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अनोखी पहिल :- लॉकडाउन में ग्रामीणों ने बनाई सड़क ,,,, बगैर सरकारी मदद के अपने पैसे और मेहनत से किया अनुकरणीय कार्य

अनोखी पहिल लॉकडाउन में ग्रामीणों ने स्वयं बनाई सड़क

कुंजवन निवासी 8 परिवारों के आवागमन को नहीं था मार्ग

बगैर सरकारी मदद की किया अनुकरणीय कार

अब प्रशासन और सरकार से इसे पक्का करने की मांग कर रहे

शिवकुमार त्रिपाठी)
कोरोना के कारण हुये लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में बंद थे सभी काम बंद हो जाने के कारण कुंजवन में 8 परिवारों ने एक अनोखा काम किया है जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में होने लगी है नरपत सागर तालाब की ऊपरी हिस्से और कुंजवान विद्यालय की पीछे 8 रिफ्यूजी बंगाली परिवार रहते हैं इनके घरों की आवाजाही का मार्ग नहीं था इनके बच्चे जब स्कूल जाते तो बरसात में कीचड़ में गिर जाते थे कई बार जहरीले सांप और बिच्छू ने भी इन्हें कांटा है पंचायत से रास्ता बनाने की मांग की जब किसी ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने मिलकर स्वयं की मेहनत से आधा किलो मीटर से अधिक का सड़क बनाई है

इन 8 परिवारों ने आपस में 30 हजार रुपए चंदा इकट्ठा किया उससे ट्रैक्टर किराए से लिया और सभी लोग मिलकर रोड बनाने में जुट गए लॉकडाउन का फायदा उठाकर घरों के बच्चे महिलाएं और पुरुष सभी रास्ता बनाने में जुटे रहे करीब 10 फीट चौड़ा रास्ता बना लिया है सड़क के बीच में पानी निकलने छोटी-छोटी दो पुलिया भी बनाई है और आवागमन को सुगम बना लिया है समाज को सीख देने वाला यह अनोखा काम विकास तरुवा, रंजीत बढ़ाई, आनंद बढ़ाई, साधन बढ़ाई ,बाबू बढ़ाई, विप्लव तरुवा ,भंवर रंजन तरुवा, प्रहलाद तरुवा
जैसी 8 परिवारों ने मिलकर किया है महिलाएं बच्चे और पुरुष सभी ने जी जान से इस कार्य में लगे लगे अब 10 फीट चौड़ा रास्ता बन गया है

यह 8 परिवार वर्षों से इस स्थान में रह रहे हैं खेत की मेड़ों से इन्हें गुजरना पड़ता था और रात में अंधेरा होने से जोखिम और भी बढ़ जाता था, सब सभी लोगों ने लॉक डाउन का अच्छा फायदा उठाया है


आनंद बढ़ई का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान सभी लोग घरों में थे तब तय किया कि अपना सड़क स्वयं बनाया जाए और हम लोगों ने चंदा करके यह सड़क बनाई है सुबह सोकर उठते थे और काम पर लग जाते थे सभी लोग मिट्टी खोदते थे ट्रैक्टर में भरते थे और सबने मिलकर यह काम किया है

राधा बढ़ाई कहती हैं कि बच्चे जब स्कूल जाते और वापस आते तो जहरीले जीव जंतु सांप बिच्छू काट लेते थे अब इस परेशानी से बच सकेंगे

जानकी तरुआ कहती है हमने सड़क बना ली अब हमारे पास इसमें मोरम और पत्थर डालने के लिए पैसे नहीं है ग्राम पंचायत और कलेक्टर इस में मोरम, पत्थर डालवा दे तो मिट्टी में कीचड़ होना भी बंद हो जाएगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाकडाउन का उपयोग सकारात्मक काम में करने का आह्वान किया था यह बात भले ही पढ़े-लिखे शहरी लोगों तक ना पहुंची हो पर उनकी बात सुनकर अनोखा आईडिया निकालकर गांव के लोगों ने अवश्य अनुकरणीय काम किया है

