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पन्ना में आज से भक्ति का महाकुंभ शुरू,,, भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा के साथ गुरुपूर्णिमा महोत्सव, भागवत कथा एवं भक्तमाल कथा का होगा आयोजन  संजय नगायच का पन्ना नगर में जोरदार स्वागत,,, जमकर आतिशबाजी और फूलबर्षा के साथ जगह-जगह हुआ तुलादान,, पन्ना टाइगर रिजर्व में संदिग्ध परिस्थितियों में बाघ की फिर मौत, 15 दिन में दो टाइगरो की मौत 2009 की शुरुआत तो नहीं,, पन्ना के गांव की बेटी प्रदेश मे टॉपर: रचा इतिहास,,, मां शिक्षिका और पिता है रोजगार सहायक , सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने दी बधाई

जादू टोना के शक में पूर्व सरपंच सहित 3 की हत्या, कढना गांव की घटना, 2 पर हत्या का मामला दर्ज,,, पूरे गांव के लोग एकजुट

पूर्व सरपंच सहित 3 की हत्या

 जादू टोना, झाड़फूंक और पुरानी रंजिश को लेकर 3 की हत्या

 कढ़ना गांव की घटना, एक आरोपी गिरफ्तार,तिलक सिंह और ज्ञान सिंह पर आरोप 

 

 (शिवकुमार त्रिपाठी)- पन्ना जिले की मोहद्रा चौकी अंतर्गत कढ़ना गांव में तंत्र-मंत्र झाड़ फूंक और पुरानी रंजिश को लेकर पूर्व सरपंच सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गई है घटना के बाद से गांव में हड़कंप है पुलिस ने हत्या करने वाले दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक को राउंडअप कर लिया है 

 मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में झाड़ू फूक और पुरानी रंजिश को लेकर तीन लोगों की हत्या कर दी गई है गांव की ही दो लोगों ने पीठ पीठ कर तीन को मौत के घाट उतार दिया मृतक पिता पुत्र हैं घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली मौके पर पहुंची और भारी पुलिस बल तैनात किया गया एडिशनल एसपी आरती सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक पूर्व सरपंच अर्जुन पांडा, गोविंद आदिवासी और धूप सिंह है जिनको गांव के ही दो लोगों तिलक सिंह और ज्ञान सिंह ने मौत के घाट उतार दिया है एक आदमी को राउंडअप कर लिया गया है

 गांव में आक्रोश स्थिति बेकाबू 

 इस जघन्य हत्याकांड के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चा  व्याप्त हो गई हैं गांव के एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मृतक लगातार जादू टोना कर रहे थे और गांव के लोग परेशान थे इस कारण कल दोपहर को दो लोगों को पीट -पीट कर मार डाला गया और इसके बाद जब पुलिस लाश लेकर चली गई तो एक व्यक्ति को फिर मारा गया है मृतक लगातार जादू टोना कर रहे थे इस कारण से यह हत्या की गई है हालांकि पूरे गांव की महिलाएं और पुरुष इकट्ठे हैं सभी लोग कह रहे हैं कि हमने मारा यानी पुलिस को वास्तविक आरोपियों  का पता लगाने में परेशानी हो रही है  आदिवासियों के दो गुटों के बीच हुए संघर्ष के बाद तीन लोगों की मौत से हड़कंप की स्थिति है पुलिस भी दुविधा में है, लाठियां से पीट-पीटकर हत्या की गई है पुलिस  ने मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में  लिया है लाश को रिकवर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और पुलिस हर पहलू की जांच कर कार्यवाही कर रही है फिलहाल सिमरिया में पोस्टमार्टम चल रहा है

 पुलिस ने कहा  पुरानी रंजिश 

 

 एडिशनल एसपी आरती सिंह ने बताया कि यह पुरानी रंजिश की कारण इतनी बड़ी घटना हुई है हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो जादू टोना की बात की जा रही है ऐसे सभी पहलुओं पर हम जांच कर रहे हैं और जो भी सच्चाई होगी उसी हिसाब से कार्यवाही की जाएगी पुलिस हर एक बिंदु की जांच कर रही है हमारी प्राथमिकता पहले सच्चाई का पता लगाना मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करना है और हम सभी वास्तविक आरोपियों का पता लगाकर उनको पकड़ लेंगे, एडिशनल एसपी ने कहा कि प्रथम दृष्टा आपसी रंजिश का मामला है पर जो भी वास्तविकता होगी उसी हिसाब से हम कार्यवाही करेंगे

सिद्धनाथ में गुणवत्ताहीन काम की होगी जांच- बीडी शर्मा

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं पर्यटन विभाग के दोनों इंजीनियर अपने कारनामों के लिए चर्चित

और भी कामों की हो जांच

पहाड़ी खेड़ा मार्ग की भी धस रही है पुलिया

(शिवकुमार त्रिपाठी ) पन्ना जिले की सबसे प्राचीनतम और भगवान राम के आगमन का स्थान सिद्धनाथ इन दिनों चर्चा में है यहां किए गए गुणवत्ताहीन काम की पहली बरसात ने ही पोल खोल कर रख दी जिसमें सड़क और पुलिया का बड़ा हिस्सा पहली बरसात में ही बह गया, अब विभागों के इंजीनियरों के कारनामों की चर्चा हर जगह हो रही है जैसे ही नवनिर्मित सड़क और पुलिया की बह जाने की खबर भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद विष्णु दत्त शर्मा को लगी उन्होंने तत्काल नाराजगी व्यक्त की है

