मोदी सरकार ने बनाया किसान हितेषी बिल,, कांग्रेस कर रही गुमराह :– बृजेंद्र सिंह
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पन्ना के पॉलिटेक्निक कॉलेज में हुआ किसान सम्मेलन
टेलीविजन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान ने किया संबोधित
मंत्री बृजेंद्र सिंह ने कहा कांग्रेस कर रही है है किसानों को गुमराह,, किसानों के हित में है बिल

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना की पॉलिटेक्निक ग्राउंड में आज किसान सम्मेलन का आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में जिले के किसान शामिल हुए यूं तो सभी ब्लाकों में किसान सम्मेलन आयोजित किए गए थे पन्ना इसमें खास था क्योंकि मध्य प्रदेश शासन के खनिज एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह मौजूद थे उन्होंने किसानों को कृषि बिलों की फायदे की बारीकी से जानकारी दी
इसी सभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीविजन के माध्यम से संबोधित किया और कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि किसानों की आय दुगनी हो अब तक जो हमने एमएसपी पर खरीदी की है कभी कांग्रेस सरकार नहीं कर पाई हमने सबसे ज्यादा फसल का रेट दिया है हम लगातार किसानों को सशक्त बनाने की कदम उठा रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग अपने घोषणापत्र में किसान हित की बात करते थे वही आज किसानों को गुमराह करने में लगे हैं मैं कभी भी अन्नदाता किसानों को नुकसान पहुंचाने वाली बात नहीं सोच सकता प्रधानमंत्री ने कहा जिस तरह गंगा का जल पवित्र है नर्मदा का पानी शुद्ध है उसी तरह मेरी और मेरी सरकार की आत्मा किसानों के प्रति पवित्र है मैं कभी भी किसान के विरोध में कोई बात नहीं सोच भी नही सकत
यही बातें मंच से मध्य प्रदेश शासन के मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने भी कही उन्होंने कहा कि किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है भाजपा सरकार ने सोच-समझकर किसानों को फायदा देने वाला बिल पहुंचाया है इस बिल के माध्यम से किसानों का विकास होगा फसलों को उचित मूल्य मिलेगा किसान जहां चाहेंगे जब चाहेंगे वहां का फसल भी सकेंगे बृजेंद्र सिंह ने आगे कहा की किसानों की जो भी भ्रांतियां हैं उन्हें हम दूर कर रहे हैं लेकिन सीधे सच्चे किसानों को कांग्रेस पार्टी के नेता गुमराह करने में लगे हुए हैं इतना अवश्य है इस बिल के माध्यम से जो किसानों की फसलों में बिचौलिए पल रहे थे वह भेजा मुनाफा नहीं कमा पाएंगे इसलिए जो घोटाले की सरकार हुआ करती थी उन्हें बिचौलिए की भूमिका नहीं मिल पा रही है इसलिए उनके पेट में चूहे लौट रहे हैं
बृजेंद्र सिंह ने किसानों से आह्वान किया कि जो कृषि बिल है उनका समर्थन करें और इसी बिल के माध्यम से ही खेती लाभ का धंधा बन पाएगा हमारा प्रयास है कि जिस तरह से सरकारी नौकरी पेशा व्यक्ति का लड़का सरकारी नौकरी चाहता है और किसान का बेटा किसान नहीं बनना चाहता लेकिन हम उसे इतना कारगर बना देंगे कि किसान का बेटा भी किसान बनने की सोचने लगेगा मंच पर जिला पंचायत अध्यक्ष रवि राज यादव पूर्व जिला अध्यक्ष जयप्रकाश चतुर्वेदी भाजपा नेता ब्रजेन्द्र गर्ग,कमल लालवानी, कलेक्टर संजय मिश्र सहित प्रमुख लोग मौजूद रहे वहीं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हो बातें सुनने के लिए जिले की सभी प्रमुख अधिकारी किसान और प्रबुद्ध जन मौजूद थे
स्वतंत्र अवस्थी को मिले 499 वोट,,,(मो-8770087723)

दीपक तिवारी बने किंगमेकर
दूसरे में रहे अक्षय तिवारी
ब्लॉक अध्यक्ष के लिए 200 से अधिक वोटों से जीते सौरव पटेरिया

(शिवकुमार त्रिपाठी) कांग्रेस पार्टी के लंबे समय से चल रही चुनाव प्रक्रिया अंततः आज पूर्ण हो गई युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों के लिए हुए चुनाव में एक माह की गहमागहमी के बीच आज परिणाम घोषित किए गए हैं जो जानकारी प्राप्त हुई है उसके अनुसार पन्ना जिले के लिए जिलाध्यक्ष के जो परिणाम सामने आए हैं उसमें स्वतंत्र अवस्थी निवासी बड़ा बाजार पन्ना को युवक कांग्रेस का जिलाध्यक्ष घोषित किया गया है स्वतंत्र अवस्थी को 499 वोट मिले वही दूसरे स्थान पर अक्षय तिवारी रहे जिसको 423 वोट मिले हैं और और 327 वोट पाकर मृगेंद्र सिंह गहरवार तीसरे स्थान पर रहे इसी तरह पन्ना ब्लॉक अध्यक्ष के लिए दूसरों की वोटों से अधिक अंतर से सौरव पटेरिया अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए हैं
इसी चुनाव में अंकित शर्मा को युवक कांग्रेस का महासचिव चुना गया है
ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग हुई

कांग्रेस पार्टी ने अपने जमीनी स्तर पर संगठन खड़ा करने के लिए युवाओं के बीच चुनाव संपन्न कराए हैं अभी तक जो प्रभारी या कार्यकारी अध्यक्ष हुआ करते थे उनके स्थान पर निर्वाचित अध्यक्ष चुने जाने के लिए ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग का उपयोग किया गया जिसमें एक सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन वोट डाले जाने थे और जो सदस्य थे उनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ रहा था इसलिए आधुनिकता के साथ युवाओं ने बड़े उत्साह से भाग लिया और इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पहली बार संगठन के पदाधिकारियों का वोट करा कर निष्पक्ष रूप से अध्यक्ष चुनने का फैसला किया है जो रिजल्ट सामने आए हैं उससे अब तय है कि कांग्रेश भी जमीनी स्तर पर अपना संगठन खड़ा करने के लिए आगे आ रही है
बागेश्वरधाम भक्त मंडल ने गौशाला में भ्रमण कर गायों को भूसा किया दान
गौ सेवा का संकल्प लिया