पन्ना में 10 वर्षीय बाघिन पी- 213 की हुई मौत

बाघिन की मौत टाइगर रिजर्व की बहुत बड़ी क्षति

पोस्टमार्टम करने वन्यप्राणी चिकित्सक संजीव गुप्ता पहुंचे

फील्ड डायरेक्टर k.s. भदौरिया मौके पर

घटना के बाद पारदर्शिता का अभाव


फोटो - तालगांव रेस्ट हाउस में आराम फरमाती बाघिन पी-213 की फ़ाइल फोटो

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना टाइगर रिजर्व की 10 वर्षीय बाघिन पी- 213 आज सुबह संदिग्ध स्थिति में मृत पाई गई है। रेडियो कॉलर युक्त यह बाघिन पन्ना कोर क्षेत्र के तालगांव सर्किल में ट्रेकिंग दल को मृत हालत में मिली है। बाघिन की मौत कैसे व किन परिस्थितियों में हुई, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है। वन्य प्राणी चिकित्सक सहित टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं।
क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व के.एस. भदोरिया ने मोबाइल पर चर्चा के दौरान घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वे रास्ते में हैं और मौके पर ही पहुंच रहे हैं। घटनास्थल का जायजा लेने व पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह का पता चल सकेगा। उल्लेखनीय है कि बाघिन पी-213 पन्ना टाइगर रिजर्व की सबसे ज्यादा चर्चित और चहेती बाघिन थी। तालगांव रेस्ट हाउस में आराम फरमाते हुए इस बाघिन की फोटो बीते माह सुर्खियों में रही है। स्वभाव से बेहद सीधी और पर्यटकों को सहजता से दिख जाने वाली यह बाघिन कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, इसलिए लोग इसे पन्ना की रानी कहकर पुकारते थे। पन्ना टाइगर रिजर्व को बाघों से आबाद करने में अहम भूमिका निभाने वाली बाघिन पी- 213 बाघ पुनर्स्थापना योजना के तहत कान्हा से लाई गई बाघिन टी-2 की संतान है। बाघिन टी-2 ने अक्टूबर 2010 में इसी वन परिक्षेत्र में इसे जन्म दिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाघिन का पल्स रेट कल रात से बढ़ा हुआ था, जिसकी जानकारी ट्रैकिंग दल को थी। सुबह जब बाघिन की खोज खबर ली गई तो वह बीट महुआ मोड़ सर्किल तालगांव में मार्ग पर मृत पड़ी मिली। अपुष्ट जानकारी यह भी मिली है कि बाघिन का किसी नर बाघ से संघर्ष हुआ है, जिससे उसकी मौत हुई है।

रश्मीत मल्होत्रा कंपनी को मिला है पूरे जिले का ठेका,, 27 खदाने चला सकेंगे

5 खदानों की मिली अनुमति

10 दिन से कंपनी रेत का उत्खनन कर रही है

चांदीपाटी में मशीनों से अवैध उत्खनन की मिली थी जानकारी

पुलिस ने एसपी के निर्देश पर की बड़ी कार्यवाही

(शिवकुमार त्रिपाठी) रेत भले ही एक व्यापार हो लेकिन यह किसी खेल से कम नहीं है चांदीपाटी खदान में मशीन से अवैध उत्खनन की जानकारी सामने आई थी इसके बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीमें पहुची पर न मशीन मिली न ट्रक सभी गायब हो गए तब एसपी मयंक अवस्थी के निर्देश पर पुलिस ने घात लगाकर धावा बोला है थाना प्रभारी अरविंद कुजूर के नेतृत्व में पहुंची पुलिस को चांदीपाटी से दो रेत के भरे ट्रक और 4 खाली ट्रक मिले हैं

जिन्हें पुलिस ने जप्त कर लिया जिससे रेत के अवैध काम में लगे लोगों में हड़कंप मच गया पन्ना जिले के सीमावर्ती और उत्तर प्रदेश से लगे इस इलाके में रेत का बड़ा कारोबार हो रहा है जिसमें कई दबंग शामिल रहते हैं और मौके का फायदा उठाकर भाग जाते ऐसे में पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से गोपनीय पहुंचकर छह ट्रकों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है इस कार्यवाही के दौरान अजयगढ़ तहसीलदार धीरज गौतम भी पहुंचे और सभी ट्रकों को जप्त कर चदौरा चौकी में खड़ा करा दिया गया है अजय गढ़ थाना प्रभारी अरविंद कुजुर ने बताया कि चांदी पार्टी में अवैध रेत उत्खनन में लिप्त छह ट्रकों पर पुलिस ने कार्यवाही की है इनपर रेत के अवैध उत्खनन की कार्यवाही की जा रही

जिगनी में भी अवैध उत्खनन का वीडियो

चांदीपाटी से करीब 3 किलोमीटर दूर जिगनी की रेत खदान है लेकिन नदी से करीब 500 मीटर दूर एक टीले में भी भारी मात्रा में रेत मौजूद है इस टीले में अवैध रूप से दिन रात उत्खनन हो रहा है स्थानीय लोगों ने जो जानकारी दी है उन्होंने बताया की स्वीकृत खदान क्षेत्र से दूर एक टीले में मशीनों से अवैध उत्खनन किया जा रहा है ग्रामीण बताते हैं कि यह स्थान स्वीकृत खदान क्षेत्र से बाहर है यहां 6 मशीनें रेत खोद रही हैं और दिन रात ट्रकों से रेत का परिवहन हो रहा है ऐसे ही उत्खनन का एक वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाकर उपलब्ध कराया जिसमें दो मशीनें रेत खोदकर ट्रक में भर रही हैं अवैध रूप से रेत खोद रही मशीनें ठेकेदार कंपनी की बताई जा रही है इसी कारण इस अवैध उत्खनन में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही आप भी इस वीडियो को देखें ,,,,,यानी बालू ठेकेदार कंपनी और अवैध उत्खनन करने वालों के बीच शह और मात का खेल चल रहा है अवैध खनन दोनों कर रहे हैं इसलिए कह सकते हैं कि इन दिनों पन्ना में रेत व्यापार नहीं खेल हो गया है
इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी एसएन पांडे से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की पर उनका फोन रिसीव नहीं हुआ पता चला है कि वे ट्रकों पर जप्ती बनाने खनिज ईस्पेक्टर नूतन जैन के साथ अजयगढ़ क्षेत्र के लिए रवाना हो गए

