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पन्ना में ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई युवती,,, पुलिस की तत्परता से खाते में वापस आए 96 हजार

ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई युवती अनुषा चौहान

पुलिस की तत्परता से खाते में वापस आए 96 हजार

OLX मैं सामान बेचने के लिए किया था कांटेक्ट

पीड़ित छात्रा अपने पिता संजय सिंह चौहान के साथ

(शिवकुमार त्रिपाठी) देश में ऑनलाइन ठगी का बड़ा रैकेट सक्रिय है ठग भोले भाले लोगों को बेवकूफ तो बनाने ही है पढ़े-लिखे नौजवानों को भी यह ठग बेवकूफ बनाकर पैसा एठ रहे हैं ऐसा ही एक मामला पन्ना में सामने आया है ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई युवती कुमारी अनुषा चौहान ने बताया जब OLX में समान बेचने का ऑफर दिया तभी तभी हैदराबाद में बैठे एक ठग ने संपर्क किया कहा मुझे आपका सामान पसंद है और फोन पर बात कर उसने सौदा भी तय कर लिया इसके बाद उसने कहा मेरा बंदा आकर आपके घर में सामान उठा लेगा और पैसा आपके खाते में डाल देता हूं वह अपने आप को लिशु आनंद स्कूल के पास रहने वाला बता रहा था अच्छी बातें सुनकर कुमारी अनुषा चौहान तभी झांसे में आ गई उसने अपना बैंक खाता दे दिया उस ठग ने ₹96211 की ठगी कर ली 40, 20, 20 हजार इस तरह का पूरा पैसा खाते से निकाल लिया

मामले की जानकारी युवती को तब लगी जब खाते में लगातार s.m.s. आ रहे थे और पैसे निकलते जा रहे थे तब युवती ने अपने भाई  से भी बात की इसके पहले वह भाई अक्षय चौहान के खाते से भी 3हजार निकाल चुका था जब उन्हें पता चला तब तक खाते की पूरे पैसे निकल गए थे ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए घबराए भाई बहन ने पूरे मामले की जानकारी पिता संजय सिंह चौहान को दी  परिवार में हड़कंप मच गया क्योंकि परिजनों ने फीस जमा करने के लिए युवती के खाते में पैसे जमा किए थे तब और भी घर की स्थिति इस ऑनलाइन चीटिंग से परेशानी भारी हो गई तभी परिजनों ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया

साइबर पुलिस ने दिखाई तत्परता

कोतवाली जाने के बाद कोतवाली पुलिस ने तत्काल साइबर सेंटर में शिकायत करने की सलाह दी जैसे ही परिजन ऑनलाइन ठगी की शिकायत करने एसपी धर्मराज मीणा के पास पहुंचे उन्होंने तत्काल अपनी साइबर टीम लगा दी साइबर सेंटर में पदस्थ कर्मचारी राहुल बघेल और उनकी टीम ने मामले को  गंभीरता से लिया और पूरे मामले को समझते हुए पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज कर कंपनियों और ऑनलाइन ठगों को धरपकड़ शुरू कर दी क्योंकि यह पैसा ऑनलाइन गेम तीन पत्ती में लगाया गया था और इसके बाद थर्ड पार्टी के खाते में ट्रांसफर हो गया था और मामला तत्काल और पुलिस की सक्रियता का रहा इसलिए 4 घंटे बाद पूरे पैसे खाते में वापस आ गए और ऑनलाइन ठगी से खाते से गया पैसा वापस मिल गया पीड़ित परिजनों ने पुलिस की कार्य की सराहना की है कहां एसपी धर्मराज मीणा और साइबर सेल की टीम यदि तत्परता से काम नहीं करती तो हमारे लिए बड़ी मुसीबत हो सकती थी

 

सावधानी बरतें खाता ओटीपी किसी को न दे


ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए परिवार के मुखिया संजय सिंह चौहान ने अपील की है कि मेरे बच्चों ने भूलवश ठगों के झांसे में आकर खाते नंबर दिए और उनके बताए अनुसार फोन पे पर क्लिक किया जिससे इतनी बड़ी रकम खाते से निकल गई थी लेकिन किसी को भी अपना खाता नंबर ओटीपी या उसके कहे अनुसार किसी s.m.s. पर रिप्लाई नहीं करना चाहिए क्योंकि ठग बड़े शातिर है और बड़ी सफाई से खातों से पैसे निकाल लेते हैं और ठगी के बाद परिजनों को पछतावा ही रह जाता है,संजय सिंह चौहान ने पन्ना पुलिस और साइबर सेल की सराहना की है कहा यदि एसपी धर्मराज मीणा और पूरी साइबर टीम सक्रियता से कार्य नहीं करती और हमारी मदद नहीं करती तो ठगी के पैसे वापस नहीं आते

पढ़े-लिखे बच्चों को ठगों ने बेवकूफ बनाया

ऑनलाइन ठगी करने वाले ठग देश की दूर इलाकों में बैठकर मीठी बातें कर जब पढ़े-लिखे समझदार युवक युवतियों को भी अपना शिकार बना रहे हैं तो भोले वाले ग्रामीणों का क्या हाल होगा कई बार ग्रामीणों को उचित पुलिस मदद भी नहीं मिल पाती इस कारण अपने खाते , ओटीपी,  आईडी, पासवर्ड में गोपनीयता बनाए रखें कभी किसी से यह जानकारी शेयर ना करें इसके लिए पुलिस के साथ सरकार भी जागरूकता अभियान चला रही है फिर भी ऑनलाइन ठगी के मामले प्रति दिन सामने आ रहे हैं लेकिन यह पहला मौका है इतनी बड़ी रकम की ठगी होने के बाद पुलिस की तत्परता से पूरा पैसा वापस खाते में आ गया

 

पुलिस ने जारी किया प्रेस नोट और धन्यवाद का वीडियो

दिनांक – 01/08/21
*पन्ना पुलिस ने 04 घण्टे के अन्दर छात्रा के साथ हुये फ्रॉड में राशि वापस कराकर मानवता की मिशाल पेश की*

*• छात्रा द्वारा अपने बैंक खाते में पढ़ाई की फीस हेतु एकत्रित 96200 रूपये की राशि को जालसाज द्वारा OLX पर सामान खरीदने के नाम पर किया गया था फ्रॉड*

