नियमानुसार नौकरी दिए जाने की मांग

जिले में दो नीतिया अपना रहा है रेलवे विभाग

संसद के आश्वासन और वादे  का असर नहीं

किसानों और बेरोजगारों ने किया प्रदर्शन

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना जिले में ललितपुर सिंगरौली रेलवे लाइन का काम चल रहा है । जिसमे किसानो की भूमि का अधीग्रहण किया गया था । और किसानों को या किसानों के आश्रितों को रेलवे में नोकरी देने का अस्वासन दिया गया था । लेकिन किसानों ने बताया कि रेलवे विभाग अब अपने वादे से मुकर रहा है । और किसानों को नोकरी नही दी जा रही है । जिससे किसानों में आक्रोश का माहौल है । और कई बार जिला प्रशासन व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को आवेदन के माध्यम से किसानों की इस गंभीर समस्या के विषय मे अवगत भी करा दिया है । लेकिन आज दिनांक तक किसानों की समस्या का कोई निदान नही किया गया है । इसलिए आज फिर रेलवे में भूमि अधिग्रहित से प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से रेलवे में किसानों को या उसके आश्रितों को नोकरी दिलवाने की मांग की है । वही मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन करने के साथ साथ रेलवे का काम रुकवाने की चेतावनी दी है ।किसानों ने साफ तौर पर इस बार जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि जबतक रेलवे विभाग से किसानों को नोकरी दिलवाने का मामला नही सुलझाया जाता तबतक पन्ना जिले में रेलवे का कोई काम नही होगा । हालांकि पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने   बात गंभीरता से सुनते हुए किसानों को रेलवे विभाग के अधिकारियों से बात कर उचित कार्यवाही व किसानों के हित में काम करने का अस्वासन दिया है ।वही ज्ञापन में रेलवे में भूमि अधिग्रहित किसानों के साथ साथ किसान नेता भी शामिल रहे ।

 

 क्या है मामला

 

दरअसल पन्ना जिले में ललितपुर सिंगरौली रेल लाइन  के  चतुर्थ फेज में पन्ना में भूमि अधिग्रहण का काम किया गया है जिसमें देवेंद्रनगर तक जो भूमि का अधिग्रहण हुआ उन्हें नौकरी दिए जाने की लिस्ट जारी हो गई और सत्यापन का कार्य किया जा रहा है पर पन्ना में 2017 में भूमि का अधिग्रहण किया गया और मुआवजा राशि खाते में लेट भेजी गई इसी दौरान 11 नवंबर 2019 को एक पत्र लिख रेलवे विभाग में नौकरी न देने की बात कह दी किसानों का कहना है कि जब हमारा 2017 में भूमि का अधिग्रहण हो गया था तो 2019 का आदेश कैसे लागू हो सकता है पर रेलवे विभाग मनमानी कर रहा है पहले तो जबलपुर और भोपाल में फार्म ही नहीं लिए जा रहे थे जिन किसानों ने फार्म जमा किए हैं उन्हें उनके आवेदन पर विचार न करने का पत्र जारी कर दिया गया जिससे किसान आक्रोश में है

सांसद विष्णु दत्त शर्मा से कई बार किसान मिले और बेरोजगारों ने अपना दर्द सुनाया सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने रेलवे को पत्र लिखा पर उनकी बातों और पत्रों को अनदेखा कर रेलवे नौकरी देने की से मुकर रहा है जिससे लोगों में आक्रोश है अब नाराज लोग रेलवे का काम रोकने की धमकियां दे रहे हैं जिले में जिस तरह से रेलवे विभाग ने 2 तरीके की नीति अपनाई है वह गलत है अतः जनप्रतिनिधियों को आगे आकर किसानों का दर्द सुनना चाहिए और बेरोजगारों को भूमि अधिग्रहण के बदले रोजगार दिलाने की नीति का पालन कराना चाहिए