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पन्ना शहर में पानी के बर्बादी की शर्मनाक तस्वीरें, टूटी पाइप लाइनों से लाखों लीटर पीने का पानी हो रहा बर्बाद

पन्ना शहर में पानी के बर्बादी की शर्मनाक तस्वीरें, टूटी पाइप लाइनों से लाखों लीटर पीने का पानी हो रहा बर्बाद

 पन्ना शहर में जगह-जगह महीनों से टूटी पड़ी है पाइप लाइन

हर रोज सड़को , नालियों में बह रहा है पीने का पानी

 अगर पानी नहीं सहेजा तो गर्मियों में होगा भीषण जल संकट से सामना

  1. (शिवकुमार त्रिपाठी)   पन्ना शहर में पीने के पानी का एकमात्र साधन राजाशाही जमाने के तालाब है जिसमें बरसात के पानी का संग्रहण होता है और वर्षभर इन्हीं तालाबों के पानी को फिल्टर कर शहर में पीने की आपूर्ति की जाती है बाहर से पानी लाने की योजना अब तक नहीं बनी इस कारण इन्हीं तालाब के पानी से पूरे वर्ष भर शहर के लोगों को गुजारा करना पड़ता है तभी तो कई बार शहर को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ा लेकिन नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण हर रोज शहर में लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है क्योंकि कई जगह पाइप लाइन टूटी पड़ी है
  2. महीनों से पानी बह रहा है पर इस ओर किसी का ध्यान नहीं है शहर के मिर्जा राजा तलैया के पास निर्मित छोटे-छोटे पुलिस आवास के सामने कई महीनों से लगातार पानी बह रहा है इसी तरह नेशनल हाईवे में जगह-जगह पाइपलाइन टूटती है और पानी बहता रहता है अस्पताल के सामने पाइपलाइन टूटी पड़ी है जिससे सड़क और नालियों में पानी बहता है कमोवेश यही हाल शहर के कई इलाकों में है 50 से अधिक ऐसी सपोर्ट है जहां पाइपलाइन टूटी पड़ी है जिससे फिल्टर पीने युक्त तैयार किया गया पानी इन टूटी पाइप लाइन और खुले पड़े नलों के माध्यम से बर्बाद हो रहा है ना तो इसका कोई उपयोग है नहीं इसको कोई देखने तक ने वाला इन तस्वीरों को देखने तो चिंता और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि पन्ना में सीमित मात्रा में पानी है और इस तरह से यदि बर्बाद होता रहा तो गर्मियों में इसकी क्या हाल होंगे समाचार माध्यमों से प्रशासन तक यह बात पहुंची भी है पर पानी की इस बर्बादी को रोकने के लिए किसी ने ध्यान नहीं दिया

हाईवे के नीचे दबा दी पाइप लाइन इसलिए रोज टूटती है

पन्ना शहर से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें मोहन निवास चौराहे से डायमंड चौराहे की बीच में फील्डिंग और आपूर्ति दोनों पाइपलाइन सड़क से होकर गुजरती थी जब अब यह रोड का चौड़ीकरण किया गया है तो दोनों पाइप लाइनों को बीच सड़क में ही दबा दिया गया जिससे हेवी लोड ट्रक जब निकलते हैं तो यह अंदर से पाइप टूट जाते और पानी का रिसाव शुरू हो जाता है इससे पानी की बर्बादी तो होती ही है नवनिर्मित सड़क में भी बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते और आवागमन अवरुद्ध हो जाता है जबकि नेशनल हाईवे के बाजू में एक पाइप लाइन डाली जा चुकी है पर उस काम को पूरा कर बगल से पाइप के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने के प्रयास अभी तक नहीं किए गए

कलेक्टर पन्ना को देना होगा ध्यान

नगर पालिका के प्रशासक की कुर्सी में पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र विराजमान है भले ही उन्होंने जिले में व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास किया हो पर सच यह है कि नगरपालिका की ही व्यवस्थाएं नहीं सुधार पा रही हैं टूटी हुई पाइप लाइन से बर्बाद होते लाखों लीटर पीने के पानी पर नजर तो उनकी भी पड़ी होगी अगर नहीं पड़ी तो अब अवश्य ध्यान देकर इस पाइपलाइन को सुधारने के शीघ्र आदेश देने होंगे यदि नहीं दिए तो गर्मियों में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना उन्हीं को करना पड़ेगा क्योंकि शहर ही नहीं पूरे जिले की जिम्मेदारी भी कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा के ऊपर ही जाएगी

यूआइडीएसएसएमटी योजना के 20 करोड़ खर्च होने के बाद व्यवस्था ढाक के तीन पात

पन्ना शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए बीते 10 साल में जानकारी के अनुसार यूआइडीएसएसएमटी योजना के तहत पाइप लाइन और फिल्टर निर्माण के लिए करीब 20 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं पर अब तक न तो शहर के सभी कोने में नई पाइपलाइन पहुंची पानी की बर्बादी रोकी शहरवासी अभी कई इलाकों में पीने के पानी के लिए परेशान रहते हैं  उन्हें पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है सरकार का इतना सारा पैसा खर्च हो चुका लेकिन लापरवाही ऐसी की ना तो पानी की बर्बादी रुक रही है और न शुद्ध पेयजल मिल पा रहा क्योंकि इन्हीं फूटी हुई पाइप लाइनों से नाली का दूषित गंदा पानी पुनः  आपूर्ति पाइप लाइन में पहुंच जाता है और यही गंदा पानी लोगों के घर तक पहुंच रहा है

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
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