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हीरा परियोजना चालू रखने PCCF ने जारी किया आदेश,, राजनीति शुरू,,, युवक कांग्रेस ने लगाया आरोप

हीरा खदान बंद होने पर युवा कांग्रेस ने खोला मोर्च, दी आंदोलन की चेतावनी

एशिया की एकमात्र हीरा खदान एनएमडीसी में नए वर्ष से उत्खनन कार्य बंद होने पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने एनएमडीसी को सुचारू रूप चालू करवाने की मांग की.

पन्ना। एशिया की एकमात्र हीरा खदान एनएमडीसी में नए वर्ष से उत्खनन कार्य बंद होने से जहां पन्ना की जनता नाराज है तो वहीं अब यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा रहा है. जहां अभी कुछ पहले पन्ना विधायक व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने स्थानिय सांसद व प्रदेशाध्यक्ष वीड़ी शर्मा के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर मामले से अवगत करवाया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एनएमडीसी को सुचारू रूप से चालू रखने का आश्वासन दिया था. लेकिन अब विपक्ष कांग्रेस भी एक मुद्दे के समर्थन के उतर आई है.

हीरा खदान बंद होने के खिलाफ युवा कांग्रेस

कांग्रेस ने उठाई हीरा खदान को चालू करने की मांग

आज पन्ना के युवा कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने एनएमडीसी को सुचारू रूप से संचालन होने का समर्थन कर इसे जल्द से जल्द चालू करवाने की मांग की. युवक कांग्रेस का कहना है कि खनिज विकास निगम भारत सरकार द्वारा पन्ना जिले में एकमात्र औद्योगिक इकाई हीरा खनन परियोजना मझगवां में संचालित है. हीरा खनन परियोजना का प्रारंभ वर्ष 1968 में कांग्रेस शासनकाल में हुआ था और 1968 से लेकर 2003-04 तक एनएमडीसी मझगवां हीरा खदान सुचारू रूप से संचालित रही. वर्ष 2004 में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हीरा खनन परियोजना बंद कर दी गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप लगभग 4 साल बाद 2009 को एनएमडीसी हीरा खदान पन्ना में पुनः शुरू हो सकी. जिसके 11 साल बाद फिर से एक बार जब राज्य एवं केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए खजुराहो संसदीय क्षेत्र से सांसद विष्णु दत्त शर्मा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और पन्ना विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह है.

कांग्रेस ने लगाया सरकार पर आरोप

ऐसे में यह साफ तौर पर कहा जा सकता है कि एनएमडीसी की हीरा खदान के संचालन को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. कांग्रेस के शासनकाल के दौरान प्रारंभ हुए सरकार इस महत्वपूर्ण उपक्रम को योजनाबद्ध तरीके से बंद कराते हुए अन्य उपक्रमों की तरह ही मझगवां स्थित खदान को आगामी समय में प्राइवेट सेक्टर के जरिए उद्योगपतियों को सौंपा जा सकता है. जिला युवक कांग्रेस पन्ना जिले में एनएमडीसी हीरा खदान सुचारू रूप से संचालित हो इसका पूरा समर्थन करते हुए जिले वासियों के साथ मिलकर इस संबंध में आंदोलन करेगी. इसके साथ ही प्रदेश सरकार से युवक कांग्रेस ने मांग की है कि एनएमडीसी हीरा खदान को पुनः प्रारंभ करने के लिए भारत सरकार स्तर से फॉरेस्ट एक्ट 1980 और वाइल्डलाइफ एक्ट 1972 के तहत आवश्यक मंजूरी प्रदान करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आगामी 20 वर्ष तक के लिए एनएमडीसी की हीरा खदान के संचालन की लीज को बढ़ाया जाए. क्योंकि एनएमडीसी से ना केवल कई परिवारों को रोजगार मिलता है बल्कि यह पन्ना की शान भी है

पन्ना की एनएमडीसी हीरा खदान कब तक होगी चालू ?

  • मंत्री और सांसद की पहल से प्रधान मुख्य वन संरक्षक(वन्य प्राणी) ने दी मंजूरी
  • पर हीरा खदान के विधिवत संचालन हेतु राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी जरुरी   

 

 पन्ना जिले में मझगंवा स्थित एनएमडीसी हीरा खदान को लेकर बीते पांच दिनों से राजनीतिक सरगर्मी उफान पर है। नये साल के पहले दिन जैसे ही एनएमडीसी हीरा खदान के बंद होने की खबर आई, जिले में खलबली मच गई। मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति जहाँ गर्माने लगी, वहीँ इसके बंद होने की खबरों से पन्ना जिले के लोग खासकर परियोजना के आसपास स्थित ग्रामों के रहवासी काफी चिंतित और विचलित हो गये थे। क्योंकि हीरा खदान के बंद होने से उनको मिलने वाली सुविधायें बाधित हो जायेंगी। जिले के लोगों की चिंता और आक्रोश तथा मीडिया में आई ख़बरों को संज्ञान में लेकर प्रदेश शासन के मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह व सांसद बी.डी. शर्मा सक्रिय हो गये। उन्होंने रविवार को ही देर शाम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। बिना विलम्ब किये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि राज्य में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम की पन्ना स्थित हीरे की खान से खनन बंद नहीं होगा।

