आपदा प्रबंधन की बैठक संपन्न ,,, जिले के होटल लॉज में रुकने वालों की पुलिस को सूचना देना जरूरी

जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक सम्पन्न

कोविड-19 की गाइड लाइन के तहत त्यौहारों का आयोजन के लिए सर्वसम्मति

कलेक्टर  संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर मिश्र द्वारा शासन द्वारा धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में दिए गए कोविड-19 संक्रमण रोकने संबंधी निर्देशों की जानकारी दी गयी। इस पर बैठक में उपस्थित विभिन्न धर्म एवं समाज के प्रतिनिधियों द्वारा त्यौहारों का आयोजन एवं विभिन्न कार्यक्रमों के लिए सहमति जताई गयी। कलेक्टर  ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कोविड-19 गाइड लाइन के अनुसार सभी लोग त्यौहारों को मनाएं। जिला प्रशासन द्वारा जो सहयोग अपेक्षित होगा नियमानुसार किया जाएगा।

कलेक्टर  मिश्र ने कहा कि शासन द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के संबंध में दिशानिर्देश दिए हैं कि कोई भी जुलूस, शोभा यात्रा आदि नही निकाली जाएगी। जो धार्मिक आयोजन किसी खुले मैदान में आयोजित किए जाएंगे उसमें 100 लोगों से अधिक एकत्र नही हो सकेंगे। इसी प्रकार किसी हाॅल या धार्मिक स्थल पर 200 से अधिक व्यक्ति एकत्र नही होंगे। प्रत्येक व्यक्ति को सोशल डिस्टेंसिंग, चेहरे पर मास्क एवं हांथों को बार-बार सेनेटाइज करना होगा। किसी भी कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार किया जा सकेगा। प्रत्येक कार्यक्रम आयोजन की अनुमति जिला प्रशासन से लेनी होगी। कार्यक्रम की वीडियोग्राफी तैयार कर 48 घण्टे के अन्दर जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

उन्होंने कहा कि जिले के निवासियों की जागरूकता के चलते जिले में कोरोना संक्रमण में कमी आयी है। यदि जिले के लोग कडाई से कोविड-19 संक्रमण रोकने संबंधी निर्देशों का पालन करते रहेंगे तो पन्ना जिले को बहुत जल्दी ही कोरोना से मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी दो माह बाद संभवतः वैक्सीन आ जाएगा जो प्राथमिकता के आधार पर सभी को लगाया जाएगा। कलेक्टर श्री मिश्र ने मुख्य नगरपालिका को निर्देश दिए कि त्यौहारों के दौरान पूर्व की तरह ही साफ सफाई, पेयजल व्यवस्था की समुचित व्यवस्था करें। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए गए कि त्यौहार के अवसर पर निर्वाध रूप से विद्युत प्रदाय जारी रखें।

पुलिस अधीक्षक  मयंक अवस्थी ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए जो भी शासन द्वारा दिशानिर्देश दिए गए है उसके अन्तर्गत ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन की अनुमति के बगैर कोई भी सामुदाय कार्यक्रम आयोजित नही करेगा। शोभा यात्रा, जुलूस आदि निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि किसी भी व्यक्ति या समुदाय द्वारा शासन के निर्देशों की अवहेलना की जाएगी तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने दुर्गा विसर्जन के संबंध में बताया कि जिला मुख्यालय के कमला बाई तालाब, दहलान ताल, धरम सागर के यादवेन्द्र क्लब के नीचे चैपरा में मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। मूर्ति विसर्जन के लिए ले जाते समय कोई जुलूस नही निकाला जाएगा। प्रत्येक विसर्जन स्थल पर समुचित व्यवस्था की गयी है।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि जिले में कोरोना संक्रमण के फैलाव की गति में कमी आई है। जिले में कुल 786 कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए गए हैं इनमें 765 व्यक्ति स्वस्थ हो गए हैं। पिछले दो-तीन दिनों से लिए जा रहे 250 से 300 नमूनों में जांच के उपरांत एक या दो पाॅजिटिव व्यक्ति पाए गए हैं। उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि आगामी समय में वैक्सीन आने वाला है। शासन के निर्देशानुसार प्रथम चरण में वैक्सीन किसे लगाया जाना है इसकी जानकारी तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।

सम्पन्न हुई इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बालागुरू के, अपर कलेक्टर  जे.पी धुर्वे, एसडीएम पन्ना  शेर सिंह मीणा, तहसीलदार पन्ना  दिव्या जैन, जनप्रतिनिधि के रूप में  रामबिहारी चैरसिया,  सतानन्द गौतम,  बाबूलाल यादव आदि के विभिन्न समुदायों के जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

