बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर ने पन्ना में रोपे पौधे,,, सवा11 लाख पेड़ लगाने और बचाने का संकल्प
बागेश्वरधाम सरकार ने पन्ना में रोपे पौधे
सवा 11 लाख वृक्ष लगाने और बचाने का संकल्प
गांव गांव बागेश्वर बगीचा बनाने का दिया संदेश

बागेश्वर वाटिका में पौधा रोपते हुए महाराज श्री
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना में आज अचानक बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज जेल के पास पुरुषोत्तमपुर पहुंचे और उन्होंने 51 पौधे रोपे है धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज ने पीपल और बरगद का पेड़ लगाने के बाद कहा कि कोरोना की इस भीषण महामारी में ऑक्सीजन की कमी से लोगों को कष्ट उठाना पड़ा है यह ऑक्सीजन की कमी लगातार वृक्षों की कटाई के कारण निर्मित हुई है और इसी कारण कोरोना जैसी महामारी ने गंभीर रूप धारण किया बागेश्वर धाम से शिष्य मंडल ने यह फैसला किया है कि इस वर्ष पूरे बुंदेलखंड में सवा ग्यारह लाख वृक्ष लगाए जाएंगे और सभी वृक्षों को बचाया भी जाएगा

बागेश्वर वाटिका का उद्घाटन करते हुए धीरेंद्र कृष्ण जी महाराज
पन्ना जेल परिसर के बाजू में बागेश्वर वाटिका का उद्घाटन करते हुए धीरेंद्र कृष्ण महाराज जी ने पूरे विधि-विधान और पूजन पाठ के साथ सबसे पहले पीपल का वृक्ष लगाया और इसके बाद बरगद पौधा रोपा सभी शिष्यों से अपील की कि एक शिष्य इस वर्ष 5, 11 , 21 या 101 वृक्ष लगाने और इनको बचाने का संकल्प लें और हनुमान जी महाराज को साक्षी मानकर यह वादा करें कि इन सभी वृक्षों को पाल पोस कर बड़ा करेंगे और इन वृक्षों की सेवा के साथ अपने नजदीकी मित्रों और परिजनों को वृक्षों के महत्व को बताएंगे जिससे पूरे बुंदेलखंड को हरा-भरा किया जा सके महाराज श्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहां आज से 20 वर्ष पहले जंगल हुआ करता था

पौधारोपण का दृश्य
अब वह इलाका वीरान हो गया है लगातार वृक्ष कट रहे हैं ऐसे में मानव जाति के साथ प्रकृति में संकट पैदा होगा प्राकृतिक नुकसान के कारण महामारी आ रही हैं इसलिए उन्होंने अपील की कि प्रकृति को बचाना है गौ माता की भी सेवा करना है उन्होंने संकल्प दिलाया कि गौशाला नहीं उपाय एक हिंदू एक गाय के संकल्प से ही गाय को बचाया जा सकता है और वृक्ष लगाकर प्रकृति की सेवा की जा सकती है इस मौके पर बागेश्वर धाम शिष्य मंडल के भक्तगण सतानंद गौतम , मनीष मिश्रा, संविदाकार वशिष्ट उर्फ मनु चौबे, नरेंद्र शुक्ला तरुण पाठक शिवकुमार त्रिपाठी, उदय मिश्रा, विष्णु पांडे, रामअवतार उर्फ बबलू पाठक कल्लू रावत , अज्जू गर्ग, शैलेश नगायच ,बड़े बेटा यादव, अरविंद यादव संजय तिवारी उर्फ मंटू सौरव अरजरिया, दीपक रावत, गौरी शंकर गुप्ता भारतेंदु रावत सहित बड़ी संख्या में बागेश्वर धाम से जुड़े भक्तों और शिष्य गण मौजूद रहे
बधाई देने तक सीमित न रहे पर्यावरण दिवस,,
स्वच्छ वातावरण ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार
( शिवकुमार त्रिपाठी) आज पूरी दुनिया पर्यावरण दिवस मना रही है 1972 में पर्यावरण के महत्व को समझा और उसे बचाने की प्रयास शुरू किए गए पर भारतीय संस्कृति पुरातन समय से ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती रही है यही कारण है कि हिंदू धर्म में वृक्ष को देवता के समान माना गया है कई त्योहारों में वृक्षों की पूजा की जाती है बट सावित्री में बरगद की पूजा, अक्षय तृतीया ऑवला के पेड़ की पूजा , हरछठ मैं पलाश और बेरी के पेड़ की पूजा जैसे यह त्यौहार है जिनमें वृक्षों की ही पूजा की जाती है और इन्हीं के आशीर्वाद से सुखद जीवन और समृद्धि की कल्पना लोग करते हैं लेकिन जिस तरीके से भौतिकवादी सोच और बलात दोहन ने पर्यावरण को क्षति पहुंचाई है अब बेहद खतरनाक स्थितियां निर्मित हो रही है ग्लोबल वार्मिंग , प्राकृतिक आपदाओं , बढ़ते तापमान जैसी घटनाएं तो सामने दिख ही रही है पृथ्वी में ऐसी हल चल होती हैं जो चिंताजनक है लेकिन यदि भारतीय संस्कृति के अनुसार जीवन पद्धति को लोग अपना ले तो पर्यावरण को संरक्षित ही नहीं स्वच्छ बनाकर चिंरजीवी किया जा सकता है भौतिक सुख सुविधाओं और लग्जरी सोच ने पर्यावरण पर कुठाराघात किया है आज फेसबुक, व्हाट्सएप , टि्वटर के माध्यम से लोग पर्यावरण दिवस की बधाइयां दे रहे हैं यह मात्र 5 जून तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए अगर सुखमय जीवन जीना है तो पृथ्वी, नदी , जल , पेड़ सभी को स्वच्छ बनाना होगा और हर व्यक्ति को स्वयं की जिम्मेदारी का एहसास करना होगा

प्रकृति को नजदीक से निहारते ,,, पन्ना टाइगर रिजर्व
पर्यावरण संरक्षण की संस्थाएं भी गैर जिम्मेदार
पर्यावरण संरक्षण के लिए देश में कई वैधानिक संस्थानो का निर्माण किया गया है जिसमें सरकार करोड़ों रुपए प्रतिवर्ष खर्च करती है पर इन संस्थाओं पर बैठे जिम्मेदार लोग अपने मूल कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहे यही कारण है की नदियों में बढ़ते प्रदूषण , रेत का अवैध उत्खनन , पेड़ों की कटाई , अवैध खनन तमाम मामले सामने आने के बावजूद इन संस्थाओं द्वारा कोई कठोर कदम नहीं उठाए जाते इस कारण पर्यावरण और अधिक क्षति होती हैं नदियां सूख रही है धरती बंजर होती जा रही पर्यावरण संरक्षण संस्थाएं शांत दिख रही है

पूजनीय बट वृक्ष के सामने
भारतीय हिंदू संस्कृति में पीपल बरगद जैसे पेडो की लकड़ियां आज भी लोग नहीं काटते न ही जलाऊ में इसका उपयोग करते हैं मतलब साफ है कि हिंदू संस्कृति पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रही है अब लोगों को स्वयं की जिम्मेदारी का एहसास भी करना होगा तभी सच्चे मायने में पर्यावरण दिवस की सफलता होगी
पर्यावरण दिवस

देश में ऐसे दृश्य दिखे तो बचेंगे जंगल
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को, विश्वभर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास

प्रदूषण रहित सदानीरा केन नदी,, जिस पर अब हो रहा है आघात
विश्व पर्यावरण दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानव पर्यावरण के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अवसर पर 1972 में हुई थी। हालांकि, यह अभियान सबसे पहले 5 जून 1973 को मनाया गया। यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है और इसका कार्यक्रम विशेषरुप से, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए वार्षिक विषय पर आधारित होता है। 1987 में इसके केंद्र को बदलते रहने का सुझाव सामने आया और उसके बाद से ही इसके आयोजन के लिए अलग अलग देशों को चुना जाता है। इसमें हर साल 143 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं और इसमें कई सरकारी, सामाजिक और व्यावसायिक लोग पर्यावरण की सुरक्षा, समस्या आदि विषय पर बात करते हैं
एमपी में 12वीं की परीक्षाएं रद्द
श्रेणी सुधार के लिए दोबारा दे पाएंगे परीक्षा
Cm शिवराज ने की घोषणा

फाइल फोटो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
(शिवकुमार त्रिपाठी) – भोपाल मध्य प्रदेश में इस साल 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएगी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इस बात का ऐलान किया है मुख्यमंत्री ने कहा है कि बच्चों की जिंदगी अनमोल है केरियर की चिंता बाद में कर लेंगे।इस समय जब सभी कोरोना का संकट झेल रहे है। बच्चो पर परीक्षा का बोझ डालना उचित नही है। 12 का रिजल्ट कैसे बने इसके लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया गया है।जो विशेषग्यों से चर्चा कर यह तय करेगा कि रिजल्ट के लिए आंतरिक मूल्यांकन हो या अन्य कोई आधार अपनाया जाए। उस आधार पर तय करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 वी की परीक्षा पहले ही न करने का फैसला किया गया है। उनके रिजल्ट आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर होगा।
सीएम ने की घोषणा, श्रेणी सुधार की परीक्षा दे सकेंगे छात्र