दिनांक 31/07/21 को फरियादिया अनुशा सिंह चौहान पिता संजय सिंह चौहान निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना द्वारा पुलिस अधीक्षक पन्ना श्री धर्मराज मीना को लिखित आवेदन पत्र देते हुये शिकायत की गई थी जिसमें आवेदिका द्वारा बताया गया कि मेरे द्वारा पढ़ाई की फीस जमा करने हेतु मेरे बैंक खाता में 96200 रूपये की राशि एकत्रित की गई थी । आज दिनांक 31/07/21 के मेरे मोबाइल में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा OLX पर सामान खरीदने के बहाने कॉल किया गया और धोखे से मुझे पैसे भेजने के नाम पर मेरे खाते से अलग – अलग ट्रान्जेक्शन करते हुये मेरे खाते में जमा फीस की राशि में से कुल 96200 रूपये का फ्रॉड कर लिया गया ।
पुलिस अधीक्षक पन्ना श्री धर्मराज मीना द्वारा तत्काल फरियादिया की शिकायत पर कार्यवाही करने हेतु पुलिस सायबर सेल पन्ना को निर्देशित किया गया पुलिस सायबर सेल पन्ना द्वारा तत्काल पुलिस अधीक्षक पन्ना के निर्देशानुसार छात्रा के साथ हुये फ्रॉड में कार्यवाही करते हुये फरियादिया के साथ हुये फ्रॉड के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुये 04 घण्टे के अन्दर राशि को फरियादिया के खाते में वापस कराया गया । पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा पुलिस सायबर सेल टीम पन्ना की कार्यवाही की प्रशंसा करते हुये पूरी सायबर सेल टीम को पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है ।
पुलिस की कार्यवाही से संतुष्ट होकर छात्रा अनुशा सिंह चौहान एवं छात्रा के पिता श्री संजय सिंह चौहान द्वारा पुलिस अधीक्षक पन्ना एवं पुलिस सायबर सेल पन्ना को धन्यवाद दिया गया एवं अन्य लोगो को जागरूक करने हेतु 1 वीडियो फरियादिया के पिता द्वारा जारी किया गया ।

3 आरोपियों को डबल उम्र कैद 2 को उम्रकैद

शिवकुमार त्रिपाठी

फाइल फोटो श्रेयांश और प्रियांश

चित्रकूट के बहुचर्चित मासूम अपहरण और हत्याकांड में अदालत ने  फैसला सुनाया है जिसमे सभी पांचों आरोपी पद्मकांत शुक्ला, रजीव तोमर, लकी तोमर, पिंटा यादव विक्रमजीत को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है, सतना के जिला अपर सत्र न्यायाधीश (ADJ) प्रदीप कुशवाह की अदालत ने सज़ा सजा सुनाते समय  रेयरेस्ट टू रेयर केस माना है, हत्यारों  ने 12 फरवरी 2019 को चित्रकूट में मासूम श्रेयांश व प्रियांश को अपहरण कर मौत के घाट उतारा था ।

चित्रकूट के सबसे बड़े और बहुचर्चित श्रेयांश  प्रियांश अपहरण कांड में सभी हत्यारों ने एक बद्ध होकर चलती हुई स्कूल बस से अपहरण कर लिया था और एक मोटरसाइकिल से दोनों बच्चों को लेकर भाग गए फिर नशा देकर बेहोशी की हालत में एक कमरे में बंद कर दिया था और कई दिन तक रखें रहे इसके बाद 20 लाख फिरौती वसूलने के बावजूद इन दोनों बच्चों की हत्या कर दी दिल दहला देने वाली घटना का तब खुलासा हुआ जब जंजीरों में बंधी हुई दोनों बच्चों की लाश बांदा के पास केन नदी की में पाई गई यूपी और एमपी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी चित्रकूट में इस घटना से हलचल पैदा हो गई थी और हालात बिगड़ने लगे जब लोगों का आक्रोश फूट कर सामने आने लगा लिहाजा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पुलिस ने इस बहुचर्चित मासूम अपहरण और हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया तब कहीं मामला खुल सका पिता बृजेश रावत चित्रकूट के चर्चित तेल व्यापारी है अपनी कठिन मेहनत से 20 साल में अच्छा रोजगार जमाया था, यही पैसा देखकर मुजरिमों ने इस हत्याकांड से पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया था सभी को इस फैसले का इंतजार था आज फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है

गुरु के द्वार शिष्यों की भीड़

फेसबुक और व्हाट्सएप में गुरु पूर्णिमा की दृश्य

गुरु के चरणों में नतमस्तक

(शिवकुमार त्रिपाठी) गुरू पूर्णिमा उन सभी आध्यात्मिक और अकादमिक गुरूजनों को समर्पित परम्परा है जिन्होंने कर्म योग आधारित व्यक्तित्व विकास और प्रबुद्ध करने, बहुत कम अथवा बिना किसी मौद्रिक खर्चे के अपनी बुद्धिमता को साझा करने के लिए तैयार हों। इसको भारत, नेपाल और भूटान में हिन्दू, जैन और बोद्ध धर्म के अनुयायी उत्सव के रूप में मनाते हैं। यह पर्व हिन्दूबोद्ध और जैनअपने आध्यात्मिक शिक्षकों / अधिनायकों के सम्मान और उन्हें अपनी कृतज्ञता दिखाने के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व हिन्दू पंचांग के हिन्दू माह आषाढ़ की पूर्णिमा (जून-जुलाई) मनाया जाता है।ऐसा भी माना जाता है कि व्यास पूर्णिमा वेदव्यास के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। 

आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरु पूजा का विधान है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरम्भ में आती है। इस दिन से चार महीने तक परिव्राजक साधु-सन्त एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं। ये चार महीने मौसम की दृष्टि से भी सर्वश्रेष्ठ होते हैं। न अधिक गर्मी और न अधिक सर्दी। इसलिए अध्ययन के लिए उपयुक्त माने गए हैं। जैसे सूर्य के ताप से तप्त भूमि को वर्षा से शीतलता एवं फसल पैदा करने की शक्ति मिलती है, वैसे ही गुरु-चरणों में उपस्थित साधकों को ज्ञान, शान्ति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है।

यह दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्मदिन भी है। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे। उनका एक नाम वेद व्यास भी है। उन्हें आदिगुरु कहा जाता है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है। भक्तिकाल के संत घीसादास का भी जन्म इसी दिन हुआ था वे कबीरदास के शिष्य थे।

शास्त्रों में गु का अर्थ बताया गया है- अंधकार या मूल अज्ञान और रु का का अर्थ किया गया है- उसका निरोधक। गुरु को गुरु इसलिए कहा जाता है कि वह अज्ञान तिमिर का ज्ञानांजन-शलाका से निवारण कर देता है।अर्थात अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले को ‘गुरु’ कहा जाता है।

RSS ध्वज को मानता है गुरु

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में गुरु पूर्णिमा बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है देश के लिए समर्पित भाव से काम करने वाले इस संगठन अपना गुरु भगवा ध्वज को माना है सभी स्वयंसेवक दिन ध्वज पूजन करते हैं और अपनी श्रद्धा शक्ति के हिसाब से दक्षिणा देकर संगठन को मजबूत करते हैं

चित्रकूट में शिष्य पहुंचे गुरु के द्वार

भगवान राम चित्रकूट में रहे 12 वर्ष तक कठिन साधना की और शक्ति अर्जित कर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े वैदिक काल से ही इस स्थान का धार्मिक महत्व है मंदाकिनी स्नान और कामतानाथ की परिक्रमा कर आज शिष्यों ने अपने गुरुओं की पूजा की और सुखद जीवन का आशीर्वाद प्राप्त किया

बागेश्वर धाम में 3 दिन का गुरु पूर्णिमा महोत्सव

बुंदेलखंड के बीते कुछ दिनों से सबसे बड़े आस्था का केंद्र बागेश्वर धाम गढ़ा गंज में आचार्य श्री धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज के आयोजन में 3 दिन का गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जा रहा है जिसमें पूरे देश से भक्तगण पहुंचा रहे हैं आज सामूहिक गुरु दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने गुरु दीक्षा ग्रहण की और यह कार्यक्रम 3 दिन तक चलेगा जिसमें विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है

बागेश्वर धाम में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें दूर-दूर से प्रसिद्ध एवं सिद्धि प्राप्त संत महात्मा पहुंचे

फेसबुक से गुरु पूर्णिमा महोत्सव

सभी लोग आज अपने गुरु की आस्था के साथ पूजा कर फेसबुक में फोटो डाल रहे जो लोग प्रत्यक्ष रूप से अपने गुरु के पास नहीं पहुंच पाए उन्होंने पुरानी फोटो ही फेसबुक में पोस्ट की और अपने गुरुजनों को स्मरण किया

गृहस्थी संत पंडित देव प्रभाकर शास्त्री अब इस दुनिया में नहीं है पर उनके अनुयायियों ने फेसबुक में फोटो डालकर दद्दा को स्मरण किया

फेसबुक के माध्यम से गुरु पूर्णिमा की बधाई

शिष्यों ने अपने गुरु की पादुका पूजन किया

 

माँ ही पूर्ण गुरु 

व्यक्ति को जीवन में प्रथम शिक्षा मां से ही मिलती है यानी प्रथम गुरु मां ही है माता का महत्व पुराणों में भी बताया गया है “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” यानी मां का महत्व दुनिया में सबसे बढ़कर है मां ही व्यक्ति के जीवन में पूर्ण गुरु का दर्जा रखती है इसलिए अपनी माता का सम्मान सबसे पहले हर व्यक्ति को करना चाहिए जिसने ऐसा नहीं किया उन्हें वह सब नहीं मिला जिसके वेे हकदार है

 

महारानी जीतेश्वरी को मिली जमानत

 देर शाम होंगी रिहा
राजमाता दिलहर कुमारी ने किया था जमानत का विरोध

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना राजपरिवार की महारानी जीतेश्वरी कुमारी को 5 दिन बाद जमानत मिल गई है जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से आज फैसला आया है शाम को अदालत ने जमानत देने का जैसे ही आदेश पारित किया जिसके बाद महारानी जीतेश्वरी कुमारी के परिजनों खुशी की लहर दौड़ गई महारानी के वकील एम एल अवस्थी एवं बृजभान यादव ने बताया कि आज शाम डीजे कोट से जमानत पर रिहा करने आदेश पारित किया गया है आज शाम को ही महारानी पन्ना जेल से 27 जुला2021  को जेल से बाहर आ गई 

अभिरक्षा में जीतेश्वरी कुमारी

 

 

क्या था मामला,, पूरा घटनाक्रम

 

राजपरिवार की महारानी जीतेश्वरी कुमारी को जमानत नहीं मिली है इस कारण उन्हें अब 26 जुलाई तक जेल में ही रहना होगा उनके वकीलों ने जमानत कराने की खूब कोशिश की पर भी सफल नहीं हुए क्योंकि जिला एवं सत्र न्यायाधीश छुट्टी पर है इस कारण उनकी जमानत पर सुनवाई ही नहीं हो सकी अब 26 जुलाई 2021 को ही जमानत पर सुनवाई होगी महारानी के वकील एम एल अवस्थी ने बताया कि जिला सत्र न्यायाधीश की छुट्टी में होने के कारण हमने एडीजे न्यायालय में बेल एप्लीकेशन लगाई थी पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया इस कारण जमानत आवेदन पर विचार ही नहीं हुआ हमारे मुवक्किल को आगे जेल में ही रहना पड़ेगा वकील एमएल अवस्थी ने कहा की बहुत छोटा मामला है पुराना पारिवारिक विवाद है हमारी मुवक्किल की प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए परिवारी जनों ने षड्यंत्र रचा है और मेरी मुवक्किल को प्रताड़ित किया जा रहा है उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार को जमानत अवश्य मिल जाएगी

पन्ना राजपरिवार का विवाद फिर सामने

महाराजा यादवेद्र सिंह की प्रतिष्ठा धूमिल कर रहे हैं वंशज

 