उन्होंने कलेक्टर सुरेश कुमार को तत्काल पत्र लिखकर घटिया निर्माण की विस्तृत जांच कराए जाने और दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं पत्र में उन्होंने लिखा कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से काम की गुणवत्ता और रास्ता की क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है तत्काल इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्यवाही की जाए और कलेक्टर ने भी तत्काल जांच की आदेश दे दिए हैं

 


अज्ञात हो कि इस निर्माण कार्य की राशि सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने ही स्वीकृत कराई थी उन्होंने जब शिलान्यास किया था तभी हिदायत देते हुए अच्छा कार्य किए जाने की निर्देश दिए थे फिर भी इंजीनियरों ने बन्दर बाँट किया और घटिया निर्माण किया

दो विभागों के कार्यपालन यंत्री करेंगे जांच

सिद्धनाथ मंदिर का दृश्य

सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने जैसे ही बही पुलिया सड़क के गुणवत्ताहीन काम की जांच के लिए पत्र लिखा तत्काल कलेक्टर सुरेश कुमार ने लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन जयंती एवं पीयू के कार्यपालन नियंत्रित दो लोगों की जांच समिति बनाई है और दोषियों पर कार्यवाही के लिए विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है कहा मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच करें और इस पर कौन सा विभाग दोषी है बताएं जिससे कार्रवाई की जा सके

पहाड़ीखेरा मार्ग की भी धस रही है पुलिया

अभी हाल में ही करोड़ों रुपए की लागत से पन्ना और पहाड़ीखेरा के लिए मार्ग का निर्माण किया गया है इस मार्ग की शुरू से ही निर्माण पर प्रश्न चिन्ह उठते रहे हैं अब जो पुलियों का निर्माण किया गया है उसकी बगल की मिट्टी धस रही है जैसे वर्षात हुई मिट्टी धसने लगी और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए जिसे रिपेयर करने के लिए ठेकेदार ने प्रयास किया लेकिन पुलिया लगातार धस रही है और राहगीरों को इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है स्थानीय लोगों ने कहा कि बड़े-बड़े गड्ढे के पढ़ने से एक्सीडेंट हो रहे हैं लोगों ने अपील की है कि जो भी पहाड़ीखेड़ा से पन्ना के मार्ग पर सफर करता है धीरे वाहन चलाएं और पुलियों पर बड़े आराम से निकले क्योंकि यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं,,

पहाड़ीखेरा मार्ग की भी हो जांच

पहाड़ी खीर मार्ग में गुणवत्ता हैं काम की भी जांच कराई जाने की आवश्यकता है क्योंकि यह अति महत्वपूर्ण मार्ग है और इस तरह से पलिया धसने लगेगी तो लोगों को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा और रोड भी जल्दी टूट जाएगी

भाजपा ने जारी किया प्रेस नोट

सांसद विष्णु शर्मा ने क्षतिग्रस्त सिद्धनाथ मार्ग के दिए जांच के आदेश
महर्षि अगस्त्य की तपोस्थली कही जाने वाली सिद्धनाथ तीर्थ स्थल में गत वर्षो में विकास पुरुष कहे जाने वाले स्थानीय सांसद और प्रदेश अध्यक्ष श्री बी डी शर्मा ने कई विकास के कार्य किए है
उन्हें जैसे ही मीडिया से प्रकाशित समाचार पत्रों से यह पता चला कि अभी हाल ही में निर्मित सिद्धनाथ मार्ग पहली बरसात में क्षतिग्रस्त हो चुका है उक्त मार्ग का निर्माण कार्य निचले स्तर (मिट्टी एवं जीएसबी )का कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग सेवा द्वारा कराया गया है तथा मार्ग में सी सी रोड का निर्माण पर्यटन विभाग द्वारा कराया गया है लेकिन उक्त मार्ग पहली बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे स्पष्ट होता है कि यह निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन है जो अत्यंत खेद जनक है ,

श्री शर्मा ने कलेक्टर पन्ना को पत्र के माध्यम से तुरंत आदेश दिया की यह लापरवाही किस स्तर पर और किन के द्वारा की गई है जिससे मार्ग क्षति ग्रस्त हो गयाहै ।
ऐसे दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए राशि वसूली के साथ-साथ, निर्माण एजेंसी एवं संबंधित विभाग के विरुद्ध भी कठोरतम कार्रवाई की जाए
तथा मार्ग का निर्माण शीघ्रकराया जाए।

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर डॉ संजीव गुप्ता का सम्मान

वन्य प्राणियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में अहम योगदान के लिए किया गया सम्मानित

संजीव गुप्ता के प्रयास से ही एमपी बना टाइगर स्टेट,,दुनिया का सफल टाइगर रीलोकेशन पन्ना में हुआ

80 बाघों का सामना कर चुके संजीव गुप्ता, चुटकियों में कर देते हैं बेहोश

पन्ना नेशनल पार्क के बाघों के ट्रैंकुलाइजेशन में शामिल रहे डॉ. संजीव ज्यादा रहस्यमयी है

(शिवकुमार त्रिपाठी) बाघों के हमदर्द डॉक्टर एवं पन्ना टाइगर रिजर्व में 22 साल से अपनी सेवाएं दे रहे वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ संजीव गुप्ता को भोपाल में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के दिन सम्मानित किया गया है मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक गरिमा में समारोह में डॉक्टर संजीव गुप्ता को सम्मानित किया और उनके कार्य की प्रशंसा की, टाइगर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने,  बाघों की बीमारी को नजदीकी से समझने और क्षण मात्र में इलाज के लिए तैयार हो जाने वाले वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ संजीव गुप्ता के इस कार्य का सम्मान होने से स्थानीय लोगों में खुशी है मूलत टीकमगढ़ के रहने वाले संजीव गुप्ता को पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन तथा उनके इष्ट मित्रों ने बधाई दी है,

