प्रकृति संरक्षण :- पेड़ों में पीपल और बरगद,, जीवों में टाइगर है श्रंखला का मूल,,,, पूरी खबर जरूर पढ़े
वैदिक परंपरा में सबसे पवित्र माने जाते हैं पीपल और बरगदइन वृक्ष को दी गई है पूर्वजों की संज्ञाअनूठी है इनकी उत्पत्ति और संरक्षण की प्रक्रिया
सबसे अधिक ऑक्सीजन देते

पूजनीय बट वृक्ष के सामने

बरगद की डाली में लगे फल
पीपल ओर बरगद को सनातन धर्म में पूर्वजों की संज्ञा दी गई है।क्या आपने कभी पीपल और बरगद के पौधे लगाए हैं या किसी को लगाते हुए देखा है? क्या पीपल या बरगद के बीज मिलते हैं ?इसका जवाब है…नहीं !!
ऐसा इसीलिए है क्योंकि बरगद या पीपल की कलम बहुत कोशिशों के बाद बमुश्किल लगती है। इसका कारण यह है कि प्रकृति ने यह दोनों उपयोगी वृक्षों को लगाने के लिए अलग ही व्यवस्था कर रखी है।
जब कौए इन दोनों वृक्षों के फल को खाते हैं तो उनके पेट में ही बीज की प्रोसेसिंग होती है और तब जाकर बीज उगने लायक होते हैं।उसके पश्चात कौवे जहाँ-जहाँ बीट करते हैं, वहाँ-वहॉं पर यह दोनों वृक्ष उगते हैं। इसीलिए पीपल और बरगद के वृक्ष कई बार ऊंची इमारतों एवं दीवालों की झिर्रियों में उगते मिल जाते है।
और, किसी को भी बताने की आवश्यकता नहीं है कि पीपल ऐसा वृक्ष है जो अधिक ऑक्सीजन देता है और वहीं बरगद के औषधि गुण अपरम्पार हैं। अगर इन दोनों वृक्षों को उगाना है तो कौवे एवं अन्य पक्षियों की मदद बिना संभव नहीं है। इसलिए कौवे को बचाना पड़ेगा।
पक्षी वैज्ञानिकों के अनुसार मादा कौआ भादों महीने में अंडा देती है और नवजात बच्चा पैदा होता है।

पीपल की डाली और पत्ते
तो, इस उपयोगी पक्षी के नवजात को पौष्टिक और भरपूर आहार मिलना जरूरी है। शायद, इसलिए ऋषि-मुनियों ने कौवों के नवजात बच्चों के लिए हर छत पर श्राद्ध के रूप में पौष्टिक आहार की व्यवस्था कर दी होगी, जिससे कौवों की नई जनरेशन का पालन पोषण हो जाये।
इसीलिए श्राद्ध का तर्पण करना न सिर्फ हमारी आस्था का विषय है बल्कि यह प्रकृति के रक्षण के लिए नितांत आवश्यक है। साथ ही… जब आप पीपल के पेड़ को देखोगे तो अपने पूर्वज तो याद आयेंगे ही क्योंकि उन्होंने श्राद्ध दिया था इसीलिए यह दोनों उपयोगी पेड़ हम देख रहे हैं।
हमारे द्वारा श्रद्धा से किए गए सभी कर्म, दान आदि आध्यात्मिक ऊर्जा के रूप में हमारे पितरों तक अवश्य पहुँचते हैं।
साभार : (सुरेश जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)
स्रोत – (डॉ नंदिता पाठक जी की फेसबुक पोस्ट से)
टाइगर के बराबर महत्वपूर्ण है बरगद और पीपल

देश में ऐसे दृश्य दिखे तो बचेंगे जंगल
प्राकृतिक संरचना एवं जीव जंतु श्रृंखला में टाइगर को सर्वोपरि माना गया है शाकाहारी एवं मांसाहारी जीवो में टाइगर का दर्जा सबसे श्रेष्ठ है जिस इलाके में टाइगर रहता यानी जहां बाघ का रहवास है वहाँ संपूर्ण प्राकृतिक संरचना संतुलन में है यदि जब श्रृंखला में कोई गड़बड़ी है तो टाइगर वहां सरवाइव नहीं कर सकता यानी जंगल में पानी होगा तो घास उगेेगी, घास शाकाहारी जानवर खाएंगे जब उनकी तादाद बढ़ेगी तो उस इलाके में मांसाहारी खासकर टाइगर जैसे जानवरों की संख्या बढ़ेगी यानी बाघ कर रहवास जिस इलाके में होगा यही प्राकृतिक संतुलन के लिए सबसे जरूरी है जिस तरह का दर्जा वन्यजीवों में टाइगर का है वैसा ही दर्जा वृक्षों में बरगद और पीपल का है यह आदम कद वृक्ष दीर्घ जीवी होते हैं सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं और छांव भी इसीलिए यह वृक्ष पूजनीय है यदि इस धरती को बचाना है तो पीपल बरगद जैसे वृक्ष और टाइगर को बचाना ही होगा
(शिवकुमार त्रिपाठी)
सिंधिया घराने की संपत्ति जानकर उड़ जाएंगे होश, कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है महाराज की दौलत