महारानी जीतेश्वरी कुमारी गिरफ्तार, जमानत न मिलने से पहुंची जेल

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभिरक्षा में जीतेस्वरी

 करोड़ों के हीरो केे मालिक पन्ना राजपरिवार का संपत्ति विवाद कोई नई बात नहीं है बीते दो दशक से वरिष्ठ सदस्य आमने-सामने हैं लेकिन महाराजा की मौत के बाद कुछ दिनों की शांति के बाद यह विवाद फिर सामने आया है जिसमें पन्ना राजपरिवार की सबसे वरिष्ठ सदस्य राजमाता दिलहर कुमारी की शिकायत पर पुलिस ने महारानी जीतेेश्वरी कुमारी , उनके पति महाराज राघवेंद्र सिंह, पुुत्र , बेटियों और अन्य लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, मारपीट ,गाली-गलौज ,धमकी घर में अवैध प्रवेश सहित विभिन्न धाराओं पर मामला दर्ज किया है जिसमें जीतेश्वरी कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया  और पुलिस नेे इन्हें न्यायालय में पेश किया  है जहांंं सीजेएम की अदालत नेेेेेेे जमानत खारिज करते न्यायिक अभिरक्षा में भेेज दिया

फाइल फोटो – राघवेंद्र सिंह एवं जीतेश्वरी कुमारी

क्या हुई FIR

राजमाता दिलहर कुमारी ने एक माह पूर्व कोतवाली पन्ना में FIR दर्ज कराई है कि शराब के नशे में एक राय होकर छह आरोपी आए और उनके घर में प्रवेश कर दरवाजे, पाइपलाइन में तोड़फोड़ की तथा जान से मारने की धमकी देकर चले गए हाथ में अवैध कट्टा लिए हुए थे जिससे उनको जान का खतरा है यह रिपोर्ट एक मां दिलहर कुमारी ने अपने पुत्र राघवेंद्र सिंह, पुत्रवधू जितेशवरी कुमारी, एकमात्र नाती एवं 2 नातिनो के खिलाफ लिखाई है जिसमें एक अन्य आरोपी सलीम खान भी हैं जो जितेशवरी कुमारी का खास है जिसे पहले गिरफ्तार कर लिया गया था अब जमानत पर रिहा है

अभिरक्षा में जीतेश्वरी कुमारी

वही गिरफ्तारी के बाद जीतेस्वरी कुमारी ने  मामले को झूठी  कार्यवाही बताया है कहा साजिश के तहत कार्यवाही की जा रही जमानत खारिज होने और  जेल भेजे जाने के बाद उनके वकील एम एल अवस्थी एवं बृजभान यादव ने बताया कि

विवाद की एक और किरदार कृष्णा कुमारी

फाइल फोटो कृष्णा कुमारी

पन्ना राजपरिवार का विवादों से चोली-दामन का साथ हो गया है झगड़ा-फसाद आम बात है कई बार मामले थानों से से होते हुए न्यायालयों तक पहुंची जिसकी कई किरदार है जिसमें एक अहम किरदार पन्ना राजपरिवार की राजकुमारी कृष्णा कुमारी भी है जो महाराजा राघवेंद्र की बहन एवं महाराज राजमाता तिलहर कुमारी की पुत्री है जो अपने मां के साथ ही रह रही हैं और संपत्ति में अधिक अपना अधिकार जताती है राजकुमारी कृष्णा कुमारी की शादी 1995 में कोटी हिमाचल प्रदेश में हुआ था शादी के कुछ समय बाद से ही पारिवारिक कलह शुरू हो गई और 10 बर्ष मैं ही उनकी शादी टूट कर तलाक हो गया वे आकर पन्ना में रहने लगी मां उन्हें संपत्ति का हिस्सा देखना चाहती है पर भाई और भाभी को रास नहीं आ रहा इस कारण और भी विवाद होते रहते हैं इसलिए राज महल की विवादों में कृष्णा कुमारी का अहम किरदार होना भाभी बताती रही है विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब बाहरगंज कोठी में जीतेश्वरी कुमारी ने कृष्णा कुमारी के साथ मारपीट की और बाल पकड़कर सर दीवाल पर मार दिया इस मामले में जीती श्रीकुमारी को छह माह की सजा भी हुई थी जो बाद में ऊंची अदालत से बरी हो गई कृष्णा कुमारी राजमाता दिलहर कुमारी इस सबसे चहेती है

 

महारानी के अधिवक्ता MLअवस्थी एवं बृजभान यादवमहारानी जितेशवरी कुमारी अपने महल में थी तब झूठा मामला दर्ज करा दिया गया उनको राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की नियत से और छवि को खराब करने के उद्देश्य झूठा मामला दर्ज कराया है जितेशवरी कुमारी के वकील बृजभान यादव ने आगे कहा कि गिरफ्तारी के बाद प्रताड़ित किया गया है और शरीर में चोट के निशान है उन्होंने कहा कि हमारे मुवक्किल को परेशान और प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य साजिश रची जा रही है हम आज ही ऊपरी अदालत में जमानत की अर्जी दे रहे हैं

क्या है राज परिवार का संपत्ति विवाद

फाइल फोटो राजमाता दिलहर कुमारी

पन्ना राजपरिवार आजाद भारत के पूर्व एक प्रतिष्ठित राजपरिवारो में था इनकी धाक दूर-दूर तक थी महाराजा छत्रसाल के वंशजों के पास हीरो की अकूत संपत्ति है इसी संपत्ति को पाने के लिए सभी सदस्य एक दूसरे के दुश्मन बने हुए हैं जिसको लेकर मां-पुत्र, सास – बहू , देवर और भाभी का परिवार आपस में लड़ रहा है राजमहल के अलग-अलग हिस्से में इन लोगों का कब्जा है और कई मामले पन्ना के न्यायालयों में विचाराधीन हैं

