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पन्ना टाइगर रिजर्व में इतने दिखे बाघ कि मन गया टाइगर डे , टूरिस्ट हुए रोमांचित लोकायुक्त पुलिस की बड़ी कार्यवाही,- अमानगंज नप अध्यक्ष सारिका खटीक रिश्वत लेते गिरफ्तार, खजुराहो लोकसभा में उम्मीद से कम 56.09 प्रतिशत मतदान, 2019 तुलना में 12 फ़ीसदी कम हुई वोटिंग खजुराहो लोकसभा में चुनाव प्रचार थमा - बीडी शर्मा ने किया जनसंपर्क, जगह-जगह स्वागत ,, सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस

खजुराहो लोकसभा में उम्मीद से कम 56.09 प्रतिशत मतदान, 2019 तुलना में 12 फ़ीसदी कम हुई वोटिंग

कल्दा के सरसा गांव में वोटिंग का बहिष्कार, सांसद के आश्वासन के बाद शुरू हुई वोटिंग

वोटिंग कम होने से से ऐतिहासिक जीत की उम्मीद घाटी

बीडी शर्मा ने लिया भगवान जुगल किशोर और मनीष गजेंद्र स्वामी का आशीर्वाद

 

 (शिवकुमार त्रिपाठी) खजुराहो लोकसभा में आज वोटिंग संपन्न हो गई और द्वितीय चरण की मतदान में उम्मीद से कम वोटिंग देखने को मिली हालांकि सांसद विष्णु दत्त शर्मा लगातार जनता के बीच में थे और अपील करते रहे की अच्छा मतदान करें इसके बावजूद त्यौहार के सीजन और लोगों की व्यवस्था के कारण तथा चुनाव में जोश कम होने के कारण विगत वर्ष की तुलना में इस बार 12 फीस थी मतदान हुआ है लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत शुक्रवार को खजुराहो संसदीय क्षेत्र के लिए मतदान हुआ। पन्ना जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए कुल 901 मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं ने सुबह से ही पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। लोकतंत्र के महापर्व पर बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं सहित महिला-पुरूष एवं युवा मतदाताओं द्वारा भी मतदान किया गया। खजुराहो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 56.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

खजुराहो लोकसभ में उम्मीद से कम मतदान हुआ 56.09% वोटिंग हुई ,, 2019 की तुलना में 12 फ़ीसदी कम वोटिंग हुई

विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र का नाम और नंबर

गुन्नौर – 59

59.71%

चांदला – 49

50.05%

पन्ना – 60

58.61%

पवई – 58

60.64%

बहोरीबंद – 94

54.00%

मुड़वारा – 93

51.44%

राजनगर 50

57.28 %

विजयराघवगढ़ 92

56.25%

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया मतदान

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार ने सुबह शासकीय मनहर कन्या उ.मा. विद्यालय में बनाए गए मॉडल पोलिंग बूथ पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में मतदान अवश्य करें। मतदान केन्द्र पर उपस्थित सभी मतदाताओं से चर्चा भी की। इसी तरह पुलिस अधीक्षक ने शहर के मतदान केन्द्र क्रमांक 183 पर पहुंचकर वोट डाला। इसके अलावा जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय, अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र, अतिरिक्त सीईओ अशोक चतुर्वेदी सहित निर्वाचन कार्य कार्य में संलग्न अन्य लोकसेवकों द्वारा भी मतदान किया गया।
युवा एवं बुजुर्ग मतदाताओं ने भी दिखाई दिलचस्पी
जिले के तीन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत 901 मतदान केन्द्रों पर संपन्न हुुए मतदान में बुजुर्ग, दिव्यांग व युवा मतदाताओं ने भी उत्साह के साथ भागीदारी की। मतदान के लिए सभी मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के दृष्टिगत मूलभूत व्यवस्थाएं व सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे। विशेष श्रेणी के मतदान केन्द्रों में आकर्षक तरीके से साज-सज्जा भी की गई थी।

खजुराहो क्षेत्र के लिए अपरिचित है मनोज यादव,,,

 बीडी शर्मा की होगी बड़ी जीत

मनोज यादव सपा प्रत्याशी अखिलेश यादव के साथ

 

 (शिवकुमार त्रिपाठी)  मध्य प्रदेश की बहुचर्चित खजुराहो लोकसभा 8 से जहां भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा चुनाव लड़ रहे हैं गठबंधन में कांग्रेस ने यह सीट समाजवादी पार्टी को दे दी है,, इस गठबंधन में आज समाजवादी पार्टी ने मनोज यादव को  अपना प्रत्याशित घोषित किया है,पा नेता मनोज यादव की इस क्षेत्र में अभी कोई पहचान नहीं है जैसे ही प्रत्याशी घोषित हुआ लोग इसकी जानकारी इकट्ठी करने लग गऐ कि आखिर जो सपा प्रत्याशी घोषित हुए हैं कौन हैं

अभी तक जो प्रारंभिक जानकारी प्राप्त हुई है मनोज यादव को सपा ने पहले बिजावर से टिकट दिया था बाद में बदलकर रेखा यादव को दे दी और उन्होंने पर्चा वापस ले लिया था मनोज यादव के बारे में और जो जानकारी प्राप्त हुई है वह विदिशा से चुनाव लड़ चुके हैं और इंदौर के रहने वाले हैं शेष अभी संपूर्ण जानकारी होना बाकी है

 भाजपा की होगी बड़ी जीत

समाजवादी पार्टी ने अपरिचित प्रत्याशी को देकर जहां मध्य प्रदेश में अपना पहला प्रत्याशी उतारा है वहीं इस क्षेत्र से अपरिचित होने के कारण लोग यह कह रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की बड़ी जीत होगी और सपा बड़ा झटका मतदाता देंगे

 

कांग्रेस एक समस्या है वह समस्या बनाने में विश्वास करते हैं और भाजपा समाधान है- योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पन्ना के अजयगढ़ में की सभा

भाजपा के लिए मांगा समर्थन

प्रदेश के खनिज मंत्री एवं भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र प्रताप सिंह ने विकास कार्य गिनाकर मांगे वोट

(शिवकुमार त्रिपाठी)- भारतीय जनता पार्टी के करिश्माई हिंदुत्व चेहरे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में पन्ना जिले के अजयगढ़ में जनसभा की और भाजपा की पक्ष में जन समर्थन मांगा आज हेलीकॉप्टर से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे अजयगढ़ पहुंचे कांग्रेस शासन की तीखी आलोचना की और कहां देश का भविष्य भाजपा ही बना सकती है और लोगों को कम और रोजगार भाजपा सरकारों ने ही दिए हैं


योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप हमारे क्षेत्र से जुड़े हैं उत्तर प्रदेश से आपका आना-जाना और नाते रिश्तेदारी है उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त अच्छा शासन हो गया है मैं चाहता हूं कि जब सत्ता में बुरे लोग आ जाते हैं तो बड़ा शासन होता है इसलिए आप अच्छे लोगों को चुने अब उत्तर प्रदेश की पहचान माफियाओं से नहीं प्रभु राम से है झांसी रानी की रानी और अवंतीबाई से है लोगों को रोजगार अच्छा शासन अच्छे लोगों के काम करने से बनता है कांग्रेस लंबे समय तक शासन किया पर mp को पहचान नहीं दे पाई कांग्रेस ने विकास नहीं किया हम हर घर नल से आरो जैसा पानी दे रहे हैं, सभी को स्वास्थ्य भाजपा सरकार ने दिया मध्य प्रदेश सरकार की लाडली बहना और लाडली लक्ष्मी योजना की तारीफ की, कांग्रेस कोई विकास की योजना नहीं दे पाई और प्रदेश की छवि भी अच्छी नहीं बनी
योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी को भी निशाने में लिया उन्होंने कहा कि मैंने देखा है कि वह केदारनाथ गए हैं वह इसलिए केदारनाथ गए क्योंकि वह जानते हैं कि वह हारने वाले हैं
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस एक अपने आप में समस्या है अब आपसे करिए कि कांग्रेस जैसी समस्या चाहिए या भाजपा जैसा समाधान यदि समाधान चाहिए तो भाजपा सरकार को वोट दें

इस बीच मंच से बोलते हुए पन्ना से भाजपा प्रत्याशी एवं प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने अपने कार्यकाल के विकास कार्य गिनाए उन्होंने कहा कि बिरापुल छाते की मार्ग स्वास्थ्य मेडिकल कॉलेज एग्रीकल्चर कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं मैं अपने किए गए विकास कार्यों पर आपसे अपना समर्थन मांग रहा हूं और उन्होंने कहा कि 17 नवंबर को कमल का बटन दबाकर मुझे भी जीव बनाएं

योगी आदित्यनाथ को सुनने के लिए उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश सीमा की गांव से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे उन्होंने दीपावली में अयोध्या में दिए जलाने और 500 वर्षों बाद जनवरी में राम मंदिर निर्माण कर राम लाल की स्थापना की भी चर्चा की और भाजपा के पक्ष में समर्थन मांगा

 

जेके सीमेंट सेंट्रल लिमिटेड पन्ना प्लांट हरदुआ कैन द्वारा बोदा ग्राम में ई क्लास रूम का किया शुभारंभ बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा

(शिवकुमार त्रिपाठी) उद्योग विहीन पन्ना में इकलौता प्लांट जो अमानगंज तहसील अंतर्गत आने वाले हरदुआ कैन में स्थापित है जिसके द्वारा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है इसी कड़ी में आज जेके सीमेंट सेंट्रल लिमिटेड पन्ना हरदुआ केन के द्वारा बोदा ग्राम के सशकीय माध्यमिक विद्यालय में बीते दिनों ई क्लास रूम का निर्माण किया गया था जिस बिल्डिंग का आज शुभारंभ जेके सीमेंट ग्रुप के सीओओ रजनीश कपूर द्वारा किया गया जहां मैन्युफैक्चरिंग हेड एसके राठौर मौजूद रहे इन क्लास रूम के शुभारंभ को लेकर सीओओ रजनीश कपूर ने कहा की बच्चों को कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन क्लासों का संचालन होगा जिन्हें टेक्नोलॉजी के बारे में बताया जाएगा जिससे बच्चे आज के आधुनिक युग में बड़े महानगरों की तर्ज पर आगे बढ़ेंगे और अपना भविष्य उज्जवल करेंगे तदोपरांत जेके सीमेंट प्लांट द्वारा जीर्णोद्धार किए गए विद्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया जहां जेके सीमेंट कंपनी द्वारा बच्चों के लिए ठंडा पानी पीने एवं साफ स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य वाटर फिल्टर फ्रीजर आर ओ विद्यालय परिवार को उपलब्ध कराया साथ ही विद्यालय के आसपास वृक्षारोपण किया गया

हम आपको बता दें कि विद्यालय मैं पढ़ने वाले बच्चों के लिए जेके सीमेंट प्लांट हरदुआ केन द्वारा फेंसिंग वर्क, वॉल पेंटिंग, एवँ विद्यालय के खराब पढ़े मेन गेट की जगह पर दूसरे गेट का निर्माण कार्य कराया गया साथ ही पुट्टी पुताई, दीवालो पर रंग रोगन, जर्जर खस्ता बिल्डिंग की पूर्ण मरमत, छत की मरम्मत, वाटर कूलर, आर ओ , सहित वृक्षारोपण किया गया, एवं छात्र छात्राओं के लिए अलग- अलग शौचालयों का निर्माण कराया गया जिनका आज शुभारंभ हुआ इसके बाद जेके प्लांट के अधिकारियों द्वारा बच्चों से कुछ सवाल किए सभी बच्चों ने सवालों के सही जवाब दीए जिस पर जेके सीमेंट कंपनी के अधिकारियों द्वारा सभी को प्रोत्साहित करते हुए गिफ्ट भेंट की

 

गौरतलब हो की प्लांट लगातार क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज सहित कई प्रकार के आयाम स्थापित करने के प्रयास में जुटा है कार्यक्रम में जेके सीमेंट ग्रुप के सीओओ रजनीश कपूर, मैन्युफैक्चरिंग हेड एसके राठौर जेके सीमेंट पन्ना हरदुआ कैन प्लांट के हेड अनिल बड़गोत्री पवई एसडीओपी सौरभ रत्नाकर एवं जनरल मैनेजर ए पी सिंह शासकीय माध्यमिक विद्यालय बोदा के प्राचार्य द्विवेदी जी मौजूद रहे वही आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में, जेके प्लांट टीम का अहम योगदान रहा l

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह रामकिशोर कावरे उषा ठाकुर होंगी शामिल

राष्ट्रीय वॉलीबाल चैंपियनशिप की तैयारियां पूर्ण, पूरे देश के खिलाड़ी पन्ना पहुंचे