उल्लेखनीय है कि मंत्री व सांसद जी की सक्रियता के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एनएमडीसी खदान के सम्बन्ध में जिस तरह से आश्वासन दिया और बकायदे इस बावत ट्वीट कर यह भरोसा भी दिलाया कि हीरे की खान से खनन बंद नहीं होगा, तो लोगों में एक उम्मीद की किरण जाग्रत हुई। रविवार के बाद मामले को लेकर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता के बीच मंगलवार की शाम खबर मिली कि हीरा खदान के संचालन हेतु प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( वन्य प्राणी ) आलोक कुमार ने अनुमति प्रदान कर दी है। यह खबर निश्चित ही पन्ना जिला वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी थी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( वन्य प्राणी ) ने 4 जनवरी को जारी किये गये अपने पत्र में लेख किया है कि मझगवां हीरा खदान पिछले 50 वर्षों से संचालित है। राज्य सरकार ने इसकी खनन लीज में 20 वर्ष की वृद्धि और की है। खदान को पूर्व से वन्य प्राणी अनुमति स्वीकृत थी, जो 31-12-2020 तक थी। इस स्वीकृति को आगे बढ़ाने का प्रकरण राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के समक्ष लंबित है। अत: नवीन खनन कार्य न होने से तथा वन्यप्राणियों एवं उनके रहवास पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़ने से चालू कार्य तब तक के लिए संचालित होने दिया जाय जब तक कि राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड इस पर कोई निर्णय नहीं ले। इस पत्र की प्रतिलिपि क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिज़र्व, प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन वन विभाग तथा महाप्रबंधक हीरा खनन परियोजना, मझगवां पन्ना को सूचनार्थ भेजी गई है।

पूरी सफलता के लिए अभी जारी रहे प्रयास

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते रोज हुई मीटिंग में कहा है कि राज्य सरकार पर्यावरण मंजूरी के लिए केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री, प्रकाश जावडेकर से बात करेगी और खनन पट्टे का विस्तार करने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी लेगी। इस मीटिंग में खजुराहो सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा तथा प्रदेश शासन के मंत्री व पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह मौजूद थे। दोनों ही नेताओं ने सीएम से कहा कि इस खदान से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता है, इसलिए इसका विधिवत संचालन जरुरी है। पन्ना के विकास व जन सुविधाओं के विस्तार में भी इस परियोजना का बड़ा योगदान रहता है। 

लेकिन प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( वन्य प्राणी ) की अनुमति मिलने के बाद क्या हीरा खदान का विधिवत संचालन पूर्ववत हो सकेगा ? यह एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब अभी मिलना है। एनएमडीसी हीरा खनन परियोजना के सूत्रों का कहना है कि बिना किसी अवरोध के विधिवत संचालन हेतु राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी आवश्यक है, ऐसी स्थिति में एनएमडीसी प्रबंधन का क्या रुख रहता है यह देखना होगा। चूँकि मामला पन्ना के हितों व पहचान से जुड़ा है, इसलिए क्षेत्र के विधायक और मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह तथा  सांसद बी.डी. शर्मा  को अभी सक्रियता बनाये रखनी होगी। जब तक राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी नहीं मिल जाती। मालुम हो कि पन्ना स्थित मझगवां हीरा खदान देश ही नहीं अपितु एशिया की इकलौती मैकेनाइज्ड खदान है जिसकी गिनती नवरत्नों में होती है। यहाँ 74 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में यांत्रिक खनन पीटीआर के गंगऊ वन्यजीव अभयारण्य के अंदर होता है। इस खदान की प्रति वर्ष  84,000 कैरेट हीरे खनन की क्षमता है। अब तक यहाँ से लगभग 13 लाख कैरेट हीरों का खनन किया जा चुका है जबकि 8.5  लाख कैरेट हीरे अभी भी यहाँ की धरती में मौजूद हैं जिनका खनन किया जाना है। 

 

सीएम शिवराज ने दिया भरोसा, बंद नहीं होगी एनएमडीसी खदान

पन्ना की हीरा खदान बंद होने से गर्माई प्रदेश की सियासत 

 

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर चर्चा करते हुए मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह व सांसद बी.डी. शर्मा।

 

(शिवकुमार त्रिपाठीमध्यप्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती हीरा उगलती है। बेशकीमती रत्न हीरों की उपलब्धता के कारण ही देश और दुनिया में डायमण्ड सिटी के रूप में पन्ना की पहचान है। लेकिन इस पहचान पर संकट के बादल तब मंडराने लगे जब नये वर्ष के पहले दिन ही यहाँ की मझगंवा स्थित एनएमडीसी हीरा खदान बंद हो गई। यह स्थिति वन्य जीव संरक्षण विभाग सहित पर्यावरण मंत्रालय से आवश्यक स्वीकृति न मिल पाने के चलते निर्मित हुई है। मालुम हो कि एनएमडीसी हीरा खदान पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ अभ्यारण्य अंतर्गत वन भूमि रकबा 74.018 हेक्टेयर में संचालित है। जिसके संचालन की अवधि 31-12-2020 को समाप्त हो गई है। खदान के बंद होने से प्रदेश की सियासत गर्माने लगी और जनाक्रोश भी प्रकट होने लगा। जिसे देखते हुए प्रदेश के खनिज मंत्री व स्थानीय विधायक ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह तथा क्षेत्रीय सांसद बीडी शर्मा सक्रिय हो गये। मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों नेता रविवार को रात्रि में ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से उनके निवास में जाकर इस सम्बन्ध में चर्चा की। सीएम शिवराज सिंह ने आश्वस्त किया है कि पन्ना की एनएमडीसी हीरा खदान बंद नहीं होगी। 

मामले के सम्बन्ध में दी गई जानकारी के मुताबिक प्रदेश के खनिज एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह एवं क्षेत्रीय सांसद  बीडी शर्मा ने एनएमडीसी परियोजना के उत्खनन कार्य की अनुमति को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री से भेंट कर उत्खनन की स्वीकृति के संबंध में चर्चा की है। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर चीफ सेक्रेटरी मध्यप्रदेश शासन को निर्देश दिये हैं कि इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के लिए बैठक आयोजित की जाये। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस संबंध में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से बात कर एनएमडीसी को उत्खनन कार्य की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्खनन कार्य प्रारंभ हो जाने से पन्ना जिले के लोगों को रोजगार उपलब्ध होने के साथ जिले का विकास होगा। मालुम हो कि नए साल के पहले दिन केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते जब एनएमडीसी परियोजना मझगवां पहुंचे थे तो कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री श्री कुलस्ते को ज्ञापन भी सौंपा था। कर्मचारियों ने मंत्री जी को परियोजना के संचालन में उत्पन्न संकट की विस्तार से जानकारी देते हुए बंद खदान को अविलम्ब चालू कराने की मांग की गई थी। यूनियन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया था कि खनिज संपदा प्रकृति में विशेष परिस्थितियों में निर्मित होती है, जिसका स्थानांतरण असंभव होता है। खनन कार्य खनिज संपदा के प्राप्ति स्थल पर ही करना होता है। ज्ञातव्य हो कि हीरा खनन परियोजना का प्रारंभ सन 1958 में हुआ था, जबकि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में लागू हुआ है। बीते 5 वर्षों में परियोजना द्वारा नैगम सामाजिक दायित्व के तहत 1037. 56 लाख रुपये व्यय किये गये हैं। परियोजना बंद होने की स्थिति में पन्ना जिले के लोग मिलने वाले इस लाभ से वंचित हो जायेंगे।

विशेष गौरतलब बात यह है कि पन्ना की मझगंवा स्थित एनएमडीसी हीरा खदान न सिर्फ पन्ना अपितु प्रदेश की भी शान है। यह एशिया महाद्वीप की इकलौती मैकेनाइज्ड हीरा खदान है जहाँ वर्ष 1968 से लेकर अब तक लगभग 13 लाख कैरेट हीरों का उत्पादन किया जा चुका है। इस खदान में अभी भी 8.5 लाख कैरेट हीरों का उत्पादन होना शेष है। ऐसी स्थिति में आगे खदान संचालन की अनुमति यदि नहीं मिलती तो अरबों रुपये कीमत के हीरे जमीन के भीतर ही दफन रह जायेंगे। पन्ना की पहचान बन चुकी एनएमडीसी हीरा खदान के बंद होने से पन्ना के साथ – साथ प्रदेश की चमक भी फीकी पड़ जायेगी। इतना ही नहीं इस खदान के संचालन से हजारों लोगों को परोक्ष व अपरोक्ष रूप से जो लाभ मिलता है वह बंद हो जायेगा साथ ही रोजी रोजगार पर भी असर पड़ेगा। हीरा खनन परियोजना के आसपास स्थित ग्रामों  के लोगों को दशकों से जो सुविधायें मिलती रही हैं उनसे भी वंचित होना पड़ सकता है।

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      1. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले विष्णु दत्त शर्मा और बृजेंद्र प्रताप सिंह

  1. वाइल्डलाइफ बोर्ड की मीटिंग करा कर सकारात्मक फैसला लेने की उम्मीद

  2. मुख्यमंत्री ने हीरा परियोजना चालू कराने का दिया आश्वासन

 