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कितने की संपत्ति के मालिक हैं… इस सवाल का जवाब मुश्किल है, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव के लिए आवेदन में 2 अरब से ज्यादा की संपत्तियां बताई थीं, लेकिन जिन संपत्तियों को लेकर कई अदालतों में मामले चल रहे हैं, उनकी अनुमानित कीमत ही करीब 40 हजार करोड़ यानी 400 अरब रुपये है….चलिए जानते हैं इसकी असल सच्चाई क्या है.

ज्ञात हो कि राजमाता सिंधिया ने अपने पुत्र माधवराव सिंधिया एवं पोता ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति के उत्तराधिकार से बेदखल कर दिया था उनकी तीन पुत्रियां उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे को संपत्ति का बारिश बताया है तीन हिस्सा अपनी पुत्रियों को दे दिया और एक हिस्सा ट्रस्ट के माध्यम से चैरिटी के लिए दिया है जिसका विवाद न्यायालयों में चल रहा है मुंबई हाई कोर्ट एवं ग्वालियर हाई कोर्ट में इन संपत्तियों के बारिश का विवाद चल रहा है जो माधवराव सिंधिया ने अपनी मां से संपत्ति पाने के लिए ग्वालियर के न्यायालय में दावा दायर किया था जिसका अभी परीक्षण ही चल रहा है पूरी संपत्ति के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया दावा करते हैं वहीं इनकी बुआ अपना अधिकार छोड़ने को तैयार नहीं है जिससे इस राजशाही खानदान में संपत्ति का विवाद चल रहा है पर राज परिवार के लोग सार्वजनिक जीवन में राजनीति कर रहे हैं कई बार इनसे यह प्रश्न पूछे गए पर कोई भी सदस्य अपने संपत्ति विवाद की कभी सार्वजनिक चर्चा नहीं करते यानी विवाद आपस में खूब तेज है पर संपत्ति के दावे अधिकार को लेकर सार्वजनिक चर्चाएं करने से बचते हैं
राजेश और बन भूमि विवाद का प्राथमिकता के आधार पर करेंगे निपटारा :- प्रभारी मंत्री
पन्ना में भीषण जल संकट पर भी किया विचार
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना जिले की प्रभारी मंत्री रामकिशोर कावरे पहली बार पन्ना पहुंचे और कलेक्ट्रेट कार्यालय में सरकार की विकास योजनाएं प्रगति निर्माण कार्य और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की इस बीच पन्ना में लंबे समय से राजस्व और वन भूमि विवाद के कारण विकास बाधित होने की बात सामने आई तब प्रभारी मंत्री ने कहा सभी के साथ मिलकर प्राथमिकता के आधार पर राजस्व और वन भूमि विवाद का समाधान निकाला जाएगा
इस बीच समीक्षा बैठक में बरसात न होने के कारण पन्ना की सभी तालाब सूख जाने और भीषण जल संकट का भी मामला सामने आया तब प्रभारी मंत्री ने वैकल्पिक स्रोत तलाशने की बात कही कहा प्रशासन वैकल्पिक जल स्रोतों की योजनाओं पर कार्यवाही कर रहा है

इसके बाद प्रभारी मंत्री ने भाजपा कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं से बात की और कहा पन्ना का विकास मेरी पहली प्राथमिकता है क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे उन्होंने कहा हमारी प्राथमिकता सबका विकास सबका साथ और सबका विश्वास है
भाजपा में काम करने वाले कार्यकर्ता पर संगठन की नजर होती है
कांवरे
कई बार संगठन लेता है कार्यकर्ता के धैर्य की परीक्षा- रामकिशोर कांवरे
पन्ना जिले में प्रभारी मंत्री के प्रथम बार आगमन पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला भाजपा कार्यालय पन्ना में
जिले के प्रभारी मंत्री
रामकिशोर कांवरे का भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया ,
सर्वप्रथम कार्यक्रम में पार्टी के प्रेरणा स्रोत पंडित दीनदयाल उपाध्याय ,श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया, स्वागत भाषण व कार्यक्रम की पृष्ठभूमि जिलाध्यक्ष
राम बिहारी चौरसिया द्वारा रखी गई, साथ ही पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम द्वारा जिले की समस्याओं से प्रभारी मंत्री को अवगत कराया गया!

मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए प्रभारी मंत्री रामकिशोर
प्रभारी मंत्री रामकिशोर कांवरे ने कहा कि संगठन ने मुझे एक कार्यकर्ता से जन प्रतिनिधि विधायक बनाया हमारे कार्यकर्ताओं के श्रम से में चुनाव जीता और संगठन ने हमें बूथ कार्यकर्ता से विधायक तक पहुंचाया में आप सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि मेहनत व ईमानदारी से संगठन का काम करें संगठन निश्चित तौर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ता को उच्च पद तक पहुंचा देगा !
हम सभी राजनीति में एक विचारधारा के लिए काम कर रहे हैं मैंने भी कार्यकर्ता के रूप में लाठी खाई है हमारा कार्यकर्ता स्वाभिमानी है मैंने संगठन में काम किया इसलिए मैं संगठन की रीति नीति को जानता हूं आप सब अपनी बात अपने मंडल अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष के माध्यम से रखें हम सब कार्यकर्ताओं को पार्टी के विचार को लेकर आगे बढ़ना है हमें गरीबों के लिए काम करना है अंन्तोदय के उद्देश्य को पूरा करना है संगठन में दायित्व बढ़ता और घटता रहता है हम जिस दायित्व में रहे पूर्ण ईमानदारी के साथ काम करें!
उन्होंने कहा कि मैं कार्यकर्ताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा विकास के लिए हम सबको मिलकर काम करना है अपने मतभेदों को भूल कर एक साथ काम करना है संगठन में पद व दायित्व मिलते हैं बदलते हैं नए कार्यकर्ता पार्टी की पद्धति को सीखें आज मैं आप सबके सामने अपने अनुभव के आधार पर अपनी बात रख रहा हूं!
कार्यकर्ता के रूप में मेहनत और धैर्य दोनों की परीक्षा संगठन कई बार लेता है और हमें फिर संगठन में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होता है मैं आप सब से आग्रह करता हूं कि संगठन की रीति और नीति के अनुसार काम करें क्योंकि संगठन श्रेष्ठ है!
मंच पर प्रभारी मंत्री रामकिशोर कांवरे जिलाध्यक्ष राम बिहारी चौरसिया पूर्व जिला अध्यक्ष सतानंद गौतम ,जिला पंचायत अध्यक्ष रवि राज यादव प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
श्रीमती उषा सोनी व रामअवतार पाठक ,मानवेंद्र सिंह महेंद्र बागरी उपस्थित रहे ,
साथ ही पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता विनोद तिवारी एडवोकेट, सुशील त्रिपाठी ,श्रीकांत त्रिपाठी ,बृजेंद्र गर्ग ,पुष्पेंद्र पटेल, तरुण पाठक ,प्रमोद तिवारी, संजय सुल्लेरे, केश कुमार लोधी, राजेंद्र प्रधान ,श्रीमती मीना पांडे, श्रीमती लक्ष्मी भदौरिया ,
मंडल अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा ,राकेश गिरी गोस्वामी, उमेश सोनी ,ललित गुप्ता , हरेंद्र त्रिपाठी ,मलखान सिंह, सौरभ श्रीवास्तव ,गुलाब सोनी, सुलभ उरमलिया, कमलेश लोधी, अरुण चौरसिया ,उदय मिश्रा ,अल्पेश शर्मा, चाणक्य रैकवार, ललित तिवारी ,प्रदीप अवस्थी ,उमेश सोनी ,अमित परमार, अभिलाष साहू , शैलू अग्रवाल ,
दीपेश व्यास ,कैलाश गुप्ता, राजकुमार वर्मा ,धर्मेंद्र नामदेव, चंदन सपेरा, डीडी दुबे ,संदेश अग्रवाल ,अजय पाठक, अरविंद यादव ,विक्रम सिंह ,वरुण पाठक ,निजाम खान ,पीसी यादव, पुरुषोत्तम कंनकने, बालकृष्ण शुक्ला, रिंकू तिवारी ,मदन पांडे ,श्रीमती सीता गुप्ता , श्रीमती कविता रैकवार ,श्रीमती चंद्रप्रभा तिवारी ,श्रीमती अमिता बागरी ,श्रीमती रूप नागयच, श्रीमती गीता गुप्ता ,श्रीमती स्नेह लता पाराशर ,श्रीमती शशि परमार,
श्रीमती नीलम चौवे,
कमल लालवानी ,दुर्गेश शिवहरे मीडिया प्रभारी आशीष तिवारी एडवोकेट उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन महामंत्री विवेक मिश्रा द्वारा किया गया व आभार प्रदर्शन जिला पंचायत अध्यक्ष रवि राज यादव द्वारा किया गया!
*पुलिस अधीक्षक पन्ना ने चलाया मास्क के प्रति जागरूकता अभियान*
*सड़कों पर आने जाने वाले राहगीरों व दुकान संचालकों को वितरित किए गए मास्क*
दिनांक को पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना द्वारा कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुये पन्ना शहर के दुकान संचालको एवं सड़क पर निकलने वालो व्यक्तियों को मास्क वितरित किये जाकर मास्क लगाने हेतु जागरूक किया गया एवं मास्क न लगाने वाले अथवा कोविड गाइड-लाइन का उल्लंघन करते पाये गये लोगो के विरूद्ध पुलिस द्वारा चालानी कार्यवाही भी की गई। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा लोगो को समझाइस देते हुये कोरोना से बचाव हेतु लोगों को मास्क लगाने, वैक्सीन लगवाने एवं सामाजिक दूरी का पालन करने की समझाइ दी गई । उक्त जागरूकता कार्यक्रम एवं चालानी कार्यवाही में अनु0 अधि0 पुलिस पन्ना बी.एस. बरीबा, डी.एस.पी. महिला प्रकोष्ठ अजय वाघमारे, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरूण कुमार सोनी, थाना प्रभारी यातायात निरीक्षक अमरदास कनारे एवं पुलिस बल उपस्थित रहा ।
देवेन्द्रनगर,पन्ना
राइस मिल व्यापारी के दिनदहाड़े 5 लाख ले उड़े चोर
देवेन्द्रनगर थाना के एसबीआई बैंक का मामला

पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाना अंर्तगत भारतीय स्टेट बैंक शाखा देवेन्द्रनगर में बैंक प्रबंधन की लापरवाही के चलते राईस मिल व्यवसायी हिमांशु अग्रवाल निवासी सतना जो कि दोपहर 12 बजे स्टेट बैंक में अपने खाते से एफडीआर बनाने के लिए 5 लाख रुपए निकाले थे। जो बैंक के अंदर से किसी अज्ञात द्वारा चोरी कर फरार हो गया। व्यवसायी द्वारा इसकी सूचना तत्काल देवेन्द्रनगर पुलिस को दी गई। पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल जारी कर दी है व बैंक व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चोर तक पहुंचने की तलाश जारी है।
दीपिका पादुकोण लंबे समय के बाद शुक्रवार को मुंबई में स्पॉट की गईं। उन्हें फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली के ऑफिस के बाहर देखा गया। इस दौरान पैपराजी को देखकर उन्होंने हाथ भी हिलाया। भंसाली के ऑफिस पहुंचीं दीपिका का यह लुक चर्चा में आ गया है।
यूजर ने पूछा सवाल
दीपिका ने ओवरसाइज्ड टीशर्ट, जींस और हाई हील्स पहनी हुई थी। कोरोना को देखते हुए उन्होंने मास्क लगा रखा था। दीपिका के कपड़ों को देखने के बाद जहां कुछ यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया और कहा कि ‘क्या उन्होंने रणवीर सिंह के कपड़े पहने हुए हैं?’ वहीं उनके ढीले-ढाले कपड़ों को देखकर कई यूजर्स ने पूछा कि ‘क्या वह अपना बेबी बंप छुपा रही हैं?’
नई दिल्ली:
क्या आपने कभी सोचा है कि एक रुपए के बदले आप रातोंरात लखपति बन सकते हैं। जी हां, किसी दुकानदार को कुछ रुपए देते या उससे लेते वक्त हम इन बातों का ध्यान ही नहीं रखते कि किसी एक छोटे से नोट की कीमत सालों बाद क्या हो सकती हैं। नोट और सिक्के जितने पुराने होते चले जाते हैं, उनकी कीमत उतनी ही बढ़ती चली जाती है।
कुछ वेबसाइट्स आपको 1 रुपए के नोट की कीमत 40 हजार रुपए तक दिला सकती हैं। कई लोगों को पुराने नोट और कॉइन के कलेक्शन का शौक होता है। जिनकी कीमत कई साल बाद लाखों रुपए में मिल सकती है। एक ऐसा ही नोट भारत की आजादी से पहले 1935 का है। इस नोट पर किंग जॉर्ज फिफ्थ का फोटो छपा है और जिसके ऊपर जे डब्ल्यू केली के सिग्नेचर हैं। सोचिए यदि आपके पास ऐसे कुछ रेयर नोट हों तो रातोंरात लखपति बन सकते हैं।
भारत में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें लकी नंबर और रेयर कलेक्शन के नोट्स खरीदने का शौक होता है। ऐसे कई लोग इन लकी चार्म्स के लिए लाखों-करोड़ों भी खर्च करने के लिए तैयार रहते हैं। इसी का नतीजा है कि पुराने नोट्स की कीमत ऑनलाइन बाजार में दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इसी तरह 1943 के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर सी डी देशमुख के साइन वाले 10 रुपए के एक नोट की कीमत 45 हजार रुपए तक मिल सकती है।
आमिर खान
(Aamir Khan) तलाक के ऐलान के बाद एक बार फिर अपनी अपकमिंग फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) की शूटिंग में जुट गए हैं। इसी बीच फिल्म से जुड़े एक्टर नागा चैतन्य (Naga Chaitanya) ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर सेट की लेटेस्ट तस्वीर साझा की है। जिसमें किरण राव (Kiran Rao) और आमिर खान एक साथ नजर आ रहे हैं।
नागा चैतन्य ने शुक्रवार को लद्दाख से ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) की शूटिंग की एक पिक्चर शेयर की, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ ही जबरदस्त सुर्खियों में आ गई है। पिक्चर में किरण और आमिर तलाक के बाद भी एक साथ नजर आ रहे हैं। साथ ही दोनों को मुस्कुराते हुए पोज देते भी देखा गया है।
केंद्रीय
मंत्रिमंडल में पिछड़ों को मिला स्थान,
मैं प्रधानमंत्री जी का आभार
भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा आज जिला भाजपा कार्यालय पन्ना में प्रेस वार्ता की गई जिसको जिला पंचायत अध्यक्ष रवि राज यादव द्वारा संबोधित किया गया यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि नवगठित केंद्रीय मंत्रिमंडल में पिछड़ा वर्ग समाज के 27 सांसदों को मंत्री पद प्रदान करने पर में भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करता हूं
यादव ने कहा कि भारतीय सामाजिक व्यवस्था के तहत भारत वर्ष में निवास करने वाले व्यक्तियों और जनसंख्या की दृष्टि से 52% जनसंख्या पिछड़ा वर्ग समाज से आती है स्वतंत्र भारत के इतिहास में देश में 15 प्रधानमंत्री हुए मध्यवर्ती सरकारें तो जाति के आधार पर बनी किंतु किसी भी सरकार ने देश के अंदर रहने वाले इस पिछडा वर्ग के समाज की चिंता नहीं कि केवल उन्हें वोट बैंक समझा राष्ट्रीय राजनीति में कुछ ऐसी क्षेत्रीय पार्टियां हैं जिनका उदय जाति के आधार पर हुआ जैसे बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल ,इत्यादि !