राजपरिवार का इतिहास

फाइल फोटो – दिलहर कुमारी की पुत्री राजकुमारी कृष्णा कुमारी

महाप्रतापी, बुंदेलकेसरी महाराजा छत्रसाल के वंशज पन्ना राजपरिवार के अंतिम वैधानिक शासक महाराज यादवेंद्र सिंह थे उनके पुत्र नरेंद्र सिंह जूदेव की अच्छी प्रतिष्ठा रही उनके दो पुत्र महाराज मानवेंद्र सिंह और लोकेंद्र सिंह हुए, मानवेंद्र सिंह की पत्नी राजमाता दिलहर कुमारी है जिनकी दो संताने महाराज राघवेंद्र सिंह एवं राजकुमारी कृष्णा कुमारी है दिलहर कुमारी की बहू जीतेस्वरी कुमारी और उनकी तीन संताने 1 पुत्र एवं दो पुत्रियां है वही महाराज नरेंद्र सिंह के दूसरे पुत्र लोकेंद्र सिंह थे जिनकी मृत्यु 2020 में हुई पन्ना टाइगर रिजर्व के संस्थापक, सांसद और विधायक हुए उनकी पत्नी महारानी इंदिरा कुमारी एवं पुत्री कामाख्या कुमारी है जो नागौद राजपरिवार से ताल्लुक रखती है वर्तमान में राजमहल की संपत्ति मैं दावा करने वाले तीन गुट है पहला गुट दिलहर कुमारी और कृष्णा कुमारी का है कृष्णा कुमारी तलाक के बाद अपनी मां के साथ मुख्य महल में रह रही है, दूसरा गुट राघवेंद्र सिंह और जितेशवरी कुमारी तथा तीसरा गुट लोकेंद्र सिंह की पत्नी इंदिरा कुमारी एवं कामाख्या कुमारी का है जो राज महल और इनकी संपत्तियों में अपना अधिकार जता रहे हैं इसी को पाने के लिए इस प्रतिष्ठित परिवार के लोग आमने सामने हैं इनकी प्रतिष्ठा राजमहल की चार दिवारी लांघ सड़कों पर आ रही है 

विवादों का इतिहास

फाइल फोटो - स्वर्गीय लोकेंद्र सिंह जूदेव

फाइल फोटो महाराज लोकेंद्र सिंह जूदेव

-संपत्ति को लेकर पन्ना का यह सबसे प्रतिष्ठित परिवार बीते दो दशक से एक दूसरे का दुश्मन बना हुआ है इस परिवार में मां- बेटा, सास-बहू, भाई-बहन के भी रिश्ते तार-तार हो रहे है क्योंकि इसके पूर्व भी कई बार ऐसी मारपीट गाली-गलौज उपद्रव, संपत्ति हड़पने के आरोप लगते और लगाते रहे हैं जिसमें मां दिलहर कुमारी की  शिकायत पर बेटा राघवेंद्र 1 वर्ष तक तिहाड़ जेल में रहा है इसी तरह मारपीट के एक मामले में जीतेश्वरी कुमारी को पहले सजा हुई बाद में ऊपरी अदालत से बरी हो गई

फहग्

लोक अभियोजक द्वारा मामले की दी गई जानकारी

 

कार्यालय-जिला लोक अभियोजन अधिकारी,जिला-पन्‍ना के मी.से.प्र./सहा.जि.लो.अभि.अधि., के द्वारा बताया गया कि,न्‍यायालय श्रीमान् मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी पन्‍ना, द्वारा सुनवाई करते हुये आरोपी जीतेश्‍वरी कुमारी का जमानत आवेदन-पत्र निरस्‍त किया गया।

पुरुषोत्तमपुर उप जेल में कैद महारानी ।

अभियोजन के अनुसार,फरियादिया राजमाता पन्‍ना राज परिवार श्रीमति दिल्‍हर कुमारी पति स्‍व.श्री मानवेन्‍द्र सिंह जू देव उम्र 75 वर्ष निवासी राजम‍ंदिर पैलेस पन्‍ना अपने स्‍टाफ सुरक्षा गार्ड राकेश तिवारी एवं सुरेन्‍द्र सिंह के साथ थाना आकर एक लिखित आवेदन पत्र अपने पुत्र श्री राघवेन्‍द्र सिंह महरानी पुत्रवधू जीतेश्‍वरी देवी एवं पोत्र एवं पौत्रियो तथा सहयोगियों सलीम खान द्वारा दिनांक 19.06.2021 की अर्द्धरात्रि 3 बजे राजमाता के निवास परिसर राजम‍ंदिर पैलेस में गह अतिचार करते हुये नशे की हालत में हाथ में कटटा लेकर गाली गलौच करते हुये महल के दरवाजों व पानी की सप्‍लाई की तोडफोड एवं चौकीदार के साथ मारपीट एवं जान से मार देने की धमकी देने संबंधी प्रस्‍तुत किया। जिस पर थाना कोत. पन्‍ना में अपराध क्र. 597/2021, अन्‍तर्गत धारा 147,148, 149,294,323, 506,458,427 भा.द.सं. एवं 25/27 आर्म्‍स एक्‍ट के अन्‍तगर्त दर्ज किया तथा विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफतार कर माननीय न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया। माननीय न्‍यायालय द्वारा दोनों पक्षों को सुना गया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुये आरोपी का जमानत आवेदन पत्र निरस्‍त कर न्‍यायिक अभिरक्षा में भेज दिया ।

एक आरोपी को मिली जमानत

जमानत में रिहा होने के बाद अपने वकील के साथ सलीम खान1 माह पूर्व दर्ज हुए इसी मामले में सह आरोपी सलीम खान को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जिसको 3 दिन पूर्व जमानत मिल चुकी है अब वह न्यायिक अभिरक्षा से बाहर ह

 

आश्वासन मीटिंग और घोषणा हो तक सीमित है डायमंड पार्क

20 वर्ष से डायमंड पार्क निर्माण की बाट जोह रहा है पन्ना

कामगारों को मिलेगा रोजगार

सांसद एवं मंत्री को करनी होगी सकारात्मक पहल

बीडी की परखी नजरें

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना में हीरा कामगारों को रोजगार  उपलब्ध कराने डायमण्ड पार्क की स्थापना की चर्चा बीते 20 साल से हो रही है हमेशा डायमंड पार्क का लॉलीपॉप पन्ना के लोगों को पकड़ाया जाता रहा है लेकिन परिणाम यह कि कभी इंदौर में डायमंड पार्क बना तो कभी खजुराहो में बनाने की चर्चा हुई पन्ना में डायमंड मिलता है कटिंग पॉलिशिंग यही हो इसके लिए जो डायमंड पार्क बना है उसका परिणाम ढाक के तीन पात है कलेक्टर पन्ना संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में फिर जिले के हीरा कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये डायमण्ड पार्क स्थापित करने  बैठक आयोजित की गई। बैठक में हीरा व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों ने डायमण्ड पार्क स्थापित करने के सुझाव दिये 