वॉलीबाल पुरुष /महिला चैंपियनशिप का उद्घाटन कार्यक्रम

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना राष्ट्रीय वॉलीबाल पुरुष /महिला चैंपियनशिप का उद्घाटन दिनांक 16 दिसंबर को स्थानीय तलैया ग्राउंड पन्ना में आयोजित किया जा रहा है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में गिरीश गौतम विधानसभा अध्यक्ष,सुश्री उषा ठाकुर संस्कृति मंत्री, बृजेंद्र प्रताप सिंह खनिज मंत्री, रामकिशोर नानो कावरे प्रभारी मंत्री, प्रहलाद लोधी विधायक पवई उपस्थित मैं संपन्न होगा ,उक्त कार्यक्रम के संरक्षक क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा हैं एवं आयोजन मध्य प्रदेश(ए) वॉलीबाल एसोसिएशन द्वारा इस आशय की जानकारी भाजपा खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्रवण मिश्रा द्वारा प्रेस वार्ता दी
मिश्रा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आयोजित खेलों के प्रत्येक दिन को हम महोत्सव के रूप में मनाएंगे उक्त खेलों का समापन कार्यक्रम दिनांक 22 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा !

उन्होंने पन्ना नगर वासियों से जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि इस खेल के महाकुंभ में आप सब सम्मिलित होकर आनंदित हो एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें पन्ना में खेलो को लेकर लोगों के मन में उत्साह का भाव रहता है और खेल भावना के साथ लोग खेल खेलते हैं यही कारण है कि यहां के लोगों को खेलों से लगाओ है

  1. मिश्रा ने कहा कि इस खेल आयोजन में लगभग 1280 खिलाड़ी आ रहे हैं अब तक 22 महिला टीमें एवं 26 पुरुष वर्ग की टीमें पन्ना आ चुकी है उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर को सबसे पहले (गजानन पैलेस) कुमकुम टॉकीज से खिलाड़ी शहर के मुख्य मार्गो से होकर मार्ग पास्ट में सम्मिलित होंगे तदोपरांत सभी खिलाड़ी खेल मैदान तलैया फील्ड पहुंचेंगे ,
    जहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ चैंपियनशिप का ध्वजारोहण
    का भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा किया जाएगा!
    मार्च पास्ट को क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं क्षेत्रीय विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह झंडी दिखाएंगे साथ ही साथ प्रत्येक दिन देश के विभिन्न राज्यों से अतिथि गण, खिलाड़ी गण सम्मिलित होंगे एवं मुख्य अतिथि के रूप में देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां सम्मिलित होगी यह कार्यक्रम पन्ना जिले के लिए एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि है इस कार्यक्रम से बच्चों में खेल भावना का विकास होगा खेलों के प्रति उनका रुझान होगा और आने वाले समय में इस शहर से भी खेलों के क्षेत्र में प्रतिभाएं आगे निकलेगी ,

  2. देशवासियों से अपील की है कि आयोजित चैंपियनशिप में सम्मिलित होकर खेलों का आनंद लें व कार्यक्रम को सफल बनाएं आयोजित वार्ता में उपस्थित रहे

  3. भाजपा खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्रवण मिश्रा एवं मध्य प्रदेश वालीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष रूद्र प्रताप जी व
    मंदसौर जिले के भाजपा महामंत्री विजय अटवाल प्रदेश सह मीडिया प्रभारी आशीष तिवारी संयोजक व जिला उपाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश शिवहरे जिला सह मीडिया प्रभारी अजय पाठक आयोजित वार्ता में उपस्थित रहे!

सांसद बीडी शर्मा एवं प्रभारी मंत्री रामकिशोर कावरे ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण,

व्यवस्था सुधारने दिए निर्देश

यादवेंद्र क्लब का भी किया दौरा

(शिवकुमार त्रिपाठी)भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद बीडी शर्मा ने आज पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री रामकिशोर कावरे के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर औचक निरीक्षण किया है अचानक आज पैदल ही सांसद विष्णु दत्त शर्मा प्रभारी मंत्री रामकिशोर नानू कमरे, कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा एवं एसपी धर्मराज मीणा जिला चिकित्सालय पहुंचे और उन्होंने पूरे अस्पताल में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया सांसद ने पहुंचते ही परामर्श केंद्र का निरीक्षण कर कहा कि यहां कुछ कंबल रखें L·औरजरूरतमंद मरीजों के परिजनों को दे इसके बाद अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए सांसद एवं प्रभारी मंत्री सर्जिकल वार्ड पहुंचे

जहां उन्होंने व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए और एक मरीज जिसका बीते 5 दिनों से ब्लड की कमी के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था उन्होंने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि आज ही ब्लड उपलब्ध कराकर ऑपरेशन कराएं मडला गांव निवासी श्याम लाल की पत्नी ने जैसे ही सांसद बीडी शर्मा और प्रभारी मंत्री रामकिशोर कावरे को देखा अपना दर्द नहीं छुपा सकी और जोर-जोर  से रोते हुए अपनी समस्या बताई तब सांसद ने तत्काल ब्लड उपलब्ध कराकर ऑपरेशन कराने के निर्देश दिए इसके बाद संपूर्ण अस्पताल का निरीक्षण करते हुए

सांसद विष्णु दत्त शर्मा निर्माणाधीन 100 बिस्तर अस्पताल भवन पहुंचे और गुणवत्ता ठीक रखने और पूरे प्लान के साथ संपूर्ण अस्पताल की इंटरकनेक्टिविटी करने के निर्देश दिए प्रभारी मंत्री ने कहा कि किचन में अक्सर अवस्थाएं रहती हैं तो तत्काल किचन पहुंचे और बारीकी से उसके संचालन एवं भोजन वितरित की जाने वाली खाद्य सामग्री की जानकारी ली तभी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा भी उठा इस बीच सांसद ने कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को निर्देश देते हुए कहा कि मेडिकल कालेज बनाने की दिशा में पहल करें और उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की योजना बनाएं मैं पन्ना जिला चिकित्सालय को

मेडिकल कालेज का दर्जा दिलाऊंगा उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन आरक्षित करने के निर्देश दिए और कहा कि पन्ना का विकास हो ऐसे प्रयास करने होंगे इस बीच प्रभारी मंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएस उपाध्याय एवं सिविल सर्जन डॉ आलोक गुप्ता को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारी जाए और जो भी मरीज आते हैं उन्हें सरकार की समस्त योजनाओं का लाभ मिलना ही चाहिए इसके बाद सभी अतिथि रेडक्रास दुकान पहुंचे और उसके