पन्ना टाइगर रिजर्व में हमेशा ही डॉक्टर संजीव गुप्ता के कार्यों की चर्चा होती रही है वात्सला हाथी के इलाज से लेकर बाघों को बेहोश करना ट्रेंकुलाइज के दौरान उनका स्वास्थ्य परीक्षण करना और तमाम घटनाओं दुर्घटनाओं में  वन्य प्राणियों के हमदर्द तथा सक्रियता  से कार्य करने वाले डॉक्टर संजीव गुप्ता को लंबे समय बाद उनकी मेहनत का प्रतिफल मिला है, मिलनसार,सहज स्वभाव के डॉक्टर ने अपनी सेवाओं के दौरान कई अविस्मरणीय कार्य किए हैं,

मौत से सामना कर चुके , तेंदुए के हमले से घायल हुए हाथी और महाब्बतो ने बचाया, 

पन्ना जिले के अमानगंज के रेस्ट हाउस में एक तेंदुआ घुस गया था विशिष्ट अतिथियों की मेहमान नवाजी का यह स्थान खतरनाक तेंदुए का बसेरा बन गया, तेंदुआ को भगाने के लिए लोग परेशान थे जब तेंदुआ ने कमरा नहीं छोड़ा तो इसकी सूचना पन्ना टाइगर रिजर्व को दी, तत्काल पूरी टीम के साथ संजीव गुप्ता पहुंचे, खतरनाक तेंदुआ घात लगाए बैठा था जैसे ही संजीव गुप्ता ने गनशॉट मारा तेंदुए ने चार्ज कर दिया! एक ही झपट्टे में हाथी के ऊपर सवार डॉ संजीव गुप्ता पर टूट पड़ा  उन्हें गंभीर चोटे आई, डॉक्टर संजीव गुप्ता हाथी से नीचे गिर गए लहूलोहान अवस्था में डॉक्टर संजीव जमीन के नीचे पड़े थे तभी हाथी भगवान बन गया  उसने चारों पैर के नीचे डॉक्टर को सुरक्षित करने का प्रयास किया, डॉक्टर को बेहोशी की हालत में बड़ी मुश्किल से महावतों ने  सीढ़ी के सहारे बांधकर ऊपर उठाया, अगर तेंदुआ दोबारा हमला कर देता तो प्राण नहीं बचते, घायल अवस्था में डॉ संजीव गुप्ता को  अस्पताल पहुंचाया क्योंकि डॉक्टर संजीव गुप्ता हमेशा से ही बेजुबान जंगली जानवरों के हितेषी रहे हैं तो भगवान की कृपा से उनकी जान बच गई कई महीनो तक वह बीमार रहे

 

अपने कार्य और व्यवहार पर क्या कहते हैं संजीव गुप्ता

बाघों Tiger की रहस्यमयी दुनिया सभी को रोमांचित करती है। जंगल का यह राजा भले ही हमारे बचपन के किस्सों में शामिल है पर इसे देखकर रोम रोम सिहर उठता है। हालांकि ऐसे भी कुछ लोग हैं जो बाघ से घबराते नहीं हैं। वन्य प्राणी विशेषज्ञ डॉ. संजीव गुप्ता Dr. Sanjeev Gupta का तो बाघों को ट्रैंकुलाइजेशन करने और इलाज का ही काम है। वे अब तक पन्ना नेशनल पार्क Panna National Park के 80 बाघों के ट्रैंकुलाइजेशन और इलाज में शामिल रहे हैं। डॉ. गुप्ता बताते हैं कि बाघों की दुनिया आम धारणा से कहीं ज्यादा रहस्यमयी है।

रेडियो कॉलर लगाने तीन महीने तक किया था पीछा

बाघ को लेकर भ्रांतियां हैं, उनके जीवन का रहस्य क्या है?
आम धारणा में बाघ को हिंसक और खूंखार माना जाता है। यह आधा सच है। इंसानों की तरह उसका भी दिल होता है। खतरे की स्थिति में ही हमलावर बनता है। भ्रांति है कि बाघ अपने ही बच्चों को मार डालता है। पन्ना में ही चार शावकों की बाघिन मां की मौत के बाद उन्हें बॉयोलॉजिक पिता ने संभाला। ट्रेंड किया और खतरों से सुरक्षित रखा। ऐसी भी तस्वीरें सामने आईं हैं जब बाघ ग्रुप बनाकर विचरण करते। पानी पीते नजर आए। इसके अलावा शिकार भी साथ में ही किया।

बाघों को ट्रैंकुलाइज करना चुनौती है क्या?

किसी बाघ को रेडियो कॉलर पहनाने या अन्य जरूरत के लिए ट्रैंकुलाइज करना संघर्ष का काम होता है। सबसे पहले तो पहचान करना फिर हाथी से उसके वजन का अनुमान लगाना। शरीर के अनुपात में दवा देना। एक बाघ ने तो हम लोगों को तीन माह तक छकाया। वह किस्सा अब भी याद है।

ट्रैंकुलाइज के बाद बाघ सक्रिय हो जाए तो?

    1. ऐसा कम ही होता है। बॉडी मेजरमेंट और वजन का अनुमान लगाकर दवा दी जाती है। दवा कम भी है तब भी बाघ कई घंटों के लिए सुस्त पड़ जाता है। फिर भी ऐसा होता है कि जब टीम पास पहुंचे तो वह उठ जाए और गुर्राने लगे तो अप्रिय स्थिति बन जाती है। लेकिन, टीम सतर्क रहती है।
      मेजरमेंट रिपोर्ट जारी की, क्या बदलाव महसूस करते हैं?
      बाघ को लेकर जोखिम नहीं ले सकते, इसलिए ट्रैंकुलाइज करने के बाद उन पर अध्ययन का निर्णय लिया गया। इससे पहले जितने भी अध्ययन थे, वह अंदाज और टुकड़ों में जोड़कर औसत निकाला गया था। हमने उन 80बाघों का बॉडी मॉस मेजरमेंट किया, जो रिपोर्ट की शक्ल में है। इससे समझ विकसित हुई कि बाघ हेल्दी, लंबे और वजन वाले हो रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट पन्ना के संदर्भ में ही थी।ठग मेजरमेंट और वजन का अनुमान लगाकर दवा दी जाती है। दवा कम भी है तब भी बाघ कई घंटों के लिए सुस्त पड़ जाता है। फिर भी ऐसा होता है कि जब टीम पास पहुंचे तो वह उठ जाए और गुर्राने लगे तो अप्रिय स्थिति बन जाती है। लेकिन, टीम सतर्क रहती है।
      मेजरमेंट रिपोर्ट जारी की, क्या बदलाव महसूस करते हैं?
      बाघ को लेकर जोखिम नहीं ले सकते, इसलिए ट्रैंकुलाइज करने के बाद उन पर अध्ययन का निर्णय लिया गया। इससे पहले जितने भी अध्ययन थे, वह अंदाज और टुकड़ों में जोड़कर औसत निकाला गया था। हमने उन 80 बाघों का बॉडी मॉस मेजरमेंट किया, जो रिपोर्ट की शक्ल में है। इससे समझ विकसित हुई कि बाघ हेल्दी, लंबे और वजन वाले हो रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट पन्ना के संदर्भ में ही थी।

पन्ना जिले की दो खूबसूरत तस्वीरे 

एक टाइगर रिजर्व से निकाल कर सामने आई तो दूसरी उथली हीरा खदानों के कंकड़ पत्थरों से सुन्दर दृश्य है,,,, पर चिंता यह है कि अब भी पन्ना के लोग मूलभूत सुविधाओं से महरूम है,,,

स्वास्थ्, शिक्षा, रोजगार सहित जरूरी सुविधा में दूसरे जिलों से बहुत कम है, नौकरशाही और भ्रष्टाचार चरम पर है  जिले में इस समय प्रभावी नेतृत्व है उम्मीद है पन्ना के दिन बहूरेगे,,,

!! शिवकुमार त्रिपाठी !!

दुनियां में बेशकीमती हीरों के लिए प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आज एक गरीब मजदूर को कृष्णा कल्याणपुर स्थित पटी उथली हीरा खदान में 19.22 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा मिला है। जेम क्वालिटी वाले इस हीरे की अनुमानित कीमत 80 लाख से एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। हीरा धारक मजदूर राजू गोंड़ पिता चुनवादा गोंड़ आज अपने परिवार के साथ जिला मुख्यालय में संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय पहुंचा और हीरे का वजन करवाकर उसे विधिवत हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। 

हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि हीरा धारक राजू गोंड़ ने हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर करीब दो माह पूर्व खदान लगाई थी। राजू मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करता था, इसके साथ ही बारिश के दिनों में हीरे की खदान भी लगाया करता था। राजू गोंड ने बताया कि वह करीब 10 सालों से हीरे की खदान लगाता आ रहा है, उसे विश्वास था कि एक न एक दिन उसे बड़ा हीरा जरूर मिलेगा। लम्बे समय के बाद ही सही लेकिन आज उसकी मुराद पूरी हो गई है तथा अब वह रंक से राजा बन गया है। राजू गोंड ने बताया कि हीरे की नीलामी से मिलने वाले पैसों से वह अपने बच्चों को पढ़ाएगा और इसके साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए जमीन भी खरीदेगा, जिसमें वह खेती करेगा। इसके अलावा उसके ऊपर करीब चार लाख रुपए का कर्ज भी है, जिसे वह अब पटा देगा।

हीरा अधिकारी रवि पटेल का कहना है कि यह जेम क्वालिटी का हीरा है, जिसकी बाजार में अच्छी डिमांड होती है। इस हीरे को आगामी हीरा नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। वहीं मजदूर को बड़ा हीरा मिलने पर पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने खुशी का इजहार करते हुए बताया कि ग्राम अहिरगुंवा के गरीब आदिवासी परिवार को उथली हीरा खदान में 19.22 कैरेट का हीरा प्राप्त हुआ है, जिसे आज पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया गया है। बताया गया है कि इस वर्ष पन्ना की उथली हीरा खदानों से अब तक प्राप्त हीरों में यह सबसे बड़ा हीरा है, जो आयोजित होने वाली नीलामी में आकर्षण का केंद्र रहेगा।

 सड़क पर टाइगर  

पन्ना टाइगर इन दिनों पर्यटकों की भ्रमण के लिए बंद है लेकिन अब टाइगर खुद जंगल से बाहर सड़कों पर निकलकर सामने आ रहे हैं पन्ना की मंडला घाटी में एक टाइगर सड़क पर आ गया और रहगीरों ने बहुत देर तक बाघ को देखा और उसकी फोटो खींची बाद सड़क के किनारे पट्टी पर खड़ा रहा और विचलित नहीं हुआ

इस तरह की दृश्य स्वाभाविक है की खूबसूरत होंगे इन खूबसूरत दृश्य को देखकर लोग खुश हैं और इसका वीडियो आज खूब वायरल हो रहा है पन्ना की इन खूबसूरत तस्वीरों को देखकर सबको गर्व हो रहा है

 फिर भी पन्ना पिछड़ा है

इतना सब होने की बावजूद पन्ना में आज भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है! जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं है, तो स्कूलों में टीचर नहीं दिखाई देते,भ्रष्टाचार चरम पर है, रोजगार के अवसर नहीं है, सीमेंट प्लांट आया पर स्थानीय लोगों को काम नहीं मिला, पन्ना के आसपास चलने वाली पत्थर की खदानें बंद हो गई, राजस्व और वन भूमि विवाद के कारण पन्ना का विकास पिछड़ा हुआ है, लोग बताते हैं कि आज से 30 वर्ष पूर्व जो पन्ना में व्यापार था वह अब नहीं बचा क्योंकि यहां के रोजगार के साधन बंद हो गए हैं  खदानें बंद होने के कारण लोगों को काम नहीं मिलता,  यहां का सागौन उद्योग बंद है, हीरा खदानें ठप हो रही है, बरसों पुरानी डायमंड पार्क की मांग आज भी पूरी नहीं हुई है , वर्तमान में जिले में प्रभावी नेतृत्व है उम्मीद है पन्ना के दिन फिरेगे और यहां खुशहाली आएगी 

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में कुपोषण की समस्या आज भी गंभीर बनी हुई है। भीषण गरीबी से जूझ रहे आदिवासी परिवारों के मासूम कुपोषण के सर्वाधिक शिकार हैं। कुपोषण को ख़त्म करने के लिए सरकारी प्रयासों के बावजूद अभी अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी । दूरदराज के आदिवासी बहुल इलाकों में मासूम बच्चों के साथ-साथ महिलाएं भी कुपोषण की समस्या से जूझ रही हैं।

दो माह पूर्व अप्रैल में जब बालक को पोषण पुनर्वास केंद्र पन्ना में भर्ती कराया गया था तब की है यह तस्वीर। 

 

 

 

 

(शिवकुमार त्रिपाठी) जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर स्थित मनौर गांव का गुडियाना टोला कुपोषण और सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए जाना जाता है। इस गांव में कई लोगों की मौत सिलिकोसिस से हुई है। तकरीबन ढाई सौ घरों वाली इस आदिवासी बस्ती में 30 से अधिक विधवा महिलाएं हैं। भीषण गरीबी, कुपोषण व बेरोजगारी इस गांव की सबसे बड़ी समस्या है। मनौर गांव वर्षीय आदिवासी बालक मनीष भी गंभीर रूप से कुपोषित था, जिसे पिछले दिनों पोषण पुनर्वास केंद्र पन्ना में भर्ती कराया गया। 

पोषण पुनर्वास केंद्र पन्ना में पदस्थ रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि जब इस बच्चे को भर्ती करने के लिए पन्ना लाया गया, उस समय वह गंभीर रूप से कुपोषित था। इसका वजन महज 4 किग्रा के आसपास था, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्र में समुचित देखरेख और इलाज होने पर 22 दिनों में ही इस बालक की हालत में सकारात्मक सुधार हुआ और वजन 4 किग्रा से बढ़कर 6.5 किग्रा हो गया। इस बालक की मां ने बताया कि उन्हें बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि हमारा यह बच्चा बीमारी (कुपोषण) से उबर पायेगा। हम लोग पूरी तरह से उम्मीद खो चुके थे, लेकिन पन्ना में इलाज होने और पौष्टिक खाना मिलने से मनीष अब अच्छा हो गया है।

 

 

अब हालत बेहतर

2 माह में स्वस्थ हुआ बालक

कुपोषण की यह समस्या सिर्फ मनौर गांव में हो ऐसा नहीं है, यहाँ आसपास जितने भी आदिवासी गांव हैं वहां कुपोषित बच्चे बड़ी तादाद में हैं। रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि मनौर के अलावा पन्ना से लगे बड़ौर, मनकी, जरधोवा व सुनहरा आदि ग्रामों से भी कुपोषित बच्चे पोषण पुनर्वास केंद्र में आते हैं। देवेंद्रनगर क्षेत्र के आदिवासी बहुल ग्रामों में भी कुपोषण की समस्या गंभीर है। आपने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र पन्ना में भर्ती कराए गए गंभीर कुपोषित बच्चे मनीष आदिवासी को पुनर्जीवन मिला है। अब मनीष पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका वजन बढ़ने लगा है। मनीष की मां जयंती पोषण पुनर्वास केंद्र पन्ना में हुए इलाज के उपरांत बालक मनीष के पूरी तरह स्वस्थ होने पर बेहद खुश है। जो बालक कुछ दिनों पूर्व तक अत्यधिक कमजोरी के कारण लाचार और बेबस पड़ा रहता था, अब वह खेलने लगा है तथा उसका वजन भी बढ़ रहा है।

