- पुलिस ने सनसनीखेज मामले का 24 घण्टे के भीतर किया खुलासा
- युवती पर शक होने पर मंगेतर ने हत्या की घटना को दिया अंजाम
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| मामले का खुलासा करते पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी तथा पीछे टीशर्ट पहने खड़ा आरोपी। |
शिव कुमार त्रिपाठी,पन्ना। पन्ना जिले में 20 वर्षीय युवती की जघन्य हत्या और नग्न्न्न अवस्था लाश फेंक देेने की में के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज हत्या के मामले में कातिल कोई और नहीं युवती का ही मंगेतर 21 वर्षीय राजकुमार पटेल पिता रामकांत पटेल निवासी ग्राम इटहा मोहंद्रा, जिला पन्ना निकला है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम मड़ैयन निवासी 20 वर्षीय युवती का शव जंगल में शुक्रवार 2 अक्टूबर को सुबह गुंदलहा नाले में अर्धनग्न अवस्था में मिला था। युवती का इस हाल में शव मिलने से जिले में सनसनी फैल गई थी तथा तरह-तरह के कयास और अनुमान लगाये जाने लगे थे। लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पन्ना पुलिस ने पूरी तत्परता के साथ पड़ताल करते हुए 24 घंटे के भीतर ही कातिल को खोज निकाला। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुये अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया । उक्त पुलिस टीम द्वारा पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन करते हुये मृतिका के शव का पी.एम. डॉक्टर पैनल द्वारा कराया गया। थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना द्वारा मृतिका के गाँव पहुँचकर गाँव के लोगो के कथन लिये गये एवं मृतिका के मोबाइल नम्बर की जानकारी ली गई। मृतिका द्वारा उपयोग किये जा रहे मोबाइल की जानकारी साइबर इंटेलिजेंस से प्राप्त हुई। जिसमें मृतिका द्वारा अंतिम बार राजकुमार पटेल निवासी ग्राम इटहा मोहंद्रा से बात होना पाया गया। इंटेलिजेंस जानकारी के आधार पर संदिग्ध राजकुमार पटेल की खोजबीन करने पर वह घर में नहीं मिला। यह युवक मोटरसाइकिल से कहीं बाहर भागने की फिराक में था। लेकिन पुलिस की चौतरफा नाकेबंदी और सक्रियता के चलते वह भागने में सफल नहीं हुआ। वह भाग पाता उससे पहले ही पुलिस को मुखबिर से युवक के बारे में सूचना मिल गई, फलस्वरूप पुलिस ने घेराबंदी कर उसे बायपास रोड पन्ना में दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व उसकी शादी मृतिका के साथ हुई थी। मैं जब उसे फोन करता तो कई बार वह मेरा फोन नहीं उठाती थी, जिससे मुझे उस पर शंका होने लगी। घटना दिनांक 27 सितंबर को आरोपी ने फोन करके युवती को नाले के पास बुलाया, जहां दोनों के बीच वाद विवाद हुआ। फल स्वरुप उसी के दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी और लाश नाले में फेंक दिया। उसके बाद मै वापस अपने घर इटहा आ गया । पुलिस द्वारा आरोपी के बताये अनुसार आरोपी के आने जाने वाले रास्तो के सी.सी.टी.व्ही. फुटेज को चेक किया गया जिसमे उक्त आरोपी घटना दिनांक को अपनी मोटर साइकिल से घटनास्थल की तरफ जाते हुये दिखा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतिका की पीएम रिपोर्ट में अभी बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा आरोपी का सीमेन स्लाइड प्रजर्व कराया जाकर जाँच हेतु फारेंसिक लैब भेजा जा रहा है। जिसके अनुसार जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने पर बलात्कार के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट होगी। उसी के अनुसार अग्रिम विवेचना कार्यवाही की जावेगी । मेमोरेण्डम कथन अनुसार आरोपी द्वारा घटना कारित करने के बाद मृतिका का मोबाइल एवं घटना कारित करते समय आरोपी द्वारा पहने गये अपने कपडे कहीं छिपा देना बताया है जिसे पुलिस रिमाण्ड में लिया जाकर जप्त किया जावेगा।
मामले के खुलासे में इनका रहा सराहनीय योगदान

हत्या के इस संगीन और सनसनीखेज मामले के खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अलावा इनका सराहनीय योगदान रहा। सफलता दिलाने वाली टीम में थाना प्रभारी कोतवाली अरूण सोनी, उनि जे. एम. सिहं, उनि राहुल यादव, उनि व्हीके अहिरवार, उनि जया सोनी, प्रआर. रामकृष्ण पाण्डे , शिवेन्द्र सिहं , प्रेमलाल पाण्डेय , सायबर सेल से नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी , धर्मेन्द्र सिंह राजावत एवं पुलिस टीम से आर. राजेश सिहं ,बीरेन्द्र कुमार, रामपाल बागरी, राजीव मिश्रा, मोहन सिंह, दीपप्रकाश , प्रदीप पाण्डेय, रविकरन , केशव , सुनील, रोहित , मुन्ना , रवि खरे शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा उक्त पुलिस टीम को नगद पुरूस्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है ।
- पकड़े गये तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया अपना अपराध
- स्पेशल टास्क फोर्स के दल की पीसीसीएफ ने की प्रशंसा, होगा सम्मान
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| सिर कटे बाघ का शव और कार्यवाही में लगे तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर k.s. भदौरिया |