 बताया गया कि वर्तमान में हीरा व्यवसाय में बहुत बड़ा बदलाव आया है। अब इस व्यवसाय को संचालित करने के लिये आधुनिक मशीने, सर्टिफिकेशन यूनिट आदि की आवश्यकता होती है। अब इसके लिये डायमण्ड पार्क को आधुनिक मशीनों के साथ स्थापित करने पर ही सफलता मिल सकेगी। इसके लिये अधोसंरचना विकास के साथ ट्रेडिंग सेन्टर, बैलेंस मशीन यूनिट, हीरा कटिंग-पॉलसिंग, अभूषण बनाने आदि के लिये बडे-बडे हॉल की आवश्यकता होगी। इसके अलावा एक सो-रूम स्थापित करना होगा। डायमण्ड पार्क में विद्युत, पेयजल, सुरक्षा, पार्किंग स्थल व्यवस्थित पहुंच मार्क की आवश्यकता पेट्रोल पम्प के अलावा बाहर से आने वाले व्यवसायियों के ठेहरने आदि की व्यवस्था करनी होगी।

डायमंड पार्क के लिए आयोजित बैठक का दृश्य

कलेक्टर श्री मिश्र ने बैठक में उपस्थित व्यवसायियों को बताया कि पन्ना वर्तमान में आवागमन के विभिन्न साधनों से जुड़ गया है। पड़ोसी जिले छतरपुर के खजुराहो में रेल लाईन, हवाई अड्डा होने के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जुुड़ गया है। वहीं थोडे ही दिनों में पन्ना का सकरिया हवाई अड्डा बनकर तैयार हो जायेगा। अगामी समय में पन्ना तक रेलवे लाईन पहुंचने वाली है। इसलिए पन्ना में डायमण्ड पार्क स्थापित कर यहॉ के उत्पादित हीरे के अभूषण तैयार कर विक्रय करने का कार्य सफलता पूर्वक किया जा सकता है। यहॉ के हीरा कारोवारियों को काम की तलाश में महानगरों की ओर नही जाना पड़ेगा। उन्होंने हीरा व्यवसायिओं से कहा कि डायमण्ड पार्क के साथ सर्वसुविधा युक्त कॉलोनी का निर्माण कराने के साथ पांच सितारा होटल के अलावा हीरा व्यवसायियों के लिये सभी तरह की सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये अधोसंरचना विकास किया जाना होगा। इसके लिये स्थानीय व्यवसायी उपयुक्त भूमि की जानकारी दें। जिससे अगामी आने वाले समय में डायमण्ड पार्क का कार्य प्रारम्भ किया जा सकें

शहर के मध्य स्थित महेंद्र भवन है उपयुक्त स्थान

खूबसूरत महेंद्र भवन

हीरा को रखना और इस व्यापार से जुड़े लोगों के आवागमन मैं सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा होता है भले ही 20 वर्षों से डायमंड पार्क के लिए जमीन न तलाशी गई हो पर पुराने कलेक्ट्रेट यानी महेंद्र भवन के परिसर में जो जमीन उपलब्ध है वह डायमंड पार्क के लिए सबसे उपयुक्त उपयुक्त जगह है यदि यहां डायमंड पार्क बनाता है तो हीरा कामगारों व्यापारियों को आवागमन में सुविधा होगी और सुरक्षित वातावरण रहेगा

सांसद एवं मंत्री को करनी होगी सकारात्मक पहल

एनएमडीसी हिनौता में आयोजित कार्यक्रम में सांसद एवं मंत्री

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वैदिक परंपरा में सबसे पवित्र माने जाते हैं पीपल और बरगदइन वृक्ष को दी गई है पूर्वजों की संज्ञाअनूठी है इनकी उत्पत्ति और संरक्षण की प्रक्रिया

सबसे अधिक ऑक्सीजन देते

पूजनीय बट वृक्ष के सामने

बरगद की  डाली में लगे फल

पीपल ओर बरगद को सनातन धर्म में पूर्वजों की संज्ञा दी गई है।क्या आपने कभी पीपल और बरगद के पौधे लगाए हैं या किसी को लगाते हुए देखा है? क्या पीपल या बरगद के बीज मिलते हैं ?इसका जवाब है…नहीं !!

ऐसा इसीलिए है क्योंकि बरगद या पीपल की कलम बहुत कोशिशों के बाद बमुश्किल लगती है। इसका कारण यह है कि प्रकृति ने यह दोनों उपयोगी वृक्षों को लगाने के लिए अलग ही व्यवस्था कर रखी है।

जब कौए इन दोनों वृक्षों के फल को खाते हैं तो उनके पेट में ही बीज की प्रोसेसिंग होती है और तब जाकर बीज उगने लायक होते हैं।उसके पश्चात कौवे जहाँ-जहाँ बीट करते हैं, वहाँ-वहॉं पर यह दोनों वृक्ष उगते हैं। इसीलिए पीपल और बरगद के वृक्ष कई बार ऊंची इमारतों एवं दीवालों की झिर्रियों में उगते मिल जाते है।

और, किसी को भी बताने की आवश्यकता नहीं है कि पीपल ऐसा वृक्ष है जो अधिक ऑक्सीजन देता है और वहीं बरगद के औषधि गुण अपरम्पार हैं। अगर इन दोनों वृक्षों को उगाना है तो कौवे एवं अन्य पक्षियों की मदद बिना संभव नहीं है। इसलिए कौवे को बचाना पड़ेगा।
पक्षी वैज्ञानिकों के अनुसार मादा कौआ भादों महीने में अंडा देती है और नवजात बच्चा पैदा होता है।