फोटो – CM शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12वीं की परीक्षाएं निरस्त करने के बाद यह भी बयान जारी किया है कि जो छात्र बेहतर रिजल्ट के लिए दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं उन्हें कोरोना की समप्ति के बाद दोबारा अवसर दिया जाएगा यानी श्रेणी सुधार की परीक्षा छात्र दोबारा दे सकते हैं ज्ञात हो कि कल सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं रद्द की गई थी तभी से उम्मीद लगाई जा रही थी कि मध्यप्रदेश में अपने बोर्ड की सभी परीक्षाएं निरस्त कर देगा
जिले के दौरे में पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा
मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह के साथ कोरोना प्रबंधन व अस्पतालों की व्यवस्था का लिया जायजा
केंद्र सरकार के 7 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं से गरीबों की मदद का आह्वान किया

जिला चिकित्सालय में वार्ड का उद्घाटन करते हुए सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह
(शिवकुमार त्रिपाठी) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा अपने एक दिवसीय panna प्रवास पर आए और उन्हें तीनों विधानसभा पन्ना गुनौर और पवई मैं अपने कार्यक्रम किये भाजपा कार्यकर्ताओं से गरीबों की मदद करने और सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार की अपील की वही मध्य प्रदेश शासन के मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ पुलिस लाइन जाकर पुलिस कर्मचारियों के लिए बनाए गए कोविड अस्पताल का उद्घाटन किया जहां 14 बैड लगाए गए हैं ऑक्सीजन युक्त इन बैड़ों में उन पुलिस कर्मचारी और उनके परिवारों का इलाज होगा जिन्हें ड्यूटी के दौरान बीमारी का संक्रमण हो सकता है इसके बाद वे पन्ना जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों के इलाज के लिए बनाए जा रहे वार्ड , सिटी स्कैन मशीन लगने के स्थान का जायजा लिया और जिला प्रशासन को आगे की तैयारियां करने के निर्देश दिए
क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक
कलेक्ट्रेट परिसर में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सबसे ज्यादा व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधियों मैं अनलॉक की छटपटाहट दिखाई दी उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ माह से पन्ना का बाजार पूरी तरह से बंद है छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है रोजगार पूरी तरह ठप है लिहाजा कुरौना के साथ लोगों की रोजगार का भी ध्यान रखा जाए और दुकानें खोलने जाने की अनुमति प्रदान की जाए जिस पर शहर को खोलने पर सहमति तो बनी लेकिन यह तय किया गया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज शाम को जो निर्णय लेंगे वही लागू होगा बताया गया panna ग्रीन जोन पर है लिहाजा खुलने की उम्मीद है

पुलिस लाइन में पुलिस कर्मचारियों के लिए ऑक्सीजन युक्त अस्पताल का उद्घाटन
रक्तदान
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमित गुप्ता एवं कृष्ण प्रताप सिंह उर्फ कानहु राजा ने नरेंद्र मोदी सरकार के 7 वर्ष पूर्ण होने पर रक्तदान किया

सांसद और मंत्री का स्वागत करते हुए कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा एसपी धर्मराज मीणा
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कमलनाथ सीडी दो या जेल जाओ,
पन्ना दौरे पर आए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा कहा की कमलनाथ ने संवैधानिक गोपनीयता की शपथ और पद का दुरुपयोग किया है वे सीडी रखकर लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री को BD ने चेताया कि वे वह सीडी दे मध्य प्रदेश की जनता से अपने बयान के लिए माफी मांगे या सलाखों के पीछे पहुंचो , उन्होंने कहा अपनी महिला मित्र के आत्महत्या मामले में फंसे पूर्व मंत्री को बचाने कमलनाथ मध्य प्रदेश सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं इसीलिए अनर्गल बातें करने लगे है उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ झूठ की खिलाड़ी है और यह अंतरराष्ट्रीय झूठे लोग है इनसे प्रदेश के विकास और सहयोग की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती
कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील

उस स्थान का निरीक्षण जहां सिटी स्कैन मशीन लगाई जानी है
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं मध्य प्रदेश शासन के मंत्री गजेंद्र प्रताप सिंह आम लोगों से अपील की एक कोरोना के इस विकट संकट में वैक्सीन ही बचाव है इसलिए सभी को तत्काल टीका लगवाना चाहिए पन्ना में पर्याप्त मात्रा में सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए टीका मौजूद है इसलिए सिर्फ अपने नजदीकी सेंटरों में जाएं और टीका अवश्य लगवाएं

