ताज़ा खबर
कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में जुटी भीड़,, अजयगढ़ में नेताओं ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की खूब चर्चा की पन्ना में डॉक्टर पिटाई मामला -- स्वास्थ्य सेवाएं ठप,,, डॉक्टरों और कलेक्टर के बीच वार्ता विफल,,, प्रशासनिक पक्ष का इंतजार,,, एक बच्ची की मौत,, ओपीडी में ताला पन्ना में सरकारी स्कूल के छात्रों पर बाथरूम की छत गिरी, दो गंभीर,, सतना रिफर यथावत होगा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव ,, कांग्रेस नेता भरत मिलन पांडे की पत्नी की याचिका पर हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड तलब किया

सिंधिया घराने की संपत्ति जानकर उड़ जाएंगे होश, कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है महाराज की दौलत! |

सिंधिया घराने की संपत्ति जानकर उड़ जाएंगे होश, कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है महाराज की दौलत! |

सिंधिया घराने की संपत्ति जानकर उड़ जाएंगे होश, कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है महाराज की दौलत

 केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया  कितने की संपत्ति के मालिक हैं… इस सवाल का जवाब मुश्किल है, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव के लिए आवेदन में 2 अरब से ज्यादा की संपत्तियां बताई थीं, लेकिन जिन संपत्तियों को लेकर कई अदालतों में मामले चल रहे हैं, उनकी अनुमानित कीमत ही करीब 40 हजार करोड़ यानी 400 अरब रुपये है….चलिए जानते हैं इसकी असल सच्चाई क्या है.

ज्ञात हो कि राजमाता सिंधिया ने अपने पुत्र माधवराव सिंधिया एवं पोता ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति के उत्तराधिकार से बेदखल कर दिया था उनकी तीन पुत्रियां उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे को संपत्ति का बारिश बताया है तीन हिस्सा अपनी पुत्रियों को दे दिया और एक हिस्सा ट्रस्ट के माध्यम से चैरिटी के लिए दिया है जिसका विवाद न्यायालयों में चल रहा है मुंबई हाई कोर्ट एवं ग्वालियर हाई कोर्ट में इन संपत्तियों के बारिश का विवाद चल रहा है जो माधवराव सिंधिया ने अपनी मां से संपत्ति पाने के लिए ग्वालियर के न्यायालय में दावा दायर किया था जिसका अभी परीक्षण ही चल रहा है पूरी संपत्ति के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया दावा करते हैं वहीं इनकी बुआ अपना अधिकार छोड़ने को तैयार नहीं है जिससे इस राजशाही खानदान में संपत्ति का विवाद चल रहा है पर राज परिवार के लोग सार्वजनिक जीवन में राजनीति कर रहे हैं कई बार इनसे यह प्रश्न पूछे गए पर कोई भी सदस्य अपने संपत्ति विवाद की कभी सार्वजनिक चर्चा नहीं करते यानी विवाद आपस में खूब तेज है पर संपत्ति के दावे अधिकार को लेकर सार्वजनिक चर्चाएं करने से बचते हैं

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
सबसे ज्यादा देखी गयी