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नहरपट्टी की सरकारी जमीन मामला – दिव्यारानी सिंह को हाईकोर्ट से झटका, 2 हजार का जुर्माना,, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में दिए गए पट्टों की जांच और कार्यवाही हो – अंकुर

नहरपट्टी की सरकारी जमीन मामला – दिव्यारानी सिंह को हाईकोर्ट से झटका, 2 हजार का जुर्माना,, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में दिए गए पट्टों की जांच और कार्यवाही हो – अंकुर

  •  पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह को हाईकोर्ट से झटका, 2 हजार का जुर्माना,

गलत दस्तावेज, तथ्य छुपा कर याचिका दायर की थी

नहरपट्टी की सरकारी जमीन हड़पने का मामला

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की प्रभाव का लाभ उठा रही थी दिव्या- अंकुर त्रिवेदी

(शिवकुमार त्रिपाठी) मध्य प्रदेश कांग्रेश के कर्ता-धर्ताओ पर ऊंची पकड़ रखने वाली कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है जमीन की एक ताजा विवाद मामले में ₹2000 का जुर्माना लगाया  पन्ना शहर की पॉश इलाके सिविल लाइन स्थित नहरपट्टी की शासकीय जमीन पर वृक्षारोपण के नाम पर कब्जा करने के  चर्चित मामले की शिकायत के बाद प्रशासन ने यह जमीन सुंदरीकरण के लिए नगर पालिका परिषद को आवंटित कर दी थी इस बार पाथवे का निर्माण किया जाना है

जब प्रशासन ने इस जमीन को अपने कब्जे में लिया तब  तथ्य छुपा कर दिव्यारानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी और राजस्वमंडल के इनके खिलाफ  आए फैसले को छुपा लिया, कोई अन्य आदेश प्रस्तुत कर हाई कोर्ट में याचिका लगा दी जिस पर बेंच ने खूब फटकार लगाई है और जुर्माना लगा दिया , शिकायतकर्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अंकुर त्रिवेदी का आरोप है कि आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के संरक्षण में दिव्यारानी राजनीतिक रसूख का फायदा उठा है और करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन अपने नाम कराने के प्रयास किए हैं मेरी शिकायतों पर कार्यवाही नहीं हो रही थी अब जब भी स्वयं हाई कोर्ट पहुंची है तो हाईकोर्ट में उन्हें फटकार मिली है और जो जुर्माना कास्ट के रूप में लगाया गया है इससे दिव्या रानी को सबक मिलेगा और विश्वास की जमीनों को हथियाने से बचेंगे अंकुर त्रिवेदी ने कहां है की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के इशारे पर और उनकी संरक्षण में दिव्या रानी को अनाधिकृत लाभ पहुंचाया जा रहा था दिव्या रानी सिंह का परिवार विश्व प्रताप सिंह और उनकी मां कल्याणी देवी के नाम कई बेशकीमती जमीन वृक्षारोपण के नाम पर कर दी गई जो गलत है अंकुर त्रिवेदी ने कहा दिव्या रानी पन्ना राज परिवार से आती हैं मोहन निवास पर बड़ी कोठी बनाकर निवास कर रहे हैं उनके पास सैकड़ों एकड़ जमीन है इसके बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के संरक्षण में वृक्षारोपण के नाम पर पट्टे दिए गए और भी इस पर कब्जा कर बैठे जबकि यह पट्टी गरीब परिवारों को दिए जाते हैं जिनके भरण-पोषण के लिए दूसरा कोई साधन नहीं है उन्होंने आरोप लगाया है कि पन्ना की पड़रिया में भी केशव प्रताप सिंह और दिव्या रानी के परिवार के सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है जिस पर मेरी शिकायतें लंबित है उम्मीद उम्मीद है प्रशासन उन पर भी कार्यवाही करेग

