ताज़ा खबर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के कहने पर बिंदिया मनु चौबे ने लिया नामांकन वापस उत्तराखंड बस हादसा :-  पन्ना में स्थापित किया गया कंट्रोल रूम के नंबर 07732252342 , 250204, हर संभव मदद करेंगे - बीडी शर्मा पन्ना में 2 लोगों को भालू ने जिंदा खाया,, लोगों में आक्रोश,, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया शोक जिला पंचायत नामांकन :- वार्ड 7 से मनु चौबे की पत्नी बिंदिया , भाजपा जिलाध्यक्ष राम बिहारी चौरसिया की पत्नी रेखा, 10 से भाजयुमो अध्यक्ष भास्कर पांडे की पत्नी मोहिनी और 13 से कांग्रेस नेता वीरेंद्र द्विवेदी की पत्नी पूनम ने नामांकन दाखिल किया

स्मृतिशेष :- ठक्काठाईं न कहते तो मंत्री बनते राजा लोकेंद्र,,, वरिष्ठ पत्रकार निरंजन शर्मा की कलम

स्मृतिशेष :- ठक्काठाईं न कहते तो मंत्री बनते राजा लोकेंद्र,,, वरिष्ठ पत्रकार निरंजन शर्मा की कलम

º

लोकेन्द्र राजा नहीं रहे !

वे पन्ना रियासत के आखिरी महाराजा नरेन्द्र सिंह जू देव के छोटे बेटे थे मगर बढ़कर हासिल करने की अपनी फितरत और वाक्-क्षमता की वजह से वे पूर्व सांसद महाराज के राजनैतिक उत्तराधिकारी बन गए ! आपका विगत गणतंत्र दिवस के दिन देहावसान हो गया !

चित्ताकर्षक व्यक्तित्व के धनी लोकेन्द्र सिंह जी ने तीन चुनाव लड़े और तीनों जीते ! एक, पहली बार सन 77 में जनता पार्टी की टिकट से पन्ना विधानसभा का, दूसरा, भाजपा की टिकट पर सन 89 में पन्ना-दमोह लोकसभा का और तीसरा कांग्रेस की टिकट पर सन 93 में पुनः पन्ना विधानसभा का !

मैंने उनको पहली बार अमानगंज रोड में खुली जीप में लाल चश्मा और शिकारियों जैसी हैट के साथ छैला बाबू की तरह घूमते देखा ! तब वे पहली बार विधायक बने थे ! बाद में कई बार हम लोग मिले – खासकर जब वे सांसद थे तो दिल्ली से पन्ना वाया सतना होकर ही जाते थे ! पन्ना से सतना कार उनको लेने आती ! मुझे दिल्ली से फोन कर देते कि “सबेरे क़ुतुब एक्सप्रेस से आ रहा हूं यार !” मैं सतना जागरण के ब्यूरो चीफ के रूप में उनसे मिलता और बहुत दिनों तक यह बताया ही नहीं कि आपके क्षेत्र का निवासी हूं लेकिन तीसरी बार बात खुल गई !

हुआ यह कि लोकेन्द्र सिंह ने सांसदी के अपने आखिरी दौर में माधवराव सिंधिया के कहने पर दलबदल कर लिया और भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए ! उनके पिता नरेन्द्र सिंह जी ने भी कांग्रेस से जनसंघ में दलबदल किया था ! मुझे दोनों की राजनैतिक कुंडली मालूम थी तो मैंने इस दलबदल के तीन दिनों के भीतर लोकेन्द्र सिंह की पूरी खड़ी फोटो के साथ जनसत्ता दिल्ली के लिए एक स्टोरी लिख दी जो “लोकेन्द्र सिंह के खानदान में दलबदल की परंपरा” शीर्षक से छपी ! जनता पार्टी के अपने पहले विधायकी काल में वे इतने गंभीर नहीं थे ! एक-दो विवादित मसले भी थे ! खबर में वह भी छपे !

लोकेन्द्र सिंह के कांग्रेस में जाते ही राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी खबर छपना – उनको अच्छा नहीं लगा ! खबर हमारे नाम से छपी थी ! तभी उन्हें किसी ने बताया कि यह लिखने वाला निरंजन शर्मा तो यहीं अपनी ककरहटी का है ! कचहरी में जो वकालत करते हैं ओम शर्मा, उनका चचेरा भाई है ! वे सीधे कचहरी पहुंचे और ओम भाई साहब से पूंछा – काये ओम, बो सतना दैनिक जागरण में तुमाओ भैयाय है ! यह बताने पर कि हां ; लोकेन्द्र राजा बोले – “बहुत बदमास है यार बो ! तीन बार मेरे साथ खाया-पिया, बैठा और एक भी बार नहीं बताया कि मैं ककरहटी का हूं ! हमाई कहानी बना के दिल्ली के अखबार में अलग छाप दई !”

दरअसल मुझे आनंद आया करता था, जब वे पन्ना-खजुराहो और वहां के जंगल-जनवार के बारे में ऐसे बताया करते जैसे मेरे लिए वह कहीं दूर देश की बात हो ! वे बताते-बताते धाराप्रवाह अंग्रेजी में शुरू हो जाते और मैं मुंह बाए सुनता रहता !

बहरहाल ! लोकेन्द्र राजा एक जिंदादिल इंसान थे और जो कहना होता था मुंह पर कह देते थे ! सन 93 में कांग्रेसी विधायक बने पर उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अक्षमताओं पर खुलकर आक्षेप किये ! स्वभाव भी अच्छा था उनका ! वास्तव में अगर ठक्काठाईं की बात कहने वाले और लोगों को उनकी गलती पर आइना दिखाने वाले और फटकारने वाले व्यक्ति ना होते तो पन्ना की राजनीति में उनका बर्चस्व बना रहता ! वे मंत्री भी बनते !

मानवेन्द्र सिंह उनके बड़े भाई थे ! औपचारिक राजा की पदवी उन्हीं के पास थी जो कि आजकल उनके पुत्र राघवेन्द्र सिंह धारण करते हैं ! संपत्ति को लेकर राज-परिवार में विवाद भी चला ! मानवेन्द्र सिंह के एक पुत्र और एक पुत्री जबकि लोकेन्द्र सिंह के दो पुत्रियाँ थीं जिनमें से बड़ी पुत्री का एक अरसे पहले देहांत हो गया था ! नागौद नगरपालिका अध्यक्ष रहीं श्रीमती कामाख्या सिंह जी लोकेन्द्र राजा की छोटी और अब इकलौती पुत्री हैं ! आप नागौद राजपरिवार के बिटलू हुजूर (नागेन्द्र सिंह जी) की भतीज-बहू हैं ! आपने ही मंगलवार को अपने पिता को मुखाग्नि दी !

अपने साथ लोकेन्द्र जी की सन 90-91 की एक पुरानी तस्वीर और दिवंगत आत्मा के प्रति दिल से विनम्र श्रद्धांजलि के साथ यह पोस्ट शेयर कर रहा हूँ !

(वरिष्ठ पत्रकार निरंजन शर्मा)

✎ शिवकुमार त्रिपाठी (संपादक)
सबसे ज्यादा देखी गयी