पुलिस लाइन में बरगद का पौधा रोपण करते हुए
भाजपा कार्यकर्ताओं को कहा संकट के इस दौर में जरूरतमंदों की मदद करें और विपक्षी दलों से अपील की इस संकट के इस दौर में कुछ रचनात्मक कार्य भी करें जिससे समाज का कल्याण हो इसके बाद उन्होंने देवेंद्रनगर अस्पताल का निरीक्षण किया कुलगवां मढैया में जरूरतमंदों को सामग्री वितरित की कल्दा पहुंचकर आदिवासी को सामग्री वितरण की लोगों से कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील की उनके साथ मध्यप्रदेश शासन में मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राम बिहारी चौरसिया पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष संजय नगायच, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज यादव पूर्व विधायक राजेश वर्मा भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष तरुण पाठक वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रामअवतार पाठक , ब्रजेन्द्र मिश्रा डब्बू, पूर्व भाजपा अध्यक्ष जयप्रकाश चतुर्वेदी , अंकुर त्रिवेदी , अधिवक्ता एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता विनोद तिवारी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष व बाबूलाल यादव महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष आशा गुप्ता चंद्रप्रभा तिवारी रूप नगायच सहित बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम के दौरान उनके साथ मौजूद रहे
26 मई को चंद्रग्रहण पूर्वी भारत में 18 मिनट दिखाई देगा।
20 जुलाई के बाद देश की स्थिति सुधरेगी :- ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री
(शिवकुमार त्रिपाठी) 26 मई 2021 वैशाख शुक्ल पूर्णिमा 20 जुलाई के बाद देश की स्थिति सुधरेगी :- ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री खग्रास चंद्रग्रहण भारतीय समय अनुसार 3:15 से 6: 23 तक होगा। समाप्त होते हुए ग्रहण भारत के पूर्वी संभागों में चंद्रोदय होने पर सायंकाल मात्र 18 मिनट के लिए, केवल अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में देखा जा सकेगा इस ग्रहण को अमेरिका, हिंद महासागर, ब्राज़ील, कनाडा, श्रीलंका, चीन रूस, आस्ट्रेलिया आदि देशों में देखा जा सकेगा इस आशय की जानकारी अजय शास्त्री ने दी उनके अनुसार केवल पूर्वी भारत में 26 मई को चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि अनुराधा नक्षत्र के तृतीय चरण नू अक्षरोंपरी होने वाला है अतः इन राशि नक्षत्र वाले जातकों को हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड आदि का पाठ करना चाहिए।
शनिदेव 141 दिनों तक चलेंगे उल्टी चाल
ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार 23 मई 2021 को शनि वक्री हो चुके हैं 11 अक्टूबर 2021 तक वक्री रहेंगे। 5 राशियों पर रहेगी शनि की विशेष दृष्टि वर्तमान समय में धनु राशि, मकर राशि, कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती तथा मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैया चल रही है। इसलिए शनि वक्री होने पर इन राशियों के जातकों को सावधानी बरतनी चाहिए। शनि देव के उपाय व हनुमान आराधना करनी चाहिए।
*शनि वक्री से बन सकते हैं युद्ध जैसे हालात*
ज्योतिषीय गणना के अनुसार शनि ग्रह के इस परिवर्तन से 59 साल बाद ऐसी स्थिति बन रही है। जब मंगल और शनि आमने सामने आने वाले हैं पिछली बार ऐसा 1962 भारत-चीन युद्ध के समय हुआ था। शनि मकर राशि में वक्री हो गए हैं वहीं मंगल 2 जून से 20 जुलाई तक कर्क(नीचराशि) में मंगल गोचर करेंगे, शनि व मंगल की सप्तम ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय देश और दुनिया के लिए काफी मुश्किलों भरा रहेगा।
इस समय भीषण प्राकृतिक,विमान विस्फोटक, जीवहानी या अन्य बड़ी घटनाओं होने की आशंका रहेगी। 20 जुलाई के बाद कुछ हालातों में सुधार आएगा।
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“महाविद्याक्षरा ज्योतिष संस्थान”
*ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री*
“धारूहेड़ा चुंगी रेवाड़ी”
मो•7206549883
अनाथ हो चुके शावकों का रखवाला बना नर बाघ
प्रकृतिक व्यवहार के विपरीत शावको की परवरिश कर रहा नर बाघ
- जो कहीं देखने को नहीं मिला वह पन्ना में हो रहा साकार
- शावकों की मां बाघिन पी-213(32) की हो चुकी है मौत
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| नर बाघ पी-243 जो जंगल में नन्हे शावकों की कर रहा है परवरिश। |