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना स्थित एनएमडीसी की हीरा खनन परियोजना देश दुनिया में सर्वोत्तम क्वालिटी के हीरो के लिए फेमस है अब तक 13 लाख कैरेट हीरो का उत्पादन कर चुकी इस पुरानी परियोजना को चालू कराने के लिए क्षेत्रीय सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा मध्यप्रदेश शासन में मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने इस हीरा परियोजना को चालू कराने की मुद्दों पर चर्चा की और बताया कि पन्ना जिले की रोजगार और विकास के लिए यह कितनी महत्वपूर्ण है यदि यही रा परियोजना बंद हो जाती है तो सरकार को करोड़ों का राजस्व का नुकसान तो होगा ही पन्ना जिले के लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा साथ ही सर्वोत्तम क्वालिटी के हीरे इसी जमीन में दफन रह जाएंगे लिहाजा दोनों प्रभावशाली नेताओं की बातों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि हीरा परियोजना किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दी जाएगी इस आशय की स्वीट भी मुख्यमंत्री ने स्वयं अपनी पोस्ट के माध्यम से किए हैं जिससे यह उम्मीद जगी है कि यह हीरा परियोजना शीघ्र चालू हो सकेगी

 5 साल पहले रह चुकी है बंद

2005 में इसी तरह के पर्यावरण नियमों के कारण जब हीरा परियोजना को बंद किया गया था उसको चालू कराने के लिए एनएमडीसी हीरापुर परियोजना प्रबंधन ने खूब मशक्कत की तब भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे और भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी लेकिन बंद हुई इस परियोजना को चालू कराने के लिए मैं 5 वर्ष का समय लग गया था इसलिए तुरंत चालू हो जाएगी यह तो उम्मीद नहीं की जा सकती आप पर इतना अवश्य है कि पहले जिले में ताकतवर नेता नहीं थे इस बार हमारे सांसद विष्णु दत्त शर्मा भारतीय जनता पार्टी कि प्रदेश के मुखिया हैं और क्षेत्रीय विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह एक ताकतवर मंत्री हैं उनके प्रयास को कोई इग्नोर नहीं कर सकता लिहाजा इस बार उम्मीद अवश्य है कि यह परियोजना शीघ्र चालू होगी

 क्या है मामला और कितनी महत्वपूर्ण है परियोजना

पन्ना में स्थित एशिया महाद्वीप की एकमात्र  मैकेगनज्ड हीरा खनन परियोजना पर्यावरण अनुमति के कारण बंद कर दी गई है 1 जनवरी 2021 से उत्खनन एवं प्रोसेसिंग प्लांट बंद हुआ है टाइगर रिजर्व ने भी इनके बंद करने का पत्र लिखा है  सेंचुरी क्षेत्र में होने के कारण अभी तक इस  खूबसूरत रत्न हीरे का उत्पादन करने वाली इस परियोजना को वाइल्ड लाइफ बोर्ड से अभी तक अनुमति नहीं मिली है मामला मध्य प्रदेश सरकार के मध्य पेंडिंग है केंद्र सरकार के अनुमति के बाद ही चालू हो सकेगी  एनएमडीसी हीरा खदान जो पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ  अभ्यारण्य अंतर्गत वन भूमि रकबा 74.018 हेक्टेयर में संचालित है। जिसके संचालन की अवधि 31 दिसंबर 2020 को समाप्त हो गई है। क्षेत्र संचालक का पत्र मिलने के बाद से ही परियोजना में हड़कंप मचा है

पन्ना में स्थित एशिया की एकमात्र हीरा खदान हुई बंद

*  परियोजना संचालन के लिए 31 दिसंबर 2020 तक थी अनुमति

*  हीरा खदान में उत्खनन कार्य पूरी तरह बंद करने पन्ना टाइगर रिजर्व ने भेजा पत्र

( शिवकुमार त्रिपाठी)    बहुमूल्य रत्न हीरों के खनन के लिए विश्व विख्यात मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मझगवाँ स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना में हीरों का उत्पादन नए साल के पहले दिन से ही बंद हो गया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने महाप्रबंधक, हीरा खनन परियोजना को एक पत्र जारी कर दिनांक 01 जनवरी 2021 से परियोजना में उत्खनन कार्य पूरी तरह से बंद करने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में हीरा खदान व प्लांट को बंद कर दिया गया है। परियोजना के संचालन की स्वीकृति सम्बंधी अवधि के समाप्त होने के कारण हीरों के उत्पादन को तत्काल प्रभाव से बंद करना पड़ा है।

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पूरी रात विषयबद्ध जवाबी कीर्तन से मना नया वर्ष

बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड के नामी कीर्तन मंडली

 छतरपुर जिले की गड़ागंज में स्थित प्रसिद्ध चमत्कारी स्थान बागेश्वर धाम मैं 1 जनवरी 2021 को नव वर्ष का आयोजन साहित्य साधना के साथ किया गया ईसवी कैलेंडर के नव वर्ष के उपलक्ष में बागेश्वर धाम सरकार श्री धीरेंद्र कृष्ण जी ने यह आयोजन किया जिसमें सभी भक्तों मंडल के सदस्यों को आयोजित किया गया था बुंदेलखंड की कीर्तन विधा को प्रोत्साहित करने के लिए महाराज श्री ने विषयबद्ध जवाबी कीर्तन का आयोजन किया जिसमें उत्तर प्रदेश के हमीरपुर की लाल चंद्र  दीक्षित की कीर्तन मंडली आई और दूसरी कीर्तन मंडली छतरपुर के मातादीन विश्वकर्मा की थी जिसे राम और परशुराम संवाद की दो विषयों पर तात्कालिक विषय बंद सूची के तहत कीर्तन के लिए विषय दिए गए महाराज श्री ने ट्रांस कराया और टास जीतने के बाद मातादीन विश्वकर्मा ने भक्ति साधना की शुरुआत की और उन्हें परशुराम का संवाद दिया गया था जिस तरह से रामायण में भगवान परशुराम का चरित्र है उसी को तत्काल कीर्तन और भजन के माध्यम से गाया जाना था