संचालक तरुण पाठक से बात करते हुए जिले की रेडक्रास की व्यवस्थाओं की जानकारी ली सांसद बीडी शर्मा ने कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा निर्देश दिए कि बहुत से छोटे छोटे कार्य जो व्यवस्था के अनुरूप तत्काल नहीं हो पाते हैं उन्हें रेडक्रास से तत्काल पूर्ण कराकर लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता में रखकर अस्पताल की व्यवस्थाओं का संचालन करें सांसद एवं प्रभारी मंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना ही होगा तभी मरीजों को उचित लाभ मिल सकता है

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श्रीकांत दीक्षित के पीसीसी मेंबर चुने जाने पर हर्ष व्यक्त

कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां शुरू की

 

 

(शिवकुमार त्रिपाठी) जिला पंचायत के अध्यक्ष पद की चुनावी सरगर्मियां तेज है कल 29 जुलाई को अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा इस बीच, कांग्रेस नेता भरत मिलन पांडे की पत्नी माया पांडे जो वार्ड क्रमांक 2 चुनाव हारी है उन्होंने मतगणना में हेरा फेरी और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें कल से अजय गढ़ क्षेत्र में अंदर खाने चर्चा है कि जिला पंचायत के चुनाव में रोक लगा दी गई है जबकि ऐसा नहीं हुआ है जिला पंचायत के चुनाव पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही कराए जाएंगे लेकिन कांग्रेस नेता भरत मिलन पांडे की पत्नी द्वारा लगाई गई याचिका को स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट जबलपुर में वार्ड क्रमांक 2 के जिला पंचायत की सभी 70 बूथों की मूल गणना पत्रक एवं गणना रजिस्टर को तलब किया है और अगली सुनवाई 4 अगस्त को की जाएगी इस दौरान निर्वाचन की कृति किसी भी प्रक्रिया में रोक नहीं लगाई गई है यानी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ही चुनाव संपन्न होंगे

 

हाई कोर्ट जबलपुर की आदेश का हिंदी रूपांतरण

मध्य प्रदेश का उच्च न्यायालय जबलपुर में 2022 का WP नंबर 17105 (श्रीमती माया पांडे बनाम मध्य प्रदेश और अन्य राज्य) दिनांक : 27-07-2022 श्री भूपेश के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता श्री शशांक शेखर याचिकाकर्ता के विद्वान अधिवक्ता तिवारी ने कहा। श्री स्वप्निल गांगुली, विद्वान उप महाधिवक्ता, श्री ललिता के साथ जोगलेकर, विद्वान सरकारी अधिवक्ता, प्रतिवादी/राज्य की ओर से। प्रतिवादी क्रमांक 2 एवं 3 के विद्वान अधिवक्ता श्री प्रवनलाघन पाण्डेय श्रीमती निर्मला नायक, प्रतिवादी संख्या 7 की विद्वान अधिवक्‍ता। दाखिले और अंतरिम राहत के सवाल पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने प्रस्तुत किया कि चुनाव वार्ड संख्या 2 के लिए सदस्य, जिला पंचायत, पन्ना का पद, जैसा कि निर्धारित है: म.प्र.पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 के नियम 28 को अधिसूचित किया गया था: अधिसूचना दिनांक 27.05.2022। पूर्वोक्त चुनाव में याचिकाकर्ता ने उक्त पद के लिए अपना नामांकन प्रस्तुत किया। कुल 13 उम्मीदवार थे, जो अंतत: वार्ड के लिए सदस्य जिला पंचायत पन्ना पद के विरुद्ध चुनाव लड़ा नंबर 2 द्वारा अधिसूचित 70 मतदान केंद्र / मतदान केंद्र थे सक्षम प्राधिकारी। निर्धारित दिन पर, द्वारा वोट डाले गए थे संबंधित मतदाता। इसके बाद 25 को मतगणना हुई। 26.06.2022। मतगणना पूरी होने के बाद संबंधित मतदान स्टेशनों ने संबंधित उम्मीदवारों को या उनके मतदान को परिणाम पत्रक जारी किया एजेंट। परिणाम 14.07.2022 को निर्धारित किया गया था। परिणाम पत्रक में उल्लिखित मतों के अनुसार याचिकाकर्ता था एक विजयी उम्मीदवार के रूप में उभर रहा है जिसने अधिक वोट प्राप्त किए हैं और याचिकाकर्ता निर्वाचित घोषित होने की संभावना थी। इसी बीच याचिकाकर्ता को पता चल गया

विश्वसनीय स्रोतों से पता चलता है कि इसमें हेरफेर करने की साजिश रची जा रही है मंच पर याचिकाकर्ता की हार सुनिश्चित करने के लिए वार्ड नंबर 2 का चुनाव 14.07.2022 को परिणाम के सारणीकरण का। नतीजे आने पर याचिकाकर्ता की आशंका सच हुई हेरफेर किया। सारणीकरण में ओवरराइटिंग थी और इस तरह कुल वोट याचिकाकर्ता द्वारा सुरक्षित कम किया गया था; जबकि अन्य उम्मीदवारों के वोट की हेराफेरी की गई और प्रतिवादी संख्या 7 की सूची में जोड़ा गया। के आधार पर इस तरह की हेराफेरी में प्रतिवादी संख्या 7 को निर्वाचित घोषित किया गया। याचिकाकर्ता के विद्वान अधिवक्ता 70 बूथों के परिणाम पत्रक की प्रमाणित प्रति दाखिल की है, जिससे पता चलता है कि प्रत्येक बूथ पर डाले गए मतों के आंकड़े और साथ ही याचिकाकर्ता ने मूल देखा सारणीकरण जिसमें कुछ ओवरराइटिंग और हेरफेर ही किया गया है प्रतिवादी संख्या 7 को निर्वाचित घोषित करने के उद्देश्य से। यह किया गया है कलेक्टर द्वारा जानबूझकर किया गया क्योंकि याचिकाकर्ता का पति एक जन-उत्साही व्यक्ति ने लोकायुक्त और अन्य के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी अधिकारियों। उन्होंने आगे कहा कि परिणाम पत्रक में हेरफेर न केवल चुनाव की पवित्रता को नष्ट करता है लेकिन लोकतांत्रिक पर भी सेंध लगाता है मूल्य। वहीं, श्री स्वप्निल गांगुली, विद्वान उप अधिवक्ता जनरल, राज्य के लिए उपस्थित हुए और प्रार्थना का विरोध किया और प्रस्तुत किया कि यह मध्यप्रदेश के नियम 21 के आलोक में याचिका विचारणीय नहीं है पंचायतें (चुनाव याचिकाएं, भ्रष्ट आचरण और अयोग्यता के लिए) सदस्यता) नियम, 1995। याचिकाकर्ता का मामला आधार के अंतर्गत आता है किसी भी चुनाव को शून्य घोषित करने के साथ-साथ नियम 22 की घोषणा के लिए उसमें उल्लेख किया गया है नियम, 1995 जो भ्रष्ट आचरण के लिए प्रदान करता है, जैसे कि याचिका बर्खास्त करने योग्य है। इसके अलावा, के संविधान के अनुच्छेद 243 (ओ) (बी) भारत ने चुनावी मामलों में दखल देने पर रोक लगा दी है.
उत्तर में, याचिकाकर्ता के विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि
संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका विचारणीय है, भले ही कोई
भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 (ओ) (बी) के तहत संवैधानिक प्रतिबंध। उसके पास
मामले में इस न्यायालय की डिवीजन बेंच के फैसले पर भरोसा रखा
ओ एफ प्रद्युम्न वर्मा बनाम। म.प्र. राज्य और अन्य, एआईआर 2017 एमपी 71
(ग्वालियर बेंच)(डीबी)। उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए कोई आधार उपलब्ध नहीं है
याचिकाकर्ता, नियमों के नियम 21 और 22 में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार,
1995, चुनाव याचिका दायर करने के लिए, इसलिए, ऐसी स्थिति में जहां
मौलिक अधिकारों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया जा रहा है, रिट is
कानून को बनाए रखने के उद्देश्य से बनाए रखने योग्य।
उक्त स्थिति को देखते हुए प्रत्यर्थी संख्या 2 का अधिवक्ता है
मूल सारणीकरण रजिस्टर एवं 70 . का परिणाम पत्रक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया
सुनवाई की अगली तिथि पर सकारात्मक रूप से इस न्यायालय के अवलोकन के लिए बूथ।
List this case on 04.08.2022.

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष दिव्या रानी सिंह के कब्जे से छुड़ाकर प्रशासन कर रहा है पथ विहार का निर्माण

हाईकोर्ट से भी लगा था जुर्माना

सभी न्यायिक बाधाएं दूर हुई

नगरपालिका कर रही है पथ विहार का निर्माण

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना शहर के सिविल लाइन की बेशकीमती जमीन एवं नहरपट्टी के बहुचर्चित मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी का फैसला आया है जिसमें फरियादी की याचिका खारिज करते हुए ₹25000 कास्ट लगाई है प्रशासन से नियमानुसार वसूलने करने का आदेश दिया गया है साथ ही सभी बाधाएं दूर हो गई, अब नगर पालिका परिषद पन्ना बे रोकटोक इस बहुचर्चित जमीन मैं पथ बिहार का निर्बाध गति से निर्माण कर सकेगा अड़ंगे लगाए जाने के सभी प्रयास विफल हो गए हैं

ज्ञात हो कि करोड़ों रुपए की इस बेशकीमती जमीन में कांग्रेश पार्टी की पूर्व जिला अध्यक्ष दिव्या रानी सिंह एवं उनकी मां का फलदार वृक्ष लगाने के नाम पर कब जा था जबकि मौके पर एक भी फलदार वृक्ष नहीं है इस बहुचर्चित जमीन मामले में जब जिला प्रशासन ने कार्यवाही की तो बड़ा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष दिव्या रानी ने प्रशासन द्वारा लगाई बोर्ड फाड़ कर फेंक दिए थे, कांग्रेस पार्टी ने दिव्या रानी के पक्ष में प्रयास किया पर कानूनी रूप से दिव्या रानी ही गलत साबित हुई और आखिर उनका कब्जा हट गया प्रशासन को भी एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा, यह पन्ना शहर की पॉश इलाके की बेशकीमती करोड़ों रुपए की जमीन का पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की कार्यकाल में फलदार वृक्ष लगाने के नाम पर पट्टा दिया गया था दिव्या रानी सिंह ने न्यायालय का सहारा लिया हर कोई कहीं से राहत नहीं मिली फिर उन्होंने पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद विष्णु दत्त शर्मा फिर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री अपने रिश्ते के देवर बृजेंद्र प्रताप सिंह पर भी आरोप लगाए थे पर पूरी लड़ाई स्पोट और न्यायालयों के दाव पेच जुटाकर लड़ी गई पर जमीन बचा पाने में सफल नहीं हुई ,

एसडीएम से तीखी बहस नोकझोंक

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में फरियादी महेश पाल की याचिका आवेदन क्रमांक 83/2021 मैं दावा किया गया था की आराजी क्रमांक 387, 388, 389 मैं प्रशासन पथ बिहार का निर्माण कर रहा है जिसमें बड़ी संख्या में फलदार वृक्ष काटे गए हैं और पर्यावरण को क्षति पहुंचाई जा रही है जबकि यहां वन्यजीवों का रहवास है इस पर संज्ञान लेते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की भोपाल खंडपीठ ने सुनवाई की और कई स्तर पर जांच कराई, वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर जांच कर जांच करने और पेड़ों का विवरण देने को कहा था पेड़ों के काटे जाने की संख्या भी पूछी थी पर संपूर्ण सुनवाई के बाद एक भी पेड़ काटे जाने का तथ्य सामने नहीं आया साथ ही मौके पर फलदार वृक्ष भी नहीं मिले पथ विहार के निर्माण के लिए झाड़ियां हटाने और उनकी सफाई की बात सुनवाई के दौरान सिद्ध हुई कुछ पेड़ किनारे  उखडे पड़े होने का तथ्य जरूर प्रकाश में आया इस तरह याचिका आवेदन में जो आरोप लगाए गए थे वह निराधार पाए गए जिस पर एनजीटी ने अपना फैसला देते हुए याचिका आवेदन खारिज किया और मुकदमे बाजी की खर्च वसूली का आदेश दिया है लागत 25000 की कास्ट लगाते हुए वसूली करने का आदेश सुनाया है, 

पूरे फैसले को डिटेल से पढ़ें

मद संख्या 4
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष
सेंट्रल जोन बेंच, भोपाल
(वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से)
मूल आवेदन संख्या 83/2021 (सीजेड)
(आईए नंबर 19/2022)
महेश पाल आवेदक