(शिवकुमार त्रिपाठी) जंगल की निराली दुनिया में ऐसा कुछ न कुछ घटित होता रहता है, जिसे देख लोग अचंभित होते हैं और हैरत में पड़ जाते हैं। मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में इन दिनों ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है, जिससे वन अधिकारी आश्चर्यचकित तो हैं ही उत्साहित और प्रसन्न भी हैं। दरअसल कम उम्र में ही अनाथ हो चुके चार शावकों की मां बाघिन पी-213 (32) की गत 15 मई को जब असमय मौत हो गई तो नन्हे शावक बेसहारा हो गये। इन शावकों की सुरक्षा व उनके भविष्य को लेकर हर कोई चिंतित था। लेकिन बाघों के स्वभाव व आचरण से अलहदा इन शावकों का पिता नर बाघ पी-243 नन्हे शावकों की न सिर्फ रखवाली करता है अपितु उनका पालन-पोषण भी कर रहा है। आमतौर पर जो कहीं भी देखने और सुनने को नहीं मिला, वह पन्ना टाइगर रिजर्व में साकार हो रहा है। इस नर बाघ ने इन नन्हे साहब को को जंगल में संघर्ष कर जीने की तौर तरीके से खाना शुरु कर दिया है और अपना किया हुआ शिकार भी इन्हेंं खिलाया
बाघ पुनर्स्थापना योजना की चमत्कारिक सफलता के साथ-साथ अभिनव और अनूठे प्रयोगों के लिए भी पन्ना टाइगर रिजर्व देश व दुनिया में जाना जाता है। यह वन क्षेत्र दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमियों तथा वन अधिकारियों के लिए एक ऐसा केंद्र बन चुका है, जहां आकर वे यहां की कामयाबी व अनूठे प्रयोगों को न सिर्फ देखते और समझते हैं बल्कि अध्ययन भी करते हैं। अभी हाल ही में गत 15 मई को पन्ना टाइगर रिजर्व की 6 वर्षीय युवा बाघिन की अज्ञात कारणों के चलते मौत हो गई थी। इस बाघिन के चार नन्हे शावकों की जिंदगी में यह किसी वज्रपात से कम नहीं था। इन नन्हे शावकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा उनके भविष्य को लेकर पार्क प्रबंधन ऊहापोह की स्थिति में था। प्रबंधन के सामने सिर्फ दो ही विकल्प थे, पहला यह कि उनका रेस्क्यू कर किसी सुरक्षित जगह में रखकर उनका पालन-पोषण हो। लेकिन यह उनके लिए किसी सजा से कम नहीं था क्योंकि चारों शावक स्वाभाविक प्राकृतिक जीवन से वंचित रह जाते। दूसरा विकल्प शावकों को जंगल में ही चुनौतियों के बीच संघर्ष करते हुए अपने आप को बचाने का अवसर प्रदान करना था, जो रिस्की और शावकों की जिंदगी के लिए खतरनाक था।
नर बाघ के व्यवहार को देख लिया गया साहसिक फैसला
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| चट्टान पर बैठे शावक तथा निकट ही मौजूद नर बाघ पी-243 |
नर बाघ पी-243 जो शावकों का पिता है, उसके अप्रत्याशित और शावकों के प्रति सकारात्मक व्यवहार को देख पार्क प्रबंधन ने शावकों को रेस्क्यू कर उन्हें किसी जू में भेजने के बजाय खुले जंगल में ही रखने का बेहद साहसिक निर्णय लिया है। क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व उत्तम कुमार शर्मा बताते हैं कि बाघिन की मौत के बाद से नर बाघ उसी इलाके में हैं जहां चारों शावक हैं। नर बाघ यह एरिया छोड़कर कहीं भी अन्यत्र नहीं गया। सबसे ज्यादा हैरत वाली बात यह है कि शावक भी नर बाघ के साथ सहज रूप से चहल-कदमी कर रहे हैं तथा उसके पीछे-पीछे घूमते और टहलते हैं। नर बाघ न सिर्फ शावकों की देखरेख कर रहा है, बल्कि उनके लिए खाने का भी प्रबंध करता है। श्री शर्मा बताते हैं कि आमतौर पर नर बाघों में इस तरह का व्यवहार देखने को नहीं मिलता। बाघों की जीवन चर्या व खुले जंगल में उनके व्यवहार पर जो भी शोध व अध्ययन हुए हैं, कहीं भी यह बात निकलकर नहीं आई कि मां की मौत होने पर अनाथ शावकों की देखरेख नर बाघ करता हो। लेकिन पन्ना में यह चमत्कार देखने को मिल रहा है। फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि मेने वन्यप्राणी शोध में कहीं भी ऐसा व्यवहार नहीं देखा न ही किताबों में पढ़ने को मिला मैं स्वयं इस व्यवहार से आश्चर्यचकित और आशान्वित हूं
बाघ पी-243 को पहनाया गया रेडियो कॉलर
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| जंगल में नर बाघ के पीछे विचरण करते चारो शावक। |
बाघिन की मौत के बाद अनाथ हो चुके शावकों के प्रति नर बाघ का अच्छा व सहयोगात्मक व्यवहार देखकर पार्क प्रबंधन ने बाघ पी-243 को रेडियो कॉलर पहनाकर सूझबूझ का परिचय दिया है। ऐसा करने से न सिर्फ नर बाघ पी-243 की मॉनिटरिंग हो रही है, बल्कि उसके साथ रह रहे चारो शावकों पर भी नजर रखी जा रही है। यदि सब कुछ सामान्य रहा और आने वाले तीन-चार माह तक नर बाघ इसी तरह शावकों की देखरेख करता रहा, तो शावक एक वर्ष के होने पर खुद ही शिकार करने व स्वतंत्र रूप से अपना जीवन जीने में सक्षम हो जाएंगे। पन्ना टाइगर रिजर्व का यह अभिनव प्रयोग यदि सफल रहा तो भविष्य में अनाथ शावकों के लिए यह एक मिसाल बनेगा। मालूम हो कि बाघिन की मौत के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि नर बाघ शावकों को मार सकता है, लेकिन फिलहाल यह आशंका निर्मूल साबित हुई है।
बाघ के साथ अठखेलियां करते शावकों का वीडियो जारी
जंगल में नर बाघ पी-243 के साथ चहल-कदमी व अठखेलियाँ करते शावकों का एक दिलचस्प वीडियो पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा जारी किया गया है। इस वीडियो को देखकर प्रतीत होता है कि चारों अनाथ शावक नर बाघ (पिता) के साथ सहज हैं। बाघ जंगल में जहां जाता है शावक भी उसके पीछे चलते हैं, जैसा मां के साथ चलते थे। बाघ के आसपास ही चारो शावक चट्टानों में बैठे नजर आते हैं। वन अधिकारियों ने बताया कि नर बाघ जब शिकार करता है तो वह इन शावकों को भी खिलाता है। अधिकारी बताते हैं कि नर बाघ व शावकों की सघन निगरानी की जा रही है। इसके लिए इलाके में दो प्रशिक्षित हाथियों सहित वन अमले को तैनात किया गया है।
वीडियो का अवलोकन करें –
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना टाइगर रिजर्व में लॉकडाउन के बीच 4 शावक की मां एक युवा बाघिन
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p-213(32) की मौत हो गई है इस वयस्क बाघिन की मौत से प्रबंधन में खलवाली फैदा कर दी है पन्ना में ही पैदा हुई और यही के जंगलों पली-बढ़ी युवा बाघिन p-213(32) की टाइगर रिजर्व के गहरी घाट रेंज की कोनी बीट में मौत
हो गई थी इससे चार शावक अनाथ हो गए इन को सुरक्षित बचाने के लिए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तलाशी अभियान शुरू किया है पर अब तक सबको का कोई पता नहीं चला जंगल में टाइगर रिजर्व की टीमें दिन-रात सर्चिंग कर रही है क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि जिस जगह टाइग्रेस मृत्य मिली थी वही मेल टाइगर p-243 मौके पर मौजूद है इस कारण हमें खोजने में दिक्कत हो रही है मैदानी अमला पैदल सर्चिंग नहीं कर पा रहा है फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि 5 हाथियों की 3 टीम बनाई गई है तीन टीमों में हमारे मैदानी कर्मचारी और अधिकारी दिनभर सर्चिंग करते रहे क्योंकि कोनी नाले की लंबाई अधिक है छोटे-छोटे नाले भी आकर मिलते हैं कई जगह बहुत सारी गुफाएं हैं इस कारण शावको को खोजने में परेशानी हो रही है यदि यह शावक हमें मिल जाते हैं तो तत्काल रेस्क्यू करने का प्रयास करेंगे फील्डडायरेक्टर ने कहा जो बाघ मौके पर है वह शावको का पिता है क्योंकि इसमें दो नर और दो मादा शावक है इसलिए इन बच्चो को बचाना भी बहुत जरूरी है यदि नर बाघ इन बच्चों की मदद करेगा तो ज्यादा सुरक्षित रह पाएंगे पर जंगली जानवरों के व्यवहार पर कोई अंदाज नहीं लगाया जा सकता उत्तम कुमार शर्मा ने आगे कहा कि हमने लगातार ट्रेसिंग और ट्रैकिंग की योजना बनाई है 10 कैमरे भी लगाए हैं जहां भी इनकी फोटोग्राफ्स मिलेंगे वहां खोजने का प्रयास करेंगे संभव है मां की मौत के बाद यह शावक कहीं आस-पास गुफाओं में घुस गए हो हमें उम्मीद है कि यह शावक मिल जायेगे और हम इन को सुरक्षित बचा पाएंगे
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पन्ना टाइगर रिजर्व में युवा बाघिन की मौत
8 माह की 4 शावक हुए अनाथ
(शिवकुमार त्रिपाठी) पन्ना टाइगर रिजर्व में लॉकडाउन के बीच 4 शावक की मां एक युवा बाघिन p-213(32) की मौत हो गई है इस वयस्क बाघिन की मौत से प्रबंधन में खलवाली फैदा कर दी है पन्ना में ही पैदा हुई और यही के जंगलों पली-बढ़ी युवा बाघिन p-213(32) की टाइगर रिजर्व के गहरी घाट रेंज की कोनी बीट में मौत हुई है इस खबर की पुष्टि करते हुए फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि यह वयस्क बाघिन 5 वर्ष 3 महीने की थी इसके आगे की पैर में चोट होने से लगड़ा रही थी जब हमें जानकारी मिली तो बीते 2 दिन से डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता इसका इलाज कर रहे थे कुछ एंटीबायोटिक दवा भी दी थी लेकिन आज सुबह कोनी बीट के नाले के पास मृत अवस्था में पाई गई थी क्षेत्र संचालक ने बताया कि इसका प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया गया है मौत का वास्तविक कारण पता लगाने के लिए शरीर के अंगों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं बाघिन में किसी विषाणु का संक्रमण तो नहीं था पर इस बाघिन से की मौत से टाइगर रिजर्व में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है पन्ना टाइगर रिजर्व द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि आसपास कहीं संदिग्ध गतिविधियां नहीं मिली है और शिकार जैसी संभावनाएं नहीं है फिर भी हम समस्त पहलुओं की जांच कर रहे हैं