पन्ना के बागेश्वर धाम भक्त मंडल द्वारा आज पन्ना की अनाथ गायों के लिए संचालित बाईपास में गौ सदन का भ्रमण किया और गायों के लिए भूसा दान करने के साथ ही गौशाला की गतिविधियों की जानकारी ली साथ ही सभी सदस्यों ने जिले में गौ संरक्षण के लिए काम करने और गोवंश की सेवा का संकल्प लिया बीते दिनों बैठक में तय हुआ था कि जिले में संचालित गौशालाओं की स्थिति ठीक नहीं है गाय भूखी परेशान रहती हैं कई ग्राम पंचायतों में जो गोशाला खोली गई है उनमें मवेशी भी नहीं रखे जाते इस स्थिति को देखते हुए भक्त मंडल ने गौ संरक्षण में अपना सहयोग देने का संकल्प लिया है इसी क्रम में आज बागेश्वर धाम भक्त मंडल ने एकत्र होकर शहर की गौशाला में भूसा दान करने के साथ जिले की अन्य गौशालाओं में नियमित भ्रमण करने की बात कही साथ ही यहां पहुंचे कई सदस्यों ने कि वर्तमान में जो लोग सेवा दे रहे हैं अभी निशुल्क रूप से कार्य कर रहे हैं ऐसे में हम लोग भी समय निकालकर गोसेवा करेंगे और साफ-सफाई के साथ गोवंश को भोजन देने का काम करेंगे अब भक्त मंडल नियमित रूप से गायों की सेवाओं के लिए आगे आएगा
ज्ञात हो कि आए बागेश्वर धाम श्री धीरेन्द कृष्ण जी महाराज ने इच्छा प्रकट की थी कि पन्ना में यहां का शिक्षण मंडल गोवंश के संरक्षण और धर्म संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए आगे आए और कार्य करें क्योंकि भगाए भारतीय संस्कृति में प्रमुख तो है ही प्राकृतिक संतुलन के लिए भी जरूरी है गाय सेवा करने वाले वक्त निरोगी रहते हैं गायों से की सेवा से घर मे समृद्धि आती है प्रमुख रूप से दीपक उपाध्याय, अनंत प्रकाश चतुर्वेदी, सुननु गुप्ता, सतानंद गौतम, राम अवतार पाठक, शिवकुमार त्रिपाठी कल्लू रावत नरेंद्र शुक्ला, बबलू खरे , संजय सेठ अशोक कुमार अरविंद कुमार गुप्ता पप्पू जी अभिषेक खरे, कुंज बिहारी शर्मा सहित बैठक में प्रमुख लोग मौजूद रहे
गौशाला की व्यवस्था में हुआ है सुधार


पन्ना की बाईपास में संचालित गौ सदन में इस समय 120 गए हैं नगर पालिका परिषद पन्ना द्वारा संचालित अनाथ गोवंश की इस गौशाला में पहले स्थिति बहुत खराब थी भूख और प्यास से कई जानवर तड़प कर मर जाते थे ऐसे में नगर की कुछ युवकों ने समिति बनाकर निशुल्क रूप से सेवा करना शुरू किया है जिसमें 10 गो सेवक नियमित सुबह-शाम और दोपहर चारा भूसा साफ सफाई कर गायों की सेवा करते हैं जब से इन लोगों ने निशुल्क रूप से यहां सेवाएं देना प्रदान की है तब से गायो की स्थिति में सुधार हुआ है और गौशाला की व्यवस्थाएं अच्छे से संचालित होने लगी है पानी के लिए बोर करा दिया गया है और इस समिति के सदस्य हरी घास उगा कर गाय और बछड़ा को खिलाते हैं इन्हीं के साथ भक्त मंडल के सदस्य भी सेवाएं देंगे उम्मीद है पन्ना में गोवंश की अच्छे से सेवा होगी गौशाला में सेवा करने वाले लोग दुर्घटनाग्रस्त घायल हुई गायों को लाकर इलाज और शिवा का भी काम करते हैं
जिले में ग्राम पंचायतों में खोली गई गौशालाओं की स्थिति ठीक नहीं
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गौशाला खोली गई हैं जहां तार वारी लगा दी गई पर गाय नदारद हैं जगह-जगह आवारा गाय घूमती मिल जाएंगी पर इनको गौशालाओं में इन्हें नही रखा जाता है न खाना दिया जाता है इसलिए भक्त मंडल पूरे जिले में सभी गौशालाओं की जानकारी जुटाकर नियमित रूप से यहां भ्रमण करेगा उनकी दशा को समाज के सामने उजागर करेगा जिससे यहां होने वाला का दुरुपयोग ना हो और गायों की सेवा हो सके गाय सेवा और इनकी व्यवस्था में सुधार करने का संकल्प बागेश्वर धाम भक्त मंडल ने लिया है
पन्ना शहर का सुनियोजित विकास हमारी जिम्मेदारी : मंत्री
- महज नाम के लिए न हो स्मार्ट सिटी, नगर में दिखना चाहिए कार्य
- खनिज मंत्री ने नगर में चार निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन
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| इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित मुक्तिधाम में भूमिपूजन उपरांत सम्बोधित करते खनिज मंत्री। |
मंदिरों के शहर पन्ना को साफ सुथरा और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पन्ना शहर का सुनियोजित विकास हो, यह हमारी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन हर हाल में किया जायेगा, क्योंकि यहां की जनता ने हमें इसी मंशा से चुना है ताकि पन्ना का विकास हो। यह बात प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को शहर के इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित मुक्तिधाम में अधोसंरचना विकास कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि कार्य गुणवत्ता पूर्ण व समय-सीमा में पूरे हों। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पन्ना महज नाम के लिए स्मार्ट सिटी न हो यहां उसके अनुरूप काम दिखना भी चाहिए।