बनाम
मध्य प्रदेश राज्य प्रतिवादी

सुनवाई की तिथि: 08.04.2022
कोरम: माननीय श्रीमान। न्यायमूर्ति एसएचओ कुमार सिंह, न्यायिक सदस्य
माननीय डॉ. अरुण कुमार वर्मा, विशेषज्ञ सदस्य
आवेदक(ओं) के लिए: श्री संजय उपाध्याय, अधिवक्ता।
प्रतिवादी (ओं) के लिए: श्री सचिन के वर्मा, अधिवक्ता।
गण
1. इस आवेदन में उठाया गया मुद्दा खसरा नं. 387,
388 और 389 जैसा कि जिला पन्ना में आवेदन में उल्लिखित है, बिना किसी के
सक्षम अधिकारियों से वैधानिक अनुमति और जैसा कि आरोप लगाया गया है
प्रशासन हरित पट्टी क्षेत्र में पथ निर्माण कर रहा है।
2. आवेदक का तर्क है कि हाल ही में जिला प्रशासन
इस वन क्षेत्र के साथ और जब यह था तब विभिन्न बैरिकेड्स स्थापित किए
संबंधित अधिकारी से पूछताछ की तो बताया गया कि प्राकृतिक नाला
इस हरित पट्टी क्षेत्र में मौजूद कंक्रीट को पक्का किया जा रहा है और आगे एक सड़क की संभावना है
हरित पट्टी क्षेत्र के मध्य में निर्माण किया जाना है।
3. इस हरित पट्टी क्षेत्र के भीतर 2 स्टॉप . के साथ विरासती जल निकाय मौजूद हैं
बांध और एक प्राकृतिक नाला / जल निकाय जो पूर्ण विकसित के लिए फीडर के रूप में कार्य करता है
आस-पास मौजूद पेड़ और इस क्षेत्र में रहने वाले वन्यजीवों के आवास। गीदड़ों
और जंगली सूअर इस हरे रंग में वन्यजीवों की सबसे आम प्रजातियों में से हैं

4. इस ट्रिब्यूनल और एक संयुक्त द्वारा मामले को 08 नवंबर, 2021 को उठाया गया था समिति गठित की गई थी (i) कलेक्टर, पन्ना, (ii) संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ), (iii) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक प्रतिनिधि, और (iv) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर पालिका परिषद, पन्ना निदेश सहित साइट का दौरा करने और तथ्यात्मक और की गई कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए। समिति ने साइट का दौरा किया और रिपोर्ट प्रस्तुत की जो इस प्रकार है:

5. संयुक्त समिति की रिपोर्ट के जवाब में, आवेदक ने कुछ दायर किया था
आपत्तियां कि सत्य तथ्यों को इस ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया था
संयुक्त समिति और तथ्य कि पेड़ बड़ी संख्या में काटे गए हैं और
जेसीबी जैसी भारी मशीनरी का उपयोग करके भूमि को साफ नहीं किया गया है
रिपोर्ट में दर्शाया गया है। आगे यह भी निवेदन किया गया है कि जिस क्षेत्र में
नाला एस्टेट टाइम्स के दौरान बनाया गया था, एक स्टॉप-डैम था, जिसे के लिए बनाया गया था
भूजल पुनर्भरण का उद्देश्य पन्ना में हमेशा पानी की कमी रही है
क्षेत्र, और नाली कभी भी किल-किला नदी या भरने के लिए फीडर नहीं थी
धर्मसागर।
6. प्रतिवादी क्रमांक 1 एवं 2 की ओर से उपस्थित विद्वान अधिवक्ताओं ने परिवाद दाखिल किया है
जवाब दिया और तर्क दिया कि याचिका को हथियाने के लिए दुर्भावनापूर्ण रूप से दायर किया गया है
सार्वजनिक भूमि और आगे प्रस्तुत किया कि मामला माननीय के समक्ष उठाया गया था
मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय ने रिट याचिका संख्या 22808 of 2021 में
आदेश दिनांक 28.10.2021 का आदेश दिया गया, जो इस प्रकार है:
“जबलपुर, दिनांक : 28-10-2021″
श्री हिमांशु मिश्रा के साथ श्री शशांक शेखर दुगवेकर,
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता।
श्री प्रशांत सिंह, विद्वान महाधिवक्ता
प्रतिवादी/राज्य।
यह याचिका दायर कर निर्देश देने की मांग की गई है
प्रतिवादी/राज्य को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए
याचिकाकर्ता और अन्य परिणामी राहतें। के तहत एक आवेदन
सी.पी.सी. का आदेश 6 नियम 17 की भी मांग की गई है
वादों में संशोधन।
मुख्य रूप से, यह तर्क दिया जाता है कि उत्तरदाताओं/राज्य में
याचिकाकर्ता की संपत्ति का आड़ जो आंशिक रूप से किया गया है
अधिग्रहित कुछ संरचनाओं को ध्वस्त करने का प्रयास कर रहा है जिन पर
राज्य के पास कोई अधिकार नहीं है।
की ओर से उपस्थित विद्वान महाधिवक्ता
प्रतिवादी/राज्य का निवेदन है कि राज्य कोई कार्रवाई नहीं करेगा

जो इसे करने के लिए कानून में अधिकृत नहीं है और कुछ हद तक भूमि पहले ही अधिग्रहित किया जा चुका है और पुरस्कार पारित किया जा चुका है। इसलिए, राज्य उसके साथ कानून के अनुसार कार्य करने का हकदार है भूमि की सीमा जिस पर उसका पूर्ण अधिकार क्षेत्र है। इन परिस्थितियों में, हमें कोई आधार नहीं मिलता है इसके साथ हस्तक्षेप करें सिवाय यह देखने के कि की सभी क्रियाएं राज्य कानून के दायरे में होगा। रिट याचिका का निपटारा किया जाता है।” 7. प्रतिवादी के विद्वान अधिवक्ता ने आगे तर्क दिया है कि भूमि का कुछ भाग पहले ही अधिग्रहित किया जा चुका है और पुरस्कार पारित किया जा चुका है। इसलिए, राज्य है जनहित में कानून के अनुसार कार्य करने के लिए कार्यवाही करना। एक अन्य याचिका नं. 2021 का 22287 माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष दायर किया गया था जबलपुर एवं न्यायालय ने दिनांक 18.10.2021 के आदेश द्वारा यह आदेश पारित किया इस प्रकार है: “तारीख: 18.10.2021 : श्री शशांक शेखर, विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता श्री . के साथ याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हिमांशु मिश्रा। श्री पुष्पेन्द्र यादव, विद्वान अपर। एडवोकेट जनरल के लिए /राज्य। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुना। याचिकाकर्ता ने वर्तमान याचिका दायर कर निर्देश देने की मांग की है प्रभाव है कि उसे निपटाने के लिए संयमित किया जाए खसरा संख्या 387 क्षेत्र 1.113 हेक्टेयर वाली भूमि से; खसरा नं। 388 क्षेत्रफल 1.044 हेक्टेयर; और खसरा नं.389 क्षेत्र 0.930 हेक्टेयर। पन्ना जिले में स्थित है। याचिकाकर्ता के अनुसार, एक पट्टा उपरोक्त सरकार आदेश के तहत वृक्षारोपण के लिए दी गई जमीन दिनांक 7.4.1994 को तहसीलदार द्वारा पारित किया गया और उसके बाद याचिकाकर्ता ने विभिन्न पेड़ लगाए थे। इसमें जल निकाय हैं और अब नगर परिषद पन्ना पेड़ों को काटने की कोशिश कर रही है

