भाजपा को करारा झटका,

पवई से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की विधानसभा से सदस्यता खत्मस्पेशल कोर्ट के फैसले के बाद मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द कर दी है। दरअसल स्पेशल कोर्ट ने भाजपा विधायक को 2 साल की सजा दी थी।

स्पेशल कोर्ट के फैसले के बाद मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द कर दी है। दरअसल स्पेशल कोर्ट ने भाजपा विधायक को 2 साल की सजा दी थी। गुरुवार को सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह ने यह फैसला सुनाया था। लोधी ने तहसीलदार की जीप को रोककर उनके साथ मारपीट की थी।

जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि पन्ना जिले की तहसील रैपुरा में पदासीन तहसीलदार आरके वर्मा ने 28 अगस्त 2014 को सिमरिया थाने में रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त करके थाने में खड़ा कर दिया था इसकी जानकारी जैसे ही भाजपा विधायक को मिली तो उन्होंने वापस लौट रहे तहसीलदार वर्मा की जीप को मंडवा गांव के पास रोककर साथियों के साथ मिलकर तहसीलदार के साथ मारपीट की और गालियां दीं।

इसी मामले में प्रहलाध लोधी सहित 12 लोगों को भोपाल की  विशेष अदालत ने दो साल की जेल और साढ़े तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह ने दी थी। विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को इस मामले में कोर्ट के फैसले की रिपोर्ट मांगी थी। उसके बाद यह निर्णय लिया गया है। विधानसभा सचिवालय ने अब पवई विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश विधानसभा के विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने बताया की पवई से विधायक प्रहलाद लोधी को स्पेशल कोर्ट से 2 साल की सजा उनको दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट का नियम है उनके वर्डिक्ट के अनुसार जैसे ही उनको सजा मिलती है उसी क्षण उनकी सदस्यता तत्काल ख़त्म हो जाती है। इस संबंध में सर्टिफाइड कॉपी मेरे सामने रखी गई तत संबंधी जानकारी राजपत्र में छपने के लिए और चुनाव आयोग को सूचित कर दिया गया है कि विधानसभा में 1 पद रिक्त हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुताबिक रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के तहत 2 साल की सजा होने पर विधायक की सदस्यता रद्द की जा सकती है। इसके अलावा अगले 6 साल तक  संबंधित जन प्रतिनिधि  को अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने से भी रोका जा सकता है ।यह फैसला जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय की पीठ ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8(4) को असंवैधानिक करार देते हुए कहा था कि दोषी ठहराए जाने की तारीख से ही अयोग्यता प्रभावी होती है। क्योंकि इसी धारा के तहत आपराधिक रिकॉर्ड वाले जनप्रतिनिधियों को अयोग्यता से संरक्षण हासिल है।

*सदस्य्ता खत्म होने पर विधायक प्रह्लाद लोधी ने लगाए षड्यंत्र के आरोप*

।पवई से भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी ने अपनी सदस्य्ता खत्म करने के मामले पर कहा यह कांग्रेस का षड्यंत्र है । मुझे कांग्रेस में शामिल होने दो करोड़ का ऑफर दिया था । मेने नही माना। इसलिए आननफानन में यह ककार्यवाहि की । मुझे हाईकोर्ट जाने आज ही कागज मिले है। कोर्ट से दिसम्बर तक कि समयसीमा मिली थी हाईकोर्ट के लिए,सरकार ने पहले ही फैसला कर दिया। यह दुर्भावना से भरी कार्यवाही है ।

हाई कोर्ट ही बचा सकता है

इस फैसले के बाद हाई कोर्ट यदि सजा में स्थगन आदेश दे देता है तो अभी भी सदस्यता बच सकती है लेकिन जिस तरीके से सरकार में तत्परता दिखाई है उससे तो तत्काल ही उनकी सदस्यता खत्म हो गई अब हाईकोर्ट पर ही सब कुछ निर्भर करता है कि इनकी सदस्यता बचेगी या जाएगी

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