रश्मि त्रिपाठी बताती हैं कि मनौर गांव के बालक मनीष आदिवासी को अप्रैल माह में पन्ना पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया था, उस समय उसका वजन मात्र 4 किलो था। सरकार के मापदंड और पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं के अनुसार उसे डॉक्टरी इलाज और पोषित भोजन दिया गया। जिससे बालक का वजन बढ़ने लगा, अब वह पूरी तरह तंदुरुस्त है। मनीष आदिवासी का वजन बढ़ाकर 4 किलो से साढ़े 6.5 किलो हो गया है। आपने ने बताया कि जब पहली बार पोषण पुनर्वास केंद्र में मनीष को लाया गया, तब कुपोषित मनीष आदिवासी के शरीर में मात्र एक ग्राम हीमोग्लोबिन बचा था। रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि डेढ़ वर्षीय मनीष आदिवासी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण पुनर्वास केंद्र लेकर आई थी, साथ में उसकी मां जयंती आदिवासी थी। बालक का पिता आलू गोड़ मजदूरी करने दिल्ली गया हुआ था, जब उसे खबर मिली कि उनका बच्चा मनीष स्वस्थ होकर खेलने लगा है तो पिता अपने को रोक नहीं पाया और वह दिल्ली से बच्चे को देखने मनौर पहुँच गया।

सिविल सर्जन डॉक्टर आलोक गुप्ता ने बताया कि मनीष की तरह अक्सर कुपोषित बच्चे पोषण पुनर्वास केंद्र में आते हैं, जिन्हें हम पोषित भोजन और इलाज देते हैं। यहाँ आने वाले अधिकांश कुपोषित बच्चे तंदुरुस्त होते हैं, मनीष आदिवासी एक उदाहरण है जिसकी बीमारी दूर हुई है और वजन तेजी से बढा है। डॉ. गुप्ता ने अपील की है कि बरसात के सीजन में बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है, लिहाजा मातायें अपने बच्चों को साफ सुथरा रखें और गंदगी से बचायें। यदि कोई भी दिक्कत होती है तो अस्पताल लाकर डॉक्टरी इलाज अवश्य करायें।

पूर्व खनिज निरीक्षक रामगोपाल तिवारी घायल 
ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष रामगोपाल तिवारी को मॉर्निंगबाक के दौरान एक ट्रक ने पीछे से पैर कुचल दिया,


गंभीर हालत में इलाज के लिए सांसद विष्णु दत्त शर्मा के प्रयास से भोपाल एयरलिफ्ट किया गया है

 शिवकुमार त्रिपाठी ) पन्ना जिले में लगातार  ओवर लोड अनियंत्रित ट्रक से हादसे रोज निकल कर सामने आ रहे हैं ताजा घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 39 पन्ना सतना मार्ग का है यहां पर ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष अपनी पत्नी सहित सुबह घूमने को गए थे लेकिन अचानक रेत से भरे ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे उन्हें पैर सर में गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें गंभीर हालत में पन्ना के जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है वहीं परिजन उन्हें एयर एंबुलेंस से भोपाल के बंसल अस्पताल ले जाया

गया इस घटना की जानकारी जैसे ही भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष विष्णु सदस्य शर्मा को लगी उन्होंने स मरीज को गंभीर हालत में एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए और उनके प्रयास से आज पन्ना जिले का पहला मरीज एयरलिफ्ट किया गया 

 मॉर्निंग वॉक में सुरक्षित चले 

सेहत सुरक्षित रखने लोग सड़कों पर मॉर्निंग बात को निकलते हैं लेकिन आज एक बड़ी घटना घट गई जिसमें मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व खनिज निरीक्षक रामगोपाल तिवारी को पीछे से एक ट्रक ने ठोकर मार दी और पर कुचल दिया जिसकी हालत गंभीर हो गई सुबह घटित हुई इस घटना में घायल तिवारी को भोपाल में इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया है

सुबह से ही उन्हें देखने के लिए अस्पताल में भीड़ लगी थी जब इन्हें विमान से भेजा गया इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य सतानंद गौतम, कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित, मनीष मिश्रा पत्रकार शिवकुमार त्रिपाठी, दीपक तिवारी उनके रिश्तेदार भाजपा नेता रामावतार बबलू पाठक, खजुराहो में एयरलिफ्ट करने के दौरान मौजूद रहे बबलू पाठक तो भोपाल साथ में लेकर गए हैं, सुबह से ही उन्हें देखने के लिए पन्ना जिला चिकित्सालय में भीड़ लगी रही 


हाईवे और सड़कों पर जो मॉर्निंग बात के लिए जो निकालते हैं उन्हें बचकर चलना चाहिए क्योंकि बड़े डंपर ट्राला और अनियंत्रित वाहन बड़ी घटना दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं,

*इसलिए कह रहा हूं मॉर्निंगबाक करें जरा बचके*

पन्ना′ जिला अभिभाषक संघ के चुनाव सम्पन्न

राजेश तिवारी अध्यक्ष राजेश शर्मा उपाध्यक्ष निर्वाचित 

 (शिवकुमार त्रिपाठी)-पन्ना जिला अभिभाषक संघ का चुनाव संपन्न हुआ जिसमें कुल 312 अधिवक्ताओं मैं से 287 ने मतदान किया जिसमें राजेश तिवारी 147 मत पाकर 40 मतों से विजयी हुए दूसरे स्थान पर 107 मतों के साथ अशोक सक्सेना रहे राजेश दीक्षित को 27 मत मिले 

उपाध्यक्ष

वहीं उपाध्यक्ष के लिये राजेश शर्मा 110 मत पाकर विजयी हुए वहीं दूसरे स्थान पर 105 मत पाकर राहुल खरे रहे सचिन पटेल को 30 मत राजकुमार कुशवाहा को 36 मत मिले

सचिव पद के लिये दो प्रत्याशी मैदान मैं रहे जिसमें उदय त्रिपाठी को 174 मत मिले जीत दर्ज की रामनारायण सिंघरौल को 112 मत मिले 

