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बुंदेलखंड के दिग्गज हारे और किनारे, “पूरा डिटेल” राजनीतिक मठाधीश पहुंचे मार्गदर्शक मंडल में, 2018 का चुनाव रहेगा यादगार

बुंदेलखंड के दिग्गज हारे और किनारे, “पूरा डिटेल” राजनीतिक मठाधीश पहुंचे मार्गदर्शक मंडल में, 2018 का चुनाव रहेगा यादगार

2018 रहेगा सबसे यादगार
बुंदेलखंड की ताकतवर नेता कुसुम मेहदेले को किया किनारे
कुसमरिया ने दिया जोर का झटका
ताकतवर नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी का अस्तित्व खतरे में
मलैया का स्वयंभू चक्र टूटा
अपने पिता की विरासत को संभालने में नाकाम हुए सुंदर लाल तिवारी और अजय सिंह
मुकेश नायक को लगा झटका

2018 का चुनाव मध्यप्रदेश के लिए यादगार चुनाव में से एक रहेगा जिसमें कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अपने बुजुर्ग ताकतवर नेताओं को साइडलाइन करते हुए नए नेताओं को तवज्जो देने की कोशिश की जिसमें कई दिग्गज नेताओं को जो अपने क्षेत्र के राजनीतिक मठाधीश थे उनकी जड़ें हिला कर रख दी इतना ही नहीं उन्हें इस तरीके से साइडलाइन किया गया कि इस पूरे चुनाव में पूछने वाला भी कोई नहीं बचा जिस पार्टी में उन लोगों ने अपना सिक्का जमा रखा था उसी पार्टी ने उन्हें एक वक्त के लिए भी नहीं पूछा जिसमें सबसे ज्यादा अपवाद बुंदेलखंड के ताकतवर नेता है इसमें कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और अपने स्वभाव और विचारों से लोगों को हमेशा प्रभावित करने वाले सत्यव्रत चतुर्वेदी है जो पुत्र मोह की जाल में फंस गए और उनके सामने ऐसा धर्म संकट आया कि अब वह पूरी तरीके से किनारे होते दिखाई दे रहे हैं उनकी संपत्ति के विरासत और रिश्ते के भाई आलोक चतुर्वेदी उर्फ पज्जन उन्हें आर्थिक और राजनैतिक रुप से बीते 5 वर्ष से झटका दे रहे थे और वही झटका भारतीय राजनीति के केंद्र में पहुंची सत्यव्रत चतुर्वेदी को कांग्रेस पार्टी ने भी दे दिया और उसका यह परिणाम हुआ कि उन्हें समाजवादी पार्टी से अपने पुत्र को चुनाव लड़ाना पड़ा और वह भी बुरी तरह से हार गए बुंदेलखंड की राजनीति में उनके विरोधियों का सिक्का चलने वाला है

भाजपा की ताकतवर नेता कुसुम महदेले को भारतीय जनता पार्टी ने किनारे किया जो अब पार्टी के के खिलाफ बंद जुबान से आग उगल रही है पूरे चुनाव में कहीं भी दिखाई नहीं दी और मुख्यमंत्री से लेकर किसी की सभा में भी नहीं पहुंची और पार्टी ने लगता है मार्गदर्शक मंडल में भेजने का फैसला कर लिया है

बुंदेलखंड के बड़े कुर्मी नेताओं में से एक रामकृष्ण कुसमरिया ने तो भारतीय जनता पार्टी को ऐसा झटका दिया कि यह कहा जाए कि उनकी कारण ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं बन पाई क्योंकि दमोह पथरिया और राजनगर 3 सीटों में भाजपा को हराने में उनका अहम योगदान माना जा रहा है बाबा के नाम से मशहूर कुसमरिया ने भारतीय जनता पार्टी को ही बाबा बना दिया
अगर हारने वाली बड़े नेताओं की बात करें तो बुंदेलखंड में पहला नाम कांग्रेश की ताकतवर नेता और अपनी बौद्धिक कौशल से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले मुकेश नायक प्रमुख है इसके अलावा छतरपुर से मंत्री ललिता यादव पूर्व मंत्री टीकमगढ़ से हारे यादवेंद्र सिंह जग्गू महाराजपुर से मानवेंद्र सिंह और पवन राजा बिजावर से शंकर प्रताप सिंह मुन्ना राजा के अलावा नागौद से यादवेंद्र सिंह अमरपाटन से विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह जैसे नेता प्रमुख है जो अपने क्षेत्र की राजनीति की मठाधीश तो है ही प्रदेश में भी बड़ा दखल रखते हैं

नहीं संभाल पाए पिता की विरासत
विन्ध्य की राजनीति के सबसे ताकतवर दो प्रमुख राजनेताओं में कुंवर अर्जुन सिंह और श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है इनकी राजनीतिक विरासत को संभालने की जिम्मेदारी अजय सिंह उर्फ राहुल भैया और सुंदर लाल तिवारी के ऊपर थी पर जनता ने इन दोनों को बुरी तरह से हरा दिया है यह लोग अपने पिता की राजनीति को संभाल पाने में सक्षम है या कोई गेम हो गया यह समझ से परे है पर इनकी हार ने राजनीतिक पंडितों को हिला कर रख दिया है

कितने से यह ताकतवर हारे

शिवराज कैबिनेट के कई मंत्री चुनाव हारे

मुरेना से कांग्रेस के रघुराज सिंह ने बीजेपी के रुस्तम सिंह को 20,849 वोट से हराया

हाट पिपल्या से कांग्रेस के मनोज नरायण सिंह चौधरी ने बीजेपी के दीपक जोशी को 13,519 वोट से हराया

बुरहानपुर में निर्दलीय ठाकुर सुरेंद्र सिंह नवल ने बीजेपी की अर्चना चिटनिस को 5,120 वोट से हराया

सिलवानी से बीजेपी के रामपाल सिंह ने कांग्रेस के देवेंद्र पटेल को करीब 7000 वोट से हराया

गोहद में कांग्रेस के रणवीर जाटव ने बीजेपी के लालसिंह आर्य को करीब 24000 वोट से हराया

बड़ा मलहरा से कांग्रेस के कुंवर प्रद्युम्न ने बीजेपी के ललिता यादव को करीब 16000 वोट से हराया 

शाहपुरा से कांग्रेस के भूपेंद्र मरावी ने बीजेपी के ओमप्रकाश धुर्वे को करीब 34 हजार वोट से हराया

सेंधवा से ग्यार्सिलाल रावत ने अंतर सिंह आर्य को करीब 16 हजार वोट से हराया

ग्वालियर से प्रधुमन सिंह तोमर ने बीजेपी के जय भान सिंह पवैया को करीब 21000 वोट से हराया

भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट से कांग्रेस के पीसी शर्मा ने बीजेपी के उमाशंकर गुप्ता को करीब 7000 वोट से हराया

मनावर से कांग्रेस के डॉ हीरालाल यादव ने बीजेपी के रंजना बघेल को करीब 40000 वोट से हराया

कांग्रेस के ये दिग्गज हारे चुनाव

चुरहट से अजय सिंह राहुल नेता प्रतिपक्ष, पूर्व सीएम दिवंगत अजुर्न सिंह के बेटे हैं— 6,402 वोट से हारे, बीजेपी के शरदेंदु तिवारी ने हराया

भोजपुर से सुरेश पचौरी पूर्व केंद्रीय मंत्री 29,486 वोटों से हारे , बीजेपी के सुरेंद्र पटवा ने हराया

नरयावली से सुरेंद्र चौधरी प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष 8,900 वोटों से हारे, बीजेपी के इंजी. प्रदीप लरिया

अमरपाटन से डॉ राजेंद्र सिंह विधानसभा उपाध्यक्ष 3,747 वोटों से हारे, बीजेपी के रामखेलावन पटेल ने हराया

होशंगाबाद से सरताज सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री 15,217 वोटों से हारे, बीजेपी के विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने हराया

पवई से मुकेश नायक पूर्व मंत्री 23,680 वोटों से हारे, बीजेपी के प्रहलाद लोधी ने हराया

गुढ से सुंदरलाल तिवारी 9832 हारे बीजेपी के नागेंद्र सिंह ने हराया

टीकमगढ़ से कांग्रेस की यादवेंद्र सिंह उर्फ जग्गू राजा को भारतीय जनता पार्टी की राकेश गिरी गोस्वामी हराया

मध्य प्रदेश की केजरीवाल और एमपी से AAP के मुख्यमंत्री उम्मीदवार आलोक अग्रवाल को महज 1388 वोट मिले हैं।

बुंदेलखंड भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार रहे

कांग्रेस उम्मीदवार

बुंदेलखंड क्षेत्र
35 – बीना – शशि कुमार कैथूरिया
36 – खुरई – अरुणोदय चौबे
37 – सुरखी – गोविंद सिंह राजपूत
38 – देवरी – हर्ष यादव
३९ – रहली – कमलेश साहू
40 – नरयावली – सुरेन्द्र चौधरी
41 – सागर – नेबी जैन
42 – बंडा – तरवार सिंह लोधी
43 – टीकमगढ – यादवेन्द्र सिंह
४४ – जतारा – लोकतांत्रिक जनता दल के लिए छोड़ी
45 – पृथ्वीपुर – ब्रजेन्द्र सिंह राठौर
46 – निवाड़ी – कैप्टन सुरेन्द्र सिंह यादव
47 – खरगापुर – चंदा ङ्क्षसह गौर
48 – महराजपुर – नीरज दीक्षित
49 – चंदला – हरी प्रसाद अनुरागी
50 – राजनगर – विक्रम सिंह नातीराजा
51 – छतरपुर – आलोक चतुर्वेदी
52 – बिजावर – शंकर प्रताप सिंह बुंदेला
५३- मलहरा – प्रद्युमन्न सिंह लोधी
५४ – पथरिया – गौरव पटेल
५५ – दमोह – राहुल सिंह लोधी
56 – जबेरा – प्रताप ङ्क्षसह लोधी
५७ – हटा – हरीशंकर चौधरी
58 – पवई – मुकेश नायक
59 – गुन्नौर – शिवदयाल बागरी
६० – पन्ना – शिवजीत सिंह

भाजपा उम्मीदवार

३५- बीना- महेश राय
३६- खुरई- भूपेंद्र सिंह
३७- सुरखी – सुधीर यादव
३८ – देवरी – तेजी सिंह राजपूत
३९- रहली – गोपाल भार्गव
४०- नरयावली – प्रदीप लारिया
४१- सागर – शैलेंद्र जैन
४२- बंडा – हरवंश राठौर
४३- टीकमगढ़ – राकेश गिरी
४४- जतारा – हरिशंकर खटिक
४५- पृथ्वीपुर – अभय यादव
४६ – निमाड़ी – अनिल जैन
४७- खरगापुर – राहुल लोधी
४८- महाराजपुर – मानवेंद्र सिंह
४९- चंदला – राजेश प्रजापति
५० – राजनगर – अरविंद पटैरिया
५१- छतरपुर – अर्चना सिंह
५२- बिजावर – पुष्पेंद्र पाठक गुड्डन
५३- मलहरा- ललिता यादव
५४ – पथरिया – लखन पटेल
५५- दमोह – जयंत मलैया
५६- जबेरा – धर्मेंद्र लोधी
५७- हटा- पीएल तंतुवाय
५८- पवई – प्रहलाद लोधी, पूर्व में बृजेंद्र प्रताप सिंह घोषित
५९- गुन्नौर – राजेश वर्मा
६० – पन्ना – ब्रजेन्द्र सिंह

समाजवादी पार्टी से राजनगर से सत्यव्रत चतुर्वेदी जी के पुत्र नितिन चतुर्वेदी और पवई से अशोक वीर विक्रम सिंह भैया राजा के पुत्र भुवन विक्रम सिंह केशुराज उम्मीदवार रहे और हारे

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
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