खनिज मंत्री ने कहा कि शहर के सभी मुक्तिधामों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना तथा वहां का विकास हमारी प्राथमिकता है। यही वह स्थान होता है जहां आकर जीवन की वास्तविकता का बोध होता है। यह स्थल बुनियादी सुविधाओं से युक्त तथा यहां की आबोहवा और वातावरण ऐसा होना चाहिए कि लोग कुछ समय यहां शांतिपूर्वक बैठकर जीवन की सच्चाई से रूबरू हो सकें। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि एक दिन सभी को यहां आना है, इसीलिए इस स्थल को धाम कहा जाता है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर व नगर पालिका के प्रशासक संजय कुमार मिश्रा की ओर मुखातिब होकर कहा कि नई परिषद बनने से पहले मुक्तिधाम के कार्य पूरे हो जाएं इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जाएं। मंत्री श्री सिंह द्वारा आज वार्ड क्रमांक 11 आगरा मोहल्ला के मुक्ति धाम में 34.70 लाख रूपये की लागत से पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य, बाउण्ड्रीबाल निर्माण कार्य, वेटिंग ऐरिया शेड निर्माण कार्य एवं चैकीदार क्वाटर निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके उपरांत आरटीओ आफिस के बगल में बीडी कालोनी के पास मुक्तिधाम की बाउण्ड्रीबाल लागत 13.32 लाख, इन्द्रपुरी कालोनी मुक्तिधाम में इन्टरलॉक पेवर ब्लॉक, आरसीसी वर्निंग शेड एवं बेटिंग एरिया शेड लागत 26.04 लाख तथा इन्द्रपुरी कालोनी के वार्ड क्र. 3 के पार्क की बाउण्ड्रीबाल पेवर ब्लॉक एवं नाली निर्माण कार्य लागत 7.60 लाख रूपये के कार्यो का शिलान्यास किया गया।
विकास कार्यों के संबंध में मंत्री को सौंपा गया आवेदन
नगर की इकलौती सुव्यवस्थित नगर सुधार न्यास कॉलोनी में जन सुविधा की दृष्टि से आवश्यक कार्यों की ओर खनिज मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कॉलोनी वासियों ने इस मौके पर एक आवेदन भी सौंपा। आवेदन में मुख्य मार्ग से छात्रावास एवं मुक्तिधाम तक 5 मीटर चौड़ी सीसी रोड का निर्माण तथा जल निकासी हेतु दोनों तरफ नाली निर्माण कराने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा सामुदायिक भवन का निर्माण, आरक्षित भूमि पर पार्क का निर्माण, शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण, छात्रावास के सामने मार्ग पर सीसी रोड एवं नाली निर्माण, कॉलोनी में साफ-सफाई तथा कचरा उठाने की समुचित व्यवस्था तथा खपत के अनुसार ट्रांसफार्मर की स्थापना व यहां स्थित एकमात्र मंदिर के विकास की मांग रखी गई। इन सभी मांगों को मंत्री श्री सिंह ने जरूरी बताया और इन्हें पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
समयसीमा में पूर्ण होंगे विकास कार्य – कलेक्टर

इस अवसर पर कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि नगर में नागरिक सुविधाओं एवं नगर को आकर्षक बनाने के लिए जिन कार्यो का शिलान्यास किया गया है उन सभी कार्यो को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर का विकास पर्यटन को दृष्टिगत रखते हुए किया जा रहा है। मंदिरों के सौन्दर्यीकरण का कार्य एवं स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत अन्य विकास कार्य किये जा रहे हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पहाडकोठी पर डायमंड म्यूजियम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पुराने पन्ना में पेयजल की समस्या के संबंध में कलेक्टर श्री मिश्र द्वारा बताया गया कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत आगामी आने वाले समय में पाइप लाइन डालकर प्रत्येक घर को पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। मंत्री श्री सिंह द्वारा भूमिपूजन करने तथा जनसुविधाओं के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने की उनकी द्रढ़ इच्छा शक्ति को देख नगरवासियों ने प्रशन्नता व्यक्त की।
सरकारी सार्वजनिक कार्यों में लगाते है अड़ंगे
पन्ना में वन विभाग के बड़े अधिकारियों के कारण नहीं हुआ सड़क का चौड़ीकरण

6 माह में एक दर्जन लोगों की गई जान
एनएच 35 और राजमार्ग 49 का नहीं हो सका चौड़ीकरण
सड़क के किनारे झाड़ियों की नहीं हुई सफाई जिससे सड़क की विजुअलिटी नही होने से हुआ एक्सीडेंट
वन कानूनों की होनी चाहिए समीक्षा :- मंत्री बृजेंद्र

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना में बीते कुछ माह से बाघ आकस्मात मर रहे हैं 2 दिन पूर्व एक्सीडेंट में अकोला के पास मादा शावक के मारे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है वन विभाग में दुख और हड़कंप का माहौल है तो स्थानीय लोग भी चिंतित है टाइगर रिजर्व की कड़ी मेहनत के बाद भी आखिर क्यों पन्ना में इतनी तेजी से टाइगर मर रहे हैं जिसका सबसे बड़ा कारण वन विभाग की कार प्रणाली के साथ बड़े अधिकारियों द्वारा जन हितेषी कार्य में अड़ंगेवाजी करना भी सामने आ रहा है क्योंकि स्टेट हाईवे 49 का जब चौड़ीकरण हो रहा था तब तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर आर श्रीनिवास मूर्ति ने उचित चौड़ीकरण नहीं होने दिया जिस जगह पर बाघ का एक्सीडेंट हुआ वहां सड़क में क्रॉसिंग के लिए बहुत कम जगह है जिस ओर शावक था उधर पुलिया चोड़ी हो गई पर रोड का चौड़ीकरण नहीं होने दिया गया और साइड के फुटपाथ की फीलिंग भी नहीं हुई झाडियां होने के कारण बाघ के छुपकर बैठने की जगह थी झाड़ियां के कारण वाहन चालक को सड़क पूरी तरह नहीं दिखी होगी और तभी बाघ दौड़ा होगा उसे बचाने का अवसर भी नहीं मिला और एक्सीडेंट हो गया मौके पर ही उसकी मौत हो गई दीपावली त्यौहार के दिन इस तरह से शावक के मारे जाने से लोगों में चिंता है क्योंकि जिले में एक्सीडेंट में अक्सर इंसान मरते रहते हैं इस तरह से पहली बार हादसा हुआ जिसमें टाइगर की मौत हुई
सड़क किनारे झाड़ियों की नहीं होती सफाई जिससे नहीं देख पाते जानवर

वन विभाग में सड़क के किनारे झाड़ियों की सफाई , फायर लाइन के लिए सरकार खूब पैसे देती है पर वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा न तो फायर लाइन जलाई जाती और न ही सड़क के किनारे झाड़ियों की सफाई कराई जाती है जिससे आवागमन मैं समस्या तो होती ही है वाहन चालकों को रोड के आस पास कुछ दिखाई नहीं देता जिससे हादसे हो जाते हैं जंगल से होकर गुजरने वाले रास्तों में इस समय कुछ ज्यादा ही घटनाएं हो रही हैं
NOC बदल देने से NH39 का चौड़ीकरण रूका, दुर्घटना में एक दर्जन इंसान मरे