पीपल की डाली और पत्ते

तो, इस उपयोगी पक्षी के नवजात को पौष्टिक और भरपूर आहार मिलना जरूरी है। शायद, इसलिए ऋषि-मुनियों ने कौवों के नवजात बच्चों के लिए हर छत पर श्राद्ध के रूप में पौष्टिक आहार की व्यवस्था कर दी होगी, जिससे कौवों की नई जनरेशन का पालन पोषण हो जाये।

इसीलिए श्राद्ध का तर्पण करना न सिर्फ हमारी आस्था का विषय है बल्कि यह प्रकृति के रक्षण के लिए नितांत आवश्यक है। साथ ही… जब आप पीपल के पेड़ को देखोगे तो अपने पूर्वज तो याद आयेंगे ही क्योंकि उन्होंने श्राद्ध दिया था इसीलिए यह दोनों उपयोगी पेड़ हम देख रहे हैं।

हमारे द्वारा श्रद्धा से किए गए सभी कर्म, दान आदि आध्यात्मिक ऊर्जा के रूप में हमारे पितरों तक अवश्य पहुँचते हैं।

साभार : (सुरेश जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)

स्रोत – (डॉ नंदिता पाठक जी की फेसबुक पोस्ट से)

 

टाइगर के बराबर महत्वपूर्ण है बरगद और पीपल

देश में ऐसे दृश्य दिखे तो बचेंगे जंगल

प्राकृतिक संरचना एवं जीव जंतु श्रृंखला में टाइगर को सर्वोपरि माना गया है शाकाहारी एवं मांसाहारी जीवो में टाइगर का दर्जा सबसे श्रेष्ठ है  जिस इलाके में टाइगर रहता यानी जहां बाघ का रहवास है वहाँ संपूर्ण प्राकृतिक संरचना संतुलन में है यदि जब श्रृंखला में कोई गड़बड़ी है तो टाइगर वहां सरवाइव नहीं कर सकता यानी जंगल में पानी होगा तो घास उगेेगी, घास शाकाहारी जानवर खाएंगे जब उनकी तादाद बढ़ेगी तो उस इलाके में मांसाहारी खासकर टाइगर जैसे जानवरों की संख्या बढ़ेगी यानी बाघ कर रहवास जिस इलाके में होगा यही प्राकृतिक संतुलन के लिए सबसे जरूरी है जिस तरह का दर्जा वन्यजीवों में टाइगर का है वैसा ही दर्जा वृक्षों में बरगद और पीपल का है यह आदम कद वृक्ष दीर्घ जीवी होते हैं सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं और छांव भी इसीलिए यह वृक्ष पूजनीय है यदि इस धरती को बचाना है तो पीपल बरगद जैसे वृक्ष और टाइगर को बचाना ही होगा

(शिवकुमार त्रिपाठी)

सिंधिया घराने की संपत्ति जानकर उड़ जाएंगे होश, कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है महाराज की दौलत

 केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया  कितने की संपत्ति के मालिक हैं… इस सवाल का जवाब मुश्किल है, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव के लिए आवेदन में 2 अरब से ज्यादा की संपत्तियां बताई थीं, लेकिन जिन संपत्तियों को लेकर कई अदालतों में मामले चल रहे हैं, उनकी अनुमानित कीमत ही करीब 40 हजार करोड़ यानी 400 अरब रुपये है….चलिए जानते हैं इसकी असल सच्चाई क्या है.

ज्ञात हो कि राजमाता सिंधिया ने अपने पुत्र माधवराव सिंधिया एवं पोता ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति के उत्तराधिकार से बेदखल कर दिया था उनकी तीन पुत्रियां उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे को संपत्ति का बारिश बताया है तीन हिस्सा अपनी पुत्रियों को दे दिया और एक हिस्सा ट्रस्ट के माध्यम से चैरिटी के लिए दिया है जिसका विवाद न्यायालयों में चल रहा है मुंबई हाई कोर्ट एवं ग्वालियर हाई कोर्ट में इन संपत्तियों के बारिश का विवाद चल रहा है जो माधवराव सिंधिया ने अपनी मां से संपत्ति पाने के लिए ग्वालियर के न्यायालय में दावा दायर किया था जिसका अभी परीक्षण ही चल रहा है पूरी संपत्ति के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया दावा करते हैं वहीं इनकी बुआ अपना अधिकार छोड़ने को तैयार नहीं है जिससे इस राजशाही खानदान में संपत्ति का विवाद चल रहा है पर राज परिवार के लोग सार्वजनिक जीवन में राजनीति कर रहे हैं कई बार इनसे यह प्रश्न पूछे गए पर कोई भी सदस्य अपने संपत्ति विवाद की कभी सार्वजनिक चर्चा नहीं करते यानी विवाद आपस में खूब तेज है पर संपत्ति के दावे अधिकार को लेकर सार्वजनिक चर्चाएं करने से बचते हैं

*पुलिस अधीक्षक पन्ना ने चलाया मास्क के प्रति जागरूकता अभियान*

*सड़कों पर आने जाने वाले राहगीरों व दुकान संचालकों को वितरित किए गए मास्क*

दिनांक को पुलिस अधीक्षक पन्ना  धर्मराज मीना द्वारा कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुये पन्ना शहर के दुकान संचालको एवं सड़क पर निकलने वालो व्यक्तियों को मास्क वितरित किये जाकर मास्क लगाने हेतु जागरूक किया गया एवं मास्क न लगाने वाले अथवा कोविड गाइड-लाइन का उल्लंघन करते पाये गये लोगो के विरूद्ध पुलिस द्वारा चालानी कार्यवाही भी की गई। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा लोगो को समझाइस देते हुये कोरोना से बचाव हेतु लोगों को मास्क लगाने, वैक्सीन लगवाने एवं सामाजिक दूरी का पालन करने की समझाइ दी गई । उक्त जागरूकता कार्यक्रम एवं चालानी कार्यवाही में अनु0 अधि0 पुलिस पन्ना  बी.एस. बरीबा, डी.एस.पी. महिला प्रकोष्ठ  अजय वाघमारे, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक  अरूण कुमार सोनी, थाना प्रभारी यातायात निरीक्षक  अमरदास कनारे एवं पुलिस बल उपस्थित रहा ।

बधाई देने तक सीमित न रहे पर्यावरण दिवस,,

स्वच्छ वातावरण ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार

 