सहसचिव पद के लिये अरविंद पण्डे और आनंद सिंगरौल मैं टक्कर अरविंद पण्डे ने 193 मतों के साथ जीत दर्ज की वहीं आनंद सिंगरौल को 94 मत मिले 

कोषाध्यक्ष के लिये पंकज कुमार गर्ग को 149 मत मिले और पंकज कुमार गर्ग ने जीत दर्ज की भरत पटेल को 135 मत मिले 

पुस्तकालय अध्यक्ष के लिये धीरेंद्र नामदेव को 181 मत मिलेजीत दर्ज की पवन यादव को 106 मत मिले

 जैसे ही परिणाम घोषित हुआ अधिवक्ताओं ने राजेश तिवारी का स्वागत किया और बधाई दी, इसके बाद सभी निर्वाचित पदाधिकारी के माध्यम से मंदिर पहुंचे और भगवान जुगल किशोर के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया

पन्ना टाइगर रिजर्व मैं 11 जून बनगया टाइगर डे,

अलग-अलग स्थान में 9 बाघ मिले

पर्यटक झूम उठे

( शिवकुमार त्रिपाठी )पन्ना टाइगर रिजर्व में इन दिनों बाद खूब देखने को मिल रहे हैं 11 जून को टाइगर रिजर्व में में खूब बाघ दिखाई दिये कि आज का दिन टाइगर दी हो गया और पर्यटकों ने बाघ दर्शन कर खुशी का इजहार किया, बड़ी संख्या में देसी और विदेशी सैलानी पहुंचे सुबह से ही पर्यटकों की लाइन लग गई थी और खूबसूरत जंगल में लोग प्रकृति के बीच कुछ समय मिला विताकर प्रकृति को नजदीक आकर सीख रहे हैं तो वन्य प्राणियों के दर्शन कर आनंद उठा रहे हैं, सैलानी बोले क्या टाइगर है

 क्या बोले टूरिस्ट

पन्ना टाइगर रिजर्व सहित पूरे बुंदेलखंड में बर्ष 2009 में बाघ पूरी तरह से खत्म हो गए थे पेंच टाइगर बाहर से लाकर बसाए गए देश का पहला टाइगर र लोकेशन सफल रहा लेकिन अब यह बाघ खूब अटखेलिया कर रहे हैं आज पन्ना में एक दिन में सुबह ही 9 बाघ देखने को मिले है अलग-अलग स्थान में पर्यटकों को बाघ दिखाई दिये उन्हें देख पर्यटक झूम उठे हैं, जिन्होंने पहली बार टाइगर देखा उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है पहली बार टाइगर देखने के उपरांत टूरिस्ट शुभी त्रिपाठी ने कहा कि हम कई बार पार्क आए पर टाइगर नहीं मिले आज दो टाइगर पानी में अटखेलिया कर रहे थे जिसे देखकर पहले तो हम डर गए लेकिन बाद में आनंद आने लगा यहां मौजूद मोर और अन्य वन प्राणी भी एकदम शांत हो गए थे टाइगर देखना एक रोमांचकारी अनुभव है

-पन्ना में लगातार भीषण गर्मी के बावजूद पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है टूरिस्टो ने कहा कि यदि पन्ना नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा, मुंबई से आई कनाडा में रहकर पढ़ाई कर रही सिया बोली कि डर लग रहा था पर हर सफारी में हमें टाइगर दिखाई दिए हैं टाइगर देख हम खुश हैं

टूरिस्ट अविरज सेठे मुंबई में रहते हैं पूरा परिवार अध्यापन के कार्य से जुड़ा है शिक्षा देते -देते कब वाइल्डलाइफ के मास्टर बन गए उन्हें समझ ही नहीं आया अब वह प्रत्येक वर्ष पन्ना आते हैं और टाइगर देख झूम उठते हैं कहां पन्ना में टाइगर के अलावा भी बहुत कुछ देखने को मिलता है यहां की जैव विविधता और वल्चर फेमस मुंबई के इस ग्रुप में कुल 21 लोग आए हैं जिसमें कई लोग कई दिनों से पन्ना टाइगर रिजर्व में सफारी करके बाग देख रहे हैं आज फिर इन्होंने बाघ दिखा

दिल्ली के राकेश शर्मा मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है उन्होंने पूरे देश के जंगलों का भ्रमण किया और टाइगर देखे पर पन्ना की टाइगर की तारीफ करते नहीं थकते रहते हैं बोले जहां बाघ नहीं है वहां सब एडल्ट टाइगरों का रीलोकेशन किया जाना चाहिए जिससे देश में बाघ बढ़ेंगे और लोगों को जंगलों के प्रति आकर्षित करना आवश्यक है तभी जंगल और वाइल्डलाइफ का संरक्षण हो सकता है  एक नहीं सैकड़ो टूरिस्ट थे

जो पन्ना टाइगर रिजर्व की तारीफ कर रहे थे क्योंकि आज बाग खूब देखने को मिले है  पर्यटक सुनादा अपने पति के साथ पन्ना टाइगर रिजर्व की सैर करने आई थी और उन्होंने कहा बाघ को देखकर अच्छा लगा और पहली बार इस तरह फील हो रहा है मैं कहती हूं जिसने भी पन्ना टाइगर रिजर्व नहीं देखा उसने कुछ नहीं देखा वन्य जीवन में प्रेम रखने वाले लोगों को एक बार अवश्य टाइगर रिजर्व आना चाहिए