राजस्व अधिकारियों की मदद, इसलिए वे होने के लिए उत्तरदायी हैं
संयमित।
याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने प्रस्तुत किया
कि राजस्व बोर्ड द्वारा पारित आदेश दिनांक 7.12.2016 द्वारा
मामला संख्या 2759/2013 के तहत कार्यवाही शुरू की गई। के 248(1)
एमपी। भू-राजस्व संहिता को अलग रखा गया था।
दूसरी ओर, Addl सीखा। पेश हो रहे महाधिवक्ता
उत्तरदाताओं/राज्य के लिए, प्रस्तुत करता है कि याचिकाकर्ता ने दबा दिया है
भौतिक तथ्य यह है कि उसी राहत के लिए, दीवानी मुकदमा – RCSA
संख्या 41/2021 पहले ही याचिकाकर्ता द्वारा द्वितीय . से पहले दायर किया जा चुका है
सिविल जज, पन्ना और जिसमें अस्थाई के लिए आवेदन
निषेधाज्ञा खारिज कर दी गई है। सीखा महाधिवक्ता
आगे प्रस्तुत करता है कि संशोधन संख्या 2759/2013 के खिलाफ दायर किया गया था
भूमि धारित सर्वेक्षण संख्या 280 के संबंध में आदेश दिनांक 10.07.2013,
281, 282 और 286/1। विचाराधीन भूमि के लिए अर्थात सर्वेक्षण संख्या 387,
388 और 389, जिसके विरुद्ध अलग-अलग कार्यवाही शुरू की गई
संशोधन संख्या 1889/2013 राजस्व बोर्ड के समक्ष दायर किया गया था और
इसे आदेश दिनांक 10.07.2013 द्वारा खारिज कर दिया गया है।
इसलिए, याचिकाकर्ता ने इस न्यायालय से सफाई के साथ संपर्क नहीं किया है
हाथ और अलग-अलग मामले में पारित आदेश पर भरोसा करना।
वह इस याचिका में उन सभी आदेशों को दाखिल करने के लिए समय की प्रार्थना करता है।
विद्वान अतिरिक्त को अनुमति प्रदान की जाती है। एडवोकेट जनरल टू
उपरोक्त सभी दस्तावेजों को फाइल करें।
याचिकाकर्ता को एक हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया जाता है कि क्यों
इस याचिका में उपरोक्त तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया है। अगर यह है
पाया कि यह याचिका सामग्री को दबा कर दायर की गई है
तथ्यों के साथ-साथ गलत दस्तावेज, तो उचित लागत होगी
याचिकाकर्ता पर लगाया गया।
चूंकि इस याचिका के रख-रखाव के बारे में एक मुद्दा है
और तथ्यों को छिपाने के आरोप की जांच की जानी है, नहीं
इस स्तर पर अंतरिम राहत प्रदान करने का मामला बनता है। अंतरिम

का जवाब और हलफनामा दाखिल करने के बाद राहत पर विचार किया जाएगा
याचिकाकर्ता।
22.10.2021 को सूची।”
8. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 22.10.2021 को मामले को फिर से उठाया गया
मध्य प्रदेश जबलपुर में और अंत में बर्खास्त के रूप में निपटाया गया था
इस प्रकार है:
“जबलपुर, दिनांक : 22-10-2021″
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुना।
श्री शशांक शेखर, श्री नवीन दुबे के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता,
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता।
श्री पुष्पेन्द्र यादव, अपर महाधिवक्ता
/राज्य।
दहलीज पर, याचिकाकर्ता निविदाओं के विद्वान वकील
याचिकाकर्ता द्वारा की गई गलती के लिए बिना शर्त माफी।
उन्होंने आग्रह किया कि गलती वास्तविक थी, इसलिए, यह हो सकता है
माफ़ किया। उन्होंने टेंडरिंग याचिका को वापस लेने की भी मांग की
सामग्री जानकारी को दबाने के लिए बिना शर्त माफी
इस न्यायालय के समक्ष।
दूसरी ओर, विद्वान अतिरिक्त महाधिवक्ता उठा
गंभीर आपत्ति और प्रस्तुत करता है कि मौजूदा परिस्थितियों में,
याचिका वापस लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती
और यदि इसे प्रदान किया जाना है, तो एक अनुकरणीय लागत होनी चाहिए
याचिकाकर्ता पर लगाया गया।
मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और
विद्वान द्वारा दी गई बिना शर्त माफी के लिए देख रहे हैं
याचिकाकर्ता के वकील ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे
गलती दोबारा न हो, वापस लेने की अनुमति
2,000/- रुपये की लागत के भुगतान के अधीन याचिका मंजूर की जाती है।
(रुपये दो हजार) याचिकाकर्ता द्वारा जमा किया जाना है
एमपी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर ने स्पष्ट किया कि
याचिका वापस लेने से बर्खास्तगी अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगी

याचिकाकर्ता का यदि किसी अन्य उपाय का लाभ उठाकर बचाव किया जाता है।
याचिका खारिज की जाती है।”