 पैतृक और अपनी जमीन बताती रही है दिव्यारानी

दिव्यारानी सिंह शहर की बेशकीमती करोड़ों रुपए की इस जमीन को अपना बताती रही है इन्हें 1994 में फलदार वृक्ष लगाने के लिए 2 वर्ष के लिए पट्टा मिला था और इस जमीन पर इन्होंने पूरा जंगल खड़ा कर दिया और कब्जा कर लिया पहले की शिकायत में रेवेन्यू बोर्ड ने इनके खिलाफ फैसला दिया था पर 2015 के इस फैसले को छुपा कर यह कोई दूसरा आदेश बताकर यह जमीन अपने पक्ष में फैसला होने की बात करती रही है जब प्रशासन ने कब्जा हटाने की कार्यवाही की थी तब उन्होंने एसडीएम सत्यनारायण दर्रो, तहसीलदार सुधीर कुशवाहा एवं टीआई अरुण सोनी की मौजूदगी में अपना स्वयं का बोर्ड लगा दिया था और इस पूरी जमीन को अपनी जमीन बताती रही है दिव्या रानी का कहना था की राजनीतिक विद्वेष के तहत प्रशासन दबाव बना रहा है और भाजपा के पदाधिकारियों के राजनीतिक बदले की रूप में कार्यवाही की जा रही है दिव्यारानी पूरी लड़ाई को आर पार लड़ने के मूड में रही लेकिन जिस तरीके से हाईकोर्ट से पहला झटका लगा है निश्चित ही उनका पक्ष कमजोर होता दिख रहा है और जो करोड़ों रुपए की जमीन है उनके हाथ से जाते दिख रही है


हालांकि वृक्षारोपण की योजना गरीब आदमियों को फलदार वृक्ष लगाने और उससे भरण पोषण के लिए है पर उनके पास करोड़ों अरबों की जमीन होने के बावजूद शहर ही नहीं कई जगह इन्होंने अपने नाम  करा कर जमीन कब्जे में ले रखी है अब इस फैसले के बाद प्रतिष्ठित परिवार की हर जगह बदनामी हो रही है

 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में दिए गए पट्टो की हो जांच – अंकुर त्रिवेदी

भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंकुर त्रिवेदी

भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष अंकुर त्रिवेदी ने दिव्यारानी सिंह के खिलाफ हाईकोर्ट से आए फैसले के बाद मध्यप्रदेश सरकार से मांग की है कि गरीब आदमियों के जीवन यापन के लिए वृक्षारोपण के नाम पर पट्टा देने की सरकार की जो योजना  है उसका दुरुपयोग पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में हुआ है कई रईसो ने सैकड़ों एकड़ जमीनो के मालिकों और प्रभावशाली लोगों को बेशकीमती जमीनों के पट्टे दे दिए गए हैं जिन पर दिव्यारानी सिंह के परिवार जैसे बहुत से लोग काबिल है लिहाजा मध्य प्रदेश सरकार को दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल में दिए गए समस्त पट्टो की जांच करा कर कार्यवाही करनी चाहिए जिससे शासकीय संपत्ति को हड़पने की कोशिश करने वाले लोगों पर कार्यवाही की जा सके अंकुर त्रिवेदी ने कहा कि इस आशय का पत्र मैंने मुख्यमंत्री जी को लिखा है उम्मीद है मेरे पत्र पर सरकार शीघ्र फैसला लेगी क्योंकि दिव्या रानी सिंह केवल पन्ना मात्र कब्जा नहीं किया बल्कि पवई तहसील के पड़रिया गांव में कई एकड़  जमीन पर इमारती वृक्ष लगाकर कब्जा कर रखा है उस पर भी शीघ्र कार्यवाही की जाए इसकी मेरी पहली सी ही शिकायतें प्रशासन के स्तर पर लंबित हैं  मध्यप्रदेश सरकार फलदार वृक्षों के नाम पर दिए गए पट्टो की समीक्षा  तो सरकार को अरबों रुपए की जमीने वापस मिलेंगी

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
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