टाइगर के मृत अवस्था का चित्र
सूचना के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन के मैदानी कर्मचारियों के अलावा फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर जरांडे ईश्वर रामहरी , बाघ विशेषज्ञ डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता सहित रेंजर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बरामदगी की कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम कर शरीर के सभी अंगों को जला दिया गया
शावकों की जंगल मे तलाश शुरू

फाइल फोटो
इस युवा बाघिन की मौत के बाद से इसके 8 माह की 4 शावक जंगल में गायब है मां की मौत के बाद अनाथ हुए चारों शावकों की तलाश शुरू कर दी गई है फिल्म डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि अभी हम इन शावकों की तलाश कर रहे हैं पर अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है क्योंकि यह शावक अपनी मां के साथ ही रहते थे इसलिए अब जंगलों में स्वच्छंद सरवाइव कर पाना मुश्किल है ऐसे में हम शावकों का पता लगाकर रेस्क्यू करेंगे इसके बाद वाइल्ड लाइफ के विशेषज्ञ एवं उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन के आधार पर इन्हें कहां रखना है यह तय किया जाएगा फिलहाल हमारी चिंता इन सभी शावकों को सुरक्षित खोजने की है हमें उम्मीद है कि हम शीघ्र ही इन शावकों को खोज पाएंगे और सुरक्षित रेस्क्यू करने का प्रयास करेंगे उन्होंने कहा कि पन्ना में इंसाफ को को रखने का प्रबंधन नहीं है लिहाजा वरिष्ठ अधिकारियों की मार्गदर्शन के आधार पर ही तय हो पाएगा कि कहां रखना है
बरगडी के बाड़े में रखकर शावकों की जाए परवरिश
पन्ना टाइगर रिजर्व की बरगडी में एक विशाल इंक्लोजर बना हुआ है यहां शावकों को रखा जा सकता है क्योंकि जब सभी बाघ खत्म हो गए थे तब इन्हें यह एंक्लोजर शावकों और टाइगरों के रखने के लिए बनाया गया था पन्ना में जो टी-4 और टी-5 बाघिन कान्हा से लाकर छोड़ी गई थी वह ऐसे ही अनाथ हुई थी और मानवीय हस्तक्षेप में पली-बढ़ी इन बाघों को जंगली बनाया गया था यदि इन शावकों को यही पालकर जंगली बना कर पुनः जंगल में छोड़ा जाता है तो टाइगर रिजर्व के इतिहास में बड़ी सफलता मानी जाएगी जिसका प्रयास किया जाना चाहिए वाइल्ड लाइफ के जानकार और प्रकृति प्रेमियों ने सभी शावकों को पन्ना में ही पालने की व्यवस्था करने की मांग की है
(शिवकुमार त्रिपाठी) • प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद और लॉकडाउन लागू होने के बाद शहर में लोग आधी शटर खोलकर व्यापारिक प्रतिष्ठान चला रहे थे और पुलिस की गाड़ियां देख घरों में छुप कर अपने और दूसरों की सेहत के खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे लोगों से परेशान होकर अंततः पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कठोर लॉकडाउन के आदेश जारी कर दिए हैं जिसमें अत्यावश्यक वस्तुओं जैसे किराना फल सब्जी दूध इत्यादि की दुकानें भी पूरी तरह से बंद कर दी साथ ही ऑटो टैक्सी भी शहर में चलते हुए नहीं दिखाई देगे करोना की चेन तोड़ने के उद्देश्य कलेक्टर ने यह आदेश जारी किए हैं जो संपूर्ण जिले में लागू होंगे इस आदेश के बाद पुलिस ने भी शहर में फ्लैग मार्च कर सकती दिखाना शुरू कर दी है लेकिन कुछ लोग अब भी ऐसे हैं जो अपने साथ दूसरों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं और करोना की गति लगातार बढ़ती जा रही है प्रशासन ने सभी से अपील की है कि जिस तरह से पूरे देश में भीषण संकट है ऐसी स्थिति में महामारी से बचने के लिए लोगों का सहयोग करें और लॉक डाउन का पूरी तरह पालन करें यदि लोग फिर भी बाज नहीं आएंगे तो उन्हें अस्थाई जेल में बंद किया जाएगा जिस की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है जागरूक लोगों ने प्रशासन की इस पहल की तारीफ की है
एसपी के साथ यमराज