पन्ना से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 39 कच्छ पन्ना से देवी नगर के बीच में उत्तर वन मंडल की तत्कालीन डीएफओ नरेश यादव द्वारा पूर्व की दी गई एनओसी बदल देने से सार्वजनिक आवागमन का मार्ग नहीं बन पाया 2014 में इसकी चौड़ीकरण की 12 मीटर मीटर की अनापत्ति दी गई थी इसके बाद फरवरी 2019 में इसे बदल दिया गया और 5 मीटर कर दिया गया जिससे निर्माण एजेंसी ने सड़क का चौड़ीकरण नहीं किया और बीते 6 माह में 1 दर्जन से अधिक निर्दोष लोगों की एक्सीडेंट में मौत हुई है जिससे वन विभाग के नियम कानून के साथ अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है यदि वन विभाग के अधिकारी रंगबाजी नहीं करें तो संभव है इस तरह की घटनाएं न हो
वन कानूनों की होनी चाहिए समीक्षा :- बृजेंद्र सिंह

मध्यप्रदेश शासन के मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि वन विभाग के नियम कानून विकास कार्यों में बाधक है इससे पन्ना के सार्वजनिक जन हितेषी कार्य प्रभावित हो रहे हैं स्थानीय विधायक एवं शासन में खनिज मंत्री बृजेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सड़क से कोई व्यक्ति गुजर रहा है और जंगली जानवर से एक्सीडेंट होता है गलती चाहे जिसकी भी हो राहगीरों पर कार्यवाही की जाती है यह उचित नहीं है उन्होंने कहा कि हमारे पन्ना के चारों ओर टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्र आता है इसी कारण सड़कों का विस्तार नहीं हो पा रहा पन्ना से होकर गुजरने वाले मार्गों का चौड़ीकरण नहीं हुआ मंडला से हरषबागोह वाले रास्ते पर भी एनओसी नहीं दी गई पन्ना के रोजगार का बड़ा साधन पत्थर खदान बफर जोन, बायोस्फीयर रिजर्व और जैव विविधता जैसे नियमों के कारण राजस्व क्षेत्र में भी हमारी खदानें स्वीकृत नहीं हो पा रही है बंसी मासी खदानों की दूरी ढाई सौ मीटर से 50 मीटर करने के प्रयास करूंगा मंत्री ने आगे कहा मैंने कई बार विधानसभा में भी यह बात उठाई है, अब समय आ गया है कि सार्वजनिक कार्य के लिए वन कानूनों की समीक्षा होनी चाहिए जिससे जंगल के कानून विकास में बाधक न हो
इंसान और जानवर दोनों की हो सुरक्षा
पन्ना में टाइगर रिजर्व बन जाने के बाद यहां वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है जिससे जंगली जानवर बढे हैं और जंगल के राजा की दहाड़ हर जगह सुनाई दे रही है जंगल में जानवरों की सुरक्षा होनी चाहिए यह सभी की प्राथमिकताओं में है पर इंसानों को बचाने के लिए ही जंगल सुरक्षित किए जा रहे हैं इसलिए पन्ना में इंसान और जानवर दोनों की सुरक्षा की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए और जब दोनों सुरक्षित रहेंगे तभी जंगल भी सुरक्षित रहेगा यदि अधिकारी नियम कानूनों के कारण अड़ंगी बाजी करते रहेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब पन्ना में इंसान और जानवरों के बीच भी संघर्ष होने लगेगा और इसका खामियाजा जानवरों उठाना पड़ेगा
बुंदेलखंड की शारदा माता है पन्ना की बड़ी देवी
हर भक्त अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं
नवरात्र शुरू होते ही सजा देवी का दरबार
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोग कर रहे हैं पूजा
कलेही माता में लगी भक्तों की भीड़
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना देश दुनिया में हीरो के लिए जितना प्रसिद्ध है उससे भी कहीं ज्यादा सांस्कृतिक विरासत के लिए भी मशहूर है भगवान राम के चरण यहां पड़े थे आदि शक्ति पीठ मां पद्मावती देवी का स्थान भी पन्ना में है जहां हर भक्तों की मनोकामना को पूर्ण होती ही है बुंदेलखंड के लोग पन्ना की पद्मावती देवी को बड़ी देवी के नाम से जानते हैं और इनका स्थान मैहर की शारदा माता जैसा ही है लोग बड़ी देवी को पन्ना की शारदा माता मानते हैं मां के दर्शन करने पूरे बुंदेलखंड से लोग आते हैं
। जिसे लेकर मान्यता है कि यहां जो भी मनोकामना की जाती है उसे मां भगवती जरूर पूरा करती है। पन्ना में मां सती के पदम यानि पैर गिरे थे और इसीलिए इस शक्तिपीठ की नाम पद्मावती शक्तिपीठ पड़ा।

यहां मां का जो प्राचीन मंदिर है उसे लेकर मान्यता है कि प्राचीन काल में इस क्षेत्र में पद्मावत नाम के राजा हुए थे जो शक्ति के उपासक थे। उन्होंने अपनी आराध्य देवी मां दुर्गा को पद्मावती नाम से इस प्राचीन मंदिर में स्थापित किया। कालांतर में इस क्षेत्र का नाम इसी मंदिर के कारण पद्मावतीपुरी हुआ, जो बाद में परना और वर्तमान में पन्ना के नाम से पहचाना जाता है। पद्मावती देवी का उल्लेख भविष्य पुराण तथा विष्णु धर्मोत्तर पुराण में भी है। ये मंदिर गौण नरेशों का आराध्यस्थल भी था।
पद्मावती शक्तिपीठ के प्रति भक्तों की असीम श्रद्धा और विश्वास है। जानकार कहते हैं कि भक्त इसलिए यहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं क्योंकि यहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
मंदिर की खास बातें

– पन्ना में किलकिला नदी के पास मां का यह प्राचीन देवी मंदिर है। इस मंदिर को स्थानीय बोली मे बड़ी देवन कहा जाता है।
– मंदिर के पुजारी राम कुमार शुक्ला के अनुसार, नवरात्रि में यहां बड़ा आयोजन होता है और देशभर से भक्त आते हैं।
– इस दौरान मां के दरबार में क्षेत्रीय बुंदेली भजन गीत गाए जाते है। मान्यता है कि देवी पद्मावती के आशीर्वाद के कारण ही पन्ना इतना समृद्ध है।
यह है मां सती के टुकड़े-टुकड़े होने की कहानी

मां सती भगवान शिव की पहली पत्नी थी। वह राजा दक्ष की बेटी थी जिसने भगवान शिव को अपनी पुत्री से शादी के लिए मना कर दिया था। उनके इंकार के बाद भी मां सती ने भगवान शिव से शादी की। एक दिन दक्ष राजा ने बड़े यज्ञ का आयोजन किया। उन्होंने सभी ऋषियों और देवताओ को बुलाया लेकिन भगवान शिव को नहीं आमंत्रित किया क्योंकि वे भगवान शिव को पसंद नहीं करते थे।
मां सती ये अपमान नहीं सहन नहीं कर पायी। जब वे पिता से इसका उत्तर जानने यज्ञ स्थल पहुंची तो पिता ने उनका अपमान किया भगवान शिव को भला बुरा कहा। मां सती अपने पति भगवान शिव का अपमान सहन नहीं कर पायी और उन्होंने अपने आप को यज्ञ की अग्नि में भस्म कर दिया।
जब भगवान शिव को इस बारे में पता चला तो क्रोधित शिव ने यज्ञ को नष्ट कर दिया और राजा दक्ष को मार डाला। इसके बाद भगवान शिव मां सती को अपने कंधे पर बिठाकर सम्पूर्ण भूमंडल पर विचरण करने लगे। भूमंडल को स्थिर रखने के लिए भगवान विष्णु ने पीछे से अपने सुदर्शन चक्र से मां सती के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। जिस-जिस स्थान पर मां भगवती के शरीर के टुकड़े गिरे, उन स्थानों पर शक्तिपीठ स्थापित हुए। पन्ना में मां के दाहिना पैर गिरा था, इस कारण इस शक्तिपीठ का नाम पद्मावती शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है।

पन्ना की पद्मावती देवी, मैहर की शारदा माता और पबई की कलेही माता का चमत्कारिक त्रिकोण संबंध
पन्ना शक्तिपीठ और मैहर की शारदा माता का मंदिर और पबई की कालिका माता का मंदिर अपने आप में समानांतर त्रिकोण बनाते हैं। पन्ना से पबई की दूरी 45 किलोमीटर और पबई से मैहर की दूरी 45 किलोमीटर है यानि ये तीनों स्थानों की आपस में दूरी 45 किलोमीटर है। इस तरह ये तीनों देवी स्थान आपस में त्रिकोणीय समानांतर कोण बनाते हैं।
पन्ना के पद्मावती शक्तिपीठ पर देश-दुनिया से लोग दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर की ये भी खास बात है कि यहां गंगा जमुनी संस्कृति की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है। मंदिर में हर जाति, धर्म के लोग मां के चरणों में माथा टेकने आते हैं। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी यहां कई मन्नत लेकर आते हैं।
नवरात्रि शुरू होते ही कन्या भोज शुरू हो जाता है भक्त प्रतिदिन मौजूद कन्याओं को श्रद्धा अनुसार दक्षिणा देकर भोज कराते हैं
ऐतिहासिक महत्व
925 ईसवी में आए तुर्क यात्री इबने कुरदान ने इस स्थान का अपने यात्रा अभिलेख में वर्णन किया है कालिंजर से आगे की यात्रा में लिखा कि परना एक स्थान है जहां गोंड राजाओं का राज्य है शहर की छोटी-छोटी गलियां है और वहां कुलपूज्य देवी मौजूद है साथ ही इस स्थान में एक शिलालेख भी मौजूद है जिसे मैं ब्राम्ही लिपि में कुछ लिखा गया है जो लोग आज पढ़कर नहीं समझ पाते संभवत इसी स्थान का महत्व या निर्माण का समय लिखा है
कलेही माता के दरबार में उमड़ा जनसैलाब

नवरात्र में हर देवी के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है लेकिन पवई में मां कलेही का दरबार निराला है यहां सुबह से ही भक्तों की भीड़ जमा हो जाती है और जो भी मनोकामनाएं मानी जाती सभी पूर्ण होती हैं अद्भुत इस स्थान का धार्मिक और पुरातन महत्व तो है ही ऐतिहासिक महत्व भी है और कई दंत कथाएं जुड़ी हुई है जिसमें कहते हैं कि कलेही माता पहले पर्वत के ऊपर विराजित ही थी और भक्तों की सहूलियत के लिए वे नीचे चली आई मां,, तभी से पतने नदी के किनारे मां की पूजा होती है जाने इस अदभुत दरबार और महत्व को ,,,
विंध्य पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसे पन्ना जिले की पवई का नाम जुबान पर आता है, तो जेहन में दिव्य शक्ति मां कलेही का दिव्य दर्शन सामने आता है। वैसे तो शक्ति स्वरूपा नारायणी के अनेक रूप है, दुर्गा सप्तशती में वर्णित नव-दैवियों में मां कलेही सप्तम देवी कालरात्रि ही हैं। अष्टभुजाओं में शंख, चक्र, गदा, तलवार तथा त्रिशूल उनके आठों हाथों में है। पैर के नीचे भगवान शिव हैं, उनके दायं भाग में हनुमान जी तथा बायं भाग में बटुक भैरव विराजमान हैं। मां हाथ में भाला लिये महिषासुर का वध कर रही हैं। यह विलक्षण प्रतिमा साढ़े तेरह सौ वर्ष पुरानी है, जिसकी स्थापना विक्रम संवत् सात सौ में हुई थी।

पर्वत से नीचे आने की दंत कथा

कहते हैं किन नगायच परिवार की एक आस्था वन महिला प्रतिदिन माता के दरबार में पूजा करने जाती थी जब वह बुजुर्ग हो गई और शरीर कमजोर होने लगा तो उन्होंने 1 दिन माता से बने कि कि मैं अब प्रतिदिन पूजा करने इतने ऊंचे पर्वत पर नहीं आ सकती तब माता ने कहा कि तुम चलो मैं आती हूं लेकिन पीछे मत देखना उस बुजुर्ग महिला ने आगे आगे चलना शुरू किया और पीछे मां कलेही पैदल चली आ रही थी जब नदी के किनारे पहुंची तो अविश्वास की भावना पैदा हुई और उस बुजुर्ग महिला ने पीछे देख लिया और जैसे ही दृष्टि पड़ी मां कलेही वही स्थिर हो गई फिर उस बुजुर्ग महिला ने आगे ले जाने की कोशिश की पर माता नहीं बड़ी तभी से इस स्थान पर यह मंदिर बना है और वही पूजा-अर्चना हो रही है और जब तक वह बुजुर्ग जीवित रही प्रतिदिन माता के दरबार में जा कर पूजा करती थी
बढोलिया परिवार है पुजारी

