1. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले विष्णु दत्त शर्मा और बृजेंद्र प्रताप सिंह

  1. वाइल्डलाइफ बोर्ड की मीटिंग करा कर सकारात्मक फैसला लेने की उम्मीद

  2. मुख्यमंत्री ने हीरा परियोजना चालू कराने का दिया आश्वासन

 

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना स्थित एनएमडीसी की हीरा खनन परियोजना देश दुनिया में सर्वोत्तम क्वालिटी के हीरो के लिए फेमस है अब तक 13 लाख कैरेट हीरो का उत्पादन कर चुकी इस पुरानी परियोजना को चालू कराने के लिए क्षेत्रीय सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा मध्यप्रदेश शासन में मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने इस हीरा परियोजना को चालू कराने की मुद्दों पर चर्चा की और बताया कि पन्ना जिले की रोजगार और विकास के लिए यह कितनी महत्वपूर्ण है यदि यही रा परियोजना बंद हो जाती है तो सरकार को करोड़ों का राजस्व का नुकसान तो होगा ही पन्ना जिले के लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा साथ ही सर्वोत्तम क्वालिटी के हीरे इसी जमीन में दफन रह जाएंगे लिहाजा दोनों प्रभावशाली नेताओं की बातों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि हीरा परियोजना किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दी जाएगी इस आशय की स्वीट भी मुख्यमंत्री ने स्वयं अपनी पोस्ट के माध्यम से किए हैं जिससे यह उम्मीद जगी है कि यह हीरा परियोजना शीघ्र चालू हो सकेगी

 5 साल पहले रह चुकी है बंद

2005 में इसी तरह के पर्यावरण नियमों के कारण जब हीरा परियोजना को बंद किया गया था उसको चालू कराने के लिए एनएमडीसी हीरापुर परियोजना प्रबंधन ने खूब मशक्कत की तब भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे और भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी लेकिन बंद हुई इस परियोजना को चालू कराने के लिए मैं 5 वर्ष का समय लग गया था इसलिए तुरंत चालू हो जाएगी यह तो उम्मीद नहीं की जा सकती आप पर इतना अवश्य है कि पहले जिले में ताकतवर नेता नहीं थे इस बार हमारे सांसद विष्णु दत्त शर्मा भारतीय जनता पार्टी कि प्रदेश के मुखिया हैं और क्षेत्रीय विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह एक ताकतवर मंत्री हैं उनके प्रयास को कोई इग्नोर नहीं कर सकता लिहाजा इस बार उम्मीद अवश्य है कि यह परियोजना शीघ्र चालू होगी

 क्या है मामला और कितनी महत्वपूर्ण है परियोजना

पन्ना में स्थित एशिया महाद्वीप की एकमात्र  मैकेगनज्ड हीरा खनन परियोजना पर्यावरण अनुमति के कारण बंद कर दी गई है 1 जनवरी 2021 से उत्खनन एवं प्रोसेसिंग प्लांट बंद हुआ है टाइगर रिजर्व ने भी इनके बंद करने का पत्र लिखा है  सेंचुरी क्षेत्र में होने के कारण अभी तक इस  खूबसूरत रत्न हीरे का उत्पादन करने वाली इस परियोजना को वाइल्ड लाइफ बोर्ड से अभी तक अनुमति नहीं मिली है मामला मध्य प्रदेश सरकार के मध्य पेंडिंग है केंद्र सरकार के अनुमति के बाद ही चालू हो सकेगी  एनएमडीसी हीरा खदान जो पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ  अभ्यारण्य अंतर्गत वन भूमि रकबा 74.018 हेक्टेयर में संचालित है। जिसके संचालन की अवधि 31 दिसंबर 2020 को समाप्त हो गई है। क्षेत्र संचालक का पत्र मिलने के बाद से ही परियोजना में हड़कंप मचा है