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पन्ना के नवागत कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बृहस्पति कुंड किया अवलोकन,,,, पर्यटन स्पॉट के रूप में विकसित होगा

प्राकृतिक सौंदर्य को देख अभिभूत हुए कलेक्टर

मनमोहक झरने की तस्वीरों को कैमरे में किया कैद

पर्यटन के रूप में विकसित करने का वादा किया

नीचे जाने सीढ़ियां और रेलिंग की आवश्यकता हो रही महसूस

बरसात शुरू होते ही मदमस्त बहने लगता है झरना

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना प्राकृतिक रूप से समृद्ध जिला है यहां की खूबसूरत वादियां हर किसी को सम्मोहित करती हैं इन पहाड़ियों और झाड़ियों के बीच बहने वाली नदियां और नाले खूबसूरत झरने के रूप में प्राकृतिक सौंदर्य बनाते है ऐसे ही मनमोहक स्थानों में बृहस्पति कुंड प्रमुख है

यहां बड़ी संख्या में प्रकृति को नजदीक से जानने और पहचानने के लिए पर्यटक खींचे चले आते हैं पर जिले में इस स्थान को अब तक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं किया जा गया है लिहाजा आज नवागत कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने यहां का दौरा किया और खूबसूरत झरने को देखकर अभिभूत हो गए उन्होंने कहा कि यहां का इतिहास पौराणिक काल से है प्राकृतिक रूप से संपन्न होने और मनमोहक झरने को टूरिस्ट देख पाए इसके लिए पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा यहां की आने जाने का रास्ता पर्यटकों के लिए खाद्य सामग्री, सुरक्षा और आवागमन को ध्यान में रखते हुए इस इलाके की विकसित करने की योजना बनाई जा रही है कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने आगे कहा कि यदि इस इलाके में पर्यटन स्पॉट बन जाएगा तो लगातार टूरिस्ट आएंगे और पहाड़ीखेरा, बृजपुर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से लोगों को रोजगार भी मिलेगा और इस क्षेत्र का विकास होगा

सीढ़ियों और रेलिंग की आवश्यकता हो रही महसूस

बृहस्पति कुंड का झरना करीब 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है नीचे सतना जिला की सीमा आती है और कुछ वन क्षेत्र भी है ऊपर का इलाका पन्ना जिले में आता है लिहाजा ऐसे में नीचे तक सीढ़ियां नहीं बन पाई है जिससे टूरिस्ट उबड़ खाबड़ रास्ते से होकर नीचे जाते हैं और पैर फिसलने व गिरने से कई लोग चोटिल भी हुए हैं अगर इस इलाके को विकसित करना है तो यहां शीड़िया और रेलिंग बहुत आवश्यक है पर 2 जिले की सीमा इस विकाश काम में बाधक है ऐसे में संजय कुमार मिश्रा ने तत्काल सीमांकन के आदेश दिए और कहां आवश्यकता पड़ी तो सतना कलेक्टर से कोऑर्डिनेट कर यहां शीघ्र ही सीढ़ियां और रेलिंग बनाए जाने का प्रयास किया जाएगा जिससे टूरिस्टो को नीचे तक आने-जाने में सुविधा हो सके,, कलेक्टर के दौरे के दौरान धरमपुर थाना प्रभारी सिद्धार्थ शर्मा, पन्ना तहसीलदार दिव्या जैन सहित कई कर्मचारी अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने पूरी जानकारी से नवागत कलेक्टर को अवगत कराया

बृहस्पति कुंड का इतिहास

बृहस्पति कुंड बुंदेलखंड के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है कालिंजर किले की नजदीक होने के कारण टूरिस्ट आसानी से पहुंच सकते हैं रामवन गमन के दौरान भगवान राम यहां से होकर गुजरे थे और ऋषि बृहस्पति आश्रम होने के कारण उनके नाम से इस कुंड का नाम बृहस्पति कुंड पड़ा है यहां ऋषि-मुनियों ने कई तरह के यज्ञ किए हैं इसलिए इस का धार्मिक महत्व ज्यादा है यहां बाघ नदी एक झरने के रूप में गिरती है जो खूबसूरत वाटरफॉल बनाती है प्राकृतिक सौंदर्य के साथ धार्मिक महत्व के इस स्थान पर टूरिस्ट आते रहते हैं

यहां रॉक पेंटिंग्स भी मौजूद है यानी जब मानव सभ्यता का विकास नहीं हुआ था तब भी यहां मानव की आवाज स्थली रही होगी तभी तो कुंड के नीचे खूबसूरत हजारों हजार वर्ष पुरानी रॉक पेंटिंग्स बनी हुई है जो आदिमानव काल की हो सकती है यह पेंटिंग यानी भित्ति चित्र उस समय की आंखें मुद्रा और जीवन के रहस्य को प्रदर्शित करती हैं टूरिस्ट इन ही रॉक पेंटिंग्स को देखने पहुंचते हैं

स्थान पर देवगुरु (भगवान के विश्वास शिक्षक) - बृहस्पति ने एक आश्रम की स्थापना की थी और अपने यज्ञों को संपन्न किया था।
बाद में भगवान राम ने वनवास काल के दौरान विभिन्न ऋषियों से मिलने के लिए यहां का दौरा किया।

आप यहाँ से बाघिन (बाघिन) नदी की घाटी और झरनों की प्राकृतिक सुंदरता देख सकते हैं।