( शिवकुमार त्रिपाठी) आज पूरी दुनिया पर्यावरण दिवस मना रही है 1972 में पर्यावरण के महत्व को समझा और उसे बचाने की प्रयास शुरू किए गए पर भारतीय संस्कृति पुरातन समय से ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती रही है यही कारण है कि हिंदू धर्म में वृक्ष को देवता के समान माना गया है कई त्योहारों में वृक्षों की पूजा की जाती है बट सावित्री में बरगद की पूजा, अक्षय तृतीया ऑवला के पेड़ की पूजा , हरछठ मैं  पलाश और बेरी के पेड़ की पूजा जैसे यह त्यौहार है जिनमें वृक्षों की ही पूजा की जाती है और इन्हीं के आशीर्वाद से सुखद जीवन और समृद्धि की कल्पना  लोग करते हैं  लेकिन जिस तरीके से भौतिकवादी सोच और बलात दोहन ने पर्यावरण को क्षति पहुंचाई है अब बेहद खतरनाक स्थितियां निर्मित हो रही है ग्लोबल वार्मिंग , प्राकृतिक आपदाओं , बढ़ते तापमान जैसी घटनाएं तो सामने दिख ही रही है पृथ्वी में ऐसी हल चल  होती हैं जो चिंताजनक है लेकिन यदि भारतीय संस्कृति के अनुसार जीवन पद्धति को लोग अपना ले तो पर्यावरण को संरक्षित ही नहीं स्वच्छ बनाकर चिंरजीवी किया जा सकता है भौतिक सुख सुविधाओं और लग्जरी सोच ने पर्यावरण पर कुठाराघात किया है आज फेसबुक, व्हाट्सएप , टि्वटर के माध्यम से लोग पर्यावरण दिवस की बधाइयां दे रहे हैं  यह मात्र 5 जून तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए अगर सुखमय जीवन जीना है तो पृथ्वी, नदी , जल , पेड़ सभी को स्वच्छ बनाना होगा और हर व्यक्ति को स्वयं की जिम्मेदारी का एहसास करना होगा

प्रकृति को नजदीक से निहारते ,,, पन्ना टाइगर रिजर्व

पर्यावरण संरक्षण की संस्थाएं  भी गैर जिम्मेदार

 पर्यावरण संरक्षण के लिए देश में कई वैधानिक संस्थानो का निर्माण किया गया है जिसमें सरकार करोड़ों रुपए प्रतिवर्ष खर्च करती है पर इन संस्थाओं पर बैठे जिम्मेदार लोग अपने मूल कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहे यही कारण है की नदियों में बढ़ते प्रदूषण , रेत का अवैध उत्खनन , पेड़ों की कटाई ,  अवैध खनन तमाम मामले सामने आने के बावजूद इन संस्थाओं द्वारा कोई कठोर कदम नहीं उठाए जाते इस कारण पर्यावरण और अधिक क्षति होती  हैं नदियां सूख रही है धरती बंजर होती जा रही पर्यावरण संरक्षण संस्थाएं शांत दिख रही है


पूजनीय बट वृक्ष के सामने

भारतीय हिंदू संस्कृति में  पीपल बरगद  जैसे पेडो की लकड़ियां  आज भी लोग नहीं काटते न ही जलाऊ में इसका उपयोग करते हैं मतलब साफ है  कि हिंदू संस्कृति  पर्यावरण के प्रति  जिम्मेदार रही है  अब लोगों को स्वयं की जिम्मेदारी का एहसास भी करना होगा तभी सच्चे मायने में पर्यावरण दिवस  की सफलता होगी

 

 पर्यावरण दिवस

देश में ऐसे दृश्य दिखे तो बचेंगे जंगल

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है  जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को, विश्वभर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास

प्रदूषण रहित सदानीरा केन नदी,, जिस पर अब हो रहा है आघात

विश्व पर्यावरण दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानव पर्यावरण के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अवसर पर 1972 में हुई थी। हालांकि, यह अभियान सबसे पहले 5 जून 1973 को मनाया गया। यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है और इसका कार्यक्रम विशेषरुप से, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए वार्षिक विषय पर आधारित होता है। 1987 में इसके केंद्र को बदलते रहने का सुझाव सामने आया और उसके बाद से ही इसके आयोजन के लिए अलग अलग देशों को चुना जाता है। इसमें हर साल 143 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं और इसमें कई सरकारी, सामाजिक और व्यावसायिक लोग पर्यावरण की सुरक्षा, समस्या आदि विषय पर बात करते हैं

 

एमपी में 12वीं की परीक्षाएं रद्द

श्रेणी सुधार के लिए दोबारा दे पाएंगे परीक्षा

Cm  शिवराज ने की घोषणा

फाइल फोटो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

(शिवकुमार त्रिपाठी) – भोपाल मध्य प्रदेश में इस साल 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएगी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इस बात का ऐलान किया है मुख्यमंत्री ने कहा है कि बच्चों की जिंदगी अनमोल है केरियर की चिंता बाद में कर लेंगे।इस समय जब सभी कोरोना का संकट झेल रहे है। बच्चो पर परीक्षा का बोझ डालना उचित नही है। 12 का रिजल्ट कैसे बने इसके लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया गया है।जो विशेषग्यों से चर्चा कर यह तय करेगा कि रिजल्ट के लिए आंतरिक मूल्यांकन हो या अन्य कोई आधार अपनाया जाए। उस आधार पर तय करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 वी की परीक्षा पहले ही न करने का फैसला किया गया है। उनके रिजल्ट आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर होगा।

सीएम ने की घोषणा, श्रेणी सुधार की परीक्षा दे सकेंगे छात्र

फोटो – CM शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12वीं की परीक्षाएं निरस्त करने के बाद यह भी बयान जारी किया है कि जो छात्र बेहतर रिजल्ट के लिए दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं उन्हें कोरोना की समप्ति के बाद दोबारा अवसर दिया जाएगा यानी श्रेणी सुधार की परीक्षा छात्र दोबारा दे सकते हैं ज्ञात हो कि कल सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं रद्द की गई थी तभी से उम्मीद लगाई जा रही थी कि मध्यप्रदेश में अपने बोर्ड की सभी परीक्षाएं निरस्त कर देगा