यादव ने कहा कि जातिगत आधार पर बनी राजनीतिक पार्टियों ने राजनीतिक लाभ तो लिया किंतु जाति के उत्थान के लिए कोई प्रयास नहीं किए वर्ष 2014 में जब माननीय नरेंद्र मोदी जी ने देश के 15 में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली तब से उनके द्वारा देश में निवासरत प्रत्येक जाति धर्म के लोगों की समान चिंता की गई जिसमें सामान्य, ओबीसी, दलित ,आदिवासी सभी सम्मिलित थे!
यादव ने कहा कि देश की लगभग 52% जनसंख्या पिछड़ा वर्ग समाज से आती है हमारे देश के प्रधानमंत्री जी ने यह महसूस किया है कि जनसंख्या के अनुपात में इस वर्ग को प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं हो पाया है तब मोदी सरकार एक के कार्यकाल में माननीय प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2017 में 123 वां संविधान संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत कर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की मंजूरी प्रदान की,
साथ ही आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया ताकि इस वर्ग के लोगों को उसका लाभ मिल सके ,श्री मोदी ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल का मंत्रिमंडल विस्तार दिनांक 7 /7/ 21 को किया ,
जिसमें कुल 45 सांसदों को मंत्री पद की शपथ दिलाई इसके बाद स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रिकॉर्ड 27 ओबीसी मंत्री बनाए गए जिसमें 15 राज्यों के 27 ओबीसी सांसदों को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है!
मोदी ने 5 कैबिनेट में 22 राज्य मंत्री बनाए हैं भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारी माननीय प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं इस अवसर पर पार्टी जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया , श्रीमती उषा सोनी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा के वर्तमान अध्यक्ष व नगर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र यादव कुशवाहा , द्वारा पत्रकार बंधुओं का आभार व्यक्त किया गया!
नीरज लोधी सौरभ ओमरे उपस्थित रहे!
सोशल मीडिया (Social Media) पर शादी (Wedding Video) की बहार अक्सर छाई रहती है. यह एक ऐसा ट्रेंड (Wedding Trend) है, जो कभी कम या खत्म नहीं होता है. इंस्टाग्राम (Instagram) पर शादी की रस्मों (Wedding Rituals) की धूम देखने लायक होती है. भारतीय शादियों (Indian Wedding) की रस्में दुनियाभर में मशहूर हो चुकी हैं. हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक भाभी (Bhabhi Video) का रील्स वीडियो (Instagram Reels Video) वायरल (Viral Video) हुआ है.

देवर की शादी में मस्त भाभी
देवर-भाभी (Devar Bhabhi Video) का रिश्ता काफी खास माना जाता है. यहां मातृत्व और दोस्ती का मिला-जुला रूप देखा जाता है. हाल ही में सोशल मीडिया (Social Media) साइट इंस्टाग्राम (Instagram) पर एक देवर-भाभी (Devar Bhabhi) का वीडियो वायरल (Viral Video) हुआ है. भारतीय शादियों में भाभियों का किरदार काफी अहम होता है और ऐसे में वे शादी की सभी जिम्मेदारियां उठाने के साथ ही अपने देवर के साथ चुहलबाजी भी करती रहती हैं.

डांस करते हुए भाभी
डांस देख झूमने लगे लोग
इंस्टाग्राम (Instagram) पर Trending Dulhaniya नाम के पेज पर एक वेडिंग वीडियो (Wedding Video) शेयर किया गया है. इस वीडियो में एक दूल्हा है और पास खड़ी उसकी भाभी मस्त होकर डांस (Bhabhi Dance Video) कर रही हैं. देवर-भाभी की इतनी प्यारी बॉन्डिंग हर किसी को बहुत अच्छी लग रही है. भाभी का डांस देखकर बाकी लोग भी खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए.