बाघ का सिर काटने का हुआ खुलासा,,, 3 आरोपी गिरफ्तार

वनराज का सिर काटने वाले आरोपियों का हुआ खुलासा

  •   पकड़े गये तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया अपना अपराध 
  •  स्पेशल टास्क फोर्स के दल की पीसीसीएफ ने की प्रशंसा, होगा सम्मान

 

 

 सिर कटे बाघ का शव और कार्यवाही में लगे तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर k.s. भदौरिया


पन्ना टाइगर रिजर्व में टाइगर का सिर काटे जाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स के दल ने तीन लोगों को पकड़ा था, जिनसे पूछताछ किये जाने पर उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। देश और प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों को हैरानी में डालने वाले इस सनसनीखेज मामले में लिप्त आरोपियों का उप वन संरक्षक (वन्य प्राणी) प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय भोपाल द्वारा बकायदा प्रेस नोट जारी कर गुरुवार 1 अक्टूबर को खुलासा भी कर दिया गया है। आरोपी ग्राम पलकोहा, थाना बमीठा जिला छतरपुर के निवासी बताये गये हैं। इन आरोपियों में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर भी शामिल है।

 उल्लेखनीय है कि विगत 10 अगस्त 2020 को एक वयस्क नर बाघ का सिर कटा शव केन नदी में तैरता हुआ मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा होने पर कि बाघ का न सिर्फ सिर काटा गया है अपितु धारदार हथियार से उसके संवेदनशील अंगों को भी निकाला गया है, तो पन्ना से लेकर भोपाल तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन 3 सितंबर को जांच दल गठित कर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गये। निर्देश मिलते ही एसटीएफ की टीम सक्रिय हो गई और एक माह के भीतर ही बाघ का सिर काटने वाले आरोपियों को दबोच लिया। स्पेशल टास्क फोर्स के इस दल की कामयाबी व उत्कृष्ट कार्य की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) आलोक कुमार ने सराहना करते हुए इस पूरी टीम को सम्मानित किए जाने की घोषणा की है।

भोपाल से आज जारी हुए प्रेस नोट में बताया गया है कि स्पेशल टास्क फोर्स वन्य प्राणी के द्वारा पीटीआर द्वारा दर्ज अपराधिक प्रकरण क्रमांक 561/22 दिनांक 9-8-20 की जांच हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही करते हुए मुखबिर तंत्र विकसित कर 30 सितंबर 20 को ग्राम पलकोहा थाना बमीठा जिला छतरपुर से तीन व्यक्तियों को अपनी अभिरक्षा में लिया गया। पकड़े गये आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि बाघ के अंगों को काटने के बाद पकड़े जाने के डर से केन नदी में फेंक दिया था। उक्त आरोपियों के द्वारा बाघ के अंगों को काटकर जहां गड़ा दिया गया था, उक्त स्थल से भी एसटीएफ के द्वारा कुछ अवशेष जप्त किया गया है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच हेतु भेजा जायेगा। प्रकरण में पकड़े गये आरोपियों ने अपना नाम घनश्याम पिता रामस्वरूप कुशवाहा उर्फ डॉक्टर, अच्छे लाल पिता भूरा एवं नत्थू निवासी ग्राम पलकोहा, थाना बमीठा, जिला छतरपुर बताया है। इन तीनों आरोपियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को सौंपा गया है। मामले में अग्रिम कार्यवाही अब पन्ना टाइगर रिजर्व द्वारा की जायेगी।

 विवादों में रहा टाइगर रिजर्व

लॉकडाउन के दौरान टाइगर रिजर्व में पर्यटन पूरी तरह से बंद था ऐसे में शिकारियों ने रिजर्व को अपना अड्डा बना लिया और लगातार बाघ को निशाना बना रहे थे ऐसी में सक्रिय शिकारियों ने कई बाघों को क्षति पहुंचाई है जिसकी किरकिरी पूरे देश में हो रही थी ऐसे में इस मामले का खुलासा करना टाइगर रिजर्व प्रबंधन को बड़ी चुनौती थी इसी का परिणाम है कि रिटायरमेंट के कुछ माह पूर्व ही तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर केस भदौरिया को इसकी कीमत अपनी कुर्सी गांवा कर चुकानी पड़ी और सरकार ने इसी विवाद के चलते उन्हें यहां से हटाकर स्थानांतरण भोपाल कर दिया है अब इस खुलासे के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने राहत की सांस ली है और पकड़े जाने के बाद जो इलाके में पोचिंग  चल रही है उस पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है