भाई की हत्या करने वाले को उम्रकैद,,, DJ कोर्ट का फैसला

 

सोते हुये भाई को कुल्‍हाडी से मारकर हत्‍या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना

 लाल्ले आदिवासी को सुनाई गई सजा 5000 का जुर्माना भी लगाया

(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश  द्वारा चिन्हित,जघन्‍य एवं सनसनीखेज प्रकरण में वीडियो कान्‍फ्रेंसिग से फैसला सुनाते हुये, कुल्‍हाडी से हमला कर हत्‍याकारित करने वाले अभियुक्‍त लाल्‍ले आदिवासी को आजीवन कारावास की सजा एवं 05 हजार रूपये के अर्थदण्‍ड से द‍ंडित किया गया।
प्रकरण के संबंध में जानकारी देते हुये ऋषिकांत द्विवेदी, मी.से.प्रभा./सहा.जि.लो.अभि.अधि. ने बताया कि,थाना-सलेहा में दिनांक 12.06.2020 को फरियादी कोमल आदिवासी पिता-बन्‍धेजा आदिवासी निवासी-बिकौरा द्वारा सूचना दी गई कि,साहब हम तीन भाई है मेरा बडा भाई दयाराम आदिवासी बकरी चराता है दिनांक 11.06.2019 रात्रि 11.00 की बात है मेरा भाई दयाराम अपने दरवाजे से व लाल्‍लेआदिवासी अपने दरवाजे पर थे जो कि,एक दूसरे से गाली-गलौच कर रहे थे तब मैने भाई दयाराम को पकडकर समझाकर चौगान में चारपाई में लिटा दिया और समझाया कि,रात्रि काफी हो गई सो जाओं और मैं वापिस घर आकर सो गया सुबह के समय भतीज बहू द्वारा मुझे आकर बताया कि,देखों भईया को क्‍या हो गया खटिया के नीचे खून पडा है तब मैंने बहू के साथ चौगान में जाकर देखा तो भाई दयाराम खटिया पर शांत लेटा था उसके सामने गर्दन व सीना में गहरे घाव थे जिससे खून निकल रहा था जिसे देख मैं चिल्‍लाया तो गाव के कुछ लोग आ गये। तब भाई जुगराज ने 100 नंबर पर फोन लगाकर सूचना दी। थाना-सलेहा में अपराध क्र. 154/2019 पर अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम विवेचना आरंभ की गई।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये, उक्‍त प्रकरण शासन द्वारा चिन्हित,जघन्‍य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया।
प्रकरण का विचारण न्‍यायालय  जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश पन्‍ना के न्‍यायालय में हुआ।शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी  दिनेश खरे,प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी,पन्‍ना द्वारा करते हुये न्‍यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया तथा आरोपी के किए गए कृत्‍य को गंभीरतम अपराध मानते हुये अधिकतम दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। जिसपर माननीय न्‍यायालय द्वारा अभिलेख पर आई साक्ष्‍यों,अभियोजन के तर्को तथा न्‍यायिक-दृष्‍टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्‍त लाल्‍ले आदिवासी पिता हरभजन आदिवासी,निवासी-ग्राम बिकौरा,थाना-सलेहा,जिला-पन्‍ना,को धारा 302 भा.द.वि. में दोषी मानते हुये आजीवन कारावास और 05 हजार रूपये अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया।