पन्ना शहर में पहला कोरोना मरीज मिला,,, जिले में आज 2 पॉजिटिव मिलने से हड़कंप,, घबराएं नहीं -CMHO
पन्ना शहर में पहला कोरोना मरीज मिला,,, जिले में आज 2 पॉजिटिव मिलने से हड़कंपपन्ना शहर के धाम मोहल्ला स्थित पूराबियाना में 19 वर्षीय युवक संक्रमित
श्यामगिरी में 22 वर्ष के युवक को हुआ कोरोना
दोनों गुजरात से आए थे
24 और 25 तारीख को भेजे गए थे सैंपल
एक पवई के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती
डॉक्टर LK तिवारी ने की पुष्टि
पन्ना जिले में आज अचानक दो कोरोना परी पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है प्रशासन ने आनन-फानन में शहर में शक्ति करना भी शुरू कर दिया इंदु नवयुवकों के संग में पाए जाने से जिले में अब तक संक्रमण तत्वों की संख्या 6 हो गई है आज पहला दिन है जब एक साथ दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है दोनों ही युवक गुजरात से पन्ना लौटे थे और उन्हें प्रशासन ने कौरनटाइम किया हुआ था और स्वास्थ्य मैं दिक्कत के कारण इनके सैंपल सागर लैब भेजे गए थे जिसमें दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एलके तिवारी ने दो कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाने की पुष्टि की है और कहा कि 2 नए मरीज मिलने से जिले में संख्या बढ़कर 6 हो गई है जिसमें 2 लोग ठीक हो कर घर चले गए हैं हमारे जिले में 500 बेड मरीजों के लिए सुरक्षित है जिला चिकित्सालय में 100 से अधिक मरीज भर्ती किए जा सकते हैं स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर नर्स की भर्ती कर रहा है जो 1 तारीख तक 40 से 50 लोगों का अतिरिक्त स्टाफ भर्ती हो जाएगा एलके तिवारी ने यह भी कहा कि इन 2 मरीजों के पांच के पाए जाने से घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि गंभीर बीमारी के इलाज के लिए भी हमारे पास व्यवस्था है हमने सागर मेडिकल कॉलेज में भी 25 आईसीयू बेड रिजर्व करा रखे हैं हम इस संकट से अच्छी तरीके से निपट सकेंगे

पन्ना शहर में बनेगा कंटेनमेंट जोन
पन्ना शहर अब तक करोना से अछूता ही रहा है आसपास भले ही मरीज मिले हैं लेकिन पन्ना में तमाम प्रवासी लोगों के आने के बावजूद यहां कोई मरीज नहीं पाया गया था जिससे सभी लोग सकून से थे लेकिन जिस तरह से आज करोना पॉजिटिव मिला है इस कारण से लोगों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है प्रशासन ने भी शक्ति करना शुरू कर दिया है क्योंकि दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो रहा है शहर में जो क्यूस बैंक खुले हुए हैं उनमें तो सुबह से ही भारी भीड़ इकट्ठी हो जाती है किराना के अलावा खाने-पीने की दुकानों में लोग सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह किए बगैर निर्भीक होकर अपने क्रियाकलापों को अंजाम दे रहे हैं जो खतरनाक हो सकता है अब जबकि शहर में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल गया है इसलिए सभी को एक बार अपनी आदतों में सुधार करते हुए शोषण डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य करना चाहिए यदि प्रशासन की सलाह के बावजूद लोगों ने अपनी आदतों में सुधार नहीं किया तो इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं
कानपुर सीट के सामने यानी प्रकाश मोटर पार्ट्स की पीछे और धाम मोहल्ले के पूरा इलाके को कंटेनमेंट जोन बनाकर कर्फ्यू लगाने के प्रयास प्रशासन में शुरू कर दिए हैं एसडीएम तहसीलदार और पुलिस की गाड़ियां पहुंच गई हैं सभी दुकानें बंद करा दी गई है और प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया
कल्दा श्याम गिरी पठार में कोरोना पार्टी मिलना चिंता का विषय
कल्दा- श्यामगिरी जैसी दूरस्थ ग्रामीण अंचल में जहां सामान्यतः आम लोगों का आना जाना नहीं होता है अधिकांश आदिवासी लोग रहते हैं एक तरह से पूरा इलाका ही सोशल डिस्टेंसिंग में रहता है ऐसी इलाके में यह मरीज मिला है गंभीर चिंता का बिषय है क्योंकि कल्दा-श्यामगिरी के पठार में बहुत कम लोग ही जाते हैं और इस इलाके में इलाज आवागमन और तमाम तरह की सुविधाओं का भारी अभाव है ऐसे में इस इलाके में कोरोना का मिलना लोगों की नींद उड़ा देने वाला है हालांकि इस इलाके में आदिवासी जागरूक है और उन्होंने अपने गांव में अपरिचित लोगों का प्रवेश बंद किया हुआ है फिर भी यहां कोरोना की दस्तक लोगों को परेशान करने वाली है
स्वास्थ्य विभाग का प्रेस नोट
दिनाक 29 मई कोरोना ब्रीफिंग
आज अभी 2 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मरीज मिले है।
1) एक पन्ना नगर के धाम मोहल्ला से एक युवक है को गुजरात से आया है 2) एक पन्ना के ग्राम श्यामगीरी का है कोरोना पोसिटिव मरीज ये भी गुजरात से आया था
दोनों लक्षण के आधार पर कोविड केअर सेंटर मे आये गए थे जिनकी आज पॉजिटिव रिपोर्ट आई है।
दोनों के प्राथमिक संपर्क के लोगो की पूछताछ की जा रही है और उनको आइसोलेट किया का रहा है।
CMHO Panna
गांव-गांव बीच रही अवैध शराब पर लगेगा अंकुश
टोल फ्री नम्बर-7587634100
जानकारी रखी जाती है गुप्त
जिला से विशेष दल पहुंच कर करता है कार्यवाही
इससे पहले जुए पर कार्यवाही हुई थी
सिमरिया में तीन और कोतवाली में दो स्थानों पर हुई कार्यवाही
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना जिले में लंबे समय से गांव-गांव अवैध शराब बिक रही है और लॉक डाउन के दौरान तो महुआ महारानी ने गजब ही कर दिया हर गांव में देसी शराब बनाकर गैलन में घर-घर बेची जा रही थी इसकी सूचना लगने पर पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने कड़ी कार्यवाही शुरू की है इसके लिए एक टोल फ्री नंबर रखा गया है जिस पर सूचना मिलते ही जिले का विशेष दल छापामार कार्यवाही करता है जिसके परिणाम सामने आने लगे हैं और उम्मीद की जा रही है कि जिस तरह से यह छापामार कार्यवाही हो रही है उसके और परिणाम अच्छे आएंगे और गांव-गांव बिक रही अवैध शराब पर अंकुश लगेगा
ज्ञात हो कि लाकडाउन के दौरान शराब दुकान विक्रेताओं ने अवैध शराब माफियाओं के साथ मिलकर जमकर लूट मचाई है और पीने वालों ने 4 गुने दाम देकर शराब पी और सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ अब पन्ना पुलिस ने जिस तरह से विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही शुरू की है उससे अवैध शराब बेचने वालों में हड़कंप मच गया है उल्लेखनीय है कि इससे पहले पन्ना एसपी मयंक अवस्थी ने जुएं और गांजे की खेती को पकड़ने के लिए भी जिले से टीम भेजी थी और अच्छी कार्यवाही की थी वैसी ही कार्यवाही अब शुरू हो गई है

*पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा जारी टोल फ्री नम्बर-7587634100 में सूचना मिलने पर अवैध शराब बिक्रेताओ के विरूद्ध जिला स्तर पर गठित पुलिस टीम द्वारा की गई कार्यवाही*
पन्ना जिले में लगातार अवैध रूप से शराब बिक्री की सूचनाये प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा पन्ना जिले मे अवैध शराब बिक्री की
सूचना देने के लिये *टोल फ्री नम्बर 7587634100* जारी किया गया था उक्त नम्बर पर कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले व्यक्तियो की सूचना दे सकता है सूचना देने वाले व्यक्ति की जानकारी गोपनीय रखी जाती है
प्राप्त सूचनाओ पर कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी के निर्देशन में अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले व्यक्तियो के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु परि0 उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक गौतम के नेतृत्व में जिला स्तर पर पुलिस टीम का गठन किया गया है उक्त पुलिस टीम द्वारा पन्ना जिले में अलग अलग जगहों से सूचना प्राप्त होने पर कार्यवाहियाँ की जा रही हैं। जिसमें अभी तक पुलिस टीम द्वारा अलग अलग थाना क्षेत्रो मे कार्यवाहियाँ की गई जिसमे पुलिस टीम द्वारा की गई कार्यवाहियों का विवरण

*1. थाना सिमरिया में आरोपी प्रमोद पिता नत्थू यादव निवासी महोड खुर्द थाना सिमरिया के विरूद्ध अप0क्र0 213/2020 धारा – 34 आबकारी एक्ट का कायम किया जाकर 49 क्वार्टर देशी प्लेन मदिरा शराब कीमती लगभग 3430 रूपये की जप्त की गई ।*
*2. थाना सिमरिया में आरोपी बीर सिंह यादव निवासी हरदुआ सिमरिया एवं आरोपी ठेकेदार गुड्डा राय पिता मुकन्दी राय ग्राम ऊँचा थाना सिमरिया के विरूद्ध अप0क्र0 241/2020 धारा – 34,42 आबकारी एक्ट का कायम किया जाकर 36 क्वार्टर देशी प्लेन मदिरा शराब, 08 क्वार्टर मसाला शराब, 05 क्वार्टर गोवा व्हिसकी, 23 क्वार्टर आई.बी. व्हीस्की, 08 क्वार्टर मैक डाबल, 18 बोतल किंगफिशर बीयर एवं 12 बोतल हंटर बीयर कीमती लगभग 16900 रूपये की जप्त की गई ।*
*3. थाना सिमरिया में आरोपी गोविन्द पिता बृजमोहन बेडिया , राजकुमार पिता शिवचरन बेडिया , रामचन्द्र रैकवार पिता राम मिलन रैकवार , बबलू उर्फ देशराज बेडिया निवासी ग्राम खेरी थाना सिमरिया के विरूद्ध प्रकरण कायम किया जाकर कुल 54 लीटर शराब कीमती लगभग 5400 रूपये की जप्त की गई ।*
*4. थाना कोतवाली में आरोपी मुकेश साहू पिता गंगाप्रसाद साहू निवासी गल्ला मण्डी पन्ना के विरूद्ध अप0क्र0 391/2020 धारा – 34 आबकारी एक्ट का कायम किया जाकर 90 क्वार्टर अंग्रेजी गोवा शराब कीमती लगभग 9000 रूपये की जप्त की गई ।*
*5. थाना कोतवाली में अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलने पर आरोपी श्यामसुन्दर निवासी गांधीग्राम पन्ना के विरूद्ध अप0क्र0 411/2020 धारा – 34 आबकारी एक्ट का कायम किया जाकर 01 पेटी बीयर एवं 50 देशी क्वार्टर शराब कीमती लगभग रूपये की जप्त की गई ।*
उक्त कार्यवाही में परि0 उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक गौतम , धर्मेन्द्र साहू, मांगीलाल, राजभुवन , राहुल सिंह, पवन शर्मा, धर्मेन्द्र प्रजापति, मोनिका पांडे, पायल शिवहरे का सराहनीय योगदान रहा है पन्ना पुलिस अधीक्षक द्वारा उक्त पुलिस टीम की प्रशंसा की गई । भविष्य में भी पुलिस टीम द्वारा *टोलफ्री नम्बर 7587634100* पर सूचना प्राप्त होने पर कार्यवाहियाँ की जाती रहेंगी ।
दिल्ली से आया था 24 वर्षीय युवक
पहले से ही जिला चिकित्सालय में आइसोलेट है मरीज
सैंपल की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
डॉक्टर L K तिवारी ने की पुष्टि
प्राइमरी कांट्रैक्ट का पता लगाना शुरू किया

(शिवकुमार त्रिपाठी)
पन्ना जिले में कोरोना रुकने का नाम नहीं ले रहा है आज फिर एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है इस 24 वर्षीय युवक को मिलाकर जिले में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 4 हो गई है इस चौथे मरीज के मिलने के साथ ही बरबसपुर में स्वास्थ्य विभाग का अमला पहुंच गया एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अमला बरबसपुर गांव पहुंच रहा है और पूरे गांव को सीज कर इस मरीज के प्रथम संपर्क में आए व्यक्तियों की हिस्ट्री निकालना शुरू कर दिया हालांकि यह युवक पहले से ही जिला चिकित्सालय में आइसोलेट था इससे बहुत अधिक लोगों तक कोरोना फैलने की संभावना कम है फिर भी जिस तरह से चौथा पाठ के मरीज मिला है इससे हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने पहले ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को बरबस पूरा गांव पहुंचाया और इसके बाद बड़ी टीम वैधानिक कार्यवाही के लिए पहुंच रही है

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एल के तिवारी ने कहा कि इस मरीज के मिलने के साथ हम लोग और अधिक अलर्ट हो गए हैं पर इससे किसी को घबराने और परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह मरीज पहले से ही हमारी कस्टडी में है और हमने रिपोर्ट आने के बाद प्रथम संपर्क के व्यक्तियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है एलके तिवारी ने सभी लोगों से अपील की है कि कोरोना को यदि पन्ना में बढ़ने से रोकता है तो सावधानी बरतें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें बार बार हाथ साबुन से धोएं और सैनिटाइजर का उपयोग करें साथ ही डॉ एनके तिवारी ने कहा की स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह तैयार है पर आम लोगों से इस संक्रमण को रोकने के लिए एक दूसरे से बचकर और सोशल डिस्टेंस के पालन की हम लोग उम्मीद करते हैं
कोरोना वार्ड में गूंज रहे हैं वैदिक मंत्र
पन्ना जिला चिकित्सालय के कोरोना आइसोलेशन सेंटर में पहले से जो दो पॉजिटिव मरीज भर्ती है वह वैदिक कर्मकांड के पंडित हैं लिहाजा सुबह से ही योग, स्नान , ध्यान और पूजा पाठ करने के बाद दोनों वैदिक मंत्रों का पाठ करते हैं इन वैदिक मंत्रों की गूंज आसपास सुनाई देती है जो जानकारी प्राप्त हुई है उसके अनुसार यह दोनों अनुष्ठान कर्मकांड ई पंडित पाठ कर अपना आत्मबल मजबूत किए हुए हैं दोनों में कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे सुबह से योग और पूजा पाठ के बाद जिस तरह से वैदिक मंत्रों का पाठ कर रहे हैं उम्मीद है शीघ्र दोनों लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ होकर घर पहुंचेंगे हालांकि इन दोनों में अब तक कोई लक्षण नहीं है इस कारण शीघ्र ही इन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है
जबकि इसके पहले जो पहला कोरोना पास के मरीज मिला था वह पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर पहुंच गया है
खजुराहो सांसद बीडी शर्मा ने दी बधाई
छत्रसाल अद्भुत पराक्रमी योद्धा - बृजेंद्र प्रताप सिंह
महाराज छत्रसाल का चरित्र अनुकरणीय,, बुंदेलखंड की सुरक्षा के हिमायती थे महाराजा :- धीरेंद्र सिंह परमार
(शिवकुमार त्रिपाठी)
बुंदेल केशरी महाराजा छत्रसाल की जयंती पर पन्ना के छत्रसाल पार्क में उन्हें याद कर पुष्पांजलि अर्पित की गई पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ प्रणामी समाज के लोगों ने पहुंच कर महाराजा बुंदेल केसरी छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दीप जलाकर आरती उतारी, समाज के चुनिंदा लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आज जयंती मनाई पूरा बुंदेलखंड आज अद्भुत पराक्रमी योद्धा को याद कर रहा है खजुराहो से सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने छत्रसाल जयंती पर सभी को बधाई दी है और उन्होंने छत्रसाल को याद करते हुए कहा बुंदेलखंड को बचाने में महाराजा छत्रसाल का सबसे बड़ा योगदान था उनका जीवन हम सबके लिए मार्गदर्शन है

इस बीच पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाराजा छत्रसाल अद्भुत पराक्रमी योद्धा थे और उनके राज्य में हर व्यक्ति सुरक्षित था जब भी संकट आया उन्होंने पूरे बुंदेलखंड को अपने पराक्रम से सुरक्षित किया
मध्य प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता धीरेंद्र सिंह परमार ने भी महाराजा छत्रसाल को याद किया और कहा की महाराजा छत्रसाल का चरित्र अनुकरणीय है क्षत्रिय समाज ही नहीं सभी समाज के लोग महाराजा छत्रसाल को याद करते हैं उन्होंने कहा की छत्रसाल जी जिस प्रसिद्धि के हकदार थे उनका इतिहास इस देश में प्रचारित नहीं किया गया लेकिन बुंदेलखंड के हर व्यक्ति की आत्मा महाराजा छत्रसाल के लिए धड़कती है
पुरानी समाज के लोगों ने पहुंचकर महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा विवाद माल्यार्पण किया और उनकी वीरता और प्रसिद्धि को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भाजपा नेता विनोद तिवारी , वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रणामी समाज के लक्ष्मीकांत शर्मा सहित प्रमुख लोग मौजूद रहे
छत्रसाल का परिचय और पराक्रम
महाराजा छत्रसाल की वीरता, चातुर्यपूर्ण नीति और कौशल का कोई सानी नहीं था। जिसके बल पर उन्होंने अनेक बार मुगल शासकों को हार का स्वाद चखाया। युद्ध में उनका मुकाबला करने से पहले 100 बार सोचना पड़ता था।
परिवार से मिला प्रोत्साहन
बुंदेलखंड के शिवाजी के नाम से प्रख्यात छत्रसाल का जन्म ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया (3) संवत 1706 विक्रमी तदनुसार दिनांक 17 जून 1648 ईस्वी को पहाड़ी ग्राम में हुआ था। उनके पिता का नाम चम्पराय और मां का नाम लालकुंवरी था। उनके पिता भी चम्पतराय वीर व बहादुर थे। चम्पतराय के साथ युद्ध में लालकुंवरी भी साथ रहती। इस दौरान पति का युद्ध क्षेत्र में उत्साहवर्धन करती। तब छत्रसाल अपनी मां के गर्भ में थे। मां लालकुंवरी की शिक्षा ने छत्रसाल को बहादुर और युद्ध कौशल में निपुण बनाया।
दस वर्ष की आयु में बन गए थे कुशल सैनिक
छत्रसाल अस्त्र-शस्त्र और युद्ध कला की शिक्षा मामा के यहां मिली। महज दस वर्ष की आयु में ही छत्रसाल कुशल सैनिक बन गए थे। 16 वर्ष की आयु में छत्रसाल को माता-पिता से दूर होना पड़ा। उनकी जागीर छिन गई। लेकिन विषम परिस्थिति और कम आयु के बाद भी छत्रसाल ने विवेक और धैर्य से काम लिया। अपनी मां के गहने बेंचे। एक छोटी सी सेना बनाई। दुश्मनों से छोटे-छोटे युद्ध लड़ते अपना रास्ता तैयार करते रहे। फिर छोटी-छोटी रियासतों को वीरता पूर्वक जीता। धीरे-धीरे अपने राज्य की सीमा का विस्तार करते रहे। एक समय ऐसा भी आया जब छत्रसाल की युद्ध और सैन्य संचालन की कुशल नीति के आगे औरंगजेब की सेना को भी हार माननी पड़ी।
स्नेह के बल पर जीता जनता का विश्वास
छत्रसाल ने स्नेह के बल पर बुंदेलखण्ड की प्रजा से विश्वास जीता। छत्रसाल सभा में विद्वानों को सम्मानित करते थे। बुंदेलखण्ड का छतरपुर नगर महाराजा छत्रसाल का बसाया है। छत्रसाल की राजधानी महोबा थी। महाराजा छत्रसाल की 83 वर्ष की आयु में 14 दिसंबर 1731 ईस्वी को मृत्यु हुई।

छत्रसाल का राज्य
इत यमुना उत नर्मदा इत चंबल उत टोंस ।
छत्रसाल सों लरन की रही न काहू हौंस॥
छत्रसाल बुन्देला अपने समय के महान शूरवीर, संगठक, कुशल और प्रतापी राजा थे। छत्रसाल बुन्देला को अपने जीवन की संध्या में भी आक्रमणों से जूझना पडा। 1729 में सम्राट मुहम्मद शाह के शासन काल में प्रयाग के सूबेदार बंगस ने छत्रसाल पर आक्रमण किया। उसकी इच्छा एरच, कोंच(जालौन), सेवड़ा, सोपरी, जालौन पर अधिकार कर लेने की थी। छत्रसाल को मुग़लों से लड़ने में दतिया, सेवड़ा के राजाओं ने सहयोग नहीं दिया। तब छत्रसाल बुन्देला ने बाजीराव पेशवा को संदेश भेजा –
जो गति मई गजेन्द्र की सोगति पहुंची आय
बाजी जात बुन्देल की राखो बाजीराव
बाजीराव सेना सहित सहायता के लिये पहुंचा । क्षत्रसाल और बाजीराव ने बंगस को 30 मार्च 1729 को पराजित कर दिया। बंगस हार कर वापिस लौट गया।
पूरे बुंदेलखंड में महाराजा छत्रसाल की दंतकथा हर व्यक्ति की जुबान में रहती हैं
चांद दिखा जमकर हुई आतिशबाजीकल मनाया जाएगा ईद का त्योहार
घर पर ही पढ़ी जाएगी नवाज
थानों में हुई शांति समिति की बैठकों के बाद फैसला
सोशल डिस्टेंसिंग और लॉक डाउन का पालन
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना में ईद का चांद दिखते ही मुस्लिम समाज के लोगों ने शहर में जमकर आतिशबाजी की और एक दूसरे को मुबारकबाद देना शुरू कर दिया त्यौहार में सभी लोग एक दूसरे से मिलकर मुबारकबाद तो देते ही हैं घर-घर मीठी सेमैया बनाई जाती है और सामूहिक रूप से ईदगाह में नमाज पढ़ी जाती थी लेकिन कोरौना के कारण इस बार रोजेदार घर में ही नमाज पढ़ेंगे लाकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के बावजूद त्यौहार में उतना ही उत्साह देखने को मिल रहा है मुस्लिम समाज के लोगों ने तय किया है कि श्रद्धा और आस्था के साथ घर में ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा करेंगे हालांकि ईद की त्यौहार में जो बाजारों में रौनक रहती थी वह इस बार गायब है पर मुस्लिम समाज के लोगों में वैसा ही उत्साह बना हुआ है जिला प्रशासन एवं पुलिस की अपील में समाज के बुद्धिजीवियों ने शांति समिति की बैठकों के बाद तय किया की लाख डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही पन्ना जिले में सभी लोग उत्साह से ईद बनाएंगे
ईद का महत्व
ईद उल फितर इस्लाम मजहब का एक पवित्र त्योहार है। रमजान माह की समाप्ति के बाद चांद को देखकर इस त्योहार को मनाने की परंपरा है। इसलिए दुनिया के अलग-अलग देशों में ईद की तारीख अलग-अलग पड़ती है। 25 तारीख को ईद मनाई जाएगी। इस्लाम मजहब के इस पर्व को मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है। मीठी ईद इसलिए क्योंकि इस पर्व में खास तरह के मीठे पकवान बनाए जाते हैं। आइए जानते हैं इस त्योहार से जुड़ी प्रमुख परंपराएं, महत्व और इतिहास।
ईद का पर्व खुशियों का त्योहार है। दरअसल इस पर्व से पहले रमजान के पाक महीने में इस्लाम मजहब को मानने वाले लोग पूरे एक माह रोजा रखते हैं। रमजान महीने में मुसलमानों को रोजा रखना अनिवार्य है। यह पर्व त्याग और अपने मजहब के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह बताता है कि इंसानियत के लिए अपनी इच्छाओं का त्याग करना चाहिए, जिससे कि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके।

ईद-उल-फितर में मीठे पकवान (खासतौर पर सेंवईं) बनते हैं। लोग आपस में गले मिलकर अपने गिले-शिकवों को दूर करते हैं। घर आए मेहमानों की विदाई कुछ उपहार देकर की जाती है। इस्लामिक धर्म का यह त्योहार भाईचारे का संदेश देता है। ईद उल फितर के दिन लोग सुबह नए कपड़े पहनकर नमाज अदा करते हुए अमन और चैन की दुआ मांगते हैं।
ईद उल फितर के मौके पर लोग खुदा का शुक्रिया इसलिए करते हैं क्योंकि अल्लाह उन्हें महीने भर उपवास पर रहने की ताकत देते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि रमजान के पवित्र महीने में दान करने से उसका फल दोगुना मिलता है। ऐसे में लोग गरीब और जरूरतमंदों के लिए कुछ रकम दान कर देते हैं।
इस्लाम की तारीख के मुताबिक ईद उल फितर की शुरुआत जंग-ए-बद्र के बाद हुई थी। दरअसल इस जंग में मुसलमानों की फतह हुई थी जिसका नेतृत्व स्वयं पैगंबर मुहम्मद साहब ने किया था। युद्ध फतह के बाद लोगों ने ईद मनाकर अपनी खुशी जाहिर की थी।
यह व्रत प्रकृति से जोड़ता है सुबह से की जा रही है पूजा
पॉलिटेक्निक, एसपी बंगले के सामने बरगद के पेड़ की हो रही पूजा
अखंड सौभाग्य की कामना से किया जाता है वट सावित्री व्रत, यह है पूजा विधि

वट सावित्री व्रत और पूजा शुक्रवार 22 मई को यानी आज सुबह से हो रही है। यह व्रत अखंड सौभाग्य की कामना से किया जाता है। यह मान्यता है कि वट वृक्ष में त्रिदेवों का वास होता है। इस कारण से पन्ना में सुबह से ही महिलाओं ने उठकर व्रत प्रारंभ कर दिया है पन्ना शहर में जहां भी वटवृक्ष है वहां महिलाएं पूजा करने पहुंच गई सुबह 6:00 बजे से ही व्रत की हुई महिलाएं इन वृक्षों की पूजा कर रही हैं वट सावित्री व्रत ऐसा व्रत है जो प्रकृति से जोड़ता है भारतीय संस्कृति वृक्षों को भी देवता मानती है यही कारण है कि पन्ना की महिलाएं सुबह से अखंड सौभाग्य के लिए पूजा कर रहे हैं
आइए इस व्रत की पूजा विधि समय कथा व मंत्र के बारे में जानते हैं।
यह सौभाग्यवती स्त्रियों का प्रमुख पर्व है। इस व्रत को करने का विधान त्रयोदशी से पूर्णिमा अथवा अमावस्या तक है। यह व्रत रखने वाली स्त्रियों का सुहाग अचल रहता है। इस व्रत में प्रातः काल स्नान के बाद बांस की टोकरी में सप्त धान भरकर ब्रह्मा जी की मूर्ति स्थापित करके, दूसरी टोकरी में सत्यवान व सावित्री की मूर्तियों की स्थापना करके वट वृक्ष के नीचे रखकर पूजा करनी चाहिए तदोपरान्त बड़ की जड़ में पानी देना चाहिए। जल,मौली,रोली,कच्चा सूत, भिगोया हुआ चना, गुड़, फूल, तथा धूप-दीप से वट वृक्ष की पूजा करनी चाहिए। जल से वट वृक्ष को सींच कर उसके तने के चारों ओर कच्चा धागा लपेटकर तीन बार परिक्रमा करनी चाहिए। भीगे हुए चनों का वायना निकालकर, उस पर रुपये रखकर सास के चरण स्पर्श कर देना चाहिए। वट तथा सावित्री की पूजा के पश्चात प्रतिदिन पान, सिंदूर तथा कुमकुम से सुवासिनी स्त्री के पूजन का विधान है। व्रत के बाद फल आदि वस्तुएं बांस के पात्र में रखकर दान करनी चाहिए। यह व्रत स्त्रियों द्वारा अखण्ड सौभाग्यवती रहने की कामना से किया जाता है। इस व्रत में प्रायः सामूहिक पूजा का विधान भी है
पुत्रान पौत्राश सौख्यमं च ग्रहणधैर्य नमोस्तुते।
इस संसार में अनेक प्रकार के वृक्ष हैं, उनमें से बरगद के वृक्ष यानि वट वृक्ष का विशेष महत्व है। वट वृक्ष दीर्घायु और अमरत्व का प्रतीक है क्योंकि इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनो का निवास होता है। इस वृक्ष के नीचे बैठकर पूजन, व्रत कथा आदि सुनने से मनोकूल फलों की प्राप्ति होती है। सुहागन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा यही समझकर करतीं हैं कि मेरे पति भी जीवन पर्यन्त वट की तरह विशाल और दीर्घायु बने रहें।
वट सावित्री व्रत का महत्व
वट सावित्री में दो शब्द हैं और इन्हीं दो शब्दों में इस व्रत का धार्मिक महत्व छिपा हुआ है। पहला शब्द ‘वट’ (बरगद) है। हिन्दू धर्म में वट वृक्ष को पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) तीनों देवों का वास होता है। इसलिए बरगद के पेड़ की आराधना करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं दूसरा शब्द सावित्री है, जो महिला सशक्तिकरण का महान प्रतीक है। पौराणिक कथाओं में सावित्री का श्रेष्ठ स्थान है। कहा जाता है कि सावित्री अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से ले आई थी। वट सावित्री व्रत में महिलाएं सावित्री के समान अपने पति की दीर्घायु की कामना तीनों देवताओं से करती हैं ताकि उनके पति को समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्राप्ति हो।
महत्त्व की कथा
पौरणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार, प्राचीन काल में भद्र देश के राजा अश्वपति अपनी पत्नी सहित संतान प्राप्ति के लिए हर रोज यज्ञ और हवन किया करते थे, जिसमें गायत्री मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी जाती थीं। उनके इस पुण्य प्राप्त से एक दिन माता गायत्री ने प्रकट होकर उन्हें मनचाहा वरदान देते हुए उन्हें पुत्री प्राप्ति का वरदान दिया. कालांतर में राजा अश्वपति के घर बेहद रूपवान कन्या का जन्म हुआ, जिसका नाम सावित्री रखा गया। जब सावित्री बड़ी हुई तो उनके लिए योग्य वर नहीं मिला तो राजा ने अपनी कन्या को अपने मंत्री के साथ स्वयं मनचाहा वर ढूढ़ने के लिए भेजा। तब सावित्री को एक दिन वन में महाराज द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान मिले। सावित्री ने मन ही मन उन्हें अपना पति मान लिया। जब वह सत्यवान को वर रूप में चुनने के बाद आईं तो उसी समय देवर्षि नारद ने सभी को बताया कि महाराज द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान की शादी के 12 वर्ष पश्चात मृत्यु हो जाएगी। इसे सुनकर राजा ने पुत्री सावित्री से किसी दूसरे वर को चुनने के लिए कहा मगर सावित्री नहीं मानी। नारदजी से सत्यवान की मृत्यु का समय ज्ञात करने के बाद वह पति व सास-ससुर के साथ जंगल में रहने लगीं। इसके बाद नारदजी के बताए समय के कुछ दिनों पूर्व से ही सावित्री ने व्रत रखना शुरू कर दिया। नारद जी के कहे अनुसार सत्यवान की मृत्यु हो गई। उस समय सावित्री अपने पति को गोदकर में लेकर बैठी थी। जब यमराज उनके पति सत्यवान को साथ लेने आए तो सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चल पड़ी। यमराज के बहुत मनाने के बाद भी सावित्री नहीं मानीं तो यमराज ने उन्हें वरदान मांगने का कहा, तब सावित्री ने अपने पहले वरदान में सास-ससुर की दिव्य ज्योति मांगी, दूसरे वरदान में छिना राज-पाट मांगा और तीसरे वरदान में सत्यवान के सौ पुत्रों की मां बनने का वरदान मांगा, जिसे यमराज ने तथास्तु कह स्वीकार कर लिया। इसके बाद भी जब सावित्री यमराज के पीछे आने लगीं तो यमराज ने कहा-हे देवी ! अब आपको क्या चाहिए ? तब सावित्री ने कहा-हे यमदेव आपने सौ पुत्रों की मां बनने का वरदान तो दे दिया, लेकिन बिना पति के मैं मां कैसे बन सकती हूं? यह सुन यमराज स्तब्ध रह गए। इसके बाद यमराज को विवश होकर सावित्री के पति सत्यवान के प्राण वापस करने पड़े। यमदेव ने चने के रूप में सत्यवान के प्राण लौटाए थे। इसलिए प्राण रूप में वटसावित्री व्रत में चने का प्रसाद अर्पित किया जाता है। तभी से वट सावित्री अमावस्या के दिन वट वृक्ष का पूजन-अर्चन करने का विधान है। इस दिन व्रत करने से सौभाग्यवती महिलाओं की मनोकामना पूर्ण होती है और उनका सौभाग्य अखंड रहता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं उपवास रखकर, विधिवत पूजन करके अपनी पति की लंबी आयु की कामना यमराज से करती है।
गुटखा खाकर सड़क पर थूकना पड़ेगा महंगा, 1000 का जुर्मानाशाम 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक कर्फ्यू जैसे हालात
बसें नहीं चलेंगी, लोगों को निजी वाहनों से करनी होगी यात्रा
ऑड इवन पूरी तरह बंद यानी लेफ्ट राइट की दुकानें एक साथ खुलेंगे
पान दुकान ठेला गुमटी सब खुलेंगे
केंद्र द्वारा बंद किए गए मॉल सिनेमा जिम मंदिर सभी बंद
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य
जिले के बाहर जाने के लिए ईपास जरूरी
जिले के अंदर बेरोकटोक आवाजाही हो सकेगी
माल और भार वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही रहेगी
कोरनटाइम किए गए लोगों की निगरानी के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग
मास्क ना लगाने पर ₹100 का जुर्माना
एसपी कलेक्टर खुद करेंगे निगरानी
खाने की चीजें पैक करा कर घर ले जाएं
पान गुटखा भी गुमटीओ में ना खाएं
खुला ज्यादा बंद कम जिला प्रशासन की मनसा
पर कोरोना संक्रमण रोकना पहली प्राथमिकता
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने आज आपदा प्रबंधन की बैठक के बाद धारा 144 का संशोधन आदेश जारी कर दिया जिसका साफ मतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा जो गाइडलाइन दी गई है उसका पूर्णता पालन करते हुए जिले में खुले का ज्यादा एहसास कराया जाएगा यानी सभी दुकाने ठेले गुमटिया बेरोकटोक खुल सकेंगी पर रात के समय पूरे जिले में कर्फ्यू लागू रहेगा जिले के बाहर आवाजाही के लिए ई पास अनिवार्य किया गया है और जो लोग बाहर से आ रहे हैं उन्हें होम कोरनटाइम करना और उनकी सतत निगरानी करना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकताओं में से है
इस तरह आज पन्ना कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने आज इसके आदेश जारी कर दिए मतलब साफ है कि जिला प्रशासन कोरोना को सख्ती से रोकना चाहता है पर आम लोगों को खुले पन का एहसास भी कराना चाहता है और जिन लोगों के काम धंधे बंद हो गए हैं वह पटरी पर आ सके इसके लिए जिला प्रशासन तैयार हो गया है और सभी केंद्र की गाइडलाइन के साथ और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दिन में जिले को पूरी तरह से खोल दिया गया है और रात में पन्ना जिला पूरी तरह से बंद रहेगा लाग डाउन भले ही धीरे-धीरे जिले में खुल गया है पर सार्वजनिक वाहन नहीं चलेंगे बसे पूरी तरह से बंद है यानी जिले के अंदर
प्रत्येक नागरिक कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपाय अपनाएं-कलेक्टर
कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा धारा 144 में आमजनता की सुविधाओं को ध्यान मेें रखते हुए संशोधन किया गया है। यह संशोधन शर्तो के साथ लागू है। किसी भी नागरिकों को संशोधन में दी गयी छूट को शर्तो के सहित उपयोग करना चाहिए। यदि शर्तो का पालन नही किया जाता तो संबंधित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कहीं पर भी अनावश्यक भीड न लगाएं, सभी तरह के सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक आयोजन में भीड जुटाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से मुंह, नाक को ठीक तरह से मास्क, तौलिया अथवा अन्य किसी साफ सुथरे कपडे से ढककर रखना चाहिए। उपयोग किए जा रहे तौलिया अथवा कपडे को प्रतिदिन धोना आवश्यक है। कहीं भी खडे होते वक्त, बैठते वक्त दुकानों पर समान खरीदते वक्त इसके अलावा अन्य लेनदेन करते वक्त आपस में 2 गज की दूरी बनाए रखें। हांथों को साफ रखने के लिए हर समय हांथों को साबुन से धोए अथवा सेनेटाइज करें। प्रतिदिन स्वच्छ जल एवं ताजा भोजन उपयोग करें। जिससे आप स्वस्थ रहें और आपके शरीर में रोकप्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। उन्होंने कहा है कि यदि जिले के समस्त नागरिक कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के उपाय अपनाता है तो पन्ना जीतेगा और कोरोना हारेगा। उन्होंने यह भी अपेक्षा की है कि सभी नागरिक आरोग्य सेतू एप अपने मोबाइलों पर डाउनलोड कर लें इसके माध्यम से स्वयं कोरोना से संबंधित संक्रमण का मूल्यांकन कर सकते हैं। यदि आप किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क आते हैं तो यह एप आपको तत्काल सूचित करेगा कि आपके पास कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति है।
बिलघाड़ी में मिला है तीसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज,दूसरे मरीज का है रिश्तेदार,, मामा और भांजे पॉजिटिव,
दिल्ली से आये थे,
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जारी किया प्रेस नोट,
बढ़ रहे मरीजों से चिंताएं बढ़ी ,
जिले में पॉजिटिव मरीज की संख्या हुई तीन
तमाम प्रयासों के बावजूद प्रवासी कामगारों का वापस आना नहीं रुक रहा है और इन दिनों तो रेड जोन एरिया से बड़ी संख्या में लोग घर लौट रहे हैं ऐसे में कोरोना के मरीजों का बढ़ना कोई नई बात नहीं है क्योंकि जिस तरह से यात्राओं के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खुला उल्लंघन हो रहा है और लोग असुरक्षित तरीके से घर लौट रहे हैं इससे यह संक्रमित बीमारी खेलना लाजमी है और कुछ दिनों से प्रशासन ने जैसे ही सैंपल ओं की संख्या बढ़ाई पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने लगी आज जिले का तीसरा करना मास्टर मरीज मिला जो आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं दोनों मामा भांजे हैं तीसरे मरीज को
चिकित्सीय सलाह और जिला प्रशासन की अभिरक्षा में आज कोविड सेंटर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज शुरू कर दिया गया था ना कि इस तीसरे मरीज में भी कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं और पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है
गिरधारी गांव को कंटेनमेंट एरिया घोषित करते हुए चारों तरफ से सीमाएं सील कर दी गई हैं सभी के आवाजाही पर प्रतिबंध है और पुलिस व्यवस्था सख्त कर दी गई है 24 घंटे अब इस इलाके की पुलिस निगरानी करेगी आज कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एसपी मयंक अवस्थी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनके तिवारी ने गिरधारी गांव का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया
*कोविड ब्रीफिंग दिनाक 19 मई*
दिनांक 19 मई को एक नया केस पॉजिटिव आया है । यह 43 वर्षीय व्यक्ति 11 मई को अपने कुछ साथियों के साथ दिल्ली से आया था। पूर्व मे ये अपने गाँव बिलघड़ी तहसील गुन्नौर मे अपने घर मे होम आइसोलेशन के रूप मे रहा । ये व्यक्ति भी पूर्व मे घाट सिमरिया के पॉजिटिव आये व्यक्ति के साथ दिल्ली से आया था। प्राथमिक संपर्क मे आने के कारण इन्हें आधार पर 16 तारिख को इन्हें गुन्नौर आइसोलेशन सेंटर पर लाया गया ।उस समय भी इनको प्रत्यक्ष कोई लक्षण नही नजर आ रहे थे। तब फिर भी इसका सेम्पल लिया गया जो 19 मई को पॉजिटिव आया है।
इनके संपर्क मे आये लोगो की ट्रेसिंग की गई है। प्राथमिक संपर्क वाले व्यक्ति चिन्हित किये गए है
सभी को आइसोलेट कर दिया गया है सभी के सेम्पल भी ले लिए गए है। इनमें से कुछ इनके परिवार के सदस्य एवम कुछ इनके गाव के लोग थे। वर्तमान मे किसी भी व्यक्ति मे प्रारंभिक लक्षण दिखाई नही दिए है।
पूरे गाँव के एक एक घर की जांच आज सुबह से शुरू कर दी गई है ।

पॉजिटिव आये युवक को जिला अस्पताल के कोविड वार्ड मे भर्ती कर दिया गया है ।
*डॉक्टर के द्वारा जाच हो गई है व्यक्ति मे अभी भी लक्षण नही हैअतः घबराने की जरूरत नही है।*
आपसे अपील है की आप मुँह को ढक कर रखे, 1 मीटर की दूरी रखे एवम हाथ मुँह साबुन से धोते रहे। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकले।
CMHO Panna
दुर्घटनाओं की बावजूद नहीं रुक रही ट्रकों से मजदूरों की यात्राएं
युवक कांग्रेस के उपाध्यक्ष स्वतंत्र अवस्थी ने की मदद
राजस्थान से आकर साइकिल से झारखंड जाते दिखे मजदूर
मजबूरी के मारे इन प्रवासी कामगारों की मदद की दरकार
– देश में बड़ी ट्रक दुर्घटनाएं और कई मजदूरों की मौत के बावजूद भार वाहनों में मजदूरों को भरकर यात्राओं का सिलसिला नहीं रुक रहा है यह यात्राएं बेहद खतरनाक है इसके बावजूद मजदूर ठसा ठस लादकर छोटे-छोटे मासूम बच्चों के साथ मजबूरी मे यात्रा कर रहे यह लोग ट्रक में 3दिन रात की यात्रा कर यहां पहुंचे रास्ते में में भी इन्हें रोकने वाला कोई नहीं ऐसा ही एक ट्रिक मुंबई से चलकर पन्ना पहुंचा जो खराब हो गया तब मजदूर परेशान होते रहे मजदूर कहते हैं समस्याएं हैं पर घर जाना है
यह तस्वीर मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में फिर दिखी भार वाहनों से खचाखच भरे मजदूरों की यात्रा की तस्वीर मुंबई से चलकर फैजाबाद जा रहे हैं ट्रक खराब हुआ चारों ओर से बंद ट्रक में सास लेना भी मुश्किल है फिर भी मजदूर यात्रा कर रहे हैं ,,,तस्वीर तो ऐसी की ऐसी इसी ट्रक को घर बना लिया झाड़ू भी लगाते हुए छोटे-छोटे बच्चे मासूम ट्रक खराब होने से परेशान है बेबसी और मजबूरी की यात्रा की बात कहते हैं कि क्या करें घर जाना है
मजदूर रहीस कहते हैं कि गांव में काम नहीं था इसलिए मुंबई कमाने गए थे लाख डाउन के कारण काम बंद हो गया पैसे खत्म हो गए अब मजबूरी में इस तरह परेशान होकर घर जाना पड़ रहा है इन लोगों को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जाना है राजेश कहते हैं कुछ भी हो जाए सिर्फ घर जाना है
ऐसी ही एक और तस्वीर देखने को मिली जिसमें राजस्थान के बीकानेर से झारखंड के 6 मजदूर 4 साइकिल से झारखंड जा रहे हैं 8 दिन बाद पन्ना पहुंचे और 10 दिन और साइकिल चला कर घर पहुंच पाएंगे लोग ऐसी तस्वीर दुखी हो जाते हैं हर दिन मजबूरी कि ऐसे ही दृश्य दिख रहे हैं यह मजदूरों की दशा देख स्थानीय युवकों ने खाने-पीने की मदद की
जब इन परेशान मजदूरों की खबर युवक कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष स्वतंत्र अवस्थी को लगी तो वह मदद करने पहुंचे और उन्हें भोजन दिया
ना कोई नया प्रतिबंध और ना कोई नई छूट
तीसरे लॉक डाउन को यथावत 20 मई तक बढ़ाया गया
धारा 144 के जारी किए आदेश आज रात से लागू

(शिवकुमार त्रिपाठी)
पन्ना कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने कोरोना समस्या और लोक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 4 दिन लॉक डाउन को आगे बढ़ा दिया है 17 मई को खत्म होने वाले आदेश 20 मई तक लागू रहेंगे इस आशय का आदेश आज देर शाम जारी हो गया जिसमें कहा गया है की लोक स्वास्थ्य एवं जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए धारा 144 लागू की जाती है सभी शर्तें और कणिकाएं पूर्व में जारी आदेश के तहत ही लागू रहेंगी सभी प्रतिबंधों को पूर्ववत ही लागू किया गया है और जो छूट पहले से थी वही छूट आगे भी जारी रहेगी यानी कि पन्ना जिले में ना तो अलग से कोई छूट मिलेगी और ना ही अलग से कोई प्रतिबंध लगाया गया है मतलब साफ है कि जिला मुख्यालय में दुकानों के खुलने का लेफ्ट और राइट सिस्टम यथावत चलता रहेगा दूध सब्जी और अति आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति यथावत रहेगी और अन्य कारणों के लिए जो पहले से आदेश है वही लागू रहेंगे इन सब का पालन सभी को करना होगा यदि इसका उल्लंघन कोई करता पाया गया तो उसके ऊपर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी
ज्ञात हो कि पन्ना जिले में दूसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से जिला प्रशासन और भी गंभीर हो गया है इस कारण व्यवस्थाओं में ज्यादा ढील की उम्मीद नहीं करनी चाहिए
आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करे
कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए पन्ना कलेक्टर की ओर से व्हाट्सएप पर सभी को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने अनिवार्य किया गया है इसका मैसेज जिला जनसंपर्क कार्यालय से व्हाट्सएप ग्रुप में डाला गया है जो इस प्रकार है

*विशेष सूचना- आरोग्य सेतु app डाउनलोड करना अब अनिवार्य*
पन्ना के समस्त नागरिकों को सूचित किया जाता है कि भारत सरकार के आरोग्य सेतु ऐप को सरकार ने डाउनलोड करवाना अनिवार्य किया है।
1) *इस ऐप के माध्यम से आप खुद कोरोना से संबंधित संक्रमण का स्वयं मूल्यांकन कर सकते हैं*
2) यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में यदि आप आते हैं और दोनों ने यदि यह app इंस्टाल किया है तो , यह तत्काल आपको सूचित करता है की संक्रमित व्यक्ति आपके पास मे है।
3)इसलिए पन्ना के सभी नागरिकों से अपील है कि आप इस ऐप को तत्काल डाउनलोड करें यह ऐप एंड्राइड तथा आईफोन दोनों ही प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम के फोन पर चल सकता है
4) यदि आपको इसे ईस्टॉल करने में कोई समस्या आती है तो निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर तकनीकी समस्या का समाधान किया जा सकता ।
1.Rahul tiwari- 9993451971 Block -panna 2.Ashish dubey-9993780024 block-shahnagar . 3.Govind lodhi- 9893441880 janpad-pawai . 4. Ram naresh ahirwar – 9806100451 Block- Gunour. 5. Dheeraj patel 8770728876 Block -Ajaygarh
एक बार पुनः इस बात को हम सभी दोहराएं की
*पन्ना जीतेगा कोरोना हारेगा*
आपका
कर्मवीर शर्मा
कलेक्टर पन्ना