9. विद्वान अधिवक्ता की विषयवस्तु यह है कि मामला
वृक्षारोपण या अधिग्रहण या कब्जे के मुकदमे के संबंध में या
जनता के लिए सड़क निर्माण के लिए राज्य के अधिकारियों की कार्रवाई
पानी के उचित निर्वहन के लिए नाले का मार्ग या प्रबंधन उठाया गया है
माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष वादियों/याचिकाकर्ता द्वारा और अंतत:
सुना, निर्णय लिया और खारिज कर दिया, इस प्रकार, मामले को पहले फिर से नहीं उठाया जा सकता है
इस ट्रिब्यूनल.
10. यह आगे की ओर से उपस्थित विद्वान अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया है
प्रतिवादी कि जिस भूमि पर अतिक्रमण और कब्जा है
अनधिकृत व्यक्ति, द्वारा अतिक्रमण हटाने के अधीन होना चाहिए
अनधिकृत व्यक्ति और राज्य द्वारा ध्यान में रखा जाना चाहिए
सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए प्रशासन।
11. आगे यह निवेदन किया जाता है कि मध्यप्रदेश शासन विभाग
शहरी विकास एवं आवास विभाग ने जारी किए निर्देश को हटाया है
सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए भूमि का अतिक्रमण और उपयोग निम्नानुसार है: –
i) यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एक बार भूमि को मुक्त कर दिया जाए
अतिक्रमण/अतिक्रमण यह नहीं होगा
अतिक्रमण/अवैध रूप से फिर से कब्जा कर लिया गया है, यह होगा
आवश्यक है कि उक्त भूमि को उठाकर सुरक्षित किया जाए
बाड़ या चारदीवारी और इसे नीचे रखा जाना चाहिए
निरंतर निगरानी।
ii) खाली भूमि पर पुनः अतिक्रमण की संभावना है
अत: इन भूमियों का उपयोग करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए
के लिए भूमि का आवंटन और विशेष वरीयता दी जानी चाहिए
शहरी क्षेत्र में समाज के कमजोर वर्ग की आवासीय योजनाएं
क्षेत्र।
iii) शहरी उपयोगिता सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता के अनुसार
सार्वजनिक पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, स्थानीय निकायों के अधिकारी या कोई भी
अन्य विशेषताएं जो शहरी सुविधाओं को बढ़ा सकती हैं

iv) यह देखा गया है कि नगरों के विकास के साथ
शहरी क्षेत्रों में हरित पट्टी में भारी कमी,
इसलिए, जिन भूमियों को मुक्त किया गया है
अतिक्रमणों/अतिक्रमणों पर विशेष ध्यान दिया जाए
इन जमीनों पर सार्वजनिक पार्क विकसित करें। की कॉपी
परिपत्र दिनांक 22.12.2021 को चिह्नित और दायर किया जाता है।
12. इसके अनुपालन में स्थानीय/जिला प्रशासन ने हटाने की पहल की
अतिक्रमणकारियों/माफियाओं से सार्वजनिक भूमि के अतिक्रमण के रूप में कहा गया है
ऊपर।
13. मध्य प्रदेश राज्य द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 22.12.2021 को पुन: प्रस्तुत किया जाता है

14. दिनांक 25.01.2022 को सुनवाई के दौरान, आवेदक ने यह उठाया
सवाल है कि जनता द्वारा बड़ी संख्या में हरे पेड़ों को काटा जा रहा है
प्रशासन और वन विभाग के सक्षम/उच्च अधिकारी
तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। ऊपर के प्रकाश में
विवाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्य प्रदेश था
यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं कि नियमों का उल्लंघन कर किसी भी प्रकार के वृक्षों की कटाई नहीं की जायेगी
पर्यावरणीय मानदंड या वैधानिक अनुमति के रूप में प्रदान किया गया था और कहा गया था
वरिष्ठ अधिकारी को दौरा करने और तथ्यात्मक और की गई कार्रवाई को प्रस्तुत करने के लिए नामित करें
रिपोर्ट good। इसके अनुपालन में, रिपोर्ट निम्नानुसार प्रस्तुत की गई है:

15. प्रतिवादी के विद्वान अधिवक्ता नं. 1 ने आगे रिपोर्ट जमा कर दी है
दिनांक 07.04.2022 इस तथ्य के साथ कि 60% विकास कार्य पहले से ही है
सब्जेक्टिव साइट पर किया गया है और शेष कार्य प्रगति पर है।
16. आवेदक के विद्वान अधिवक्‍ता ने निवेदन किया है कि चूंकि वृक्ष
बिना किसी अधिकार के कटौती की जाती है, इस प्रकार कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए
तथ्यों का उत्तर देते समय पर्यावरण मानदंड राज्य के विद्वान अधिवक्ता
ने प्रस्तुत किया है कि विकास कार्य के अनुसार लिया गया है
प्रशासन द्वारा प्रस्तुत नीति और योजना के साथ। यह है
आगे यह तर्क दिया गया कि वे पेड़ या पौधे जो के विषय थे
यह याचिका पेड़ की परिभाषा और आवश्यक के दायरे में नहीं आ रही है
सक्षम प्राधिकारी से नियमानुसार अनुमति ली गई है। में
उपरोक्त तर्कों और प्रधान प्रमुख द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को देखते हुए
वन संरक्षक और राज्य द्वारा प्रस्तुत उत्तर और के मद्देनजर
मध्य प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश नहीं है
पर्यावरण नियमों का उल्लंघन और कुछ भी नहीं पाया गया है
पर्यावरण नियमों का उल्लंघन या पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन।
17. राज्य के वकील ने आगे यह तर्क दिया है कि मुकदमेबाजी
उपरोक्त तथ्यों के संबंध में पार्टी को न केवल उसके समक्ष उठाया गया था
माननीय उच्च न्यायालय लेकिन पहले राजस्व मुकदमेबाजी का विषय था

मामला संख्या 2759/2013 में राजस्व न्यायालय (धारा के तहत कार्यवाही शुरू)
मध्यप्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1959 की धारा 248(1) और मामला था
आगे सिविल कोर्ट के समक्ष दायर किया, जिसमें निषेधाज्ञा के लिए आवेदन किया गया था
अदालत ने खारिज कर दिया और पीड़ित व्यक्ति ने पुनरीक्षण किया, जो था
सक्षम न्यायालय द्वारा भी सुना और निर्णय लिया गया।
18. तदनुसार, आवेदन में कोई सार और योग्यता नहीं है और इस प्रकार
2021 का मूल आवेदन संख्या 83 आई.ए. 2022 के नंबर 19 हैं
मुकदमेबाजी की लागत (पच्चीस हजार रुपये) के साथ खारिज कर दिया गया जो कर सकता है
राज्य प्रशासन द्वारा नियमों के अनुसार वसूल किया जाएगा।

शिव कुमार सिंह, जेएम
डॉ. अरुण कुमार वर्मा, ईएम