पन्ना टाइगर रिजर्व में टाइगर का सिर काटे जाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स के दल ने तीन लोगों को पकड़ा था, जिनसे पूछताछ किये जाने पर उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। देश और प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों को हैरानी में डालने वाले इस सनसनीखेज मामले में लिप्त आरोपियों का उप वन संरक्षक (वन्य प्राणी) प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय भोपाल द्वारा बकायदा प्रेस नोट जारी कर गुरुवार 1 अक्टूबर को खुलासा भी कर दिया गया है। आरोपी ग्राम पलकोहा, थाना बमीठा जिला छतरपुर के निवासी बताये गये हैं। इन आरोपियों में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर भी शामिल है।
उल्लेखनीय है कि विगत 10 अगस्त 2020 को एक वयस्क नर बाघ का सिर कटा शव केन नदी में तैरता हुआ मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा होने पर कि बाघ का न सिर्फ सिर काटा गया है अपितु धारदार हथियार से उसके संवेदनशील अंगों को भी निकाला गया है, तो पन्ना से लेकर भोपाल तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन 3 सितंबर को जांच दल गठित कर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गये। निर्देश मिलते ही एसटीएफ की टीम सक्रिय हो गई और एक माह के भीतर ही बाघ का सिर काटने वाले आरोपियों को दबोच लिया। स्पेशल टास्क फोर्स के इस दल की कामयाबी व उत्कृष्ट कार्य की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) आलोक कुमार ने सराहना करते हुए इस पूरी टीम को सम्मानित किए जाने की घोषणा की है।

भोपाल से आज जारी हुए प्रेस नोट में बताया गया है कि स्पेशल टास्क फोर्स वन्य प्राणी के द्वारा पीटीआर द्वारा दर्ज अपराधिक प्रकरण क्रमांक 561/22 दिनांक 9-8-20 की जांच हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही करते हुए मुखबिर तंत्र विकसित कर 30 सितंबर 20 को ग्राम पलकोहा थाना बमीठा जिला छतरपुर से तीन व्यक्तियों को अपनी अभिरक्षा में लिया गया। पकड़े गये आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि बाघ के अंगों को काटने के बाद पकड़े जाने के डर से केन नदी में फेंक दिया था। उक्त आरोपियों के द्वारा बाघ के अंगों को काटकर जहां गड़ा दिया गया था, उक्त स्थल से भी एसटीएफ के द्वारा कुछ अवशेष जप्त किया गया है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच हेतु भेजा जायेगा। प्रकरण में पकड़े गये आरोपियों ने अपना नाम घनश्याम पिता रामस्वरूप कुशवाहा उर्फ डॉक्टर, अच्छे लाल पिता भूरा एवं नत्थू निवासी ग्राम पलकोहा, थाना बमीठा, जिला छतरपुर बताया है। इन तीनों आरोपियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को सौंपा गया है। मामले में अग्रिम कार्यवाही अब पन्ना टाइगर रिजर्व द्वारा की जायेगी।
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मड़ला प्रवेश द्वार पर पर्यटकों का हुआ आत्मीय स्वागत
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प्रातः मड़ला गेट से 10 पर्यटक वाहनों ने किया प्रवेश
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| पर्यटकों के भ्रमण हेतु आज खोले गये मंडला प्रवेश द्वार का नजारा। |
- (शिवकुमार त्रिपाठी), कोरोना के कारण लंबे समय से बंद पन्ना टाइगर रिजर्व टूरिस्टो के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खोल दिया गया बाघों के दीदार के लिए मशहूर बुंदेलखंड का खूबसूरत टाइगर रिजर्व में पहले दिन ही देशी और विदेशी सैलानी पहुंची कोरौना गाइडलाइन लिए के साथ टाईगर रिजर्व के दोनों प्रवेश द्वारों मड़ला एवं हिनौता में फिर से चहल पहल शुरू हो गई है। पहले दिन आज टाईगर रिजर्व के मड़ला प्रवेश द्वार पर पार्क भ्रमण हेतु आने वाले पर्यटकों का प्रातः 6 बजे पन्ना टाइगर रिजर्व के पंजीकृत गाइड, क्षेत्र संचालक एवं अन्य स्टाफ तथा टूर आपरेटरों के द्वारा स्वागत किया गया। आज प्रातः मड़ला गेट से 10 पर्यटक वाहनों ने प्रवेश किया है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुये पार्क प्रबंधन द्वारा सभी जरुरी तैयारियां कर ली गई थीं। पार्क भ्रमण हेतु जाने वाले पर्यटकों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करने को कहा गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक नवागत क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व उत्तम कुमार शर्मा ने आज सुबह फीता काटकर विधिवत पर्यटक वाहनों को मंडला गेट से प्रवेश करने की इजाजत दी। बेहद खुशनुमा माहौल में आज सुबह मड़ला गेट से 10 पर्यटक वाहनों ने प्रवेश किया, जिनमें सभी भारतीय पर्यटक सवार थे। गौरतलब है कि पन्ना टाईगर रिजर्व का जंगल मौजूदा समय बाघों से गुलजार है। यहाँ के वन क्षेत्र में 27 वयस्क तथा 27 अर्धवयस्क बाघों सहित 9 शावक विचरण कर रहे हैं। जिससे पन्ना पार्क के प्रति देशी व विदेशी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। इस मौसम में टाईगर रिजर्व की हरी-भरी वादियां और गहरे सेहा भी पर्यटकों को लुभा रहे हैं। बाघों का कुनवा बढने से बाघ दर्शन की संभावनायें भी पहले के मुकाबले बढ़ी हैं, जिससे पर्यटक पन्ना टाईगर रिजर्व के भ्रमण को प्राथमिकता देने लगे हैं। कोर क्षेत्र के अलावा पन्ना टाईगर रिजर्व के बफर क्षेत्र अकोला एवं झिन्ना को पर्यटन हेतु विकसित किया गया है।