टूरिस्ट ही नहीं प्रतिदिन टाइगर रिजर्व की सफारी करने वाली गाइड घनश्याम तिवारी कहते हैं कि आज 9 बाघ दिखे हैं ऐसा लगता है जैसे आज टाइगर डे हो गया हो को जंगल की सफारी करने वाले गाइड भी खुश हैं क्योंकि आज बाघ डे मन गया गाइडों का कहना है कि यदि इस तरह की लगातार बाग देखते रहेंगे तो पर्यटन बढ़ेगा और बाहर से आने वाले टूरिस्ट के कारण हम लोगों को रोजगार मिलेगा ज्ञात होगी पन्ना टाइगर रिजर्व में 6 लेडी गाइड भी है जो टूरिस्ट को वन्य जीवों की जानकारी दे रही है

पन्ना दुनिया का खूबसूरत नेशनल पार्क है यहां टाइगर खूब देखने को मिल रहे हैं इसके अलावा विभिन्न प्रकार के वन्य जीव और वनस्पति दिखती है पर्यटन बढ़ रहा है लगातार हो रही टाइगर साइटिंग के कारण देश के पर्यटकों की पहली पसंद हो गया है

सागर लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही

नगर पंचायत अध्यक्ष सारिका खटीक 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

किसी जनप्रतिनिधि के रिश्वत लेते पकड़े जाने का पहला
अध्यक्ष सारिका खटीक भाजपा विधायक की पुत्री है

 भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्यवाही की – रोशनी जैन

 (शिवकुमार त्रिपाठी ) मध्य प्रदेश में तमाम प्रयासों की बावजूद सरकारी कार्यालय में रिश्वत रुकने का नाम नहीं ले रही है लेकिन पन्ना में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें कोई जनप्रतिनिधि पहली बार रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ है पन्ना जिले की नगर परिषद अमानगंज की अध्यक्ष सारिका खटीक भुगतान के बदले में 30हज़ार की रिश्वत लेती हुई पकड़ी गई है

शिकायत के बाद सागर लोकायुक्त की टीम ने नगर पंचायत कार्यालय की उनके दफ्तर में ही कार्यवाही की शिकायतकर्ता राघवेंद्र राज मोदी ने बताया कि वह जब से अध्यक्ष बनी है लिफ्ट के भुगतान में प्रतिमाह पैसा ले रही थी और यह रकम बढाती जा रही तंग आकर मैंने सागर लोकायुक्त में शिकायत की और 30हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाया उन्होंने यह राशि अपने बैग में रख ली

 शिकायतकर्ता राघवेंद्र राज मोदी ने बताया कि मैं लंबे समय से परेशान था पहले 5हजार फिर 7हजार अब ₹10हजार प्रतिमाह  रिश्वत मांगी जा रही थी मेरा ट्रैक्टर और लिफ्ट नगर परिषद में लगा हुआ है अमानगंज नगर परिषद चार माह से भुगतान नहीं कर रही थी और सारिका खटीक ने प्रतिमाह 10हजार के हिसाब से ₹40हजार मांग रही और जब मैं देने में असमर्थ था तो उन्होंने भुगतान नहीं किया लिहाजा मैंने भ्रष्टाचार की शिकायत सागर लोककयुक्त में दर्ज कराई अब उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए वही राघवेंद्र राज मोदी आगे कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं

लोकायुक्त का कहना है कि शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी और हमने शिकायत का सत्यापन किया और इसके बाद ₹30हजार रिश्वत लेते नगर परिषद की अध्यक्ष सारिका खटीक को गिरफ्तार किया है-  सागर लोकायुक्त की टी आई रोशनी जैन ने बताया कि हमें शिकायत मिली थी कि भुगतान के एवज में जनप्रतिनिधि पैसा मांग रहे हैं राघवेंद्र राज मोदी ने आकर सागर में शिकायत दर्ज कराई थी और हमने शिकायत का सत्यापन किया ऑडियो रिकॉर्डिंग कराई और मामला दर्ज किया इसके बाद हमारी टीम ट्रेप करने के लिए आई थी और हमने विधिवत नियम अनुसार कार्यवाही करते हुए नगर परिषद की अध्यक्ष सारिका खटीक को गिरफ्तार किया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है

रोशनी जैन ने कहा कि अब आगे उनके ऊपर क्या कार्यवाही होना है संबंधित विभाग कार्यवाही करेगा हम आज ही इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों और कलेक्टर को दे रहे हैं

– वही सारिका खटीक अपने आप को निर्दोष बता रही है कहा कि जब राघवेंद्र मोदी आए तो उन्होंने कुछ रुपए दिए मैंने बैग में रख लिए पारिवारिक मामला है था हमें नहीं लगता था यह हमें फंसा रहे हैं सारिका खटीक ऐसी बात कर रही थी जैसे कुछ हुआ ही न हो जबकि सच यह है कि उनके ऊपर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है और इसे आगे कार्रवाई के लिए प्रेषित किया जा रहा है वही सारिका खटीक इसमें राजनीतिक एंगल देख रही है 

किसी जनप्रतिनिधि के रिश्वत लेते पकड़े जाने का यह पहला मामला है जिससे हड़कंप मच गया है

 भाजपा विधायक की बेटी है सारिका

ज्ञात हो कि नगर परिषद अध्यक्ष सारिका खटीक भाजपा नेता है और उनकी मां उमा देवी खटीक दमोह जिले की हटा से विधायक है अभी कार्यवाही जारी है घटना के बाद भाजपा में राजनीतिक प्रतिदिनता की बात सामने आ रही है सारिका खटीक पर हुई कार्यवाही से जिले में हड़कंप मचा हुआ है