panna sp धर्मराज मीणा ने लोगों को समझाइश देने के उद्देश्य से यमराज कलाकार को लेकर पूरे शहर में फ्लैग मार्च किया और सभी से लॉकडाउन में सहयोग करने की अपील की यमराज लगातार समझा रहे थे कि घरों पर रहे अनावश्यक न निकले कोरोना की चेन तोड़ने में मदद करें यदि ऐसा नहीं करेंगे तो मैं आपको अपने साथ ले जाऊंगा लिहाजा अपने और दूसरों के जीवन बचाने के लिए प्रशासन के इस काम में सहयोग करें इस बीच panna sp धर्मराज मीणा ने कहा कि कुरौना गंभीर बीमारी का रूप धारण कर चुका है शहर में बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं ऐसे में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन आवश्यक है लोग पुलिस को देख कर छुप जाते हैं नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं इसलिए समझाइश देने और शक्ति के साथ lockdown उनके नियमों का पालन कराने के लिए यह तकनीकी अपनाई गई है उम्मीद है कि लोग अब घर से नहीं निकलेंगे और प्रशासन की पहल का सहयोग करेंगे
एसडीएम बीवी पांडे का निधन
Panna और अजयगढ़ के एसडीएम रहे BB पांडे का इलाज के दौरान भोपाल में निधन हो गया है आज उनकी पत्नी ने अंतिम सांसे ली और शाम को एसडीएम पांडे का निधन हो गया सरल स्वभाव ,ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बीवी पांडे का इलाज panna इसके बाद सागर और फिर भोपाल में किया गया कुछ दिन पूर्व वे संक्रमित हुए थे उनका उनकी पत्नी और पुत्र का इलाज राजधानी भोपाल के एक निजी चिकित्सालय मैं चल रहा था बृज बिहारी पांडे टीकमगढ़ जिले के अचर्रा ग्राम के रहने वाले थे उनका अधिकांश समय पन्ना जिले में बीता panna में तहसीलदार भी रहे उनके असमय निधन पर अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार, समाजसेवी एवं नगर के प्रबुद्ध जनों ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है,,, मृदुभाषी, ईमानदार, सबके मददगार, विनम्र ,कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के निधन पर panna में दुख का माहौल है

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