इसी तरह उत्तर प्रदेश की कीर्तन मंडली  लालचंद दीक्षित को लक्ष्मण का विषय दिया गया था जिसमें कड़ाके की ठंड के बीच जबरदस्त प्रस्तुतियां दी गई पूरी रात श्रोता बुंदेली कीर्तन विधा का आनंद उठाते रहे महाराज श्री धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज ने बताया कि बुंदेलखंड में बहुत ही साधना और राग के साथ जवाबी कीर्तन गाई जाती है धीरे-धीरे यह विधा विलुप्त होने की स्थिति में पहुंच रही है इसलिए इन्हें संरक्षित करने के उद्देश्य यह आयोजन किया गया है 31 मार्च 2021 को पुनः विषय बंद कीर्तन का आयोजन किया जाएगा महाराज श्री ने बताया कि इस आयोजन के पूर्व आश्रम के प्रबंधन मंडल की बैठक हुई और इसमें तय किया गया कि जिले का सबसे बड़ा यज्ञ मई के महीने में आश्रम में आयोजित किया जाएगा जिसमें 108 कुंडी हवन और पुराण के साथ रासलीला और भागवत कथा का एक साथ आयोजन किया जाएगा जिसकी तैयारियां आश्रम से जुड़े और भक्त मंडल ने प्रारंभ कर दी है

महाराज श्री ने सभी से अपील की कि गरीब कन्याओं के विवाह में मदद करें गायों की सेवा करें एवं भारतीय संस्कृति की रक्षा के साथ नशा जैसे व्यवसायों से दूर रहकर नव वर्ष का स्वागत करें उम्मीद है 2021 सभी भक्तों को शुभ होगा सभी तरक्की करेंगे एवं भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सभी भक्तगण अपनी शक्ति के अनुसार सहयोग कर धर्मानुसार आचरण करेंगे यही कामना बागेश्वर धाम सरकार से नित्य प्रति करते हैं

ज्ञात हो कि बागेश्वर धाम मैं इन दिनों हजारों का समुदाय एकत्र होता है दैहिक ,दैविक और भौतिक कष्ट से मुक्ति मिलती है इस कारण बागेश्वर आश्रम की प्रसिद्धि दिनों दिन पूरी दुनिया में बढ़ती जा रही है इस अवसर पर महाराज श्री का सानिध्य प्राप्त करने गुन्नौर विधायक शिवदयाल बागरी पन्ना से नरेंद्र शुक्ला ठेकेदार मनु चौबे पवई से प्रदीप मिश्रा छतरपुर से नितिन चौबे अंकित  सहित  बड़ी संख्या में महिला पुरुष  भक्तगण मौजूद रहे

 पन्ना शहर में जगह-जगह महीनों से टूटी पड़ी है पाइप लाइन

हर रोज सड़को , नालियों में बह रहा है पीने का पानी

 अगर पानी नहीं सहेजा तो गर्मियों में होगा भीषण जल संकट से सामना

  1. (शिवकुमार त्रिपाठी)   पन्ना शहर में पीने के पानी का एकमात्र साधन राजाशाही जमाने के तालाब है जिसमें बरसात के पानी का संग्रहण होता है और वर्षभर इन्हीं तालाबों के पानी को फिल्टर कर शहर में पीने की आपूर्ति की जाती है बाहर से पानी लाने की योजना अब तक नहीं बनी इस कारण इन्हीं तालाब के पानी से पूरे वर्ष भर शहर के लोगों को गुजारा करना पड़ता है तभी तो कई बार शहर को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ा लेकिन नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण हर रोज शहर में लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है क्योंकि कई जगह पाइप लाइन टूटी पड़ी है
  2. महीनों से पानी बह रहा है पर इस ओर किसी का ध्यान नहीं है शहर के मिर्जा राजा तलैया के पास निर्मित छोटे-छोटे पुलिस आवास के सामने कई महीनों से लगातार पानी बह रहा है इसी तरह नेशनल हाईवे में जगह-जगह पाइपलाइन टूटती है और पानी बहता रहता है अस्पताल के सामने पाइपलाइन टूटी पड़ी है जिससे सड़क और नालियों में पानी बहता है कमोवेश यही हाल शहर के कई इलाकों में है 50 से अधिक ऐसी सपोर्ट है जहां पाइपलाइन टूटी पड़ी है जिससे फिल्टर पीने युक्त तैयार किया गया पानी इन टूटी पाइप लाइन और खुले पड़े नलों के माध्यम से बर्बाद हो रहा है ना तो इसका कोई उपयोग है नहीं इसको कोई देखने तक ने वाला इन तस्वीरों को देखने तो चिंता और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि पन्ना में सीमित मात्रा में पानी है और इस तरह से यदि बर्बाद होता रहा तो गर्मियों में इसकी क्या हाल होंगे समाचार माध्यमों से प्रशासन तक यह बात पहुंची भी है पर पानी की इस बर्बादी को रोकने के लिए किसी ने ध्यान नहीं दिया

हाईवे के नीचे दबा दी पाइप लाइन इसलिए रोज टूटती है

पन्ना शहर से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें मोहन निवास चौराहे से डायमंड चौराहे की बीच में फील्डिंग और आपूर्ति दोनों पाइपलाइन सड़क से होकर गुजरती थी जब अब यह रोड का चौड़ीकरण किया गया है तो दोनों पाइप लाइनों को बीच सड़क में ही दबा दिया गया जिससे हेवी लोड ट्रक जब निकलते हैं तो यह अंदर से पाइप टूट जाते और पानी का रिसाव शुरू हो जाता है इससे पानी की बर्बादी तो होती ही है नवनिर्मित सड़क में भी बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते और आवागमन अवरुद्ध हो जाता है जबकि नेशनल हाईवे के बाजू में एक पाइप लाइन डाली जा चुकी है पर उस काम को पूरा कर बगल से पाइप के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने के प्रयास अभी तक नहीं किए गए

कलेक्टर पन्ना को देना होगा ध्यान

नगर पालिका के प्रशासक की कुर्सी में पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र विराजमान है भले ही उन्होंने जिले में व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास किया हो पर सच यह है कि नगरपालिका की ही व्यवस्थाएं नहीं सुधार पा रही हैं टूटी हुई पाइप लाइन से बर्बाद होते लाखों लीटर पीने के पानी पर नजर तो उनकी भी पड़ी होगी अगर नहीं पड़ी तो अब अवश्य ध्यान देकर इस पाइपलाइन को सुधारने के शीघ्र आदेश देने होंगे यदि नहीं दिए तो गर्मियों में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना उन्हीं को करना पड़ेगा क्योंकि शहर ही नहीं पूरे जिले की जिम्मेदारी भी कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा के ऊपर ही जाएगी

यूआइडीएसएसएमटी योजना के 20 करोड़ खर्च होने के बाद व्यवस्था ढाक के तीन पात

पन्ना शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए बीते 10 साल में जानकारी के अनुसार यूआइडीएसएसएमटी योजना के तहत पाइप लाइन और फिल्टर निर्माण के लिए करीब 20 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं पर अब तक न तो शहर के सभी कोने में नई पाइपलाइन पहुंची पानी की बर्बादी रोकी शहरवासी अभी कई इलाकों में पीने के पानी के लिए परेशान रहते हैं  उन्हें पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है सरकार का इतना सारा पैसा खर्च हो चुका लेकिन लापरवाही ऐसी की ना तो पानी की बर्बादी रुक रही है और न शुद्ध पेयजल मिल पा रहा क्योंकि इन्हीं फूटी हुई पाइप लाइनों से नाली का दूषित गंदा पानी पुनः  आपूर्ति पाइप लाइन में पहुंच जाता है और यही गंदा पानी लोगों के घर तक पहुंच रहा है

बागेश्वर धाम भक्त मंडल की बैठक संपन्न 

पद्मावती देवी मंदिर में हुई बैठक 

गोवंश के संरक्षण के लिए काम करने का संकल्प

(शिव कुमार त्रिपाठी) पन्ना में श्री बागेश्वर धाम सरकार शिष्य मंडल की बैठक आज पद्मावती देवी मंदिर परिसर में आयोजित की गई जिसमें शिष्टमंडल ने पहली बैठक में   आयोजित की गई जिसमें शिशु मंदिर की गतिविधियों और आगे की जाने वाली कारों पर चर्चा की गई जैसा कि महाराज श्री की मंशा है कि लोगों को दैहिक दैविक और 

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सरकारी सार्वजनिक कार्यों में लगाते है अड़ंगे

पन्ना में वन विभाग के बड़े अधिकारियों के कारण नहीं हुआ सड़क का  चौड़ीकरण

6 माह में एक दर्जन लोगों की गई जान

एनएच 35 और राजमार्ग 49 का नहीं हो सका चौड़ीकरण

सड़क के किनारे झाड़ियों की नहीं हुई सफाई जिससे सड़क की विजुअलिटी नही होने से हुआ एक्सीडेंट

वन कानूनों की होनी चाहिए समीक्षा :- मंत्री  बृजेंद्र

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना में बीते कुछ माह से बाघ  आकस्मात मर रहे हैं 2 दिन पूर्व एक्सीडेंट में अकोला के पास मादा शावक के मारे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है वन विभाग में दुख और हड़कंप का माहौल है तो स्थानीय लोग भी चिंतित है टाइगर रिजर्व की कड़ी मेहनत के बाद भी आखिर क्यों पन्ना में इतनी तेजी से टाइगर मर रहे हैं जिसका सबसे बड़ा कारण वन विभाग की कार प्रणाली के साथ बड़े अधिकारियों द्वारा जन हितेषी कार्य में अड़ंगेवाजी करना भी सामने आ रहा है क्योंकि स्टेट हाईवे 49 का जब चौड़ीकरण हो रहा था तब तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर आर श्रीनिवास मूर्ति ने उचित चौड़ीकरण नहीं होने दिया  जिस जगह पर बाघ का एक्सीडेंट हुआ वहां सड़क में क्रॉसिंग के लिए बहुत कम जगह है   जिस ओर शावक था उधर पुलिया चोड़ी हो गई पर रोड का चौड़ीकरण नहीं होने दिया गया और साइड के फुटपाथ की फीलिंग भी नहीं हुई झाडियां होने के कारण बाघ के छुपकर बैठने की जगह थी झाड़ियां के कारण वाहन चालक को सड़क पूरी तरह नहीं दिखी होगी और तभी बाघ दौड़ा होगा  उसे बचाने का अवसर भी नहीं मिला और एक्सीडेंट हो गया मौके पर ही उसकी मौत हो गई दीपावली त्यौहार के दिन इस तरह से शावक के मारे जाने से लोगों में चिंता है क्योंकि जिले में एक्सीडेंट में  अक्सर इंसान मरते रहते हैं इस तरह से पहली बार हादसा हुआ जिसमें टाइगर की मौत हुई

 

सड़क किनारे झाड़ियों की नहीं होती सफाई जिससे नहीं देख पाते जानवर

वन विभाग में सड़क के किनारे झाड़ियों की सफाई , फायर लाइन के लिए सरकार खूब पैसे देती है पर वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा न तो फायर लाइन जलाई जाती और न ही सड़क के किनारे झाड़ियों की सफाई  कराई जाती है जिससे आवागमन मैं समस्या तो होती ही है वाहन चालकों को रोड के आस पास कुछ दिखाई नहीं देता जिससे हादसे हो  जाते हैं  जंगल से होकर गुजरने वाले रास्तों में इस समय कुछ ज्यादा ही  घटनाएं हो रही हैं

 

NOC बदल देने से NH39 का चौड़ीकरण रूका, दुर्घटना में एक दर्जन इंसान मरे

पन्ना से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 39 कच्छ पन्ना से देवी नगर के बीच में उत्तर वन मंडल की तत्कालीन डीएफओ नरेश यादव द्वारा पूर्व की दी गई एनओसी बदल देने से सार्वजनिक आवागमन का मार्ग नहीं बन पाया 2014 में इसकी चौड़ीकरण की 12 मीटर मीटर की अनापत्ति दी गई थी इसके बाद फरवरी 2019 में इसे बदल दिया गया और 5 मीटर कर दिया गया जिससे निर्माण एजेंसी ने सड़क का चौड़ीकरण नहीं किया और बीते 6 माह में 1 दर्जन से अधिक निर्दोष लोगों की एक्सीडेंट में मौत हुई है जिससे वन विभाग के नियम कानून के साथ अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है  यदि वन विभाग के अधिकारी रंगबाजी नहीं करें तो संभव है इस तरह की घटनाएं न हो

 

वन कानूनों की होनी चाहिए समीक्षा :- बृजेंद्र सिंह

मध्यप्रदेश शासन के मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि वन विभाग के नियम कानून विकास कार्यों में बाधक है इससे पन्ना के सार्वजनिक जन हितेषी कार्य प्रभावित हो रहे हैं स्थानीय विधायक एवं शासन में खनिज मंत्री बृजेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सड़क से कोई व्यक्ति गुजर रहा है और जंगली जानवर से एक्सीडेंट होता है  गलती चाहे जिसकी भी हो राहगीरों पर कार्यवाही की जाती है यह उचित नहीं है उन्होंने कहा कि हमारे पन्ना के चारों ओर टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्र आता है इसी कारण सड़कों का विस्तार नहीं हो पा रहा पन्ना से होकर गुजरने वाले मार्गों का चौड़ीकरण नहीं हुआ मंडला से हरषबागोह वाले रास्ते पर भी एनओसी नहीं दी गई पन्ना के रोजगार का बड़ा साधन पत्थर खदान  बफर जोन, बायोस्फीयर रिजर्व और जैव विविधता जैसे नियमों के कारण राजस्व क्षेत्र में भी हमारी खदानें स्वीकृत नहीं हो पा रही है बंसी मासी खदानों की दूरी ढाई सौ मीटर से 50 मीटर करने के प्रयास करूंगा मंत्री ने आगे कहा मैंने कई बार विधानसभा में भी यह बात उठाई है,  अब समय आ गया है कि सार्वजनिक कार्य के लिए वन कानूनों की समीक्षा होनी चाहिए जिससे जंगल के कानून विकास में बाधक न हो

 

 इंसान और जानवर दोनों की हो सुरक्षा

 

पन्ना में टाइगर रिजर्व बन जाने के बाद यहां वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है जिससे जंगली जानवर बढे हैं और जंगल के राजा की दहाड़ हर जगह सुनाई दे रही है जंगल में जानवरों की सुरक्षा होनी चाहिए यह सभी की प्राथमिकताओं में है पर इंसानों को बचाने के लिए ही जंगल सुरक्षित किए जा रहे हैं इसलिए पन्ना में इंसान और जानवर दोनों की सुरक्षा की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए और जब दोनों सुरक्षित रहेंगे तभी जंगल भी सुरक्षित रहेगा यदि अधिकारी नियम कानूनों के कारण अड़ंगी बाजी करते रहेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब पन्ना में इंसान और जानवरों के बीच भी संघर्ष होने लगेगा और इसका खामियाजा जानवरों उठाना पड़ेगा

 

दिवाली के दिन दुखद खबर,, पन्ना में टाइगर की मौत
प्रबंधन में हड़कंप

 पन्ना टाइगर रिजर्व से एक दुख देने वाली बड़ी खबर सामने आई है जिसमें नेशनल हाईवे पर एक टाइगर की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई 10 माह की मादा बाघिन पन्ना रेंज की अमरिया में रात में अज्ञात वाहन से टकरा गया जिससे तत्काल मौत हो गई इस बड़ी दुखद खबर के बाद टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा एवं डिप्टी डायरेक्टर जरांडे ईश्वर राम हरि सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और जांच शुरू कर दी गई है

सड़क दुर्घटना में पन्ना में पहला मामला है जो इस तरह बाघ की मौत हुई हो ज्ञात हो कि बीते 6 माह से पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत तेजी से हो रही है कुछ दिन पूर्व ही शिकारियों ने एक टाइगर की गर्दन काट ली थी और आज इस तरह की बड़ी खबर ने हड़कंप मचा दिया है

 

फिल्म डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा का कहना है घटना के बाद हम लोग जांच कर रहे हैं और पता कर रहे हैं यह बाघ का एक्सीडेंट हुआ अन्य कारण है लेकिन जिस तरीके से टाइगर की मौत हुई है चिंता का विषय है पन्ना का यह पहला मामला है जिसमें हाईवे में एक्सीडेंट से इस टाइगर की मौत हुई है बीते कुछ समय से टाइगर मर चुके हैं

P-235 का बच्चा है जो बीते कुछ दिनों से लगातार इस इलाके में बना हुआ था और यह एक बड़ी घटना हो गई घटना के बाद वन्य प्राणी चिकित्सक संजीव गुप्ता ने पीएम करना शुरू कर दिया है

 

मंत्रोक्त बगलास्तुति एवं बीजमंत्र रहस्य पुस्तक का लोकार्पण

दतिया पीताम्बरा पीठ पर लोकार्पण

वरिष्ठ साधक और सुप्रसिद्ध वकील गिरीश गुप्ता ने लिखी बगलामुखी चालीसा

भोपाल:विश्व प्रसिद्ध तेजोमयी दतिया पीताम्बरा शक्तिपीठ पर मंत्रोक्त बगलास्तुति एवं बीजमंत्र रहस्य पुस्तक लोकार्पण किया गया। पीताम्बरा पीठेश्वर अंनत श्री विभूषित 1008 श्री श्री राष्ट्रसंत स्वामी महाराज के तपोस्थल पर उनकी चरण पादुकाओं के समक्ष पीठ के न्यासी और आचार्यों की मौजूदगी में *मंत्रोक्त बगलास्तुति एवं बीजमंत्र रहस्य * लोकार्पण हुआ। मंत्रोक्त बगलास्तुति एवं बीजमंत्र रहस्य के लेखक, वरिष्ठ साधक और जानेमाने वकील  गिरीश गुप्ता के अनुसार यह पुस्तक श्री श्री गुरुदेव स्वामी जी की कृपा का पारितोषिक हैं। मंत्रोक्त बगलास्तुति एवं बीजमंत्र रहस्य की स्तुति पीताम्बरा माई के बीज अक्षर से प्रारंभ होकर माई के सभी मन्त्रो , दुर्गा नवानी मंत्र, पंचास्त्र, गणेश, वटुक, भैरव, भैरवी, दक्षिणो, योगनी आदि सहित अनेकों मन्त्रो की साधना है। इसके पठन से साधक के जीवन के तमाम क्लेश का अंत होगा एवम माँ पीताम्बरा और स्वामी जी महाराज की कृपा सभी भक्तगणों को प्राप्त होती रहे ऐसा प्रयास है। लोकार्पण के अवसर पर पीठ के आचार्य विष्णु कांत जी, न्यासी कृष्णप्रकाश अंगल, हरगोविंद गोस्वामी, देवेंद्र राव, उपाचार्य यगवलग जी, तिवारी जी,  प्रकाश अंकल सहित कई गणमान्य श्रद्धालु गण उपस्थित थे।