यूं तो सभी मंदिरों में प्राचीन काल से ही ब्राम्हण पुजारी होते रहे हैं और आज भी ब्राह्मण कुल में जन्मे लोग ही मंदिरों में पुजारी है पर इस कलेही माता मंदिर में बढोलिया परिवार कई पीढ़ियों से लगातार पूजा कर रहा है वंशानुगत इसी परिवार के लोग यहां प्रधान पुजारी होते हैं पवई निवासी बढोलिया परिवार आज भी यहां का पुजारी है बड़ी लगन और श्रद्धा के साथ पूजा करते और कराते हैं और सभी की आस्था इस मंदिर में है
पांच सौ वर्ष पुराना है यहां का मेला
मां कलेही पवई नगर से दो किलोमीटर की दूरी पर पतने नदी के तट पर विराजमान है, इस स्थान की छटा बड़ी मनोरम है। वैसे तो यहां वर्ष भर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है, चैत्र नवरात्र में तो यहां विशाल मेला लगता है, जिसका प्रमाण तकरीबन पांच सौ वर्ष पुराना है। मेले में दूर-दूर से व्यापार करने के लिए व्यवसायी आते हैं। प्राचीन समय से अनाज, मसालों एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं का क्रय-विक्रय भी इसी मेले के माध्यम से होता रहा है। यहां सम्पूर्ण भारत के सभी अंचलों बुन्देलखण्ड, बघेलखण्ड, मालवा, निमाड़ आदि से मां के दर्शनों के लिए लोग आते हैं। इस तथ्य का प्रमाण सिद्व स्थल श्री हनुमान भाटा की सीढ़ियां है, जिस पर उनके नाम व पते आज भी अंकित है।

अखण्ड ज्योति की भी मान्यता

लोक मान्यताओं के अनुसार मां शारदा (मैहर), मां पद्मावती (पन्ना) एवं मां कलेही (पवई) की प्रतिमायें हवा में नब्बे अंश का कोण बनाती है तथा हवा में भी इन सभी मंदिरो की आपस मे दूरियां लगभग साठ किमी है। धन-धान्य की परिपूर्णता और शक्ति के प्रतीक के रूप में मां कलेही की उपासना सदैव प्रचलित रही है। मां कलेही का मुखमण्डल सदैव विशेष चमक बिखेरता है। यह अद्वितीय पाषाण प्रतिमा भारतीय शिल्पकला का अनूठा उदाहरण है। नवरात्र के नव दिवस मां कलेही के सामने अखण्ड ज्योति भी इसी मान्यता के साथ प्रज्ज्वलित की जाती है, ताकि मां की साधना मे कोई विघ्न न आने पाये। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना मां कलेही सुनती है एवं पूर्ण करती है।
भक्त अपनी मन्नते लेकर आते हैं यहां
प्राचीन समय से अनवरत चली आ रही मां कलेही में भक्तों की आस्था आज भी कायम है। इस तथ्य का प्रमाण मंदिर परिक्रमा में लालचुनरी में बंधे हुये हजारों श्रीफल है। यहां भक्त अपनी मन्नते लेकर आते हैं और सच्चे मन से मां कलेही की आराधना करके श्रीफल को लालचुनरी में लपेट कर बांध देते हैं तथा मन्नत पूर्ण होने पर श्रीफल को छोड़कर मनोकामना पूर्ण होने का शुभ संकेत देते हैं। नवरात्र में यहां कन्या भोज कराने वालों की मनोकामनायें अवश्य पूर्ण होती हैं। श्रद्धालु यदि सच्ची श्रद्धा एवं भाव से मां कलेही की परिक्रमा पूर्ण करता है तो भी मां भक्त की पुकार सुनती है। भोर होते ही मां के भक्त नग्न पैर मंदिर में जल, फल, फूल, पत्र एवं प्रसाद लेकर पहुंचते हैं।
जवारों का विशेष महत्व
नवरात्र में यहां जवारों का विशेष महत्व है। एक समय तो मैहर की शारदा माता व पन्ना की फूला माता समेत तकरीबन 150 स्थानों के जवारे यहां आते थे। भक्त अपने सिर पर जवारों को रखकर ढोल, मंजीरों की थाप पर देवी भगतों का गायन कर हेरत अंगेज कारनामे दिखाते हैं। वे बानो एवं त्रिशूल के द्वारा जीभ एवं गले को छेदते हैं। जवारों की यह प्राचीनतम परम्परा धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है जिसे पुर्नजीवित करने का अथक प्रयास मां कलेही धर्माथ समिति द्वारा किया जा रहा है। मंदिर परिसर में मां कलेही दरवार के साथ-साथ संकट मोचन श्री हनुमान जी महाराज की छ: रूद्री प्रतिमा है, साथ ही रूद्र अर्थात शिव भी शिव लिंग के रूप में विराजमान है, ऐसा शिव लिंग भारत वर्ष में अन्यत्र देखने को नही मिलता। पर्वत की तलहटी में 27 फिट के बाबा कैलाशी की विशाल प्रतिमा है, जिनकी जटाओं से गंगा बहती है। मंदिर तथा आस-पास के क्षेत्र में चन्देल कालीन मूर्तियों के अवशेष बिखरे पड़े हैं, जिन्हें सहेजने एवं संवारने की आवश्यकता है।
पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल

पुरातत्व महत्व के स्थलों और प्राचीनतम प्रतिमाओं की सुरक्षा व उनके रख-रखाव का दायित्व समाज का होता है। सिद्ध स्थल श्री हनुमान भाटा एवं मां कलेही धाम हिन्दू धर्म की महान विरासत है, इसे सहेजकर रखना सम्पूर्ण समाज की जिम्मेदारी है। यहां मौजूद प्रतिमायें बेशकीमती हैं, समय-समय पर इनका जीर्णोद्धार होना चाहिए यह मानव सभ्यता के अमूल्य धरोहर है। मां कलेही मंदिर पुरातात्विक महत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां देशी-विदेशी पर्यटक आकर शोध कर सकते हैं। मां कलेही मंदिर मप्र पर्यटन से जुड़ने के बाद पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जहां की खूबसूरत वादियां, पहाड़ों की चोटियां, हरे-भरे वृक्ष, नदी की कल-कल ध्वनि लोगों को बरबस ही अपने और आकर्षित करती है। मां कलेही परिक्षेत्र में ईकोटूरिज्म की गतिविधियों का संचालन किया जा सकता है। बाहर से आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के यहां आने से स्थानीय लोगो को रोजगार के साथ आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक लाभ भी हो सकता है।

धर्मार्थ समिति के प्रयासों से हुआ और बेहतर
देश-दुनिया के साथ यहां की व्यापक जानकारी देने के लिए मां कलेही धर्मार्थ समिति प्रयासरत है एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ ही पुरातात्विक धरोहर के रूप में जमीनी स्तर पर संरक्षित करने की मांग कर रही है। मां की सेवा में समर्पित, मां कलेही धर्मार्थ समिति:- मां के आशीर्वाद, जन सहयोग एवं मां कलेही धर्मार्थ समिति के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि यहां विकास एवं जीर्णोद्धार का कार्य तीव्रगति से चल रहा है। धर्मार्थ समिति के प्रयासों एवं जनसहयोग से यहां शुद्ध पेयजल व्यवस्था, परिसर में ठहरने के लिए धर्मशालायें, कूप निर्माण, आनंद विहार गार्डन, 27 फिट की विषाल शिव प्रतिमा का निर्माण, नव दिवसीय नि:शुल्क भण्डारा, साफ सफाई एवं वृक्षारोपण के कार्य कराये गये है। जन सहयोग से प्राप्त होने वाली वार्षिक आय का लेखा-जोखा भी विजयादशमी के सांस्कृतिक मंच के माध्यम से पूर्ण पारदर्षिता के साथ प्रस्तुत किया जाता है। विशेष:- पंचमी की विशेष आरती, अष्टमी की महाआरती, केश मुण्डन संस्कार की व्यवस्था, भण्डारे में नि:शुल्क भोजन व्यवस्था एवं शुद्ध पेय जल व्यवस्था।
बागेश्वर धाम महाराज जी का दरबार पुरुषोत्तमपुर में आज
- बागेश्वर धाम पीठ आश्रम के पीठाधीश्वर चमत्कारी संत धीरेंद्र कृष्ण महाराज का आगमन पन्ना नगर में हो गया है उनके भक्तों ने बड़े उत्साह के साथ महाराज श्री का स्वागत किया इनके लिए शहर में जगह-जगह स्वागत गीत बनाए गए और आगमानी की गई महाराज श्री ने पन्ना पहुंचते ही पन्ना के प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन किए और पुरुषोत्तमपुर में रात्रि निवास के बाद सुबह निशुल्क श्री राम दरबार का आयोजन किया जाएगा और भक्तगण महाराज जी के चमत्कारों का अनुभव एवं आशीर्वाद ले सकेंगे कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए भक्त नरेंद्र शुक्ला ने बताया कि पुरुषोत्तम मैं सुबह से ही कीर्तन शुरू हो गई है 12 अक्टूबर की सुबह से कन्या भोज के साथ ही महाराज बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर का दरबार शुरू हो जाएगा उनके भक्त और अपनी अर्जियां लगाने वाले श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचेंगे आध्यात्मिक ज्ञान मानव कल्याण , गोवंश एवं भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए महाराज छतरपुर के गढ़ागंज से पन्ना पहुंचे हैं यह दरबार पूरी तरह से निशुल्क है शुक्ला ने आगे कहा के भक्तों के प्रसाद, बैठने आदि की संपूर्ण व्यवस्थाएं की गई है कोरोना से बचाव के साथ भक्तगण महाराज श्री का आशीर्वाद ले सकेंगे उनके अनुयायियों ने श्रद्धालुओं से महाराज जी के दरबार में सम्मिलित होने की अपील की है
पूर्व bjp जिला अध्यक्ष के घर रुके
पूर्व bjp जिला अध्यक्ष सतानन्द गौतन के घर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है महराज जी उनके घर मे रुके है
- भूमि अधिग्रहण के बदले रोजगार के नाम पर हो रहा छलावा
- आवेदन फार्म जमा करते ही घर पहुंचा जवाब आवेदन पर नहीं होगी कार्यवाही
- रेलवे विभाग के अधिकारी बोले पत्र फर्जी
- लगातार किसानों के घर स्पीड पोस्ट से पहुंच रहे हैं पत्र
- कलेक्टर ने कहा उचित कार्यवाही करेंगे
- 1200 लोगों ने जमा किए हैं भोपाल के डीआरएम ऑफिस में नौकरी के लिए आवेदन
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सोते हुये भाई को कुल्हाडी से मारकर हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना
लाल्ले आदिवासी को सुनाई गई सजा 5000 का जुर्माना भी लगाया

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा चिन्हित,जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण में वीडियो कान्फ्रेंसिग से फैसला सुनाते हुये, कुल्हाडी से हमला कर हत्याकारित करने वाले अभियुक्त लाल्ले आदिवासी को आजीवन कारावास की सजा एवं 05 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
प्रकरण के संबंध में जानकारी देते हुये ऋषिकांत द्विवेदी, मी.से.प्रभा./सहा.जि.लो.अभि.अधि. ने बताया कि,थाना-सलेहा में दिनांक 12.06.2020 को फरियादी कोमल आदिवासी पिता-बन्धेजा आदिवासी निवासी-बिकौरा द्वारा सूचना दी गई कि,साहब हम तीन भाई है मेरा बडा भाई दयाराम आदिवासी बकरी चराता है दिनांक 11.06.2019 रात्रि 11.00 की बात है मेरा भाई दयाराम अपने दरवाजे से व लाल्लेआदिवासी अपने दरवाजे पर थे जो कि,एक दूसरे से गाली-गलौच कर रहे थे तब मैने भाई दयाराम को पकडकर समझाकर चौगान में चारपाई में लिटा दिया और समझाया कि,रात्रि काफी हो गई सो जाओं और मैं वापिस घर आकर सो गया सुबह के समय भतीज बहू द्वारा मुझे आकर बताया कि,देखों भईया को क्या हो गया खटिया के नीचे खून पडा है तब मैंने बहू के साथ चौगान में जाकर देखा तो भाई दयाराम खटिया पर शांत लेटा था उसके सामने गर्दन व सीना में गहरे घाव थे जिससे खून निकल रहा था जिसे देख मैं चिल्लाया तो गाव के कुछ लोग आ गये। तब भाई जुगराज ने 100 नंबर पर फोन लगाकर सूचना दी। थाना-सलेहा में अपराध क्र. 154/2019 पर अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम विवेचना आरंभ की गई।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये, उक्त प्रकरण शासन द्वारा चिन्हित,जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया।
प्रकरण का विचारण न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना के न्यायालय में हुआ।शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी दिनेश खरे,प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी,पन्ना द्वारा करते हुये न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया तथा आरोपी के किए गए कृत्य को गंभीरतम अपराध मानते हुये अधिकतम दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। जिसपर माननीय न्यायालय द्वारा अभिलेख पर आई साक्ष्यों,अभियोजन के तर्को तथा न्यायिक-दृष्टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्त लाल्ले आदिवासी पिता हरभजन आदिवासी,निवासी-ग्राम बिकौरा,थाना-सलेहा,जिला-पन्ना,को धारा 302 भा.द.वि. में दोषी मानते हुये आजीवन कारावास और 05 हजार रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
- युवती की हत्या मामले का हुआ खुलासा, मंगेतर ही निकला कातिल
- पुलिस ने सनसनीखेज मामले का 24 घण्टे के भीतर किया खुलासा
- युवती पर शक होने पर मंगेतर ने हत्या की घटना को दिया अंजाम
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| मामले का खुलासा करते पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी तथा पीछे टीशर्ट पहने खड़ा आरोपी। |
शिव कुमार त्रिपाठी,पन्ना। पन्ना जिले में 20 वर्षीय युवती की जघन्य हत्या और नग्न्न्न अवस्था लाश फेंक देेने की में के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज हत्या के मामले में कातिल कोई और नहीं युवती का ही मंगेतर 21 वर्षीय राजकुमार पटेल पिता रामकांत पटेल निवासी ग्राम इटहा मोहंद्रा, जिला पन्ना निकला है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम मड़ैयन निवासी 20 वर्षीय युवती का शव जंगल में शुक्रवार 2 अक्टूबर को सुबह गुंदलहा नाले में अर्धनग्न अवस्था में मिला था। युवती का इस हाल में शव मिलने से जिले में सनसनी फैल गई थी तथा तरह-तरह के कयास और अनुमान लगाये जाने लगे थे। लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पन्ना पुलिस ने पूरी तत्परता के साथ पड़ताल करते हुए 24 घंटे के भीतर ही कातिल को खोज निकाला। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुये अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया । उक्त पुलिस टीम द्वारा पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन करते हुये मृतिका के शव का पी.एम. डॉक्टर पैनल द्वारा कराया गया। थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना द्वारा मृतिका के गाँव पहुँचकर गाँव के लोगो के कथन लिये गये एवं मृतिका के मोबाइल नम्बर की जानकारी ली गई। मृतिका द्वारा उपयोग किये जा रहे मोबाइल की जानकारी साइबर इंटेलिजेंस से प्राप्त हुई। जिसमें मृतिका द्वारा अंतिम बार राजकुमार पटेल निवासी ग्राम इटहा मोहंद्रा से बात होना पाया गया। इंटेलिजेंस जानकारी के आधार पर संदिग्ध राजकुमार पटेल की खोजबीन करने पर वह घर में नहीं मिला। यह युवक मोटरसाइकिल से कहीं बाहर भागने की फिराक में था। लेकिन पुलिस की चौतरफा नाकेबंदी और सक्रियता के चलते वह भागने में सफल नहीं हुआ। वह भाग पाता उससे पहले ही पुलिस को मुखबिर से युवक के बारे में सूचना मिल गई, फलस्वरूप पुलिस ने घेराबंदी कर उसे बायपास रोड पन्ना में दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व उसकी शादी मृतिका के साथ हुई थी। मैं जब उसे फोन करता तो कई बार वह मेरा फोन नहीं उठाती थी, जिससे मुझे उस पर शंका होने लगी। घटना दिनांक 27 सितंबर को आरोपी ने फोन करके युवती को नाले के पास बुलाया, जहां दोनों के बीच वाद विवाद हुआ। फल स्वरुप उसी के दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी और लाश नाले में फेंक दिया। उसके बाद मै वापस अपने घर इटहा आ गया । पुलिस द्वारा आरोपी के बताये अनुसार आरोपी के आने जाने वाले रास्तो के सी.सी.टी.व्ही. फुटेज को चेक किया गया जिसमे उक्त आरोपी घटना दिनांक को अपनी मोटर साइकिल से घटनास्थल की तरफ जाते हुये दिखा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतिका की पीएम रिपोर्ट में अभी बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा आरोपी का सीमेन स्लाइड प्रजर्व कराया जाकर जाँच हेतु फारेंसिक लैब भेजा जा रहा है। जिसके अनुसार जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने पर बलात्कार के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट होगी। उसी के अनुसार अग्रिम विवेचना कार्यवाही की जावेगी । मेमोरेण्डम कथन अनुसार आरोपी द्वारा घटना कारित करने के बाद मृतिका का मोबाइल एवं घटना कारित करते समय आरोपी द्वारा पहने गये अपने कपडे कहीं छिपा देना बताया है जिसे पुलिस रिमाण्ड में लिया जाकर जप्त किया जावेगा।
मामले के खुलासे में इनका रहा सराहनीय योगदान

हत्या के इस संगीन और सनसनीखेज मामले के खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अलावा इनका सराहनीय योगदान रहा। सफलता दिलाने वाली टीम में थाना प्रभारी कोतवाली अरूण सोनी, उनि जे. एम. सिहं, उनि राहुल यादव, उनि व्हीके अहिरवार, उनि जया सोनी, प्रआर. रामकृष्ण पाण्डे , शिवेन्द्र सिहं , प्रेमलाल पाण्डेय , सायबर सेल से नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी , धर्मेन्द्र सिंह राजावत एवं पुलिस टीम से आर. राजेश सिहं ,बीरेन्द्र कुमार, रामपाल बागरी, राजीव मिश्रा, मोहन सिंह, दीपप्रकाश , प्रदीप पाण्डेय, रविकरन , केशव , सुनील, रोहित , मुन्ना , रवि खरे शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा उक्त पुलिस टीम को नगद पुरूस्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है ।