विवादित डीएफओ बसु कनौजिया का ट्रांसफर ,,,, टाइगर रिजर्व के लोगों ने ली राहत की सांस
अपने अड़ियल रुख के लिए बदनाम है बासु कनौजिया
नियम विरुद्ध कार्यवाही करने पर न्यायालय से लग चुका है जुर्माना
ऐसे ही उत्तरवन मंडल से हटाई गई थी 2010 बैच की आईएफएस अधिकारी
टाइगर रिजर्व के उप संचालक पद से भी हटाया गया
बाघों की सुरक्षा को हो गया था खतरा पैदा अब मजबूत होंगी गतिविधियां

तेजतर्रार IFS अधिकारी बासु कनौजिया का व्यवहार लोगों को प्रताड़ित करने वाला सिद्ध होता रहा है यही कारण है कि उन्हें पोस्टिंग के तत्काल बाद उनकी क्रियाकलापों के कारण हटाने की मांग उठने लगती है एक बार फिर वासु कनौजिया को पन्ना टाइगर रिजर्व के उपसंचालक से हटाकर वनमंडल अधिकारी अलीराजपुर कर दिया गया है शासन के आदेश जारी होने के बाद ही पन्ना टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है और टाइगर रिजर्व से लगे हुए ग्रामीणों को प्रताड़ना से भी मुक्ति मिल गई इतना ही नहीं 2010 बैच की आईएफएस वासु कनौजिया द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी से सीधी लड़ाई लड़ने और उनके लिए गए नियम सम्मत फैसलों पर आपत्ति जता कर न क्रियान्वित करने की भी आरोप लगते रहे हैं 
फील्ड डायरेक्टर के एस भदौरिया से उनके संबंध ठीक नहीं है
जो भी विकासात्मक कार्य भदौरिया करना चाहते हैं या पन्ना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा से संबंधित जो भी फैसले लिए जाते हैं उस पर बसु कनौजिया अडंगा खड़ा करती रही है और उनके फैसलों के खिलाफ ही उनको बिना जानकारी के कई विभागों को लिखकर कार्य रुकवाने पर इंटरेस्ट लेती रही और यही कारण है कि पन्ना टाइगर रिजर्व की काम-धाम इस समय प्रायः ठप हो गए थे और सुरक्षा में लगे अधिकारी कर्मचारी भी बेहद परेशान और जो नए पर्यटन क्षेत्र खोले जाने थे उन पर भी बसु कनौजिया ने आपत्ति लगाई थी इस कारण से शासन ने भी विवादित वासु कनौजिया का पन्ना से स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया है 
उनके स्थान पर 2015 बैच के IFS जरांडे ईश्वर रामहरि को पदस्थ किया है जो अभी परिवीक्षा अवधि में है उम्मीद है कि राम हरि की पोस्टिंग के बाद टाइगर रिजर्व के हालात सुधरेंगे और इसका फायदा टाइगर रिजर्व और बाघों की सुरक्षा को मिलेगा
स्व. बृजेन्द्र सिंह बुंदेला मेमोरियल अखिल भारतीय फुटवाल टूर्नामेंट
पन्ना के खिलाड़ियों ने दिखाया दम, 2-1 से बिड़ला क्लब सतना को दी मात
एकतरफा मुकाबले में एनएमडीसी मझगवां को एसीबी कोरबा ने दी करारी षिकस्त
टूर्नामेंट के तीसरे दिन आयोजित हुए 4 मैच
रतलाम, पन्ना, कोरबा और बालाघाट ने किया दूसरे राउण्ड में प्रवेष

पन्ना। स्व. बृजेन्द्र सिंह बुंदेला मेमोरियल अखिल भारतीय फुटवाल टूर्नामेंट में आज तीसरे दिन 4 मैच का आयोजित किए गये। जिसमें लोगों का खासा उत्साह देखने को मिला। आज जिले की दो टीमों के मैच होने से नजरबाग में लोगों की खासी भीड़ देखी गई। दोपहर 12 बजे पहला मुकाबला युनियन फुटवॉल क्लब रतलाम और डीएफए टीकमगढ़ के बीच खेला गया। जिसमें रतलाम की टीम ने टीकमगढ़ को 2-0 से मात दी। इसके बाद दूसरा मुकाबला मेजबान षिवजीत सिंह भईयाराजा फुटवॉल क्लब पन्ना और बिड़ला क्लब सतना के बीच खेला गया। इस मुकाबले में पन्ना के खिलाडियों ने बेहतरीन खेल का प्रर्दषन करते हुए कांटे के मुकाबले में 2-1 से जीत दर्ज की। वहीं तीसरा मुकाबला एनएमडीसी मझगवां और एसीबी कोरबा के बीच खेला गया। जिसमें कोरबा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रर्दषन करते हुए 6-0 से मैच अपने नाम किया। इसके बाद अंतिम मैच बालाघाट एकेडमी और इंडीपेंडेंट क्लब नागौद के बीच खेला गया, जिसमे ंबालाघाट ने नागौद को 4-0 से मात दी।

पहले मैच में खिलाडियों का उत्साह बढ़ाने के लिए कई पूर्व खिलाडी और जिले के गणमान्य नागरिक नजरबाग ग्राउण्ड पर नजर आए। प्रथम दो मैचों में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस नेता षिवजीत सिंह भईयाराजा विषिष्ट अतिथि डा. नवीन दीवान, सुरेन्द्र सिंह परमार, विनोद तिवारी उपस्थित रहे। वहीं तीसरे और चौथे मैच में बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह बुंदेला छतरपुर से मुख्य अतिथि के रूप में पन्ना पन्ना पहुंचे। उनके साथ विषिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुषवाहा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला फुटवाल संघ पन्ना के अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने की। इस दौरान समस्त अतिथियों का स्वागत आयोजक मंडल की ओर से अजेन्द्र सिंह बुंदेला, अकरम खान, रॉनी जैम्स, प्रकाष खरे, हनुमत प्रताप सिंह, मृगेन्द्र सिंह गहरवार, मनू बुंदेला, नीलमराज शर्मा, केपी सिंह परिहार, लखनराजा, मानवेन्द्र सिंह बुंदेला द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि विजय बहादुर सिंह ने जिला फुटवाल संघ को अपनी ओर से 51 हजार रूपये की सहयोग राषि देने की घोषणा की। जिसके लिए आयोजन समिति की ओर से विनोद तिवारी ने उनका आभार जताया। संपूर्ण मैच के दौरान इषाक अली, पहलवान सिंह और लॉरेंस एट्स ने शानदार कॉमेंट्री करते हुए पल-पल की जानकारियों दी।
मेजबान पन्ना की जीत के साथ शुरूआत
टूर्नामेंट के तीसरे दिन पहला मैच युनियन फुटवॉल क्लब रतलाम और डीएफए टीकमगढ़ के बीच खेला गया। इस मैच के पहले हाफ में ही रतलाम की टीम हावी दिखी। रतलाम के खिलाड़ी ने शुरूआती समय में ही 1 गोल की बढ़त बनाई। दूसरे हाफ में 1-0 की बढ़त के साथ उतरी रतलाम की टीम ने टीकमगढ़ कोई मौका नहीं दिया और एक और गोल कर बढ़त को 2-0 कर दिया। मैच समाप्त होने तक टीकमगढ़ की टीम कोई गोल नहीं बना सकी और उसे मैच गंवाना पड़ा। इसके बाद टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलने उतरी मेजबान पन्ना की टीम ने बेहतरीन खेल का प्रर्दषन किया। षिवजीत सिंह भईयाराजा फुटवॉल क्लब पन्ना और बिड़ला क्लब सतना के बीच हुए इस मुकाबले में पन्ना के खिलाड़ी सतना पर आक्रमक नजर आए। 10वें मिनट पर पन्ना की ओर से गोलू ने पहला गोल कर लोगों को उत्साहित कर दिया। पहले हाफ का खेल खत्म होने से पूर्व सतना की ओर से एक गोल कर मैच को बराबरी पर ला दिया गया। दूसरे हाफ में दोनों ही टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल। इसी बीच दूसरे हाफ में पन्ना के आमीन ने शानदार किक से बॉल को गोल में डाला और टीम को निणार्यक जीत दिलाई। पन्ना की जीत से नजरबाग में खासा उत्साह देखने को मिला।

15 मिनट में कोरबा ने दागे 4 गोल
पन्ना की टीम की जीत के बाद जिले की दूसरी टीम एनएमडीसी मझगवां भी मुकाबले में उतरी। लेकिन उसका मुकाबला एसीबी कोरबा की मजबूत टीम के साथ हुआ। कोरबा के खिलाडियों के आगे मझगवां के खिलाड़ी बोने साबित हुए। पहले हाफ के 15 मिनट के अंदर ही कोरबा ने 4 गोल दाग कर मैच को एकतरफा बना दिया। कोरबा की ओर से पहला गोल 5वें मिनट पर प्रतीक ने किया, इसके बाद 7वें मिनट पर राहुल ने गोल दाग, 13वें मिनट पर गौतन ने शानदार गोल किया और 15वें मिनट में शंकर ने गोल कर मझगवां की टीम को बुरी तरह रौंद दिया। पहले हाफ का खेल खत्म होने से पहले प्रतीक ने एक और गोल कर 5-0 की शानदार बढ़त दिला दी। इसके बाद मैच में औपचारिकताएं ही शेष थीं, कोरबा के खिलाड़ी फील्ड में सिर्फ टाइम निकाले नजर आए। मझगवां की ओर से कोई भी गोल नहीं कर सका। अंतत कोरबा के राहुल ने एक और गोल कर टीम को 6-0 से जीत दिलाई। अंतिम मैच भी एकतरफा ही रहा। यह मैच बालाघाट एकेडमी और इंडीपेंडेंट क्लब नागौद के बीच खेला गया। नागौद की टीम इस मैच में कोई गोल नहीं बना पाई। पहले हाफ में बालाघाट ने 10वें मिनट पर रोहन की शानदार किक के सहारे अपना खाता खोला और बालाघाट के खिलाड़ी रूपनाथ और राजा ने एक-एक गोल कर पहले हाफ में ही 3-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में भी नागौद के खिलाड़ी बेअसर रहे। बालाघाट के मोहिन ने एक और गोल कर टीम को 4-0 से आसान जीत दिला दी।
अलौकिक स्थान है झलारिया महादेव
इस विलक्षण स्थान में गंगा स्वयं करती है अभिषेक
साल में सिर्फ एक बार मिलती है अनुमति
झलारिया महादेव मंदिर पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है यहां टूरिस्ट और श्रद्धालुओं को जाने की अनुम
ति नहीं रहती वर्ष भर के इंतजार के बाद वर्ष में सिर्फ एक बार श्रद्धालुओं को यहां आने जाने की विशेष अनुमति दी जाती है इस कारण से झलारिया महादेव आज दिन भर के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है इस विलक्षण स्थान को देखने के लिए वर्ष भर लोग इंतजार करते हैं क्योंकि इस अलौकिक दिव्य स्थान में भगवान शंकर की अद्भुत प्रतिभा तो है ही गंगा मैया स्वयं चट्टान फाड़ कर शंकर जी का अभिषेक करती हैं कोर जोन एरिया के इस मंदिर में 7 दिन के लिए भागवत कथा का आयोजन किया गया है और समिति के सदस्य व्यवस्थाएं करते हैं और भंडारे के लिए एक दिन को क्षेत्र खोला जाता है आज भंडारा होने के कारण विशेष अनुमति प्रदान की गई है जिसमें सभी लोग इस स्थान के दर्शन कर पुण्य लाभ ले सकेंगे

पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों की आस्था और भावना को ध्यान में रखकर प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशेष अनुमति देकर झलारिया महादेव के लोग दर्शन कर सकेंगे इसके लिए टाइगर रिजर्व ने पुख्ता इंतजाम किए हैं रास्ते पर किसी को कोई वाइल्डलाइफ को प्रभावित करने नहीं दिया जाएगा श्रद्धालु स्वयं के बाहन से हिनौता गेट से इंट्री करा कर और विधिवत पास लेकर झलारिया महादेव मंदिर तक जा सकेंगे
यह गेट सुबह 10:00 बजे से खोल दिया जाएगा और शाम 4:00 बजे तक वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा श्रद्धालु स्वयं के वाहन से जा सकते हैं 
समिति के सदस्यों ने अपील की है कि जो भी श्रद्धालु आते हो टाइगर रिजर्व के किसी नियम को ना तोड़े और नियमों में रहकर ही दर्शन करें टाइगर के अधिकारियों ने भी अपील की है कि की वन्यजीवों का एरिया है इसलिए अपने निजी वाहनों से सीधे उसी स्थान तक जाएं और शीघ्र दर्शन कर वापस आए किसी भी नियम तोड़ने पर वैधानिक कार्यवाही भी होगी
इस दिव्य स्थान पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में आज पहुंचेंगे जिसके देखरेख के प्रबंध टाइगर रिजर्व अलौकिक स्थान हे

यह स्थान दर्शनी और आध्यात्मिक है दर्शन करने से यहां लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होती ही है प्राकृतिक स्थान होने के कारण भी अलौकिक माना गया है क्योंकि एक विशालकाय चट्टान के नीचे छोटी सी गुफा है वहां मूर्ति विराजमान है और जलधारा इस चट्टान को फाड़कर स्वयं प्रकट हुई आसपास कहीं पानी ना होने के बावजूद निरंतर 24 घंटे जलधारा झलारिया महादेव के ऊपर प्रवाहित होती रहती है जो अद्भुत है ऐसा स्थान कहीं देखने को नहीं मिलता स्थानीय लोगों की माने तो टाइगर भी यहां दर्शन करने आते हैं इस स्थान को देखने वालों की इच्छा सिर्फ आज ही पूरी हो सकती है क्योंकि पूरे साल यहां आने जाने की अनुमति नहीं रहती

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वन्यजीव क्षेत्र होने के कारण यहां शांति और बिना भीड़ इकट्ठे किए ही पहुंचकर दर्शन करें हालांकि इस सबके लिए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने गाइडलाइन जारी की है चप्पे-चप्पे पर वन कर्मी मौजूद किए हैं और जिस रास्ते से जाना है उसमें पूरे जंगल में दिशा सूचक लगाए गए हैं
अंतरराज्यीय चोर गिरोह पकड़ा गया
बैंक से नकदी गायब करने का हुआ खुलासा
पांच गिरफ्तार
बैंक और शादी समारोह में नाबालिग बच्चों और महिलाओं का उपयोग कर चोरी और लूट करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ने में पुलिस को सफलता हाथ लगी है जिसमें नाबालिग बालक सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है यह सफलता पन्ना पुलिस को तब मिली जब इस गिरोह ने स्टेट बैंक से एक अबोध बालक के सहारे रुपयों से भरा बैग गायब करा दिया और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस को यह सफलता हाथ लगी
सरकार मैं अपराध रोकने के लिए पुलिस को तमाम सीसीटीवी कैमरे देकर अपराधियों को पकड़ने के हथियार दे चुकी हो फिर भी चोर गिरोह इन की परवाह नहीं करते फिल्मी अंदाज पर घटनाओं को अंजाम दे रहे और इसकी मदद से पुलिस को सफलताएं भी हाथ लग रही है पुलिस ने पन्ना के स्टेट बैंक से नगदी चोरी करने के मामले में 5 लोगों को पकड़ने में सफलता पाई है जो छोटे बच्चों और महिलाओं को हथियार बनाकर लूट करते थे इनसे चोरी की गई नदी हथियार गाड़ी बरामद कर पांच लोगों को पन्ना पुलिस ने गिरफ्तार किया है यह लोग रायगढ़ के कड़िया सांसी गांव के रहने वाले हैं जिन्होंने जबलपुर सागर इंदौर उत्तर प्रदेश राजस्थान सहित कई जगह ऐसी ही घटनाओं को अंजाम दिया है

पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार
बैंक एवं शादी समा रोह मे बच्चो एवं महिलाओ को भेजकर पैसो एवं गहनो से भरे बैग चोरी करवाने वाले अंतर्राज्यीय सांसी गिरोह (राजगढ कडिया सांसी) को पन्ना पुलिस ने दबोचा
दिनांक 24/12/2018 को फरियादी मुईनुद्दीन सिद्दीकी पिता स्व.श्री जलालुद्दीन सिद्दीकी कैशियर विद्दुत मण्डल धरमसागर तालाब टाऊन पन्ना द्वारा थाना कोतवाली पन्ना मे एक लिखित आवेदन दिया कि विद्दुत केन्द्र कार्यालय पन्ना मे कैशियर के पद पर पदस्थ हूँ प्रतिदिन बिजली बिलो की जमा राशि बैंक मे जमा करने हेतु स्टेट बैंक मुख्य शाखा जाता हूँ । दिनांक 24.12.2018 को करीब 11.20 AM पर भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा पन्ना मे बिजली बिलो की जमा राशि नगद 6,95,828 /- रूपये जमा करने हेतु एक थैले मे लेकर पहुँचा था बैंक के अंदर रोकड शाखा मे भीड अधिक होने के कारण रोकड शाखा के बाहर श्री हीरामन विश्वकर्मा लिपिक के पीछे रखी टेबल मे थैला रखकर भीड कम होने का इंतजार कर रहा था इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रूपयो से भरा थैला चोरी कर लिया गया । फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली पन्ना मे अप.क्र. 803/18 धारा 380 भादवि कायम किया जाकर विवेचना मे लिया गया । उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह द्वारा अज्ञात आरोपियो की तलाश एवं पहचान हेतु टीम गठित कर नगर निरीक्षक कोतवाली अरविंद कुजूर को निर्देशित किया गया। थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना द्वारा स्टेट बैंक के अंदर लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरो के फुटेज को खंगालने पर फुटेज मे एक अज्ञात बालक फरियादी द्वारा रखे गये रूपये से भरे बैग को उठाता हुआ दिखा उक्त बालक को शहर मे लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरो के माध्यम से खोजने पर पाया गया कि उक्त बालक पैसो से भरा थैला लेकर अपने तीन अन्य साथियो के साथ एक कार जिसका नम्बर MP 04 CT 2549 मे बैठकर कटनी दमोह तरफ गये। कार के संबंध मे टोल टैक्स नाको से जानकारी ली गई जो उक्त कार रमेश पिता मांगीलाल रूहेला उम्र 50 वर्ष निवासी पिपलिया रसोदा थाना बोडा जिला राजगढ की होना पाया गया । घटना मे प्रयुक्त कार एवं सी.सी.टी.व्ही. कैमरो से मिले फुटेज को आसपास के जिलो के थानो मे भेजकर पता करवाया गया जो कई जिले से उक्त आरोपियो द्वारा इस प्रकार की घटनाओ को अंजाम दिये जाने के बारे मे जानकारी प्राप्त हुई, उक्त आरोपियो द्वारा पूर्व मे सागर, छतरपुर, सीधी, सतना, दमोह, जबलपुर एवं कई राज्यो के अन्य जिलो मे भी इस प्रकार की घटनाये कारित की गई है। दिनांक 08/02/2019 को मुखबिर द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना को उक्त हुलिया के आरोपियो के बारे मे जानकारी देते हुये बताया गया कि उक्त हुलिया के संदिग्ध आरोपी बाँदा से पन्ना तरफ एक नयी आई – 20 कार सफेद रंग की बिना नम्बर से आ रहे है। 
थाना प्रभारी कोतवाली द्वारा उक्त सूचना पुलिस अधीक्षक महोदय पन्ना को बताई गई जो पन्ना पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना श्री बी के सिंह के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद कूजूर के नेतृत्व मे एक टीम गठित कर तत्काल संदिग्ध गाडी को पकडने हेतु रवाना किया गया टीम जैसे ही दहलान चौकी तिराहा के पास पहुँची तभी एक सफेद रंग की बिना नम्बर की आई – 20 कार बाँदा तरफ से आती हुई दिखी जिसे रोककर चेक किया गया तो उक्त कार मे 5 व्यक्ति सवार थे जिनमे से एक 15 साल का बालक था नाम पता पूँछने पर सभी व्यक्तियो द्वारा
क्रमश: अपने- अपने नाम 1. गौरव पिता गोविन्द सिसौदिया उम्र 19 वर्ष, 2. सूरज पिता जमुना सिसौदिया उम्र 35 वर्ष सभी निवासी ग्राम कडिया थाना बोडा जिला राजगढ, 3. सुमित सिंह पिता रमेश चन्द्र कौडान निवासी समशाबाद जिला आगरा उ.प्र., 4. रमेश पिता मांगीलाल रूहेला उम्र 50 वर्ष निवासी पिपलिया रसोदा थाना बोडा जिला राजगढ के होना बताया गया उक्त 15 साल के बाल अपराधी को ही सी.सी.टी.व्ही. फुटेज मे बैंक से थैला चोरी करते हुये देखा गया था। बाल अपराधी द्वारा घटना को घटित करना स्वीकार किया गया एवं गाडी मे सवार अन्य चारो लोगो के भी घटना मे शामिल होने की बात को कबूल किया गया । मामले के अन्य चारो आरोपियो ने पूँछताछ पर बताया कि घटना दिनांक को सभी आरोपी SWIFT कार नम्बर MP 04 CT 2549 मे बैठकर पन्ना आये थे एवं स्टेट बैंक मुख्य शाखा पन्ना मे आरोपियो द्वारा फरियादी के रूपयो से भरे बैग को चोरी कर ले जाना स्वीकार किया आरोपियो की तलाशी लेने पर आरोपी गौरव सिसोंदिया और सूरज सिसोंदिया कमर मे 315 बोर के कट्टा खोसे थे एवं जेब मे 02-02 जिंदा कारतूस लिये पाये गये एवं अन्य आरोपियो की तलाशी लेने पर 2 लाख 3 हजार रूपये नगद, 6 नग मोबाइल पाये गये पुलिस टीम द्वारा आरोपियो के कब्जे से 02 अदद 315 बोर के देशी कट्टा , 04 जिंदा कारतूस , नगद 2 लाख 3 हजार रूपये, 06 नग मोबाइल एवं आई-20 कार बिना नम्बर की सफेद रंग की जप्त कर मामले मे धारा 25,27 आर्म्स एक्ट का इजाफा किया जाकर आरोपियो को गिरफ्तार किया गया पूँछताछ पर आरोपियो द्वारा राज्य एवं राज्य के बाहर कई जगहो पर मुख्य रूप से शादी समारोहो एवं बैंको मे वारदात करने की बात कबूल की है । उक्त आरोपियो को पुलिस रिमाण्ड मे लिया जाकर पूँछताछ करने पर कई राज्यो के अपराधो का खुलासा होने की संभावना है । उपरोक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद कुजूर, परि0 उप.पुलिस अधीक्षक उमेश प्रजापति,उनि एम डी शाहिद खान, उनि सुशील शुक्ला, सूबेदार नेहा चौहान, उनि अंजली उदैनिया, प्र.आर. सुरेन्द्र तिवारी, प्र.आर. रामकृष्ण पाण्डेय, प्र.आर. शिवेन्द्र सिंह, आर. नीरज रैकवार, आशुतोष तिवारी , राहुल सिंह, आशीष अवस्थी, धर्मेन्द्र सिंह, तेजेन्द्र , बीरेन्द्र, रामपाल, सर्वेन्द्र अहिरवार, वृषकेतु, नीलेश , दीपप्रकाश, ब्रम्हदत्त , राजीव एवं सी.सी.टी.व्ही. कन्ट्रोल पन्ना व सायबर सेल पन्ना का विशेष योगदान रहा उक्त टीम को पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा पुरुष्कृत करने की घोषणा की गई है ।
पन्ना टाईगर रिजर्व में दो अधिकारियों के बीच घमासान
बीते चार माह से दोनों के बीच नहीं हो रही बातचीत
अधिकारियों की आपसी तनातनी से कर्मचारियों की मुसीबत बढ़ी
टाईगर रिजर्व के आस-पास मंडराने लगे हैं शातिर शिकारी

पन्ना टाईगर रिजर्व में दो आला अधिकारियों के बीच चली आ रही तनातनी से यहां की व्यवस्थायें बिगड़ रही हैं। हालात ये हैं कि बीते चार माह से इन दोनों अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और तालमेल तो दूर बातचीत तक बन्द है। नतीजतन बाघों से आबाद हो चुके पन्ना टाईगर रिजर्व की व्यवस्थायें जहां बिगड़ रही हैं, वहीं आला अधिकारियों के बीच घमासान के चलते पार्क के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी परेशान हैं। इसका फायदा उठाने के लिये पन्ना टाईगर रिजर्व के आस-पास शातिर शिकारी मंडराने लगे हैं, जिससे पन्ना के बाघों पर खतरा बढ़ गया है। पिछले चार-पाँच माह के दौरान पवई सहित आस-पास के वन क्षेत्रों में घटित हुई शिकार की घटनायें, यह बताने के लिये काफी हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया व डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौजिया के बीच चल रही जंग की जानकारी भोपाल में बैठे वन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन उच्च अधिकारियों ने क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया व डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौजिया के बीच सुलह कराने का प्रयास भी किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया गया है कि पार्क के इन दोनों अधिकारियों के बीच विवाद की शुरूआत पन्ना बफर क्षेत्र में पर्यटन प्रारंभ करने की योजना को लेकर हुई थी। डिप्टी डायरेक्टर कन्नौजिया जहां बफर क्षेत्र में पर्यटन शुरू किये जाने के सख्त खिलाफ हैं, वहीं क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया इस योजना को मूर्तरूप देने के कार्य को अपनी प्रतिष्ठा बना लिया और येन केन प्रकारेण विरोध के बावजूद उन्होंने विगत 30 जनवरी से पन्ना बफर क्षेत्र में विधिवत पर्यटन शुरू करा दिया। पन्ना बफर के अकोला गेट से पर्यटन का शुभारंभ किये जाने के अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौलिया नहीं पहुँचीं, जो चर्चा का विषय रहा। यह भी पता चला है कि पूर्व में डिप्टी डायरेक्टर ने क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया की एनटीसीए सहित उच्च वन अधिकारियों से शिकायत भी की है। ऐसी स्थिति में पार्क के दोनों ही अधिकारी कोई किसी से कम नहीं की तर्ज पर झुकने और समझौता करने को तैयार नहीं हैं, जाहिर है कि इसका असर बाघों की मॉनीटरिंग व सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

इस चल रहे विवाद के संबंध में जब क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व श्री भदौरिया से पूछा तो उन्होंने स्वीकार किया कि डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौजिया उनकी कोई बात व निर्देश नहीं मानतीं, अपनी मनमर्जी चलाती हैं। क्षेत्र संचालक ने यह भी बताया कि डिप्टी डायरेक्टर ने बफर क्षेत्र में पर्यटन शुरू किये जाने के विरोध में एनटीसीए को लिखा है। आपने बताया कि प्रदेश के अन्य सभी टाईगर रिजर्व के बफर जोन में पर्यटन चल रहा है, सिर्फ पन्ना टाईगर रिजर्व में नहीं चल रहा था। पीसीसीएफ शहवाज अहमद के दिशा-निर्देश पर बफर क्षेत्र की सुरक्षा बेहतर बनाने की मंशा से पर्यटन शुरू किया गया है, जिसका लाभ ग्रामवासियों को भी मिलेगा। श्री भदौरिया ने बताया कि हमारी योजना बफर की सुरक्षा कोर जैसी करने की है, इसके लिये बफर क्षेत्र के जंगलों में 54 नये निगरानी कैम्प शुरू किये गये हैं।
तनातनी से बढ़ रही है गुटबाजी
पार्क के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच चल रही तनातनी और विवाद से पन्ना टाईगर रिजर्व के अधिकारियों व कर्मचारियों में भी गुटबाजी को बढ़ावा मिल रहा है। आलम यह है कि अधिकारी व कर्मचारी दो खेमों में विभाजित नजर आ रहे हैं। जो लोग इस गुटबाजी से दूरी बनाकर चल रहे हैं, उनकी मुसीबत भी कम नहीं है, क्योंकि वे जिस अधिकारी के पास जाते हैं तथा निर्देशों का पालन करते हैं, उससे दूसरा अधिकारी खफा हो जाता है। बाघों की सुरक्षा व पार्क के हित में काम करने वाले ऐसे कर्मचारी इन दो पाटों के बीच पिस रहे हैं, जिससे व्यवस्थायें छिन्न-भिन्न हो रही हैं। पन्ना के बाघों से प्रेम करने वाले तथा पर्यावरण हितैषी मौजूदा विवाद व गतिरोध से खासे क्षुब्ध हैं। उनका कहना है कि यदि बाघों से आबाद हो चुके पन्ना टाईगर रिजर्व को बचाना है, तो इन दोनों ही अधिकारियों से निजात पानी होगी। अन्यथा बाघों पर खतरा मंडराता ही रहेगा।
उच्च शिखर पर है पन्ना पार्क
जब से पन्ना टाईगर रिजर्व बना, इतने बाघ इसके पूर्व कभी नहीं थे, जितने मौजूदा समय हैं। इस लिहाज से पन्ना टाईगर रिजर्व उच्च शिखर पर है। इन हालातों में पार्क प्रबन्धन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि बेहतर तालमेल और टीम वर्क के साथ बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये। लेकिन दुर्भाग्य से यहां ऐसा नहीं हो रहा। बाघों को आबाद करने में अहम भूमिका निभाने वाले तत्कालीन क्षेत्र संचालक आर. श्रीनिवास मूर्ति ने जो सुरक्षा तंत्र व टीम वर्क की भावना कर्मचारियों में विकसित की थी, उसे कायम रखना जरूरी थी। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा, यही वजह है कि शिकारियों की सक्रियता निरंतर बढ़ रही है जो चिन्ता की बात है। मौजूदा समय पन्ना टाईगर रिजर्व में 45 से भी अधिक बाघ हैं। बाघ पुनस्र्थापना योजना शुरू होने के बाद से अब तक यहां 35 लिटर में 77 शावकों का जन्म हो चुका है। इस उपलब्धि को कायम रखना सबसे बड़ी चुनौती है
सतीश उपाध्याय कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
2019 में बनेगी मोदी की सरकार
सवर्णों का आरक्षण लागू करें

लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है पूरे देश सहित मध्य प्रदेश में भी भाजपा ने अपनी चुनावी बिसात जाना शुरू कर दिया इसी क्रम में दिल्ली के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव के प्रभारी सतीश उपाध्याय पन्ना आए और उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर जहां चुनाव विजय की योजना बनाई हुई पत्रकारों से रूबरू होते हुए सतीश उपाध्याय ने कहा कि मध्यप्रदेश में तीन मुख्यमंत्रियों की सरकार चल रही है दिग्विजय सिंह सुपर मुख्यमंत्री हैं मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा सिंधिया भी कमलनाथ जैसे मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं
सतीश उपाध्याय ने कहा कि मध्यप्रदेश में इन दिनों तीन-तीन मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं दिग्विजय कमलनाथ और सिंधिया तीनों मुख्यमंत्री यह बताएं कि प्रदेश में कब सवर्णों का आरक्षण लागू किया जाएगा यह बात मध्य प्रदेश के लोकसभा प्रभारी एवं दिल्ली के नेता सतीश उपाध्याय ने कही है पन्ना के दौरे और पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा करने पहुंचे

पत्रकारों से रूबरू होते हुए सतीश उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में ना भाजपा हारी है ना कांग्रेस जीती पर इस समय कांग्रेस पार्टी में तीन मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं मैं चकित हूं कि किस मुख्यमंत्री से सवाल पूछो दिग्विजय सिंह सुपर मुख्यमंत्री है इसलिए मैं सिंधिया कमलनाथ और दिग्विजय सिंह तीनो से पूछता हूं कि मध्य प्रदेश में मोदी जी द्वारा दिया गया 10 परसेंट सवर्णों को आरक्षण कब लागू करेंगे और उन्होंने यह भी कहा कि माई के लाल का अब प्रश्न नहीं है पर इस बात का है कि सवर्णों को कैसे 10 परसेंट आरक्षण मिले
यहीं नहीं रुके उन्होंने देश के बर्निग इशू और सीबीआई की मामले पर ममता बनर्जी को भी घेरा और उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र को कमजोर करने में लगी हुई है और उनका धरना देना गैर संवैधानिक है
भरोसा दिलाया कि मध्य प्रदेश में सभी सीटों पर बीजेपी विजई होगी और 2019 में मोदी की ही सरकार बनेगी विपक्ष कुछ भी कोशिश कर लें उनको कुछ भी हाथ नहीं लगेगा
1 बार विधायक हो 1 बार सांसद रहे जितेंद्र सिंह
खजुराहो से सांसद रहे एवं छतरपुर जिले के भाजपा जिलाअध्यक्ष जितेंद्र सिंह बुंदेला रविवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे काफी समय से अस्वस्थ्य थे। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। वह 2003 से 2008 तक विधायक रहे। 2009 में खजुराहो सीट से सांसद चुने गए थे। बुंदेला का जन्म सतना जिले में 22 सितंबर 1958 को हुआ था। उनका विवाह 25 फरवरी 1988 को वंदना सिंह से हुआ था। उनकी दो पुत्रियां भी है।
जितेंद्र सिंह बुंदेला पहरा गांव के रहने वाले हैं छतरपुर जिले का बड़ा क्षत्रिय परिवार है जिसकी रिश्तेदार या पूरे बुंदेलखंड में है पन्ना में कई बड़े छतरी परिवार इन्हीं के वंशज पाटीदार है बुंदेला वर्तमान में छतरपुर जिला मुख्यालय में रह रहे थे और विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी थी और आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रबल तम प्रत्याशियों में गिना जा रहा था इस दुखद घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी सहित राजनीतिक हल्के में शोक का माहौल है क्योंकि पन्ना जिले की सांसद रहते जितेंद्र सिंह बुंदेला का लगाओ पन्ना से हो गया था कई विकास कार्यों में उन्होंने योगदान दिया अपने मिलनसार और मददगार स्वभाव के कारण जितेन सिंह बुंदेला सबकी चहेते थे
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सतानंद गौतम ने कहा कि यह एक भाजपा की अपूरणीय क्षति है अपने नेक कार्य के लिए जीतेंद्र सिंह बुंदेला हमेशा याद किए जाएंगे
पन्ना जिले के समस्त भाजपा नेताओं ने उनके निधन निधन पर दुख प्रकट किया है
अंबानी के परिवार की शोभा बढ़ाएगा बड़ा हीरा
पन्ना के दूसरे सबसे बड़े हीरे के मालिक बने झांसी के राहुल अग्रवाल
२ करोड़ ५५ लाख ५४ हजार कीमत चुकाई

उत्तर प्रदेश के झांसी सराफा व्यावसायी राहुल अग्रवाल पन्ना में निकले दूसरे सबसे बड़े वजनी ४२.५९ कैरेट जेम क्वालिटी के खूबसूरत हीरा के मालिक बन गये है। राहुल द्वारा दिनांक २९ दिसम्बर २०१८ को चल रही नीलामी के दौरान पन्ना मे निकले दूसरे सबसे बड़े ४२.५९ कैरेट वजनी हीरे की उच्चतम बोली ६ लाख रूपये प्रति कैरेट की दर से कुल २ करोड़ ५५ लाख ५४ हजार रूपये बोली लगायी गयी थी। इस सर्वाधिक बोली पर हीरा अंतिम रूप से नीलाम हो गया था और इसके बाद नीलामी हुये हीरे को प्राप्त करने के लिये राहुल अग्रवाल द्वारा राशि जमा करने संबंधी नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की गयी और आज हीरे की बोली की पूरी कीमत २ करोड़ ५५ लाख ५४ हजार रूपये जमा करने के बाद उनके द्वारा हीरा अधिकारी कार्यालय में जिले के हीरा अधिकारी संतोष सिंह से खजाने में रखा हीरा प्राप्त कर लिया
अब यह हीरा अंबानी परिवार की शोभा बढ़ाएगा क्योंकि अब ही इस हीरो को खरीदने के लिए वहां से फोन आने लगे हैं विदेश से भी इस हीरा को खरीदने के फोन आए
हीरा अधिकारी संतोष सिंह ने बताया की अब यह संपूर्ण राशि 12% टैक्स और रॉयल्टी काटकर मोतीलाल को 2 दिन के अंदर दे दी जाएगी
४२.५९ कैरेट का हीरा पन्ना की हीरा खदानों से निकले अब तक के हीरों में से दूसरा सबसे बड़ा वजनी हीरा है दिनांक ९ अक्टूबर को पन्ना के कृष्णाकल्याणपुर स्थित पटी बजरिया स्थित शासकीय क्षेत्र में स्वीकृत हीरा खदान में चाल की धुलाई के बाद बिनायी के दौरान मजदूर मोतीलाल प्रजापति , रघुवीर प्रजापति बेनीसागर मोहल्ला के निवासी को मिला था। दोनों मजदूरों द्वारा उसी दिन जिले के हीरा कार्यालय में मिले हीरे को जमा करवाया गया था। जो पन्ना में २८ दिसम्बर २०१८ से ३० दिसम्बर २०१८ की नीलामी के दौरान दिनांक २९ दिसम्बर को नीलाम हुआ था।
पन्ना बफर जोन में टूरिस्ट की शुरुआत, रात में भी होगा बाघों का दीदार
पन्ना शहर से नजदीक अकोला गीत खोला गया पर्यटन शुरू करने और विरोध में 2 बड़े अधिकारियों में था विवाद एनटीसी तक पहुंची थी बात पाटन शुरू होने से क्षेत्र में विकास की संभावना टाइगर रिजर्व में टूरिज्म का दबाव कम करने और जंगल प्रोटेक्शन के लिए शुरू किया गया पर्यटन नाइट सफारी भी होगी

पन्ना टाइगर रिजर्व के अंदर लगातार बढ़ते पर्यटन के दबाव को कम करने तथा बफर जोन क्षेत्र में पर्यटन को शुरू करने के उद्देश्य आज पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने अकोला गेट का शुभारंभ किया है सुबह पन्ना टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर k एस भदौरिया ने तमाम प्रशासनिक अधिकारी और मैदानी कर्मचारियों के बीच टूरिस्ट को गेट खोलकर बफर क्षेत्र में पर्यटन कराया

अकोला पन्ना शहर से सबसे नजदीक लगने वाला क्षेत्र है जहां टूरिस्ट वाइल्ड लाइफ का आनंद ले सकेंगे लंबे समय से पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन से इस क्षेत्र में टूरिज्म शुरू करने की मांग हो रही थी वन्य प्राणियों के दर्शन और जंगल में लगातार निगरानी बढ़ाने के लिए प्रबंध ने यह शुरूआत की है यहां टूरिस्ट कम शुल्क पर भ्रमण कर सकेंगे अकोला गेट से जैसे ही प्रवेश करेंगे वाइल्डलाइफ और वर्ड वाचिंग का आनंद उठाया जा सकता है स्थानीय लोगों ने शुरू की गई इस पहल का स्वागत किया गया है
किसी भी वन क्षेत्र में रात में पर्यटन की अनुमति नहीं है लेकिन इस बफर क्षेत्र में पर्यटन रात में भी किया जाएगा लिहाजा जंगल के राजा के दर्शन रात में भी टूरिस्ट को हो सकता है और वाइल्ड लाइफ का आनंद उठाया जा सकता इसी कारण से प्रबंधन ने यह प्रयास शुरू किया है आज जिन लोगों ने भ्रमण किया उन्हें बफर क्षेत्र में नीलगाय सांभर चीतल और खूबसूरत पक्षियों के दर्शन हुए फिल्म डायरेक्टर का कहना है की इस टूरिज्म से क्षेत्र में जंगल का संरक्षण भी होगा स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा और टूरिस्ट जंगल और वाइल्डलाइफ से जुड़ सकेंगे उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस क्षेत्र को और विकसित किया जाएगा जिससे पर्यटन बड़ेगा

ज्ञात हो कि यहां पर्यटन शुरू करने की योजना पहले से बन चुकी थी लेकिन स्थानीय अधिकारियों की तकरार के कारण टूरिज्म शुरू नहीं हो सका था इसके लिए प्रबंधन ने एनटीसीए यानी नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी एवं डब्लू डब्लू आई से भी अनुमति ली है जिससे टूरिस्ट ओं के लिए और सुविधाएं जुटाई जा सके पर्यटन के लिए यह गीत शुरू हो जाने से स्थानीय लोग उत्साहित हैं
कहानी बाघों की:- बुंदेलखंड की धरती फिर हुई आवाद
विलुप्त हो गया है बुंदेली खंड का जींस
बाघों के खात्मे के लिए बदनाम रहा है पन्ना
पर्यटन की रीढ़ है पन्ना टाइगर रिजर्व

पन्ना की धरती का बाग देश दुनिया में प्रसिद्ध रहा है बुंदेली जींस पूल के बाद ताकतवर और क्षमता वान माने जाते हैं सदानीरा केन की किनारे बाघों की मजबूत दुनिया बसती थी लेकिन प्रकृति के दुश्मनों की ऐसी नजर लगी कि पूरे भाग गायब हो गए सरकार की कड़ी मेहनत और स्थानीय लोगों के लगाव के कारण एक बार फिर बाघों से पन्ना आबाद है पर बीते कुछ दिनों से जो मामले सामने आ रहे हैं बाघों की दुनिया फिर खतरे में बताई जा रही है आसपास के क्षेत्रों में परंपरागत शिकारी बहेलिया समुदाय के लोग सक्रिय है जो बड़ा नुकसान कर सकते हैं
बुन्देलखण्ड क्षेत्र का यह इलाका प्रकृति के अनगिनत सौगातों से समृद्ध रहा है। आजादी से पूर्व राजाशाही जमाने में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के घने जंगलों में 5 सौ से भी अधिक बाघ स्वच्छन्द रूप से विचरण करते रहे हैं, यही वजह है कि इस इलाके को बाघों की धरती भी कहा जाता रहा है। लेकिन आजादी के बाद तेजी के साथ मानव आबादी बढ़ी और जंगल सिकुड़ते चले गये। नतीजतन बाघों के प्राकृतिक रहवास उजडऩे लगे और इस शानदार वन्यजीव की संख्या भी घटने लगी। हमेशा बाघों से आबाद रहे बुन्देलखण्ड क्षेत्र के इस इलाके को वर्ष 2009 में तब गहरा झटका लगा जब इस तथ्य का खुलासा हुआ कि पन्ना बाघ अभ्यारण्य में अब एक भी बाघ नहीं बचा। इस खुलासे के बाद पूरे देश में हड़कम्प मच गया। तब आनन-फानन सरकार द्वारा पन्ना में बाघ पुनस्र्थापना योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसी के साथ ऐसे वन अधिकारी की खोजबीन भी शुरू हुई जिसमें वह काबिलियत और क्षमता हो जो पन्ना की खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस ला सके। ऐसी विपरीत और विकट परिस्थितियों में आर. श्रीनिवास मूर्ति को पन्ना बाघ पुनर्स्थापना योजना को मूर्त रूप देने की जवाबदारी सौंपी गई।
किसी को नहीं थी सफलता की उम्मीद
बाघ पुनर्स्थापना योजना के शुरू होने पर किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि बाहर से बाघों को यहां लाकर उनके कुनवे को बढ़ाने में सफलता मिलेगी। हर तरफ आक्रोश और विरोध का माहौल था, ऐसे विपरीत माहौल में कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच से बाघों को पन्ना लाया गया। बेहद साधारण से दिखने वाले आर. श्रीनिवास मूर्ति ने बाघों को पन्ना में फिर से बसाने के लिये खुद भी जंगल को अपना बसेरा बना लिया और जुनून की हद तक बाघों को आबाद करने के काम में जुट गये। बाघों के लिये अनुकूल और सुरक्षित वातावरण बनाने के लिये उन्होंने कड़े कदम भी उठाये और कई प्रभावशाली लोगों को जेल तक पहुँचा दिया। बाघों के प्रति उनका सम्मान तथा लगन और मेहनत को देख कुछ लोग मूर्ति जी से प्रभावित हुये तथा उनके कार्य में सहभागी भी बने। धीरे-धीरे समर्थन और सहयोग करने वालों का कारवां बढऩे लगा नतीजतन पन्ना में यह नारा दिया गया जन समर्थन से बाघ संरक्षण, जिसका चमत्कारिक असर हुआ।

जनता का समर्थन
जन समर्थन से बाघ संरक्षण का नारा इतना प्रभावी और कारगर हुआ कि छोटे-छोटे स्कूली बच्चे भी बाघ संरक्षण की मुहिम से जुडऩे लगे। इस बीच कान्हा और बान्धवगढ़ से आई बाघिनों ने नन्हे शावकों को जन्म देकर वीरान से पड़े पन्ना टाईगर रिजर्व को फिर से गुलजार कर दिया। फिर तो सफलता की नित नई ऊँचाईयों को बाघ पुनर्स्थापना योजना छूने लगी। इस योजना के तहत यहां पर अनाथ और पालतू बाघिनों को जंगली बनाने का करिश्मा भी घटित हुआ, जिससे पन्ना पार्क विश्व स्तर पर चर्चित हो गया। बीते 7 वर्षों में पन्ना टाईगर रिजर्व में 55 से भी अधिक बाघ शावकों का जन्म हो चुका है। पन्ना में जन्मे बाघ अब बुन्देलखण्ड और बघेलखण्ड के अलावा अन्य इलाकों में भी विचरण कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने चुकाई बड़ी कीमत, अभाव में जीने को मजबूर
पन्ना टाइगर रिजर्व के चारों और रहने वाले ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ इसलिए नहीं मिल पाता क्योंकि आसपास टाइगर रिजर्व बसा हुआ है तमाम नियम कायदों में उलझा कर यहां का उद्योग चौपट कर दिया गया है लोग अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति भी नहीं कर पाते तमाम कष्टों के बावजूद दिल में पत्थर रखकर बाग का संरक्षण करते हैं इसके लिए भारी कीमत भी चुकानी पड़ी है बिना समर्थन और ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव के बड़े क्षेत्र में बफर जोन घोषित कर दिया गया इसके लिए नियम कायदों की भी परवाह नहीं की गई विरोध हुआ सरकार के निर्देशों का पालन भी नहीं हुआ और बफर जोन बना दिया गया अभी टाइगर रिजर्व के कारण पूरे इलाके का विकास प्रभावित है इसके बावजूद यहां के लोग बाघों से प्रेम करते हैं आर्थिक तंगी में जीवन यापन करने के बावजूद जंगल और बाघ चाहते हैं पर जिस तरीके से खतरा मंडरा रहा है उससे पन्ना में दोहरी मार पड़ने की उम्मीद है पन्ना टाइगर रिजर्व से लगी सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को भारी अभाव में जीवन यापन करना पड़ता है