जिले में सराय अधिनियम 1867 प्रभावशील

आवास स्थलों पर रूकने वाले व्यक्तियों की देनी होगी प्रतिदिन जानकारी

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  संजय कुमार मिश्र द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी द्वारा अवगत कराए गए शासनादेशों के परिपालन में जिले में सराय अधिनियम 1867 के अन्तर्गत धारा 3, 4, 5 एवं 8 के प्रावधानों को लागू किया गया है। इस आदेश के तहत जिले के सरायों, होटल, विश्रामगृह, छात्रावास, आश्रम, बोडिंग हाउस, धर्मशाला, रेस्ट हाउस होटल, लाॅज, मोटल, पेइंगगेस्ट, रिसाॅर्ट, प्रापटी पर रूकने वाले व्यक्तियों की जानकारी संधारित किया जाना आवश्यक है। क्योंकि ऐसे स्थानों पर असामाजिक एवं अवंछनीय गतिविधियों का संचालन किए जाने की प्रबल संभावना रहती है। अपराधों की रोकथाम एवं पतारसी करना अत्यंत गठित होता है। जिससे शहर में शांति एवं कानून व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने के साथ मानव जीवन एवं लोक सम्पत्ति की क्षति होने का भय बना रहता है।  

इस बात को दृष्टिगत रखते हुए सरायों के रजिस्ट्रेशन एवं ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी संकलित किए जाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस, राज्य अपराध ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय द्वारा बेव वेस्ट एप्लीकेशन आॅनलाइन सिटी विजिटर रजिस्ट्रेशन मैनेजमेंट तैयार किया गया है। जिसका यूआरएल ूूूण्ंजपजीपण्उचचवसपबमण्हवअण्पद है डेस्कटाप, लैपटाप अथवा मोबाइल के माध्यम से अतिथि एप्लीकेशन का उपयोग किया जा सकता है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मिश्र ने जिले में सराय अधिनियम 1867 के अन्तर्गत धारा 3, 4, 5 एवं 8 के तहत जन सामान्य के हित/जानमाल एवं लोक परिशांति बनाए रखने हेतु जिले की भौगोलिक सीमा में पारित किए हैं।

इस अधिनियम की धारा 3 के अनुसार पन्ना जिले की सीमा में स्थित समस्त सराय (होटल/विश्रामगृह/छात्रावास आदि) के प्रबंधक को रजिस्ट्रीकृत किए जाने हेतु आदेशित किया जाता है। सरायों को रजिस्ट्रीकृत किए जाने एवं रजिस्ट्रीकृत के उपरांत पूर्वगामी दिन या शाम के दौरान सराय में ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त किए जाने के नियमित हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना को दायित्व सौंपा जाता है। समस्त सरायपाल बेव एप्लीकेशन के माध्यम से अपने आपको रजिस्ट्रीकृत करना सुनिश्चित करेंगे। सराय अधिनियम की धारा 4 के अनुसार रजिस्ट्रीकरण हेतु जिले की सीमाओं में स्थित सराय (होटल/विश्रामगृह/छात्रावास आदि) के प्रबंधक/स्वामी द्वारा सरायों एवं सरायपालों के नाम और निवास स्थलों तथा प्रत्येक सराय की अवस्थिति बेव एप्लीकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए।

सराय अधिनियम 1867 की धारा 5 के अनुसार आदेश जारी होने के दिनांक से एक माह के अन्दर सरायों को रजिस्ट्रीकृत न कराए जाने की स्थिति में सरायपाल द्वारा सराय में किसी भी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति नही होगी। अधिनियम की धारा 8 के अनुसार जिले की सीमाओं में स्थित समस्त सराय के प्रबंधक/स्वामी द्वारा रजिस्ट्रीकरण के उपरांत पूर्वगामी दिन या शाम के समय सराय में ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी बेव एप्लीकेशन ूूूण्ंजपजीपण्उचचवसपबमण्हवअण्पद के माध्यम से सतत उपलब्ध कराएंगे। आदेश के तीन बार उल्लंघन करने की स्थिति में सराय का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाएगा।

यह आदेश जन साधारण की सुविधा एवं अवांछनीय गतिविधियों की रोकथाम, अपराधियों की पतारसी, धरपकड एवं जनमानस व लोक सम्पत्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। आश्रम, बोर्डिंग हाउस, सक्रिट हाउस, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, छात्रावास, होटल, लाॅज, मोटल, पेंइग गेस्ट, रिजाॅर्ट, रेस्टहाउस एवं किराए पर दी गयी प्रापर्टी आदि के सभी प्रबंधक/स्वामी इन निर्देशों के साथ-साथ ूूूण्ंजपजीपण्उचचवसपबमण्हवअण्पद से अपना रजिस्ट्रेशन कर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।