पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेंद्र सिंह का निधन

फेफड़े की इंफेक्शन से पीड़ित महाराज ने पन्ना में ली अंतिम  सांस

(शिवकुमार त्रिपाठीपन्ना राज परिवार के  वरिष्ठ सदस्य  महाराज लोकेंद्र सिंह  का  बीमारी  के चलते आज निधन हो गया  वह  75 वर्ष के थे  पन्ना राजपरिवार  को हमेशा सुर्खियों में लाने वाले  लोकेंद्र सिंह  बाल्यकाल से ही  कुशाग्र बुद्धि,  रंगीन मिजाज  एवं  तीव्र शिकारी थे  उन्होंने कई बार  एक से अधिक बाघो का शिकार किया  पर जब उन्हें समझ आई  तो उनके हृदय में  वन्यजीव प्रेमियों के लिए  प्रेम  उत्पन्न हो गया और उन्होंने अपना पूरा जीवन  वन्यजीवों की रक्षा के लिए गुजार दिया  पन्ना टाइगर रिजर्व के संस्थापक सदस्य  लोकेंद्र सिंह हमेशा पन्ना के बाघों के प्रति चिंतित रहते थे  और हर उतार-चढ़ाव देखा  अपना राजनीतिक नुकसान  होने के बावजूद भी  प्रकृति  को बचाने के लिए  हमेशा लगे रहे  जंगल की  रक्षा के लिए  कुछ भी कर गुजरने को  तैयार थे बचपन से ही  स्मार्ट पर्सनालिटी  महाराज लोकेंद्र सिंह को  फिल्मों से भी लगाव था  यही कारण है कि उनके  प्रयास से पांडव फॉल में पहली फिल्म की शूटिंग हुई  हॉलीवुड की फिल्म की शूटिंग के लिए मशहूर विदेशी अभिनेत्री हेलन मिचैल  भी यहां  शूटिंग करने आई

 राजनीतिक सफर

महाराज लोकेंद्र सिंह 1977 में जनता पार्टी से विधायक चुने गए इसके बाद 1989भारतीय जनता पार्टी से पन्ना दमोह संसदीय क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए 1993 में कांग्रेश पार्टी से विधायक बने  हमेशा ही वे ताकतवर राजनीतिक शख्स का विरोध करते थे सत्ता से उनका लगाव नहीं था यही कारण है कि विद दिग्विजय सिंह सरकार में विधायक रहते हुए भी उनका विरोध करते रहे माधवराव सिंधिया से नजदीकी होने के कारण उन्हीं के कहने में पर भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी थी और कांग्रेस में शामिल हो गए थे वे हमेशा ही राजनैतिक ताकतवर व्यक्ति का विरोध करते रहे लोगों से मिलकर रहना और हमेशा मजाकिया अंदाज में मिलना उनका एक अच्छा गुण था

परिवार

लोकेंद्र सिंह की बेटी कामाख्या देवी उर्फ लकी राजा  हैै उनकी शादी नागौद में हुई है उनकी पत्नी महारानी इंदिरा कुमारी से उनका 36 का आंकड़ा रहता था इस कारण वे खजुराहो में निवास करती रही लेकिन बीते कुछ वर्षों से पारिवारिक सुलह हो गई थी जिससे इनका जीवन बेटी और पत्नी के साथ गुजरा हालांकि राज परिवार हमेशा विवादों में रहता है इसलिए भाभी, भतीजी भतीजा और बहू से नहीं बनती थी संपत्ति विवाद के कारण यह राज परिवार  हमेशा ही विवादों में रहता रहा है  और  वे  हमेशा ऐसे विवादों को हवा देते रहे  लेकिन बीते कुछ वर्षों से  उन्होंने विवाद छोड़ सभी के साथ अच्छे संबंध विकसित करने शुरू कर दिए थे 

दोपहर बाद अंतिम संस्कार

पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य की अंतिम यात्रा राजमहल से निकली और दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार छत्रसाल पार्क में किया गया उनकी बेटी कामाख्या देवी उर्फ लकी राजा ने मुखाग्नि दी अंतिम संस्कार में मध्य प्रदेश शासन के मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे