संपूर्ण कर फार्म जमा कर दिया था क्योंकि उनके बहुत ही पुराने और नजदीकी संबंध है इस कारण से पुरुषेन्द्र कौरव ने बीडी शर्मा का चुनावी मैनेजमेंट भी बखूबी निभाया वकालत के साथ चुनावी रणनीतियों में माहिर और कौरव शिवराज सिंह चौहान की भी चाहते हैं अभी हाल ही में शक्ति परीक्षण के लिए जो भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी उसकी अगवाई भी कौरव ने ही की थी

कम उम्र में उपलब्धि

नरसिंहपुर जिला, गाडरवारा के डोंगरगांव में 4 अक्टूबर 1976 को जन्मे कौरव की प्राथमिक शिक्षा गाडरवारा में ही हुई। उन्होंने सन् 2001 में एनईएस कॉलेज से एलएलबी की। इसके बाद एड. वीरेन्द्र सिंह चौधरी के साथ वकालत की प्रेक्टिस शुरू की। सन् 2006 में पेशे का स्वतंत्र रूप से अपनाया। सन् 2009 में उपमहाधिवक्ता और 2012 में अतिरिक्त महाधिवक्ता बने। 2013 में वे मध्यप्रदेश के सबसे कम के वरिष्ठ अधिवक्ता बने और अब उन्हें प्रदेश सरकार ने महाधिवक्ता के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है। 44 वर्षीय कौरव सबसे युवा महाधिवक्ता माने जा रहे हैं। 

सत्ता और संगठन का लाभ

कौरव शुरू से ही एवीवीपी से जुड़े रहे हैं। सत्ता और संगठन के कई दिग्गजों से उनके करीबी संबंध है। संभवत: इसी का लाभ पद के रूप में उन्हें मिला है। उनकी मृदुभाषिता और मिलनसारिता भी इसमें कहीं न कहीं स्थान रखती है। 

मजबूती से रखा पक्ष

जानकारों का कहना है कि एड. कौरव ने अतिरिक्त महाधिवक्ता रहते हुए व्यापमं और डीमेट मामलों में मध्य प्रदेश सरकार का पक्ष पूरी प्रबलता से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में रखा। इसे भी उनको मिली पद की सौगात से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि एड. कौरव को एमपी हाईकोर्ट में 5 हजार से अधिक और सुप्रीम कोर्ट में 1000 से अधिक मामलों की पैरवी करने का अनुभव है। 

निष्ठा से निभाउंगा दायित्व

महाधिवक्ता कौरव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ी जिम्मेदारी व महत्वपूर्ण दायित्व मुझे सौंपा है। मैं सरकार की उम्मीदों और संबंधित लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करूंगा। महाधिवक्ता बनने पर को उनके कार्यालय और निवास पर साथी अधिवक्ताओं और लोगों का मजमा लग गया। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह क्रम रात तक चलता रहा। 

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