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बृजपुर से अपहरण की घटना झूठी निकली,, हीरा के पैसे के विवाद को लेकर रची साजिश

अपहरण की वारदात झूठी निकली ,,

स्वयं के अपहरण की कहानी झूठी रची,

20 वर्षीय युवक कल्लू स्वयं रची थी अपहरण की साजिश ,,

, आवाज बदलकर किए फोन ,,,

हीरा खदान से अपहरण की कहानी रची थी

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना जिले की बृजपुर थाना में सुबह से अपहरण की रिपोर्ट के बाद हड़कंप मच गया था पुलिस को जैसे ही पता चला थाना क्षेत्र और सीमावर्ती जंगल में घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू कर दी गई थी लेकिन जब घटना की तहकीकात हुई तब पूरी घटना ही झूठ ही निकली है स्वयं के अपहरण का फोन करने वाला 20 वर्षीय कल्लू गौड़ 4 घंटे बाद अपहर्ताओं द्वारा छोड़े जाने की कहानी बताकर पुलिस के पास पहुंच गया उसने जो 5 लोगों के नाम बताए थे वह सभी गलत है पुलिस को दिए अपने स्वयं के बयान से युवक मुकर गया और उसने बताया कि हीरे के पैसे को लेकर जो विवाद था वही पैसे परिवार से वापस पाने के लिए यह साजिश रची थी

घटना की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि फोन के माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई थी कि 5 लोग कल्लू गोड़ नामक युवक का अपहरण कर ले गए हैं और 5 लाख की फिरौती मांगी है लेकिन जब पुलिस ने अपहरण की एफ आई आर दर्ज कर जांच शुरू की तो पूरा ही मामला झूठा निकला है युवक कल्लू गोड़ को पुलिस ने दस्तयाब कर जब पूरी घटना जानी तो झूठी कहानी की परत दर परत खुलने लगी युवक को कुछ दिन पूर्व एक हीरा मिला था जो चोरी-छिपे बेच दिया गया और उसके पैसे परिवार के सदस्यों के पास थे उनसे पैसे पाने के लिए आवाज बदलकर अपने ही फोन से बहन को फोन किया और अपहरण की घटना होना बता दिया जिस पर परिजनों की रिपोर्ट में पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया था अब सभी पहलुओं की जांच की जा रही है

एसपी मयंक अवस्थी ने कहा

लंबे समय बाद पन्ना जिले में इस तरह के अपहरण की घटना पता चली थी जिस पर तत्काल पुलिस ने सख्ती की और पूरी अपहरण की कहानी ही झूठी निकली है एसपी मयंक अवस्थी ने कहा कि जो युवक है उसने नाम बदलकर फोन पर झूठी कहानी बताई और आवाज भी बदल कर पुलिस को बताई है पुलिस ने पूरी रिकॉर्डिंग कर जांच पड़ताल कर कार्यवाही की जा रही है और युवक ने जो गुमराह किया है उस पर न्यायालय में बयान करा कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी मयंक अवस्थी ने कहा कि इलाके में कोई डर का माहौल नहीं है और किसी को भी चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है पुलिस ने को जिसने गुमराह किया है उन पर कार्यवाही होगी

पहले यह बताया और मामला दर्ज हुआ

बृजपुर थाना में 20 वर्षीय युवक कल्लू गॉड पिता राम पथ गॉड निवासी खेरवा के परिजनों ने आकर रिपोर्ट लिखाई थी की हीरा खदान का काम करने के दौरान 5 बदमाश अपहरण कर ले गए हैं और फिरौती मांगी जा रही है इसके फोन भी कल्लू गौड़ के फोन से आए हैं जिस पर बृजपुर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक अपराध 195 धारा 364 (क) का मामला दर्ज किया गया था और एसपी मयंक अवस्थी ने पुलिस की पार्टियां बनाकर जंगल में सर्चिंग शुरू की थी जिन लोगों के नाम बताए गए थे उनकी लोकेशन उस क्षेत्र में नहीं पाई गई तभी पुलिस को शक हुआ कुछ देर बाद युवक स्वयं चलकर थाना पहुंच गया बताया कि बदमाशों ने छोड़ दिया है और तहकीकात में पूरी कहानी छूट निकली

हीरा बेंचकर खरीदा था ट्रेक्टर और जीप


अपहरण की वारदात को लेकर बृजपुर क्षेत्र में आमचर्चा है कि ग्राम खिरवा निवासी कल्लू गौंड़ पुत्र रम्पत गौंड़ 30 वर्ष पिछले काफी समय से हीरा खदान की खुदाई कर रहा है। कुछ समय पूर्व कथित तौर पर कल्लू को खदान में बड़े साइज का उज्जवल किस्म का एक बेशकीमती हीरा मिला था। जिसे उसके द्वारा क्षेत्र में सक्रिय हीरों की गैरकानूनी रूप से खरीददारी करने वाले हीरा कारोबारियों को बेंचने की चर्चा है। हीरा की बिक्री से मिली मोटी रकम से कल्लू ने ट्रेक्टर और बोलेरो जीप खरीद ली। बेहद गरीब पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले कल्लू के पास अचानक आई दौलत के चर्चे खिरवा गांव सहित पूरे क्षेत्र में है। दबी जुबान कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि कल्लू को एक बड़े हीरे के अलावा कुछ छोटे साइज के हीरे भी खदान में मिले हैं।

महिलाएं व्रत कर करती थी हरछठ की पूजा

पुत्र की दीर्घायु के लिए किया जाता है व्रत

लंदन के सेंट पॉल चर्च की स्टाइल में बना है अनोखा मंदिर

कृष्ण की 16 कलाएं पर आधारित अनोखा वास्तु

(शिवकुमार त्रिपाठी)

बलदेवजी मंदिर एक रोमन वास्तुकला से प्रेरित है और इसमें एक गॉथिक अनुभव है। मंदिर में बड़े स्तंभों के साथ महा मंडप नामक एक बड़ा हॉल है और इसे एक उभरे हुए मंच पर बनाया गया है ताकि मुख्य द्वार के बाहर से भी दर्शन प्राप्त किया जा सके।

श्री बालदेवजी की आकर्षक प्रतिमा का निर्माण काले शालिग्राम पत्थर में किया गया है। बलदेवजी मंदिर क्षेत्र की बेहतरीन संरचनाओं में से एक है और पन्ना की वास्तुकला की ऊंचाइयों का प्रतिनिधित्व करता है।

भगवान कृष्ण के मंदिर तो हर जगह मिलते हैं पर उनके बड़े भाई बलराम का मंदिर बहुत कम है पर पन्ना में लंदन की सेंट पॉल चर्च की स्टाइल में बने भगवान बलराम के अनोखे मंदिर में सोसल डिस्टेंसग के बीच आज जन्मोत्सव मनाया गया हर वर्ष भगवान के इस प्रगतोसव में आज के दिन भयानक भीड़ होती थी कोरोना के कारण जन्मोत्सव हुआ लोगों में निराशा और बगैर भीड़ के आयोजन किया गया

भगवान श्री कृष्ण की 16 कलाओं में बना अनोखी वास्तु के लिए पन्ना का भगवान बलदेव जी का मंदिर पूरी दुनिया में फेमस है क्योंकि यह मंदिर लंदन की सेंट पॉल चर्च की स्टाइल में बनाया गया है और 16 सीढ़ियां 16 गुंबज 16 खंभे 16 झरोखे सभी कृष्ण की 16 कलाओं को प्रदर्शित करती हैं इस मंदिर में वर्ष का सबसे बड़ा आयोजन हल षष्टि के दिन होता है इस दिन महिलाएं हरछठ के दिन अपने पुत्रों की दीर्घायु के लिए व्रत करती हैं पर महिलाओं को प्रवेश नहीं मिला जिससे व्रत करने वाली महिलाओं में निराशा है
पुराना फोटो

श्रद्धालु राधा बताती है कि हर छठ के दिन महिलाएं अपने संतानों की दीर्घायु के लिए व्रत करती हैं और इसी मंदिर में हरछठ की पूजा करती थी लेकिन इस बार संक्रमण की बीमारी के कारण प्रवेश नहीं दिया गया जिससे थोड़ा सा मन दुखी हुआ पर खुशी इस चीज की है पूरा उत्सव बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया एक अन्य श्रद्धालु ने बताया हर वर्ष हर्षित के दिन मंदिर में भारी भीड़ होती थी शहर की सभी महिलाएं पूजन करने आते इस बार संक्रमण की बीमारी के कारण ऐसा नहीं हो सका

मंदिर के पुजारी मनोज अवस्थी बताते हैं राजा को खेती से बहुत लगाव था तब तत्कालीन पन्ना नरेश रूद्र प्रताप ने इस मंदिर का निर्माण कराया था क्योंकि राजा को को विश्वास था यदि हलधर भगवान भगवान दाऊ दयाल की स्थापना कराई जाए तो खेती के देवता बलराम की कृपा से पन्ना में खेती अच्छी होगी और लोगों का कल्याण होगा
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच आज भगवान का जन्म उत्सव मनाया गया पर लोगों को इस सब से दूर ही रखा गया हर वर्ष भयानक भीड़ होती थी लेकिन खुशी इस बात की है की सभी परंपराएं उसी राजशाही जमाने से चली आ रही परंपरा के अनुसार ही किया गया राज परिवार के सदस्य राघवेंद्र सिंह सहित प्रमुख पुजारी और प्रशासनिक कर्मचारी अधिकारी मौजूद रहे

 पन्ना में फिर मिले बड़े हीरे

 मजदूर किसान को हीरा मिला

 30 लाख से अधिक 

लॉकडाउन के दौरान परेशान था तब लगाई खदान

(SHIV KUMAR TRIPATHI)
पन्ना की धरती मैं दुनिया की सबसे खूबसूरत हीरे निकलते है यह हीरे खेत खलिहान सहित कहीं भी मिल जाते हैं लॉकडाउन के दौरान परेशान लोगों ने अपनी खूब किस्मत अजमाई जिसमें जरुआपुर के एक मजदूर किसान ने अपने खेत में साथियों के साथ मिलकर हीरे की खदान लगाई और भगवान ने छप्पर फाड़ के दिया 3 बड़े हीरे मिले हैं जिसे आज हीरा कार्यालय में जमा कराया गया यह हीरे पन्ना में चलने वाली उथली हीरा खदानों में मिले


पन्ना के हीरा कार्यालय में रखे यह खूबसूरत हीरे 7.59 कैरेट के हैं जो क्रमशः तीनो हीरो का बजन 4.45, 2.16, 0.93 कैरेट हैं  हीरे सर्वोत्तम जेम क्वालिटी के इन हीरो को एक किसान मजदूर ने अपनी मेहनत से निकाला है छह साथियों के साथ इस खदान से यह बड़े हीरे मिले हैं हीरो को देखकर इनकी खुशी का ठिकाना नहीं है यह हीरे 30 लाख से अधिक कीमत में बिक सकते हैं सुबल सरकार जो हीरा मालिक है उसने बताया कि हमने 6 साथियों के साथ मिलकर जरुआ पुर में खदान लगाई थी अब यह गिरे मिले हैं आगे भी हम ही रखो देंगे

हीरा अधिकारी आर के पाण्डेय का कहना है कि सभी हीरो को सुरक्षित जमा करा लिया गया है इनको आगामी नीलामी में रखा जाएगा और जो भी कीमत प्राप्त होगी उससे 12:50 परसेंट रॉयल्टी और इनकम टैक्स काटकर सभी पैसा हीरा मालिक को दे दिया जाएग

पन्ना में बीते कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही हीरे निकल रहे हैं और लंबे समय बाद यह बड़े हीरे कार्यालय में जमा भी हो रहे सामान्यतः ऐसे हीरे ब्लैक मार्केटिंग कर चोरी छिपे बेच दिए जाते थे अब इससे शासकीय राजस्व प्राप्त होगा ही उन लोगों में भी उत्साह है जो हीरे पर किस्मत आजमाना चाहते हैं पन्ना में लॉकडाउन कुछ लोगों की किस्मत लेकर आया है और उन्हें हीरे मिल रहे एक कुछ दिन पूर्व ही एक मजदूर को 10 कैरेट से अधिक का बड़ा हीरा मिला था

पन्ना की धरती इन दिनों हीरे उगल रही है और यही कारण है कि रातों-रात मजदूर अब लखपति हो रहे हैं । आज पन्ना के ग्राम जरुआपुर में उथली हीरा खदान में सवल सरदार को यह हीरे मिले हैं जिनका कुल वजन 8 कैरेट के लगभग है और अनुमानित कीमत करीब 15 से 20 लाख रुपए आंकी जा रही है यह सब हीरे जेम्स क्वालिटी के हैं और इन्हें पन्ना के डायमंड कार्यालय में जमा कराया गया है वही इन हीरा मिलने वाले लोगों में छह लोग हीरे में पार्टनर हैं हीरा पाने वाले मजदूरों की खुशी का ठिकाना नहीं है हालांकि यह पहला मौका है जब एक साथ मजदूर को इकट्ठे तीन हीरे मिले हैं और इन हीरो को पाकर मजदूर की खुशी का ठिकाना नहीं है क्योंकि अब वह आम से खास हो गया है और रातों-रात लखपति हो गया है।

प्रधानमंत्री ने साष्टांग दंडवत होकर जन्मभूमि की जमीन पर रखी आधारशिला ,,,,अब भव्य राम मंदिर का होगा निर्माण

*पन्ना नगर में कोरोना धमाका आज 5 मिले संक्रमित,, जिला पंचायत कार्यालय सील*

कोरोना योद्धा भी शामिल ....
पन्ना के मनरेगा अतिरिक्त परियोजना अधिकारी 55 वर्ष निकले संक्रामित...

25 वर्षिय नर्स की भी रिपोर्ट पॉजिटिव.....

बीते दिन आये सबइंजीनयर के परिवार के माता 50 वर्ष पिता 62 वर्ष पत्नी 28 वर्ष कोरोना संक्रमित.....

कोरोना संक्रमित मरीजों का अकड़ा पहुंचा 114

89 स्वास्थ्य होकर हो चुके डिसचार्ज 22 एक्टिव मामले


(शिवकुमार त्रिपाठी)

अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन किया. करीब 500 साल से जिन लम्हों का इंतजार था, वो लम्हा आज अवधनगरी में फलीभूत हो गया. करोड़ों राम भक्तों का सपना आज साकार हो गया है. बेहद शुभ मुहूर्त में राम मंदिर का भूमि पूजन संपन्न हुआ. साथ ही मंदिर निर्माण का शुभारंभ हो गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जन्मभूमि मंदिर की नींव में नौ शिलाएं रखीं. भूमि पूजन का शुभ मुहूर्त 12 बजकर 44 मिनट पर था, लेकिन उससे पहले पूरे विधि विधान से इस महाआयोजन की शुरूआत हुई. 12 बजकर 7 मिनट पर पीएम मोदी भूमि पूजन के लिए पहुंचे. दो मिनट के अंदर ही भूमि पूजन की शुरूआत हुई.

यजमान के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन स्थल पर एक ओर बैठ चुके थे. प्रकांड विद्वानों ने मंत्रोच्चार शुरू किया. भूमिपूजन के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत मौजूद थे. सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन भी पूजा में शामिल थीं. भूमि पूजन में बैठे पीएम मोदी पूरी तरह से लीन हो कर मंत्रोच्चार दोहराते हुए अराधना में डूबे थे.
सभी देवी देवताओं से राम मंदिर निर्माण का आग्रह हो रहा था. अराध्य देवताओं का स्मरण किया जा रहा था. शुभ मुहूर्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधारशिला रखी. जिस जगह पर रामलला विराजमान थे, वहीं पर 9 शिलाएं रखी गई थीं, जिसे सफेद कपड़े से ढंका गया था.

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की आधारशिला रखने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि दुनिया के कितने देशों में और किन-किन रूपों में भगवान राम मौजूद हैं.

 

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की आधारशिला रखने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि दुनिया के कितने देशों में और किन-किन रूपों में भगवान राम मौजूद हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की आस्था में राम हैं, भारत के आदर्शों में राम हैं. भारत की दिव्यता में राम हैं, भारत के दर्शन में राम हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तुलसी के राम सगुण राम हैं, तो नानक और कबीर के राम निर्गुण राम हैं. भगवान बुद्ध भी राम से जुड़े हैं तो सदियों से ये अयोध्या नगरी जैन धर्म की आस्था का केंद्र भी रही है. राम की यही सर्वव्यापकता भारत की विविधता में एकता का जीवन चरित्र है. आज भी भारत के बाहर दर्जनों ऐसे देश हैं जहां, वहां की भाषा में रामकथा प्रचलित है.
प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे विश्वास है कि आज इन देशों में भी करोड़ों लोगों को राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होने से बहुत सुखद अनुभूति हो रही होगी. आखिर राम सबके हैं, सब में हैं. जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे राम प्रेरणा न देते हों. भारत की ऐसी कोई भावना नहीं है जिसमें प्रभु राम झलकते न हों. भारत की आस्था में राम हैं, भारत के आदर्शों में राम हैं! भारत की दिव्यता में राम हैं, भारत के दर्शन में राम हैं.

जहां टेलीविजन में पन्ना जिले के लोग राम जन्मभूमि के भवन मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने का कार्यक्रम देख रहे थे तभी पन्ना में कोरोना की रिपोर्ट आई जिससे हड़कंप मच गया प्रशासन ने जिला पंचायत कार्यालय में ताला लगाकर सील कर दिया है पन्ना नगर में 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाने के बाद से हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है सिविल लाइन में एक ही परिवार के सभी सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं तो हॉस्पिटल में ड्यूटी करने वाली एक नर्स कोरोना से संक्रमित मिली है जिससे फिर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया इसी तरह जिला पंचायत कार्यालय के अतिरिक्त कार्यक्रम संबंधित मनरेगा भी कोरोना से संक्रमित पाए गए जिससे जिला पंचायत कार्यालय में ताला लगा दिया गया है पन्ना नगर में कुरौना की इस धमाकेदार इंट्री से लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया है और लगातार करो ना कि मरीज बढ़ रहे हैं इस कारण सभी को सावधानी बरतनी चाहिए जब पन्ना में करो ना नहीं था तब तो लोग सुरक्षित मास्क लगाकर दिख रहे थे लेकिन जब से पन्ना नगर में कोरोना के मरीज आ रहे हैं तब यहां के लोग कुछ ज्यादा ही लापरवाह दिख रहे हैं सड़कों पर बगैर मास्क के सोशल डिस्टेंसिंग को धता बताते हुए निकल रहे हैं जो ठीक नहीं है पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एलके तिवारी ने लोगों से अपील की है कि खुद सुरक्षित रहने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मांस का अवश्य लगाएं और सुरक्षित रहे यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क की पाया जाता है तो उन पर कार्यवाही की जाएगी

स्कंद पुराण के वैष्णव खंड सात में अयोध्या महात्म्य का जिक्र करते हुए श्लोक 18 से 25 में भगवान राम के जन्मस्थान का न सिर्फ महत्व बताया गया है, बल्कि आस-पास के पौराणिक स्थलों का जिक्र करते हुए एक-एक इंच माप भी तय की गई है। अब उसी गर्भगृह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को भूमिपूजन कर पहली ईंट रखेंगे।
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श्रीरामजन्मभूमि मंदिर कई मायने में अद्भुत और अकल्पनीय होगा। भक्तों को सिंहद्वार से ही करीब सवा तीन सौ फुट दूर गर्भगृह में विराजमान रामलला के दर्शन होंगे। पूरब स्थित मुख्य सिंहद्वार के अलावा प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप से होकर दो और बड़े द्वार होंगे। गर्भगृह का परिक्रमा पथ भी खुला रहेगा।

भूमिपूजन अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी परिसर में निरीक्षण के दौरान राममंदिर के कॉरिडोर और परिसर की भव्यता को लेकर अहम सुझाव दे सकते हैं। सोमपुरा परिवार भी उन लम्हों का इंतजार कर रहा है, जब भूमिपूजन के साथ उनके डिजाइन पर भव्य राम मंदिर निर्माण शुरू होगा। राममंदिर के मुख्य वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा के पुत्र आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा व निखिल सोमपुरा अहमदाबाद से अयोध्या पहुंच हैं।

राममंदिर को खास नागर शैली में बनाया जाएगा। मंदिर दो की जगह अब तीन मंजिला होगा। मुख्य ढांचा वैसा ही रखा गया है, जैसा प्रस्तावित मॉडल में था।
नए डिजाइन के साथ भव्यता का वैभव

वास्तुकार के मुताबिक भारतीय मंदिरों के स्थापत्य की तीन शैलियां हैं- नागर, द्रविड़ और वेसर। राम मंदिर को उत्तरभारत की प्रचलित नागर शैली में डिजाइन किया गया है। इस शैली में मंदिर का गर्भगृह अष्टकोणीय आकार में होता है और मंदिर की परिधि वृत्ताकार बनाई जाती है। गुजरात में सोमनाथ मंदिर भी इसी शैली में बना है। मूल डिजाइन में बदलाव के बाद अब मंदिर में 318 खंभे बनेंगे।

मंदिर की लंबाई 360 फुट, चौड़ाई 235 फुट और ऊंचाई 161 फुट होगी। मंदिर के गर्भगृह से पहले तीन शिखर वाले स्थान होंगे। सबसे पहले भजन-कीर्तन का स्थान, दूसरे में ध्यान और तीसरे में राम लला के दर्शन की व्यवस्था होगी।
गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं
गर्भगृह में पुजारी के अलावा और किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर के दूसरे तल पर राम दरबार होगा, जहां भगवान राम, सीता और लक्ष्मण-भरत, शत्रुघ्न के साथ हनुमान भी विराजमान होंगे।

जिला चिकित्सालय का स्टाफ ही नहीं लगाता मास्क

जिला चिकित्सालय में पदस्थ स्टाफ भी बीते कुछ दिनों से लापरवाही कर रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन तो करते ही हैं मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करते इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एनके तिवारी ने कहा कि यह बात सही है और हमें शपथ जानकारी मिल रही है कि कई कर्मचारी लापरवाही कर रहे हैं मास्क नहीं लगाते इन सभी को आदेशित किया गया है कि अनिवार्य रूप से पूरे समय मास धारण करें यदि कोई व्यक्ति या कर्मचारी बिना मास के पाए जाते हैं तो उनके ऊपर अनुशासनहीनता की कार्यवाही की जाएगी मास्क ना लगाने वालों के खिलाफ FIR की निर्देश है यदि कोई खासकर कर्मचारी ऐसा करता है तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा

ऐसे बचे कोरोना से,, नहीं माने तो विकराल रूप धारण करेगा संक्रमण

जब पन्ना नगर में कोरोना नहीं था तब लोग सुरक्षित रहने संसाधनों का उपयोग कर रहे थे अब करो ना आ गया है तो ज्यादा लापरवाह हो गए हैं ऐसे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ LK तिवारी ने कहा है कि अब सुरक्षित रहना ज्यादा जरूरी है अन्यथा लापरवाही की स्थिति में पन्ना नगर में कोरोना विकराल रूप धारण कर सकता है इसलिए कोरोना से बचने के लिए अनिवार्य रूप से मास्क धारण करें डॉ तिवारी ने कहा कि कोरोना से घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है तीन मुख्य कारण है जिससे कोरोना से बचा जा सकता है यदि आप बिना मास्क धारण किए लगातार 15 मिनट या इससे अधिक समय तक 1 मीटर से कम दूरी तक सीधे संपर्क में रहते हैं तो वह व्यक्ति हाई रिस्क जोन में आ जाता है और ऐसे व्यक्ति को कोरोना होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए मास्क धारण करने के साथ किसी से कनबत्तू न करें यानी थोड़ा दूर बैठकर ही बात करें जिससे संक्रमण से बहुत आसानी से बचा जा सकता है 15 मिनट से कम संपर्क में रहने वाले व्यक्ति को संक्रमण होने की संभावना कम रहती है इसलिए सैनिटाइजर का उपयोग करते हुए बचकर रहें और यदि कोरोना हो जाता है तो स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं ले घबराए नहीं परेशान न हो

 भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद बीडी शर्मा और मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की नाराजगी के बाद शासन ने शुरू की जांच

7 माह में 4 बाघों के मिले कंकाल

मौत के बाद भी प्रबंधन को नहीं मिलती जानकारी

मैदान में काम करने की वजाय वातानुकूलित कमरों में बैठे रहते हैं अधिकारी

टाइगर रैगिंग का दल के सदस्य अधिकारियों के बंगलों में बने नौकर

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना टाइगर रिजर्व देश दुनिया में बाघों के लिए चर्चित है कभी बाघों के हाथ में घी के लिए हर जगह खूब बदनामी हुई तो अब बाघों की संसार को पुनः बसाने और संख्या आधा सैकड़ा होने पर यहां की धरती की तारीफ हो रही है पर अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिस तरह से लगातार बाघों की मौत हो रही है वह सवालों के घेरे में है हालांकि बीते कुछ दिनों से
पूरी दुनिया से लोग बाघ संरक्षण के गुरु सीखने के लिए आते रहे हैं। लेकिन बीते 7 माह के दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व में जिस तरह से सड़े – गले और कीड़ों से बिलबिलाते बाघों के शव मिले हैं, उससे पन्ना की छवि धूमिल हुई है। बाघों की हुई मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए पन्ना वासियों ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर प्रदर्शन कर आला वन अधिकारियों व शासन का ध्यान आकृष्ट किया। क्षेत्रीय सांसद बीडी शर्मा व खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने भी बाघों की मौत पर नाखुशी जाहिर करते हुए जांच कराने की मांग की। इसका असर शासन स्तर पर हुआ और मामले की जांच करने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) जसवीर सिंह चौहान शनिवार को पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंचे। उनके इस दौरे को गोपनीय रखा गया, इसकी वैधानिक जानकारी पन्ना में किसी को नहीं दी गई फिर भी मीडिया कर्मियों को इसकी भनक लग गई। पता चला है कि एपीसीसीएफ श्री चौहान उन सभी स्थलों पर पहुंचकर जायजा लिया, जहां बाघों के शव मिले थे। भ्रमण के बाद पन्ना आने के बजाय आप सीधे मंडला स्थित कर्णावती रेस्ट हाउस पहुंचे जहां रात्रि विश्राम किया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को यहीं पर एपीसीसीएफ ने टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की बैठक भी ली है। अपने इस दौरे में वे मीडिया से दूरी बनाए रहे तथा मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किए जाने पर भी उनसे संपर्क नहीं हुआ। जाहिर है कि पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के बारे में स्थानीय लोगों व मीडिया की सोच व सवाल क्या हैं इससे भी वाकिफ नहीं हो पाये, जो मामले की जांच में काफी मददगार साबित हो सकता था और वे जमीनी हकीकत से भी अवगत हो सकते थे स्थानीय लोगों के पास इन बाघों की मौत की कुछ जानकारियां मिल सकती थी लेकिन यह संभव नहीं हो सका। 

प्रबंधन का झूठ बाघों की टेरिटोरियल फाइट

जंगल में बाघों के बीच इलाके में वर्चस्व को लेकर संघर्ष होता है, यह बाघों के नैसर्गिक स्वभाव को देखते हुए प्राकृतिक भी है। यदा-कदा इस तरह के संघर्ष में बाघों की मौत भी हो जाती है लेकिन इसका पता चल जाता है। परंतु पन्ना में हुई 4 बाघों की मौत में अजीब संयोग है, पार्क प्रबंधन के मुताबिक इन सभी की मौत टेरिटोरियल फाइट में हुई है लेकिन न तो मृत बाघ की शिनाख्त हो पाई और न ही संघर्ष में जख्मी होने वाले बाघ का कोई पता चला। सिर्फ रेडियो कॉलर वाली बाघिन पी- 213 की पहचान हो सकी है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि बाघों की निगरानी में तैनात अमला आखिर क्या करता है? जब बाघों के शव सड़ – गल जाते हैं और कीड़े सब कुछ सफाचट कर देते हैं तब निगरानी दल को कंकाल मिलता है, जिससे जांच के लिए सैंपल तक नहीं लिया जा सकता। ठीक इसी तरह की लापरवाही और तथ्यों को छुपाने का कार्य 10 वर्ष पूर्व होता रहा है। नतीजतन पन्ना से बाघों का खात्मा हो गया। क्या हम फिर उसी पुरानी राह पर चल पड़े हैं ? एपीसीसीएफ श्री चौहान को अतीत में हुई गलतियों पर भी गौर करना चाहिए ताकि उनकी फिर से पुनरावृत्ति न हो। मालुम हो कि बीते 7 माह में चार बाघों की मौत हुई है उनका सिलसिलेवार विवरण इस प्रकार है –

केश क्र. 1 –   पन्ना टाईगर रिजर्व में वर्ष 2020 की शुरुआत बुरी खबर के साथ हुई। टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में रमपुरा बीट के कक्ष क्र. 1355 में 31 दिसम्बर 19 मंगलवार को लेन्टाना की झाडिय़ों के बीच अज्ञात बाघ का कंकाल मिला। बताया गया है कि बाघ की मौत 15 से 20 दिन पूर्व हुई होगी। मौत कैसे व किन परिस्थितियों में हुई, इस बात का खुलासा नहीं हो सका है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि टेरीटरी के लिये हुये आपसी संघर्ष में बाघ की मौत हुई होगी। पार्क प्रबन्धन की इस आशंका को यदि सच भी मान लिया जाये तो भी सवाल यह उठता है कि मौत के 15-20 दिन तक बाघों की मॉनीटरिंग व निगरानी में तैनात वनकर्मियों को बाघ के मौत की खबर क्यों नहीं लगी?

क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व कार्यालय द्वारा मामले के संबंध में दी गई जानकारी के मुताबिक पन्ना कोर परिक्षेत्र के बीट रमपुरा कक्ष क्र. 1355 में गश्त के दौरान जमुनहाई तलैया के पास लेन्टाना की झाडिय़ों में बाघ का कंकाल पाया गया। सूचना प्राप्त होते ही परिक्षेत्र अधिकारी पन्ना कोर, उप संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व तथा क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया मौके पर पहुँचे। डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाकर सर्चिंग करवाई गई। पार्क प्रबन्धन के मुताबिक मौके पर अवैध गतिविधि के कोई चिह्न नहीं पाये गये। बताया गया है कि यह वन क्षेत्र बाघ पी-111 का इलाका है, यहां लम्बे समय से इस बाघ की मौजूदगी देखी गई है। जहां बाघ का कंकाल मिला है उसके आस-पास ताजे पगमार्क भी पाये गये हैं। पार्क के आला अधिकारियों द्वारा मौके पर उपस्थित वनकर्मियों से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि इस क्षेत्र में बाघिन टी-2 के शावक पी-261, पी-262 एवं पी-263 विचरण करते थे। इन तीनों शावकों की आयु लगभग 3 से 4 वर्ष के आस-पास थी, जो जवानी की दहलीज पर थे और अपनी टेरोटरी बनाने के लिये अनुकूल वन क्षेत्र की तलाश कर रहे थे। इन तीनों ही बाघ शावकों को रेडियो कॉलर नहीं पहनाया गया था, फलस्वरूप उनके मूवमेन्ट की जानकारी वन अमले को नहीं हो पाती थी। क्षेत्र संचालक द्वारा वनकर्मियों से चर्चा के उपरान्त यह संभावना व्यक्त की गई है कि अपनी टेरीटोरी बनाने के चक्कर में बाघ पी-111 से हुये आपसी संघर्ष में उक्त बाघ की मृत्यु हुई होगी। मृत बाघ टी-2 की छठवीं लिटर की तीन सन्तानों में से कोई एक प्रतीत होता है।

केश क्र.2 – टाइगर रिज़र्व के वन परिक्षेत्र गहरीघाट अंतर्गत बीट कोनी में वन कर्मियों को गश्ती के दौरान नाला में बाघ का क्षत-विक्षत शव मिला। बताया गया है कि मृत बाघ की उम्र लगभग 15 माह है, जो बाघ पुनर्स्थापना योजना के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व में जन्मी बाघिन पी- 213 (32) का शावक है। वन कर्मियों को गश्ती के दौरान रविवार को आज कोनी नाला में क्षत-विक्षत हालत में बाघ का जो शव मिला है, वह  7- 8 दिन पुराना प्रतीत होता है। बाघ की मौत कैसे व किन परिस्थितियों में हुई इसकी वजह व कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक बाघिन पी- 213 (32) के चार शावक थे जो 15 माह की उम्र के हो चुके थे। इन्हीं शावकों में से किसी एक की संदिग्ध मौत हुई है। बताया गया है कि कोनी नाला जहां बाघ का शव सड़ी – गली हालत में मिला है वह गहरी घाट वन परिक्षेत्र के बीट कोनी व कक्ष क्रमांक 510 में आता है। पूर्व में भी इस इलाके में दो रेडियो कॉलर वाली बाघिनों की मौत हो चुकी है। जिससे इस वन परिक्षेत्र में बाघों की सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ खड़े हुये हैं। गश्ती दल को रविवार 3 मई की दोपहर जैसे ही बाघ का शव नाले में पड़ा मिला तत्काल इसकी सूचना पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया, उपसंचालक जरांडे ईश्वर राम हरि, वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ संजीव कुमार गुप्ता व संबंधित वन अमला मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाकर सर्चिंग करवाई गई लेकिन अवैध गतिविधि के कोई चिन्ह नहीं पाये गये। शव के नाम पर मौके में बाघ की हड्डियां व सड़ – गल चुका अवशेष मिला, जिससे जांच के लिए सैंपल लिया गया है। मृत बाघ नर है या मादा अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

केश क्र.3 –  पन्ना टाइगर रिजर्व की सबसे ज्यादा चर्चित और चहेती बाघिन पी- 213 का पन्ना में बाघों के उजड़ चुके संसार को आबाद करने में अतुलनीय योगदान रहा है। रेडियो कॉलर युक्त इस बाघिन के मृत शरीर का सड़ा गला अवशेष पन्ना कोर क्षेत्र के तालगांव सर्किल में 28 जून रविवार की सुबह ट्रैकिंग दल को मिला। रेडियो कॉलर वाली ब्रीडिंग टाइगर का इस तरह सड़ गल चुका अवशेष मिलने से बाघों की सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं।बाघिन की मौत के इस सनसनीखेज मामले के संबंध में पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने जारी प्रेस नोट में बताया कि बाघिन पी-213 का शव पन्ना कोर परिक्षेत्र के बीट महुआ मोड़ कक्ष क्रमांक पी 1345 में तालगांव से महुआमोड़ वनमार्ग पर बाघ अनुश्रवण दल को मिला है। मौके पर तहकीकात करने पर बाघिन के शव को घसीटने के निशान भी पाये गये हैं। उन्होंने बताया कि घसीटने के निशान का पीछा करने पर एक स्थान पर बाघों के आपसी मुटभेड़ के चिन्ह मिले हैं, जिससे प्रतीत होता है कि बाघिन की मृत्यु आपसी लड़ाई में हुई है। यदि इसे सच मान भी लिया जाय तब भी सवाल यह उठता है कि रेडियो कॉलर वाली बाघिन जिसकी चौबीसों घण्टे निगरानी होती है, उसका किसी बाघ से संघर्ष होने पर ट्रैकिंग दल को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? बाघिन का शव सड़कर कंकाल में तब्दील हो गया फिर भी ट्रैकिंग दल घटना से अनजान बना रहा। क्या यह मॉनिटरिंग सिस्टम की असफलता या कहें लापरवाही नहीं है ?  

केश क्र.4 –  पन्ना टाइगर रिजर्व में 27 जुलाई 20 को फिर एक 5 वर्ष के नर बाघ का सडा-गला कंकाल मिला। युवा बाघ की संदिग्ध मौत के संबंध में जानकारी देते हुए क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया ने बताया कि गहरीघाट रेंज के बीट मझौली कक्ष क्रमांक पी-511 में 5 वर्ष की आयु वाले नर बाघ का 4 – 5 दिन पुराना शव मिला है। बीट गार्ड जब गस्त पर गया तो दुर्गन्ध आने पर खोजबीन की, तब उसे बुरी तरह से सड़ चुका बाघ का शव नजर आया। कोर क्षेत्र में बाघ की संदिग्ध मौत होने की खबर मिलते ही क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया सहित उप संचालक श्री जरांडे, वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता व वन अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया ने बताया कि कोर क्षेत्र में बाघों की संख्या क्षमता से अधिक 39 के लगभग है, जिससे आपसी संघर्ष की घटनायें बढ़ी हैं। युवा नर बाघ की मौत इसी संघर्ष का नतीजा है। श्री भदौरिया के मुताबिक मौके पर खरोंच के निशान व पग मार्क भी मिले हैं।  मृत नर बाघ का पोस्टमार्टम पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता द्वारा मौके पर किया गया तथा जांच के लिए सैंपल लिए गये। पोस्टमार्टम के बाद मौके पर ही वन अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ के शव को जला दिया गया। 
प्रश्न यह है कि जब बाघों की मौत होती है तो प्रबंधन को क्यों पता नहीं चलता ,,,,? कोर एरिया में किसी की आवाजाही नहीं होती यह बाग कैसे मर रहे हैं,,,,? इसके बाद पूरे मामले को छुपाने की कोशिश क्यों की जाती है,,,,? बाघों की मौत के बाद निष्पक्ष जांच और पीएम कराने का प्रावधान है तो किसी मीडिया प्रतिनिधि को साथ में क्यों नहीं ले जाया जाता,,,,? इन सब से यह लगता है कि प्रबंधन की नीयत साफ नहीं है और यही हाल रहा तो पन्ना 2009 की ओर बढ़ेगा, हालात ऐसे लगते हैं कि बाघों का जीवन खतरे में आ गया है

एक माह के अंदर 2 टाइगरो की हुई मौत

दोनों के सडे-गले क्षत-विक्षत मिले थे शव

गंभीर लापरवाही हो सकती है उजागर

चिंता का विषय कहीं 2009 की और तो नहीं चल पड़ा पन्ना

(शिवकुमार त्रिपाठी)
लगता है पन्ना टाइगर रिजर्व का विवादों और बाघों की मौत से चोली दामन का साथ हो गया है अब एक बार फिर बाघों के मरने और गायब होने का सिलसिला शुरू हो गया 2 बाघों की क्षत-विक्षत लाश 1 माह के अंदर टाइगर रिजर्व के कोर जोन एरिया में ही मिली है जिससे लोगों की चिंताएं और गंभीर हो गई हैं बाघों की लगातार हो रही मौतों के मामले में खजुराहो से सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने संज्ञान लिया है और उन्होंने गंभीर चिंता प्रकट की कहा कोर जोन में रेडियो कॉलर टाइगर की सड़ी गली लाश मिलना गंभीर लापरवाही है इस पर मैंने वन मंत्री से बात की है और पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्यवाही करने को कहा है

विष्णु दत्त शर्मा ने खास बातचीत में बताया कि पन्ना के बाघ बुंदेलखंड के लिए पहचान है टाइगर रिजर्व में सरकार ने बहुत मेहनत कर बाघों को फिर से बसाया है जो प्रयोग पूरी दुनिया में सफल नहीं हुए वह पन्ना की धरती में किए गए और सफल रहे जिससे बाघों का संसार फिर आवाद हो रहा है ऐसे में बाघों की मौत गंभीर चिंता का विषय है विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि वन मंत्री से कहकर इसकी तत्काल जांच करा कर कार्यवाही करा रहे हैं किसी को भी मुगालते में नहीं रहना चाहिए टाइगरों के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत में खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा

ज्ञात हो कि कल ही गहरी घाट के मझौली में एक युवा बाघ की 5 दिन पुरानी सड़ी गली क्षत-विक्षत लाश मिली थी और इसके पहले रामपुरा में रेडियो कॉलर पहने हुए ब्रीडिंग टाइगर की मौत हो गई थी रेडियो कॉलर पहने होने के बावजूद इस टाइगर का पता लगाने में भी प्रबंधन असफल रहा और कई दिनों बाद इसकी भी सड़ी लाश मिली थी
इस टाइगर के पीछे 24 घंटे पार्टी लगी रहती थी इसके बावजूद मौत का पता नहीं लगाया जा सका जबकि वीडियो कॉलर ने डैड सिग्नल देना शुरू कर दिया था मतलब साफ है कि जो उच्च तकनीकी से निगरानी की जा रही है उसको भी देखने वाला कोई नहीं है


अपनी गलती छुपाने बाघों की डेंसिटी ज्यादा होना बताने की तकनीकी कोशिश
पन्ना टाइगर रिजर्व का लापरवाह प्रबंधन अब अपने आप को बचाने के लिए कोर जोन एरिया में बाघों की संख्या ज्यादा बता रहा है मुद्दे को तकनीकी बातों में उलझाने की कोशिश है क्योंकि पन्ना टाइगर रिजर्व का कुल एरिया 543 वर्ग किलोमीटर है और पूरे बाघ इसी में होने की बताने कोशिश की जा रही है जबकि इसके पहले जब टाइगर कम हुए थे तो कहा जा रहा था कि कोर जोन एरिया को छोड़कर पन्ना लैंडस्केप के बाहर टाइगर चले गए प्रबंधन इस बात को छुपा रहा है कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया के अलावा 100 वर्ग किलोमीटर की ग सेंचुरी किन घड़ियाल सेंचुरी के साथ ही 925 वर्ग किलोमीटर का बफर जोन भी इसी टाइगर रिजर्व से लगा है इसके अलावा पन्ना लैंडस्केप में बाघों के अच्छे रह वास और सुरक्षित जंगल हैं जहां बाघ रह सकते हैं प्रेस नोट में प्रबंधन ने अपनी गलती छुपाने बाघों की संख्या ज्यादा बता दी जिससे यह सिद्ध है कि जानबूझकर बड़ी लापरवाही की जा रही है

अधिकारियों के घरों में बर्तन झाड़ू पोछा करते हैं टाइगर पार्टी के कर्मचारी

पन्ना टाइगर रिजर्व में जिन बाघो के गले में रेडियो कॉलर लगाए गए हैं उनके साथ 24 घंटे पेट्रोलिंग पार्टी चलती है और उनका सिग्नल लेकर हर गतिविधि का अध्यन किया जाता है लेकिन रामपुरा में जो बाघिन मरी मिली थी उसके साथ पेट्रोलिंग पार्टी ही नहीं थी तभी तो उसकी लाश सड़ गई जानकार बताते हैं कि पेट्रोलिंग पार्टी में काम करने वाले कर्मचारी अधिकारियों के घरों में झाड़ू पोछा और बर्तन धुल रहे हैं एक एक अधिकारी अपने घरों में 5-5 कर्मचारी लगाए हुए हैं इनकी ड्यूटी पेट्रोलिंग पार्टी में होती है और सभी अधिकारियों की घरों में झाड़ू पोछा और बर्तन भूलने का काम कर रहे जिम्मेदार लोगों को इस पर भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए जितने भी कर्मचारी लगे हुए हैं सभी की उपस्थिति मोबाइल के माध्यम से कॉल कर या मिस्ड कर लगाई जानी चाहिए जिससे कहीं से वेतन निकलना और किसी के घर में नौकर का काम करने का खेल बंद हो जाएगा

2009 में हो गया था बाघ विहीन

पन्ना में कभी 30 बाघ हुआ करते थे इसके बाद टाइगर रिजर्व की में लापरवाही हुई और सभी बाघ मारे गए और 2009 में बाघ बिहीन हो गया इसके बाद 5 नर और मादा टाईगरो को लाकर यहां छोड़ा गया और पुनः बाघ बसाने की सफल कोशिश हुई अब बाघों की संख्या 50 से अधिक हो गई है लेकिन जिस तरह से लगातार बाघ मर रहे हैं और अधिकारी अपने वातानुकूलित आवासों में सुरक्षित बैठे कोरोना से बचने की कोशिश कर रहे हैं ऐसे में लग रहा है कि यह बड़ी गंभीर लापरवाही हो सकती है और बाघो के जीवन को खतरा पैदा हो सकता है परिस्थितियों को देखकर लगने लगा है कि ऐसा तो नहीं पन्ना टाइगर रिजर्व फिर 2009 की ओर चल पड़ा हो

बाघ की मौत ,,

कहीं 2009 की और तो नहीं चल पड़ा पन्ना

इसके पहले इसी तरह सड़ी गली अवस्था में मिली थी एक ब्रीडिंग टाइगर

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत हो गई है प्रबंधन को गहरी घाट रेंज के मझौली में झाड़ियों में सड़ा गला शव मिला जिस से हड़कंप मच गया टाइगर रिजर्व की कोर एरिया में एक माह के अंदर यह दूसरी बाघ की मौत है इससे पहले एक ब्रीडिंग मादा टाइगर की मौत हुई थी
करीब 5 वर्ष के इस बाघ का शव जब मिला तत्काल फील्ड डायरेक्टर k.s. भदौरिया और वन्य प्राणी चिकित्सक संजीव गुप्ता को सूचना दी गई छत विच्छेद अवस्था में टाइगर के शव को बरामद कर नियमानुसार पंचनामा कराया गया लेकिन पूरा शरीर सड़ गया था इसके बाद सभी अंगों को एकत्र कर नियमानुसार जलाकर नष्ट कर दिया गया चिंता इस बात की है 4 से 6 दिन पूर्व बाघ की मौत हो गई पर किसी भी मैदानी अमले को पता भी नहीं चला इस तरह का बाघों का मरना गंभीर चिंता का विषय है

हालांकि हमेशा की तरह टाइगर रिजर्व प्रबंधन इसे आपसी संघर्ष में मौत होना बताने का प्रयास कर रहा है यदि आपस में भी लड़कर मरे हैं तो उनकी मौत की जानकारी तत्काल प्रबंधन क्यों क्यों नहीं लगती या सभी लोग अपना दामन बचाने के लिए एक ही तरह का तकिया कलाम शब्द का उपयोग कर लेते हैं जिसकी वैधानिक प्रमाणिकता सिद्ध करना काफी कठिन होता है

ज्ञात हो कि 2009 में पन्ना टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था 5 नर और मादा बाघ पन्ना में लाकर छोड़े गए जिसकी संख्या बढ़कर 50 से अधिक हो गई है पर अब उसी तरह फिर बाघों की मौत हो रही जो चिंता का विषय है

पन्ना पुलिस की सक्रियता के चलते सिमरिया एटीएम ब्लास्ट कांड का 1 सप्ताह के अंदर हुआ खुलासा

आईजी सागर अनिल शर्मा द्वारा पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, छतरपुर डीआईजी दमोह डी आई जी की उपस्थिति में आयोजित हुई कान्फ्रेंसो

दोनों जिलों की पुलिस को आई जी सागर द्वारा दी गई बधाई

एटीएम ब्लास्ट कर माप चोरी करने वाले घटनाक्रम का पर्दाफाश

(शिवकुमार त्रिपाठी)
घटना का संक्षिप्त विवरण, दिनांक 6.3.2020 को लगभग रात्रि 9.00 बजे से 9.40 बजे के मध्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ग्राम देवदोगरा थाना पटेरा के एसबीआई एटीएम में निवास करने वाले व्यक्ति द्वारा 5 लाख। 96 हजार रुपए चोरी करने वाले फरार हो गए थे।

जिस पर से थाना पटेरा में अप o क्र 0 51/20 धारा 457.380, 481,427 ताहि 3/5 विवेक वि.प. हासिल कर लिया। , 3/5 सार्वजनिक संपत्ति अर्जित 0 1984 का कायम कर विवेचना में लिया गया था।

थाना गैसाबाद के ग्राम हिनौताकला में दिनांक 17.5.2020 की रात्रि 09.05 बजे एसबीआई बैंक के एटीएम में विस्फोट कर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लोगों को 20 लाख 32 हजार 500 रुपये के बारे में फरार हो गए थे।*

जिस पर से थाना गैसाबाद में अप ० क्र ० १४५/२० धारा ४५80,३46०,४६१,४२ ता ताहि ३/५ विवेक वि.पा. अधि .. 3/5 सार्वजनिक संपत्ति अधिक 1984 कायम कर विवेचना में लिया गया। दिनांक 19.7.2020 को थाना सिमरिया जिला पन्ना क्षेत्रान्तर्गत अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एसबीआई अटम में बलास्ट का लगभग 23 लाख रूपये लूट कर ले गये थे जिस पर से थाना सिमरिया में अप ० क्र 0 334-20 धारा 394 ताहि का प्रतिच्छेद किया गया है। घटना की शुद्धता को देखते हुए अज्ञात आरोपियो की पतरसी पर पुलिस महानिरीक्षक सागर रेंज सागर द्वारा 30-30 हजार रूपये का इनाम उदघोषित किया गया*

अज्ञात आरोपियों की पतरसी के लिए पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन सागर द्वारा एस.आई.टी. का गठन उप पुलिस महानिरीक्षक विवेक राज छतरपुर की बढ़त में किया गया था जिसके सदस्य पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी है।*

उक्त प्रकरण की शुद्धता को देखते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन आर.एस. डेहरिया द्वारा लगातार एपिसोड की समीक्षा कर पतरसी हेतु निदेर्शित किया जा रहा था।

एसआईटी द्वारा सम्लित प्रयासों के साथ कार्य कर रही थी इसी तरह टीमों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर दविश देकर निम्नलिखित आरोपीगणो को गिर दिया गया है

पुलिस अधीक्षक दमोह हेमंत चौहान द्वारा गठित एस.आई.टी. लगातार घटना की पतरसी कर रही थी एसआईटी, दमोह को ए। टी.एम. ब्लास्ट के संदिग्ध व्यक्ति की सूचना प्राप्त हुई जिस पर से अति ० पुलिस अधीक्षक दमोह शिवकुमार सिंह द्वारा टीम गठित की गई जिसमें 1 थाना प्रभारी दमोह देहात संधीर चौधरी 2 थाना प्रभारी हटा राजेश बंजारी 3. थाना प्रभारी नोहटा सत्येन्द्र सिंह राजपूत 4. सिमरिया पुलिस उप अधीक्षक (परिवीक्षाधीन) श्री अभिषेक गौतम 5. थाना प्रभारी पटेरा उप निरीक्षण ० अभिषेक चौबे 6, थाना प्रभारी गैसाबाद उप निरीक्षण 0 संदीप दीक्षित की टीम द्वारा अलग अलग स्थानो पर दबिश दी गई*

जिसमें – गिरफ्तारशुदा आरोपीगण: 1. देवेन्द्र पटेल पिता बलीराम पटेल उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम खारी थाना दमोह देहात 2 जागे उर्फ ​​जागेश्वर पिता गुड्डा उर्फ ​​संतोष पटेल उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम खारी थाना दमोह देहात 3. छोटू उर्फ ​​बिल्लश पिता सुदामा पटेल उम्र वर्ष निवासी ग्राम खारी थाना दमोह देहात 4. जयराम पिता मुन्ना लाल पटेल आयु 32 वर्ष निवासी खारी थाना दमोह देहात 5. राकेश पिता गनेश पटेल उम्र 24 वर्ष निवासी खारी थाना दमोह देहात 6. परम पिता सूरत लोधी उम्र 30 वर्ष निवासी खारी थाना दमोह देहात को गिरफ्तार किया गया।

*आरोपीगणो से सधन योग्यता में उनके द्वारा बताया गया कि – पूर्व में कारित घटना जो आरोपी द्वारा की गई: 1. नुनसर जिला जबलपुर घटना दिनांक 6.6.2019 2. बहोरीबंद जिला कटनी घटना दिनांक 25.10.2019 3. बाकल कटनी घटना दिनांक 24.11। 2019 4. मझौली जिला जबलपुर घटना दिनांक 22.1.2020 5. देवदोगरा जिला दमोह घटना दिनांक 6.3.2020 6. हिनौताकला जिला दमोह घटना दिनांक 17.5.2020 7. सिमरिया जिला पन्ना घटना दिनांक 19.7.2020 एटीएम, ब्लास्ट कर रुपया लूट / चोरी करना भर्ती कराया गया।

*तरीका - ए - वरदात: -

*आरोपीगण देखते थे कि कैश वेन किस ओर एटीएम में कैश डालने जा रहा है जिसका रेकी आरोपी करले थे व अनुमान के आधार पर इस ए.टी.एम. मशीन में कैश डाला जाएगा। रात्रि में गार्ड के आने के पूर्व एटीएम कक्ष में प्रवेश कर कैश ट्रे के पास जिलेटिन राड व डेटोनेटर लगा देते थे बाद में मोटर साईकिल की बैटरी से विस्फोट कर एटीएम मशीन को चालू कर देते थे बाद में कैश लेकर फरार हो जाते थे और आपस – बराबर – बराबर रुपया बांट लेते थे। एक आरोपी देवेन्द्र उर्फ ​​बलीराम पटेल नि ० खरी सिविल इंजीनियर डिग्री धारक है और पूर्व में यूपीएससी जैसी बड़ी परी कथा दे चुकी है और निरंतर क्राईमसभा जैसे टी.व्ही पर कार्यक्रम देखने नई – नई पद्धति से अपराध करने की विधि तलाशता है इसके कब्जे से तीन लाख पचार हजार रूपय के नकली नोट व नकली नोट बनाने की सामग्री जप्त की गई।

६जप्तशुदा मशरूका:

*तीन मोटर साईकिल घटना में प्रयुक्त 1 25,57,000 / - (पच्चीस लाख सन्तावन हजार रुपए) हथियार - 02 देशी पिस्टल, 08 जिन्दा राउन्ड 02 नग मोबाईल 5। डेटोनेटर जिलेटिन राड 7 3 लाख 50 हजार रुपए (नकली नोट 500 रुपए) लेपटाप - एच.पी. कंपनी ९। कलर प्रिंटर (एप्सन कंपनी)

अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी / कर्मचारी की हुई तारीफ
– निरीक्षण 0 संधीर चौधरी, निरीक्षक अरविंद कुजुर थाना प्रभारी अजयगढ़ जिला पन्ना निरीक्षण 0 राजेश बंजारे, उप निरीक्षक। सत्येन्द्र राजपूत, उपनिदेशक अभिषेक चौबे, उपनिदेशक संदीप दीक्षित, उ.पुरा (परिमित ०) थाना प्रभारी अभिषेक गौतम, उपनिदेशक (२) ऋषभ सिंह ठाकुर उपनिदेशक सविता राजक उप निरीक्षण। विकास चौहान, उपनिरीक्षक मनोज यादव, सिद्धार्थ शर्मा थाना प्रभारी बृजपुर उप निरीक्षक अभिषेक पांडे सिविल लाइन चौकी प्रभारी जिला पन्ना उपनिरीक्षक सुधीर बेगी थाना प्रभारी धर्मपुर जिला पन्ना आरक्षक राकेश अठ्या, आर, सौरभ टंडन आर।अजित दुवे, राजेश गौर, आर। मदीवालेप्पा आर, मनीष गंधर्व, आरक्षक आईमात सेन, सर्वेंद्र व साईबर सेल पन्ना से नीरज रैकवार, धर्मेंद्र आशीष व सैनिक राकेश दुवे।*

परिंदों का घर

नाग (सांप) से बचने कुआं और पतली डाली में बनाते हैं घोंसले

पन्ना के कई स्थानों में खूबसूरत भोंसले बने हैं

घोसला बनाने का प्राकृतिक उपहार होता है परिंदों में

(शिवकुमार त्रिपाठी)
पन्ना प्राकृतिक रूप से समृद्ध जिला है हर जगह खूबसूरत वादियां, झरने, पहाड़, जीव जंतु और परिंदे देखने को मिलते हैं प्रकृति के इन अनुपम उपहारों की मौजूदगी के कारण ही पन्ना रमणीय है पर आज एक ऐसा हुनर देखने को मिला जिसने मन प्रफुल्लित कर दिया पन्ना के वार्ड नंबर 12 रानीबाग रोड में एक स्थान पर परिंदे अपना रहवास यानी घोंसला बना रहे थे उत्सुकता हुई देखा और जब पता किया तो और भी प्राकृतिक व्यवस्था और हुनर की ओर मन पहुंच गया और महत्वपूर्ण जानकारी मिली

आज नाग पंचमी है ऐसे में इस घटना का चर्चा करना भी आवश्यक समझ रहा हूं खूबसूरत पक्षी अपने प्रजनन और बरसात में सुरक्षित रहवास के लिए घोसले बनाते हैं और इन घोसले को जो स्थान चयन करते हैं वह भी अद्भुत होता है कुछ परिंदों ने कुआं और उसकी बाजू में लगी झाड़ियों की पतली डालियों पर बहुत से घोसले बना रखे हैं और लगातार घोसलो का निर्माण भी कर रहे तभी एक प्रत्यक्षदर्शी किसान ने बताया कि यह परिंदे इसलिए कुएं में घोंसला बनाते हैं कि वह नाग यानी सांप से बच सकें और पतली डाली का इसलिए उपयोग करते हैं क्योंकि कई बार यह सांप इनके घोंसले पर पहुंचकर बच्चे और इनके अंडों को निवाला बना लेते हैं इसलिए जब पतली डाली में इनका घोंसला लटक रहा होता है और सांप यहां चढ़ने की कोशिश करता है तो डाली नीचे झुक जाती है और कई बार सांप भी कुएं में गिर जाता है


इस तरह उनके यह बच्चे और अंडे सुरक्षित रह जाते हैं यह परिंदे अपनी सोच के माध्यम से सांसो से यह खूबसूरत घोंसले बनाते हैं चिड़िया ऐसा निर्माण करती है की बरसात का पानी भी इन घोंसले। क़े अंदर नहीं आता है इनके बच्चे और अंडे हमेशा सुरक्षित बने रहते हैं ऐसे ही अपने घर का निर्माण करती हुई चिड़ियों का वीडियो भी बनाया और यह सब देखकर लगा कि आखिर वेजुवान परिंदे अपनी चोंच से कितनी खूबसूरती और सुरक्षित घोंसला बनाते हैं घास के यह घोंसले वास्तव में किसी अच्छे आर्किटेक्ट से कम नहीं होते

घोंसला

घोंसला एक प्राणी विशेष तौर पर एक पक्षी का शरण स्थल है जहां पर यह अंडे देते हैं, रहते हैं और अपनी संतानो को पालते हैं। एक घोंसला आमतौर पर कार्बनिक सामग्री जैसे टहनी, घास और पत्ती; आदि से बना होता है पर, कभी कभी यह जमीन में एक गड्ढा़, पेड़ का कोटर, चट्टान या इमारत में छेद के रूप मे भी हो सकता है। मानव निर्मित धागे, प्लास्टिक, कपड़े, बाल या कागज जैसे पदार्थों का इस्तेमाल भी प्राणी घोंसला बनाने मे करते हैं।
आमतौर पर प्रत्येक प्रजाति के घोंसले की एक विशिष्ट शैली होती है। घोंसलों को कई अलग अलग पर्यावासों में पाया जा सकता है। यह् मुख्यतः पक्षियों द्वारा बनाये जाते हैं पर स्तनधारी जन्तु(जैसे गिलहरी), मछली, कीट और सरीसृप भी घोंसलों का निर्माण करते हैं।

चिंता की बात


प्रकृति की सबसे खूबसूरत सौगात पर्यावरण का जिस प्रकार हमने अपनी जरूरतों की खातिर क्रूरता से दोहन किया है। उससे उत्पन्न हुए और हो रहे खतरों की फेहरिस्त बड़ी लंबी हो गई है। पर्यावरण पर इंसानी क्रूर प्रहार और दोहन की वजह से परिंदों का बसेरा भी अब छिन गया है। पक्षियों की कई खूबसूरत प्रजातियां अब नजर नहीं आती और पर्यावरण के दोहन से हमने उनके विलुप्त होने की बुनियाद रख दी है। जाहिर सी बात है शहरीकरण और कटते जंगल इसके जिम्मेदार कारकों में सबसे एक है पर पन्ना में जिस तरह आज भी परिंदे जगह-जगह घोंसले बना रहे हैं और पक्षियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है यह सुकून देने वाली बात है पर्यावरण की रक्षा और जंगली जानवरों की रक्षा के साथ ही इंसानी संसार को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और यह पक्षी एक सीख भी देखते हैं कि आखिर विषम परिस्थितियों में कैसे अपने आप को बचाया और सुरक्षित रखा जा सकता है

पर्यावरण की रक्षा नहीं की तो

हर बच्चा अपने बड़ों से यही सवाल पूछता दिखेगा की पापा यह जुगनू कहां होता है। जंगलों में दहाड़ मारनेवाले शेर कहां चले गये, कोयल क्यों नहीं कूकती या फिर मेंढक की टर्र-टर्र अब क्यों नहीं फिजाओं में गूंजती। लेकिन हम और हमारे बाद के लोग शायद जवाब देने के बजाय उनकी तस्वीरों को कोरे कागज पर उकेरने के अलावा और कुछ नहीं कर पाएंगे।

शनिवार और रविवार को पूरे जिले में संपूर्ण लॉकडाउन

आपदा प्रबंधन की बैठक में लिया गया फैसला

मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में तय की गई शर्तें

(शिवकुमार त्रिपाठी)
पन्ना में बढ़ते कोरोना के मरीजों को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन की बैठक में जो फैसले लिए गए हैं वह अब जिले को संपूर्ण लॉकडाउन की ओर ले जा रहा है आज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय पन्ना में हुई बैठक के बाद फैसला लिया गया है कि अब रविवार के अलावा शनिवार को भी संपूर्ण लाकडाउन रहेगा इस दिन किसी को भी कहीं आने जाने की अनुमति नहीं होगी भोपाल में जो संपूर्ण लॉकडाउन हुआ है उसी तरह की शर्तें पन्ना में भी रखी गई है O
तय किया गया है कि पूरा बाजार बंद रहेगा और जो व्यक्ति मास्क लगाकर नहीं निकलते हैं उनके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी यानी घरों से बाहर निकलने के लिए मास्क अनिवार्य कर दिए गए हैं इसके अलावा तय किया गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से कराया जाए किसी भी व्यक्ति को इस में लापरवाही नहीं करने दी जाएगी

भले ही सरकार ने सभी गतिविधियां खोल दी हो लेकिन जिस तरीके से कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं वह चिंता का विषय है इस कारण जिला प्रशासन ने कोरोना लगातार हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर यह फैसला किया है साथ ही सभी शासकीय कार्यालय और प्राइवेट दफ्तरों में आधे कर्मचारियों से काम करने का भी फैसला किया गया है यानी अब सभी ऑफिस और कार्यस्थल संपूर्ण कर्मचारियों के साथ नहीं चलेंगे लोगों से भी अपील की गई है कोरोना महामारी से बचने के लिए अत्यावश्यक हो तभी घरों से बाहर निकले घरों पर ही रहे

मंत्री खनिज साधन एवं श्रम की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

बैठक में कोरोना संबंधी शासन के नियमों पर सभी ने सहमति जताई

/प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम के लिए शासन द्वारा दिए गए निर्देशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि आगामी आने वाले त्यौहारों पर कोई भी झांकी, जुलूस, शोभायात्रा, मूर्ति बैठाने आदि का कार्यक्रम आयोजित नही किया जाएगा। शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के संबंध में समिति के सभी सदस्यों द्वारा सहमति जताई गयी।

मंत्री श्री सिंह ने समिति के सदस्यों से आग्रह करते हुए कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए हम सभी को भारत सरकार, राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा जनहित के जो भी फैसले लिए जाते हैं उन्हें सहर्ष स्वीकार करना चाहिए। कोरोना महामारी से आज पूरी दुनिया जूझ रही है। हमें भी स्वयं तथा मानव समाज की सुरक्षा के लिए अनिवार्य रूप से शासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। सम्पन्न हुई बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बालागुरू के, के साथ संबंधित अधिकारी, विभिन्न धर्म सम्प्रदायों के प्रतिनिधि, व्यापार मंडल पदाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।