पने अड़ियल रुख के लिए बदनाम है बासु कनौजिया
नियम विरुद्ध कार्यवाही करने पर न्यायालय से लग चुका है जुर्माना
ऐसे ही उत्तरवन मंडल से हटाई गई थी 2010 बैच की आईएफएस अधिकारी
टाइगर रिजर्व के उप संचालक पद से भी हटाया गया
बाघों की सुरक्षा को हो गया था खतरा पैदा अब मजबूत होंगी गतिविधियां

तेजतर्रार IFS अधिकारी बासु कनौजिया का व्यवहार लोगों को प्रताड़ित करने वाला सिद्ध होता रहा है यही कारण है कि उन्हें पोस्टिंग के तत्काल बाद उनकी क्रियाकलापों के कारण हटाने की मांग उठने लगती है एक बार फिर वासु कनौजिया को पन्ना टाइगर रिजर्व के उपसंचालक से हटाकर वनमंडल अधिकारी अलीराजपुर कर दिया गया है शासन के आदेश जारी होने के बाद ही पन्ना टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है और टाइगर रिजर्व से लगे हुए ग्रामीणों को प्रताड़ना से भी मुक्ति मिल गई इतना ही नहीं 2010 बैच की आईएफएस वासु कनौजिया द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी से सीधी लड़ाई लड़ने और उनके लिए गए नियम सम्मत फैसलों पर आपत्ति जता कर न क्रियान्वित करने की भी आरोप लगते रहे हैं
फील्ड डायरेक्टर के एस भदौरिया से उनके संबंध ठीक नहीं है
जो भी विकासात्मक कार्य भदौरिया करना चाहते हैं या पन्ना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा से संबंधित जो भी फैसले लिए जाते हैं उस पर बसु कनौजिया अडंगा खड़ा करती रही है और उनके फैसलों के खिलाफ ही उनको बिना जानकारी के कई विभागों को लिखकर कार्य रुकवाने पर इंटरेस्ट लेती रही और यही कारण है कि पन्ना टाइगर रिजर्व की काम-धाम इस समय प्रायः ठप हो गए थे और सुरक्षा में लगे अधिकारी कर्मचारी भी बेहद परेशान और जो नए पर्यटन क्षेत्र खोले जाने थे उन पर भी बसु कनौजिया ने आपत्ति लगाई थी इस कारण से शासन ने भी विवादित वासु कनौजिया का पन्ना से स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया है

उनके स्थान पर 2015 बैच के IFS जरांडे ईश्वर रामहरि को पदस्थ किया है जो अभी परिवीक्षा अवधि में है उम्मीद है कि राम हरि की पोस्टिंग के बाद टाइगर रिजर्व के हालात सुधरेंगे और इसका फायदा टाइगर रिजर्व और बाघों की सुरक्षा को मिलेगा

पन्ना जिले के गुनौर थाना अंतर्गत ग्राम पालिका कला में अजीबो गरीब जानवर पेंगोलिन मिला है जिसे देखकर लोग अचंभित रह गए इस दुर्लभ जानवर को देखने के बाद चारों ओर से भीड़ इकट्ठी हो गई, गांव में देखने वालों का तांता  लग गया और  गांव वाले   इसे आनेको नाम देने लगे कोई जंगली नेवला तो कोई सरकंडे नाम बता रहा तो कोई पेंगोलिन  नाम दे रहा हालांकि इस जानवर के नाम की पुष्टि तब हुई जब फॉरेस्ट ऑफिसर ने इसका नाम पैंगोलिन बताया और उन्होंने बताया यह जानवर ना तो जहरीला होता है और यह किसी भी मौसम में कहीं भी आ जा सकता है जिसको वन विभाग की टीम ने स्वस्थ पाकर डीएफओ के आदेश पर गुनौर जंगल में छोड़ दिया गया
एस पी सिंह बुन्देल रेंज ऑफिसर सलेहा ने बताया कि इस जानवर को कोई नुकसान ना पहुंचे इसके लिए फॉरेस्ट की टीम को अलर्ट कर दिया गया है रंगोली बहुत कम देखने को मिलता है यह कैसे और कहां से आया इसका भी पता लगाया जा रहा है निश्चित ही पन्ना की जंगलों में तमाम दुर्लभ प्राणी है जो कभी ना कभी निकलकर रिहायशी क्षेत्रों में आ जाते हैं और इनकी सुरक्षा करना वन विभाग का दायित्व