IAS संतोष वर्मा पर कार्यवाही न होना बेहद शर्मनाक, आरक्षण खत्म कराने स्वर्ण एकजुट हो रहे – अनिल मिश्रा
IAS संतोष वर्मा पर कार्यवाही न होना बेहद शर्मनाक, आरक्षण खत्म कराने स्वर्ण एकजुट हो रहे – अनिल मिश्रा
संतोष वर्मा पर कार्यवाही ना होना शर्मनाक
आरक्षण खत्म हो और हिंदू राष्ट्र बने- अनिल मिश्रा
सवर्णों के हक के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति, एकजुटता ही एकमात्र विकल्प: एडवोकेट अनिल मिश्रा
(शिवकुमार त्रिपाठी) सवर्णों के हितों की रक्षा और अधिकारों के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंकने वाले प्रसिद्ध अधिवक्ता अनिल मिश्रा अपने अल्प प्रवास पर पन्ना पहुंचे। पन्ना आगमन पर अधिवक्ताओं, सवर्ण समाज के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा उनका जोरदार और गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट पर साधा निशाना
मीडिया से चर्चा करते हुए श्री मिश्रा ने वर्तमान सामाजिक और राजनैतिक व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आज सवर्ण समाज अन्याय, अत्याचार, शोषण और दमन का शिकार हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि देश में आरक्षण व्यवस्था और एससी-एसटी एक्ट को पूर्णतः समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि संविधान निर्माता के रूप में बी.एन. राव की स्थापना होनी चाहिए।
हिंदू राष्ट्र और राजनीतिक दलों पर प्रहार
भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये संगठन हिंदू राष्ट्र के नाम पर वोट तो लेते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने पथ से भ्रष्ट हो जाते हैं। श्री मिश्रा ने कहा, “हमारा प्रयास है कि भारत को वास्तविक रूप में हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए और गाय को राष्ट्र में उच्च स्थान का दर्जा मिले।”
सामाजिक न्याय और सुरक्षा का मुद्दा
आईएएस संतोष वर्मा के प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोषी को सख्त दंड मिलना अनिवार्य है, अन्यथा समाज में अपराध करने वालों के हौसले बुलंद होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि “बेटियां चाहे ब्राह्मण समाज की हों या किसी अन्य समाज की, वे सभी हमारे लिए समान हैं और उनकी गरिमा की रक्षा हमारा कर्तव्य है।”
बुंदेलखंड से एकता की अपील
इस अवसर पर उनके साथ आए प्रभाकर नारायण राव पेशवा ने कहा कि पेशवा परिवार पिछले 300 वर्षों से बुंदेलखंड के अभिभावक के रूप में यहां स्थापित है। उन्होंने पन्नावासियों से आह्वान किया कि सवर्णों के लिए शुरू हुए इस आंदोलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह हमारे लिए “करो या मरो” की स्थिति है; यदि आज हम एकजुट नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों पर अत्याचार बढ़ते रहेंगे।
एडवोकेट अनिल मिश्रा ने अंत में संकल्प दोहराया कि वे इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाएंगे और सवर्ण समाज की एकता जल्द ही अपनी ताकत दिखाएगी।
इनकी रही उपस्थिति
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पंडित राम गोपाल तिवारी, अजय कुमार पटेरिया, श्रवण कुमार शर्मा, रितिक दीक्षित, अनुपम त्रिपाठी, नवीन शर्मा, पंकज शर्मा, दीपेन्द्र बागरी, श्रीमती अंशू शर्मा, सौरभ पटेरिया, रेवती रमन दीक्षित, रुहवान मोहम्मद, मंगलम चौबे, रामकरण दुवेदी, धीरज तिवारी, लोकेश शर्मा, संदीप विश्वकर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।